पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष और अब तक की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी साझा की है। एडीजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस के लिए एनकाउंटर कभी भी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं होती, लेकिन जब पुलिसकर्मियों की जान पर खतरा मंडरा रहा हो, तो आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस में कानून के तहत गोली चलाने का अधिकार पुलिस के पास सुरक्षित है। इस पूरे मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही को लेकर भी बड़ा एक्शन लिया गया है। एडीजी ने बताया कि 16 तारीख को जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, तब अभियुक्त को ठीक से नियंत्रित नहीं किया जा सका, जो एक गंभीर लापरवाही थी। इस आरोप में एक एसएचओ (थाना प्रभारी), दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कॉन्स्टेबल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें दो एफआईआर (नंबर 169/26 और 170/26) दर्ज की गई हैं। पुलिस मुख्यालय के स्तर से डीआईजी शाहाबाद को इस पूरे मामले के पर्यवेक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अधिकृत किया गया है, जो एफएसएल और आधुनिक तकनीकों की मदद से जांच को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही, मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया गया है। चूंकि यह मामला अब पूरी तरह सब-जुडिस है और न्यायिक जांच के दायरे में है, इसलिए पुलिस ने आगे किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है और कहा है कि उन्हें जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष और अब तक की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी साझा की है। एडीजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस के लिए एनकाउंटर कभी भी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं होती, लेकिन जब पुलिसकर्मियों की जान पर खतरा मंडरा रहा हो, तो आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस में कानून के तहत गोली चलाने का अधिकार पुलिस के पास सुरक्षित है। इस पूरे मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही को लेकर भी बड़ा एक्शन लिया गया है। एडीजी ने बताया कि 16 तारीख को जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, तब अभियुक्त को ठीक से नियंत्रित नहीं किया जा सका, जो एक गंभीर लापरवाही थी। इस आरोप में एक एसएचओ (थाना प्रभारी), दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कॉन्स्टेबल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें दो एफआईआर (नंबर 169/26 और 170/26) दर्ज की गई हैं। पुलिस मुख्यालय के स्तर से डीआईजी शाहाबाद को इस पूरे मामले के पर्यवेक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अधिकृत किया गया है, जो एफएसएल और आधुनिक तकनीकों की मदद से जांच को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही, मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया गया है। चूंकि यह मामला अब पूरी तरह सब-जुडिस है और न्यायिक जांच के दायरे में है, इसलिए पुलिस ने आगे किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है और कहा है कि उन्हें जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
- विश्व संगीत दिवस की पूर्व संध्या पर मधुबनी में मैथिल परशुराम सेना के तत्वावधान में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर, कला और संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले मिथिला के कई प्रतिष्ठित कलाकारों को सम्मानित किया गया। समारोह में कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को संगीत, संस्कृति और लोक परंपरा के रंगों से भर दिया, जिससे मिथिला की गौरवशाली परंपरा का उत्सव मना। कार्यक्रम में बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के पदाधिकारी नीतीश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने मैथिल परशुराम सेना की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मिथिला का पहला ऐसा संगठन है जिसने मैथिली भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से कलाकारों को सम्मानित कर एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। नीतीश कुमार ने आगे कहा कि ऐसे आयोजन मैथिली भाषा, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे और उन्हें एक विशिष्ट पहचान दिलाएंगे।1
- इंसाफ मंच ने फैज अहमद की नृशंस हत्या और क्षेत्र में अपराधियों के बढ़ते मनोबल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन वरीय पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के समक्ष आयोजित किया गया, जहाँ मंच ने फैज अहमद को न्याय दिलाने की मांग उठाई और बढ़ते अपराध पर आक्रोश व्यक्त किया।1
- विश्व योग दिवस के अवसर पर सीतामढ़ी जिले के नानपुर प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपुर में कर्मचारियों ने योगाभ्यास किया।1
- समस्तीपुर के ताजपुर में 22 जून 2026, सोमवार को भाकपा माले और बिहार राज्य व्यवसायी संघ के संयुक्त आह्वान पर जनता मैदान (कर्बला पोखर) से जुलूस निकालकर ताजपुर थाने का घेराव किया गया। यह प्रदर्शन ताजपुर थाना कांड संख्या 98/26 के मृतक संजीव सहनी के हत्यारों की गिरफ्तारी और क्षेत्र में बढ़ती हत्या, लूट एवं अन्य आपराधिक घटनाओं के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों ने थाना परिसर के सामने जमकर नारेबाजी करते हुए अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में एक सभा आयोजित की गई, जिसे भाकपा माले के राज्य और जिला कमिटी सदस्यों के साथ-साथ मृतक संजीव सहनी की पत्नी रविना कुमारी, पिता देवकी सहनी और भाई सुशील सहनी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ताजपुर थाना क्षेत्र में हत्या, लूट, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम लोगों और व्यवसायियों में भय का माहौल है। उन्होंने संजीव सहनी हत्याकांड, किराना व्यवसायी नरेश चौधरी से लूट एवं गोलीकांड, दर्गाहिया चौक हत्याकांड, नीम चौक सोना लूटकांड जैसे विभिन्न मामलों का शीघ्र उद्भेदन कर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान तैनात मजिस्ट्रेट के माध्यम से थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा को सात सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर संजीव सहनी हत्याकांड समेत अन्य मामलों के अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आंदोलन शुरू किया जाएगा। सभा के अंत में प्रशासन से कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और महिला थाना कांड संख्या 61/26 के आरोपी की भी अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की गई।1
- दरभंगा जिले के पुतई वार्ड-1 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आज एक एलएस द्वारा निरीक्षण किया गया, लेकिन इस पर बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसे निरीक्षणों में क्या देखा जाता है। यह प्रश्न उठाया गया है कि यदि सही तरीके से निरीक्षण होता, तो केंद्र में पिछले एक साल से बिजली कटी होने और स्मार्ट मीटर रिचार्ज न होने जैसी समस्याएँ अब तक हल हो चुकी होतीं। ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें बच्चों के भोजन में कटौती करना, खाद्य सामग्री को बाहर भेज देना, एक केले को कई बच्चों में बांटना और बच्चों को नियमित रूप से दूध न देना शामिल है। इन आरोपों को बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा गया है कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि यदि बच्चों को दूषित या पर्याप्त भोजन नहीं मिला और कोई बच्चा बीमार पड़ गया, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, और क्या हमारे बच्चे वास्तव में सुरक्षित हैं। संबंधित विभाग, सीडीपीओ, एलएस और प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग की गई है।1
- पूसा वैनी थाना क्षेत्र से एक नवविवाहिता ने दहेज उत्पीड़न से संबंधित अपनी समस्या बताई है। यह मामला नवविवाहिता के साथ हुए कथित दहेज उत्पीड़न से जुड़ा है, जिसके बारे में उसने अपनी आपबीती सुनाई।1
- सीतामढ़ी के नानपुर में सड़कों पर पानी बह रहा है, जिसका मुख्य कारण पानी निकासी की सुविधा का अभाव बताया गया है। मौजूदा व्यवस्था में पानी बहाने के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।1
- बहुअरवा की मुख्य सड़क की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ हल्की सी बारिश ने ही स्थिति को बद से बदतर कर दिया है। बहुअरवा के युवाओं द्वारा भेजे गए वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि कीचड़, जलजमाव और जगह-जगह टूट चुकी सड़क के कारण लोगों का आवागमन अत्यंत मुश्किल हो गया है। इस गंभीर समस्या के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोग घायल हो चुके हैं और कुछ परिवारों ने तो अपने प्रियजनों को भी खो दिया है। बहुअरवा की जनता अब जनप्रतिनिधियों – विधायक, सांसद और सरकार – से सवाल कर रही है कि वे आखिर कब इस गंभीर समस्या की जिम्मेदारी लेंगे। जनता स्पष्ट करती है कि उन्हें अब केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहिए। इस आवाज को जिम्मेदार लोगों तक पहुँचाने के लिए इसे और आगे बढ़ाने की अपील की गई है।1
- समस्तीपुर जिले के कर्पूरी ग्राम थाना क्षेत्र में अपराधियों ने एक गिट्टी व्यवसायी को गोली मार दी है। गोली लगने के बाद व्यवसायी की हालत नाजुक बताई जा रही है। उसे तुरंत सदर अस्पताल समस्तीपुर ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज जारी है।1