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ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) की संघीय कार्यकारिणी की बैठक 12 जून को बेंगलुरु में संपन्न हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों एवं अभियंताओं के आंदोलन तथा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 के विरोध में सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। फेडरेशन ने उत्तर प्रदेश में चल रहे निजीकरण विरोधी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने एआईपीईएफ द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के बिजली कर्मियों और अभियंताओं का मनोबल और मजबूत हुआ है। एआईपीईएफ ने अपने प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पिछले 562 दिनों से बिजली कर्मी एवं अभियंता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। बिजली पंचायतों, महापंचायतों, रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से यह आंदोलन अब एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। फेडरेशन ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के स्थानांतरण, संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर किए गए कदमों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास बताया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने मांग की है कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों और अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयों को बिना शर्त समाप्त किया जाए। बैठक में पारित दूसरे प्रस्ताव में, एआईपीईएफ ने प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला बताया। फेडरेशन का कहना है कि विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक वितरण कंपनियों को कमजोर कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाएंगे, जिससे किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एआईपीईएफ ने चेतावनी दी कि यदि आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया, तो राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर देशव्यापी विरोध कार्यक्रम चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रव्यापी "लाइटनिंग स्ट्राइक" सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। संघर्ष समिति की पदाधिकारी दीक्षा श्रीवास्तव ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में निजीकरण के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब राष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण कर चुका है और यह सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों तथा बिजली कर्मियों के हितों की रक्षा का एक महत्वपूर्ण अभियान बन गया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को संतकबीरनगर में भी बिजली कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सहायक लेखाकार प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, दीक्षा श्रीवास्तव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार, सत्येंद्र सिंह, रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, प्रदुम्न कुमार और संजय यादव समेत अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।

10 hrs ago
user_LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) की संघीय कार्यकारिणी की बैठक 12 जून को बेंगलुरु में संपन्न हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों एवं अभियंताओं के आंदोलन तथा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 के विरोध में सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। फेडरेशन ने उत्तर प्रदेश में चल रहे निजीकरण विरोधी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने एआईपीईएफ द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के बिजली कर्मियों और अभियंताओं का मनोबल और मजबूत हुआ है। एआईपीईएफ ने अपने प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पिछले 562 दिनों से बिजली कर्मी एवं अभियंता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। बिजली पंचायतों, महापंचायतों, रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से यह आंदोलन अब एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। फेडरेशन ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के स्थानांतरण, संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर किए गए कदमों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास बताया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने मांग की है कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों और अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयों को बिना शर्त समाप्त किया जाए। बैठक में पारित दूसरे प्रस्ताव में, एआईपीईएफ ने प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला बताया। फेडरेशन का कहना है कि विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक वितरण कंपनियों को कमजोर कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाएंगे, जिससे किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एआईपीईएफ ने चेतावनी दी कि यदि आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया, तो राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर देशव्यापी विरोध कार्यक्रम चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रव्यापी "लाइटनिंग स्ट्राइक" सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। संघर्ष समिति की पदाधिकारी दीक्षा श्रीवास्तव ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में निजीकरण के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब राष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण कर चुका है और यह सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों तथा बिजली कर्मियों के हितों की रक्षा का एक महत्वपूर्ण अभियान बन गया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को संतकबीरनगर में भी बिजली कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सहायक लेखाकार प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, दीक्षा श्रीवास्तव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार, सत्येंद्र सिंह, रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, प्रदुम्न कुमार और संजय यादव समेत अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।

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  • ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) की संघीय कार्यकारिणी की बैठक 12 जून को बेंगलुरु में संपन्न हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों एवं अभियंताओं के आंदोलन तथा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 के विरोध में सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। फेडरेशन ने उत्तर प्रदेश में चल रहे निजीकरण विरोधी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने एआईपीईएफ द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के बिजली कर्मियों और अभियंताओं का मनोबल और मजबूत हुआ है। एआईपीईएफ ने अपने प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पिछले 562 दिनों से बिजली कर्मी एवं अभियंता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। बिजली पंचायतों, महापंचायतों, रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से यह आंदोलन अब एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। फेडरेशन ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के स्थानांतरण, संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर किए गए कदमों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास बताया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने मांग की है कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों और अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयों को बिना शर्त समाप्त किया जाए। बैठक में पारित दूसरे प्रस्ताव में, एआईपीईएफ ने प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला बताया। फेडरेशन का कहना है कि विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक वितरण कंपनियों को कमजोर कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाएंगे, जिससे किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एआईपीईएफ ने चेतावनी दी कि यदि आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया, तो राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर देशव्यापी विरोध कार्यक्रम चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रव्यापी "लाइटनिंग स्ट्राइक" सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। संघर्ष समिति की पदाधिकारी दीक्षा श्रीवास्तव ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में निजीकरण के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब राष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण कर चुका है और यह सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों तथा बिजली कर्मियों के हितों की रक्षा का एक महत्वपूर्ण अभियान बन गया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को संतकबीरनगर में भी बिजली कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सहायक लेखाकार प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, दीक्षा श्रीवास्तव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार, सत्येंद्र सिंह, रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, प्रदुम्न कुमार और संजय यादव समेत अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।
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    ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) की संघीय कार्यकारिणी की बैठक 12 जून को बेंगलुरु में संपन्न हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों एवं अभियंताओं के आंदोलन तथा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 के विरोध में सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। फेडरेशन ने उत्तर प्रदेश में चल रहे निजीकरण विरोधी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने एआईपीईएफ द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के बिजली कर्मियों और अभियंताओं का मनोबल और मजबूत हुआ है। एआईपीईएफ ने अपने प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पिछले 562 दिनों से बिजली कर्मी एवं अभियंता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। बिजली पंचायतों, महापंचायतों, रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से यह आंदोलन अब एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। फेडरेशन ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के स्थानांतरण, संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर किए गए कदमों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास बताया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने मांग की है कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों और अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयों को बिना शर्त समाप्त किया जाए।

बैठक में पारित दूसरे प्रस्ताव में, एआईपीईएफ ने प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला बताया। फेडरेशन का कहना है कि विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक वितरण कंपनियों को कमजोर कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाएंगे, जिससे किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एआईपीईएफ ने चेतावनी दी कि यदि आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया, तो राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर देशव्यापी विरोध कार्यक्रम चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रव्यापी "लाइटनिंग स्ट्राइक" सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।

संघर्ष समिति की पदाधिकारी दीक्षा श्रीवास्तव ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में निजीकरण के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब राष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण कर चुका है और यह सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों तथा बिजली कर्मियों के हितों की रक्षा का एक महत्वपूर्ण अभियान बन गया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को संतकबीरनगर में भी बिजली कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सहायक लेखाकार प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, दीक्षा श्रीवास्तव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार, सत्येंद्र सिंह, रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, प्रदुम्न कुमार और संजय यादव समेत अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।
    user_LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • संतकबीरनगर के नाथनगर स्थित महुली थाने की पुलिस टीम ने, थानाध्यक्ष के नेतृत्व में, थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित क्रिमिनल अपील नंबर 947/1985, हरनरायण अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर के आदेश के अनुपालन में की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में दादर हरदो निवासी अखिलानंद (पुत्र हरनरायण) और गौराखुर्द निवासी सीताराम (पुत्र रामविलास) शामिल हैं, जिन्हें नियमानुसार न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर भेजा गया। इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक अजय कुमार भारती, हेड कांस्टेबल आनंद दुबे और कांस्टेबल सुनील सिंह की टीम शामिल थी। महुली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधों और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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    संतकबीरनगर के नाथनगर स्थित महुली थाने की पुलिस टीम ने, थानाध्यक्ष के नेतृत्व में, थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित क्रिमिनल अपील नंबर 947/1985, हरनरायण अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर के आदेश के अनुपालन में की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में दादर हरदो निवासी अखिलानंद (पुत्र हरनरायण) और गौराखुर्द निवासी सीताराम (पुत्र रामविलास) शामिल हैं, जिन्हें नियमानुसार न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर भेजा गया।

इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक अजय कुमार भारती, हेड कांस्टेबल आनंद दुबे और कांस्टेबल सुनील सिंह की टीम शामिल थी। महुली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधों और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगी।
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    13 hrs ago
  • संतकबीरनगर जिला कारागार में शुक्रवार को 'बंदी समस्या समाधान दिवस' के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह की पहल पर संपन्न हुआ। शिविर में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने जेल में बंद कैदियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान, धनघटा थाना क्षेत्र के रामपुर मध्य गांव निवासी रामानंद ने गांजा रखने के आरोप में कानूनी सहायता मांगी, जबकि बेलहर कला थाना क्षेत्र के लोहरसन गांव निवासी अहमद अली ने चोरी के मामले में अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, बनौली गांव निवासी छोटू राजभर ने बताया कि जमानत मंजूर होने के बावजूद जमानतदार न मिलने के कारण वे जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं। अन्य बंदियों ने भी अपनी कानूनी और व्यक्तिगत समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया गया। इस दौरान बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं उनके अधिकारों की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में डिप्टी जेलर हरिकेश और जेल पीएलवी सुनील कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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    संतकबीरनगर जिला कारागार में शुक्रवार को 'बंदी समस्या समाधान दिवस' के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह की पहल पर संपन्न हुआ।

शिविर में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने जेल में बंद कैदियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान, धनघटा थाना क्षेत्र के रामपुर मध्य गांव निवासी रामानंद ने गांजा रखने के आरोप में कानूनी सहायता मांगी, जबकि बेलहर कला थाना क्षेत्र के लोहरसन गांव निवासी अहमद अली ने चोरी के मामले में अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, बनौली गांव निवासी छोटू राजभर ने बताया कि जमानत मंजूर होने के बावजूद जमानतदार न मिलने के कारण वे जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं।

अन्य बंदियों ने भी अपनी कानूनी और व्यक्तिगत समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया गया। इस दौरान बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं उनके अधिकारों की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में डिप्टी जेलर हरिकेश और जेल पीएलवी सुनील कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Vipin Rai Journalist
    Vipin Rai Journalist
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन (NERMU) ने रेल कर्मचारियों की अनेक समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन के सदस्यों ने इन समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए एक बाइक रैली निकाली और जुलूस भी निकाला। विरोध प्रदर्शन के बाद, NERMU ने संबंधित मांगों को लेकर पीसीपीओ को एक ज्ञापन भी सौंपा।
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    पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन (NERMU) ने रेल कर्मचारियों की अनेक समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन के सदस्यों ने इन समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए एक बाइक रैली निकाली और जुलूस भी निकाला। विरोध प्रदर्शन के बाद, NERMU ने संबंधित मांगों को लेकर पीसीपीओ को एक ज्ञापन भी सौंपा।
    user_Gorakhpurhalchal Saeed Alam Kh
    Gorakhpurhalchal Saeed Alam Kh
    Teacher वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    33 min ago
  • स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि गाँव के प्रधान विकास कार्यों के लिए आवंटित धन का गबन कर रहे हैं और गाँव में कोई काम नहीं करवा रहे हैं। इन आरोपों के बीच, निवासियों ने विशेष रूप से गहाना गांव की सड़क का निर्माण किए जाने की पुरजोर मांग की है।
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    स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि गाँव के प्रधान विकास कार्यों के लिए आवंटित धन का गबन कर रहे हैं और गाँव में कोई काम नहीं करवा रहे हैं। इन आरोपों के बीच, निवासियों ने विशेष रूप से गहाना गांव की सड़क का निर्माण किए जाने की पुरजोर मांग की है।
    user_Sujit Kumar
    Sujit Kumar
    Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • गोरखपुर में Lifeone Wellness द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन के दौरान Bio Magnet Mattress की खासियतों पर चर्चा की गई, और कार्यक्रम में सौरभ गुप्ता का साक्षात्कार भी प्रस्तुत किया गया।
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    गोरखपुर में Lifeone Wellness द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन के दौरान Bio Magnet Mattress की खासियतों पर चर्चा की गई, और कार्यक्रम में सौरभ गुप्ता का साक्षात्कार भी प्रस्तुत किया गया।
    user_EN Daily National
    EN Daily National
    Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • संतकबीरनगर जनपद के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के मुंडेरा उर्फ दलेलगंज से एक किशोरी के 12 दिन से लापता होने के बाद उसके पिता मोहम्मद तौफीक शाह ने पुलिस अधीक्षक से न्याय और बेटी की सकुशल वापसी की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी पुत्री जनतुन निशा बीते 31 मई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे अपने घर से कहीं चली गई थी। इस मामले की सूचना तत्काल खलीलाबाद कोतवाली में दी गई थी, जहाँ गुमशुदगी दर्ज की गई, लेकिन 12 दिन बीत जाने के बावजूद किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि लापता बेटी के मोबाइल फोन से एक नंबर पर संपर्क साधा गया था। इस पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को संजय बताया और यह भी कहा कि लड़की ने उससे दो हजार रुपये मांगे थे। पूछताछ के दौरान संजय कभी खुद को गोरखपुर में तो कभी लखनऊ में होने की बात बताता रहा, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। किशोरी के पिता ने अपनी बेटी के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है और पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द उनकी बेटी को सकुशल बरामद करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
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    संतकबीरनगर जनपद के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के मुंडेरा उर्फ दलेलगंज से एक किशोरी के 12 दिन से लापता होने के बाद उसके पिता मोहम्मद तौफीक शाह ने पुलिस अधीक्षक से न्याय और बेटी की सकुशल वापसी की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी पुत्री जनतुन निशा बीते 31 मई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे अपने घर से कहीं चली गई थी। इस मामले की सूचना तत्काल खलीलाबाद कोतवाली में दी गई थी, जहाँ गुमशुदगी दर्ज की गई, लेकिन 12 दिन बीत जाने के बावजूद किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि लापता बेटी के मोबाइल फोन से एक नंबर पर संपर्क साधा गया था। इस पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को संजय बताया और यह भी कहा कि लड़की ने उससे दो हजार रुपये मांगे थे। पूछताछ के दौरान संजय कभी खुद को गोरखपुर में तो कभी लखनऊ में होने की बात बताता रहा, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। किशोरी के पिता ने अपनी बेटी के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है और पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द उनकी बेटी को सकुशल बरामद करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
    user_Vipin Rai Journalist
    Vipin Rai Journalist
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • कल नौसढ़ में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह घटना तब हुई जब एक उत्तर प्रदेश पीएससी का ट्रक रॉन्ग साइड से आ रहा था। दोनों युवक मोटरसाइकिल सहित पीएससी की गाड़ी के नीचे जा घुसे और गाड़ी उन पर चढ़ गई, जिससे उन्होंने तुरंत दम तोड़ दिया।
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    कल नौसढ़ में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह घटना तब हुई जब एक उत्तर प्रदेश पीएससी का ट्रक रॉन्ग साइड से आ रहा था। दोनों युवक मोटरसाइकिल सहित पीएससी की गाड़ी के नीचे जा घुसे और गाड़ी उन पर चढ़ गई, जिससे उन्होंने तुरंत दम तोड़ दिया।
    user_Kanhaiya Nishad
    Kanhaiya Nishad
    वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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