भारत और अफगानिस्तान के बीच धर्मशाला में आज (13 जून) होने वाले पहले वनडे मुकाबले से पूर्व भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने विराट कोहली की अनुपस्थिति से लेकर जसप्रीत बुमराह के बैकअप प्लान, हार्दिक पंड्या की भूमिका और अफगानिस्तान के चैलेंज पर विस्तार से चर्चा की। मोर्कल ने 'आजतक' से बातचीत में स्वीकार किया कि विराट कोहली की कमी खलेगी, क्योंकि वह लंबे समय से टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ रहे हैं और उनका अनुभव टीम को अतिरिक्त मजबूती देता है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कोई कमी नहीं है और कोहली की गैरमौजूदगी यंग खिलाड़ियों, जैसे ईशान किशन, केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और अन्य बल्लेबाजों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मंच है। जसप्रीत बुमराह के विकल्प के सवाल पर मोर्कल ने स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट भविष्य को देखते हुए अधिक से अधिक विकल्प तैयार करना चाहता है। 2027 वर्ल्ड कप और साउथ अफ्रीका टूर को ध्यान में रखते हुए गुरनूर और प्रिंस जैसे युवा पेसर्स को टीम में शामिल कर मौका दिया जा रहा है, जिनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। हार्दिक पंड्या की भूमिका पर उन्होंने कहा कि हार्दिक भारतीय टीम के लिए बेहद खास हैं और बल्ले व गेंद दोनों से योगदान देकर टीम को संतुलन प्रदान करते हैं। मोर्कल ने माना कि हार्दिक जैसे ऑलराउंडर का विकल्प ढूंढना आसान नहीं है, लेकिन युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए अवसर देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अफगानिस्तान के चैलेंज को लेकर मोर्कल ने जोर देकर कहा कि भारतीय टीम विपक्षी टीम को किसी भी हाल में हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने याद दिलाया कि अफगानिस्तान ने हाल ही में साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को हराया था और उनके खिलाड़ी लगातार बेहतर हो रहे हैं, खासकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने से उनके खेल में परिपक्वता आई है। यही वजह है कि भारतीय टीम पूरी गंभीरता के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजी के भविष्य की भी तारीफ करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के गेंदबाजों का प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला है और यह दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट का तेज गेंदबाजी विभाग मजबूत हाथों में है। धर्मशाला के मौसम और बारिश की संभावना पर मोर्कल ने बताया कि हाल के दिनों में लगातार बारिश हुई है और मैच के दिन भी मौसम चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि मौसम पर नियंत्रण न होने के बावजूद भारतीय टीम हर तरह की परिस्थिति के लिए तैयार है और खिलाड़ी बल्लेबाजी व गेंदबाजी दोनों तरह की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। भारतीय टीम अब अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से उतरेगी, जबकि टीम प्रबंधन की नजर केवल मौजूदा मैच पर नहीं बल्कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए मजबूत विकल्प तैयार करने पर भी है। भारतीय स्क्वॉड में रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव शामिल हैं।
भारत और अफगानिस्तान के बीच धर्मशाला में आज (13 जून) होने वाले पहले वनडे मुकाबले से पूर्व भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने विराट कोहली की अनुपस्थिति से लेकर जसप्रीत बुमराह के बैकअप प्लान, हार्दिक पंड्या की भूमिका और अफगानिस्तान के चैलेंज पर विस्तार से चर्चा की। मोर्कल ने 'आजतक' से बातचीत में स्वीकार किया कि विराट कोहली की कमी खलेगी, क्योंकि वह लंबे समय से टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ रहे हैं और उनका अनुभव टीम को अतिरिक्त मजबूती देता है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कोई कमी नहीं है और कोहली की गैरमौजूदगी यंग खिलाड़ियों, जैसे ईशान किशन, केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और अन्य बल्लेबाजों के लिए खुद को
साबित करने का बड़ा मंच है। जसप्रीत बुमराह के विकल्प के सवाल पर मोर्कल ने स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट भविष्य को देखते हुए अधिक से अधिक विकल्प तैयार करना चाहता है। 2027 वर्ल्ड कप और साउथ अफ्रीका टूर को ध्यान में रखते हुए गुरनूर और प्रिंस जैसे युवा पेसर्स को टीम में शामिल कर मौका दिया जा रहा है, जिनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। हार्दिक पंड्या की भूमिका पर उन्होंने कहा कि हार्दिक भारतीय टीम के लिए बेहद खास हैं और बल्ले व गेंद दोनों से योगदान देकर टीम को संतुलन प्रदान करते हैं। मोर्कल ने माना कि हार्दिक जैसे ऑलराउंडर का विकल्प ढूंढना आसान नहीं है, लेकिन युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए अवसर देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अफगानिस्तान के चैलेंज को लेकर
मोर्कल ने जोर देकर कहा कि भारतीय टीम विपक्षी टीम को किसी भी हाल में हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने याद दिलाया कि अफगानिस्तान ने हाल ही में साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को हराया था और उनके खिलाड़ी लगातार बेहतर हो रहे हैं, खासकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने से उनके खेल में परिपक्वता आई है। यही वजह है कि भारतीय टीम पूरी गंभीरता के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजी के भविष्य की भी तारीफ करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के गेंदबाजों का प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला है और यह दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट का तेज गेंदबाजी विभाग मजबूत हाथों में है। धर्मशाला के मौसम और बारिश की संभावना पर मोर्कल ने बताया कि हाल के दिनों में लगातार बारिश हुई है और मैच के
दिन भी मौसम चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि मौसम पर नियंत्रण न होने के बावजूद भारतीय टीम हर तरह की परिस्थिति के लिए तैयार है और खिलाड़ी बल्लेबाजी व गेंदबाजी दोनों तरह की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। भारतीय टीम अब अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से उतरेगी, जबकि टीम प्रबंधन की नजर केवल मौजूदा मैच पर नहीं बल्कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए मजबूत विकल्प तैयार करने पर भी है। भारतीय स्क्वॉड में रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव शामिल हैं।
- समाजवादी पार्टी अपने कार्यकर्ताओं से 300 यूनिट मुफ्त बिजली, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त चिकित्सा और रोजगार के अपने वादों को जनता तक पहुंचाने का आग्रह कर रही है। पार्टी ने दृढ़ता से कहा है कि वह 2027 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है।1
- सोशल मीडिया पर गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र के रामनगर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, पोस्ट में किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यह सवाल उठाया गया है कि आखिर गलती क्या है या किसकी है, और जिम्मेदार पक्ष को इस पर जवाब देना चाहिए। जिम्मेदार तय करने की भी मांग की गई है।1
- गोरखपुर के विकास भवन सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, समाजसेवी आदिल अमीन को उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में बांसगांव के माननीय विधायक डॉ. विमलेश पासवान, एडीएम सिटी श्री गजेंद्र कुमार और समाज कल्याण अधिकारी श्री विशेष नारायण सिंह मौजूद रहे। इन तीनों अधिकारियों ने आदिल अमीन को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यह सम्मान आदिल अमीन को समाज के प्रति उनकी निरंतर सेवा, गरीबों और असहायों की मदद करने, तथा सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया। समाजहित में उनके दीर्घकालिक प्रयासों और लोगों को जागरूक करने वाले कार्यक्रमों को इस पुरस्कार का प्रमुख कारण बताया गया। सम्मान प्राप्त करते समय आदिल अमीन भावुक हो उठे। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, सदस्यों और समर्थकों का हृदय से धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि, "यह सम्मान मेरे जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक है। आप सभी का स्नेह और प्यार मैं हमेशा अपने दिल में संजोकर रखूंगा। यह सम्मान मुझे और अधिक मेहनत कर समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित करेगा।" कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों और आयोजकों ने आदिल अमीन के कार्यों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य, स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।1
- ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) की संघीय कार्यकारिणी की बैठक 12 जून को बेंगलुरु में संपन्न हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों एवं अभियंताओं के आंदोलन तथा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 के विरोध में सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। फेडरेशन ने उत्तर प्रदेश में चल रहे निजीकरण विरोधी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने एआईपीईएफ द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के बिजली कर्मियों और अभियंताओं का मनोबल और मजबूत हुआ है। एआईपीईएफ ने अपने प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पिछले 562 दिनों से बिजली कर्मी एवं अभियंता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। बिजली पंचायतों, महापंचायतों, रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से यह आंदोलन अब एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। फेडरेशन ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के स्थानांतरण, संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर किए गए कदमों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास बताया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने मांग की है कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों और अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयों को बिना शर्त समाप्त किया जाए। बैठक में पारित दूसरे प्रस्ताव में, एआईपीईएफ ने प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला बताया। फेडरेशन का कहना है कि विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक वितरण कंपनियों को कमजोर कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाएंगे, जिससे किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एआईपीईएफ ने चेतावनी दी कि यदि आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया, तो राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर देशव्यापी विरोध कार्यक्रम चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रव्यापी "लाइटनिंग स्ट्राइक" सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। संघर्ष समिति की पदाधिकारी दीक्षा श्रीवास्तव ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में निजीकरण के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब राष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण कर चुका है और यह सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों तथा बिजली कर्मियों के हितों की रक्षा का एक महत्वपूर्ण अभियान बन गया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को संतकबीरनगर में भी बिजली कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सहायक लेखाकार प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, दीक्षा श्रीवास्तव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार, सत्येंद्र सिंह, रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, प्रदुम्न कुमार और संजय यादव समेत अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।1
- संतकबीरनगर के नाथनगर स्थित महुली थाने की पुलिस टीम ने, थानाध्यक्ष के नेतृत्व में, थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित क्रिमिनल अपील नंबर 947/1985, हरनरायण अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर के आदेश के अनुपालन में की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में दादर हरदो निवासी अखिलानंद (पुत्र हरनरायण) और गौराखुर्द निवासी सीताराम (पुत्र रामविलास) शामिल हैं, जिन्हें नियमानुसार न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर भेजा गया। इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक अजय कुमार भारती, हेड कांस्टेबल आनंद दुबे और कांस्टेबल सुनील सिंह की टीम शामिल थी। महुली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधों और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगी।3
- संतकबीरनगर जिला कारागार में शुक्रवार को 'बंदी समस्या समाधान दिवस' के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह की पहल पर संपन्न हुआ। शिविर में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने जेल में बंद कैदियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान, धनघटा थाना क्षेत्र के रामपुर मध्य गांव निवासी रामानंद ने गांजा रखने के आरोप में कानूनी सहायता मांगी, जबकि बेलहर कला थाना क्षेत्र के लोहरसन गांव निवासी अहमद अली ने चोरी के मामले में अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, बनौली गांव निवासी छोटू राजभर ने बताया कि जमानत मंजूर होने के बावजूद जमानतदार न मिलने के कारण वे जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं। अन्य बंदियों ने भी अपनी कानूनी और व्यक्तिगत समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया गया। इस दौरान बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं उनके अधिकारों की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में डिप्टी जेलर हरिकेश और जेल पीएलवी सुनील कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- गोरखपुर के एक कार्यक्रम में समाजसेवी आदिल अमीन को सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें विधायक डॉ. विमलेश पासवान द्वारा प्रदान किया गया।1
- संतकबीरनगर जनपद के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के मुंडेरा उर्फ दलेलगंज से एक किशोरी के 12 दिन से लापता होने के बाद उसके पिता मोहम्मद तौफीक शाह ने पुलिस अधीक्षक से न्याय और बेटी की सकुशल वापसी की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी पुत्री जनतुन निशा बीते 31 मई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे अपने घर से कहीं चली गई थी। इस मामले की सूचना तत्काल खलीलाबाद कोतवाली में दी गई थी, जहाँ गुमशुदगी दर्ज की गई, लेकिन 12 दिन बीत जाने के बावजूद किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि लापता बेटी के मोबाइल फोन से एक नंबर पर संपर्क साधा गया था। इस पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को संजय बताया और यह भी कहा कि लड़की ने उससे दो हजार रुपये मांगे थे। पूछताछ के दौरान संजय कभी खुद को गोरखपुर में तो कभी लखनऊ में होने की बात बताता रहा, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। किशोरी के पिता ने अपनी बेटी के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है और पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द उनकी बेटी को सकुशल बरामद करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।1
- गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो बाइक सवार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। नौसड़ क्षेत्र के बहरामपुर दक्षिणी गांव के पास रॉन्ग साइड से आ रहे पीएसी वाहन ने इन युवकों को कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना शाम करीब छह बजे हुई जब पीएसी का वाहन तेज रफ्तार में गलत दिशा से आ रहा था, जिसने सामने से आ रही बाइक को भीषण टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान राज निषाद (18) पुत्र रामधारी निवासी चकरा अव्वल, थाना राजघाट, और अमित निषाद (19) पुत्र महेंद्र निवासी बहरामपुर दक्षिणी, थाना गीडा के रूप में हुई है। ये दोनों युवक गोरखपुर-राजघाट पुल की ओर से नौसड़ की तरफ जा रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने पीएसी वाहन चालक की लापरवाही का आरोप लगाते हुए शवों को सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस प्रदर्शन के चलते करीब दो घंटे तक मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन बाधित हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। वरिष्ठ अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और उन्होंने धरना समाप्त किया। लगभग दो घंटे बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और यातायात को सुचारु कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सरकारी वाहनों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।3