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यह बात बिल्कुल सत्य है कि जब जीवन किसी व्यक्ति की सर्वोपरि योजनाओं को अस्वीकार कर देता है, तो ऐसी स्थिति में क्रोधित होना स्वाभाविक है।
Ram Naresh Journalist
यह बात बिल्कुल सत्य है कि जब जीवन किसी व्यक्ति की सर्वोपरि योजनाओं को अस्वीकार कर देता है, तो ऐसी स्थिति में क्रोधित होना स्वाभाविक है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रयागराज कमिश्नरेट के पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र में, सल्लाहपुर चौकी के अंतर्गत आने वाले छबीलेपुर पावर हाउस के पास, लकड़ी माफिया शतीष कुमार प्रजापति द्वारा स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से लगभग 25 हरे सागवान के पेड़ काट दिए गए हैं। इस गंभीर मामले पर जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के नाम पर पूरी तरह मौन बने हुए हैं।1
- एक व्यक्ति द्वारा रोज़ाना सड़क पर गाड़ी खड़ी करने के कारण राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जब उसे गाड़ी हटाने के लिए कहा जाता है, तो वह मना कर देता है और शराब के नशे में झगड़ा करने लगता है। इस हरकत की वजह से सड़क पर एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जिससे बड़ी गाड़ियों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। मजबूरन गाड़ियों को नाली पर रखे पत्थरों के ऊपर से गुजरना पड़ता है, जो एक दैनिक समस्या बन गई है।1
- कौशाम्बी जिले की चायल तहसील के अंतर्गत आने वाले मशनी गांव में पांच दिन पहले आई आंधी ने एक मकान पर पेड़ गिरा दिया, जिससे भारी नुकसान हुआ है। इस घटना में मकान की एक पक्की दीवार टूट गई और उसके तीन कमरों की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई। प्रभावितों के अनुसार, घटना को पांच दिन बीत जाने के बावजूद, संबंधित लेखपाल द्वारा अब तक मौके पर आकर स्थलीय निरीक्षण नहीं किया गया है। यह जानकारी इंडियन नेशनल न्यूज "सच की खोज" के फाउंडर सुनील कुमार ने दी है।1
- बांदा जिले की दांदौ खादर खदान में अवैध खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदान क्षेत्र में नदी की प्राकृतिक जलधारा को बाधित कर बड़े पैमाने पर बालू और मोरम का खनन किया जा रहा है। खनन कार्य में प्रतिबंधित भारी मशीनों के इस्तेमाल की भी चर्चा है, जिससे पर्यावरणीय मानकों और खनन नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, खनन क्षेत्र में नदी के बहाव को मोड़ने और जलधारा को रोककर अवैध खनन कार्य किया जा रहा है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो इससे न केवल नदी के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान हो रहा है, बल्कि भविष्य में बाढ़ और कटान जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है, जैसा कि पर्यावरण विशेषज्ञ भी मानते हैं। इसके अतिरिक्त, खदान से निकलने वाले ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के ओवरलोड संचालन की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। क्षेत्र में खुलेआम अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि नियमित जांच और निगरानी से इन अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है। अवैध खनन से एक ओर जहां पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होता है, वहीं दूसरी ओर सरकार को राजस्व की भी भारी हानि होती है। इन सभी सवालों के बीच, अब लोगों की नजर प्रशासन और खनन विभाग की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी है और वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का इंतजार कर रहे हैं।4
- कौशाम्बी जनपद के संदीपनघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत लालपुर गाँव में एक ईर्ष्यालु व्यक्ति द्वारा तालाब में जहर डाल दिए जाने से सभी मछलियाँ रातोंरात मर गईं। लालपुर निवासी बड़े लाल सरोज जी, जो पिछले कई वर्षों से गाँव के ही तालाब में मछली पालन का कार्य कर रहे थे, उन्होंने बताया कि इस घटना में उन्हें लगभग ढाई लाख रुपए का नुकसान हुआ है। तालाब में जहर मिलाने के कारण मरी हुई मछलियाँ पानी की ऊपरी सतह पर बिखर गईं।1
- गुरुवार को प्रयागराज के ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में टीजीटी परीक्षा देने पहुंचे एक अभ्यर्थी को केवल 5 मिनट की देरी के कारण परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया। अभ्यर्थी निर्धारित समय के 5 मिनट बाद कॉलेज गेट पर पहुंचा था, तब तक गेट बंद हो चुका था। छात्र ने गेट पर खड़े शिक्षकों से प्रवेश देने की गुहार लगाई और बताया कि वह जाम में फंस गया था, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए उसे प्रवेश देने से इनकार कर दिया। अभ्यर्थी काफी देर तक गेट पर गिड़गिड़ाता रहा, फिर भी नियमानुसार उसे वापस भेज दिया गया।1
- पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी के निर्देश पर चलाए गए अभियान के तहत, थाना चरवा पुलिस टीम ने एक वारण्टी अभियुक्त भोंदल को गिरफ्तार किया है। भोंदल पुत्र स्व० झरी उर्फ दुबरी, ढोकसहा गाँव, थाना व जनपद कौशाम्बी का निवासी है। उस पर थाना कौशाम्बी में मु0अ0सं0 41/2010 धारा 60 आवकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद, विधिक कार्यवाही पूरी कर अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।1
- बिहार और उत्तरप्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच 'भूमिहार ब्राह्मण + यादव = सवर्ण एकता' की बात चल रही थी। इसी 'सवर्ण एकता' के पहले चरण में, पटना में भूमिहार ब्राह्मणों ने यादवों को दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटा।1