पाली के जालाराम, जो एक पशुपालक परिवार से आते हैं और स्वयं दिव्यांग हैं, एक शादी समारोह में विकलांग कहकर स्टेज से धकेल दिए जाने के बाद हुए अपमान को अपने जीवन का टर्निंग पॉइंट मानते हैं। इसी घटना के बाद उन्होंने मंदबुद्धि लोगों की सेवा का संकल्प लिया और किराए के मकान से यह नेक कार्य शुरू किया। आज प्रवासियों के सहयोग से उन्होंने करोड़ों रुपये की लागत से तीन मंजिला पुनर्वास केंद्र की विशाल इमारत खड़ी कर दी है। इस पुनर्वास केंद्र में अब तक विभिन्न जिलों से सड़कों पर घूम रहे 100 से अधिक मंदबुद्धि लोगों को सहारा दिया गया है और उनका इलाज भी करवाया जा रहा है। जालाराम बताते हैं कि कई बार अन्य राज्यों की भाषा समझने में कठिनाई होती है, जिसके लिए गूगल और अन्य लोगों की मदद से उनकी भाषा को समझा जाता है। हाल ही में पुलिस की सहायता से आंध्र प्रदेश की एक महिला नागमणि को केंद्र लाया गया है, जो पाली में भटक रही थी और उसे किसी ने नशा कराकर ट्रेन में बिठा दिया था। इस पुनर्वास केंद्र से अब तक 30 लोग स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। यहां मंदबुद्धि लोगों को नियमित दिनचर्या का पालन करवाया जाता है। सरकारी महकमों को अब जाकर उनकी इस सेवा का पता चला है और वे पिछले दो महीने से ही सहयोग कर रहे हैं।
पाली के जालाराम, जो एक पशुपालक परिवार से आते हैं और स्वयं दिव्यांग हैं, एक शादी समारोह में विकलांग कहकर स्टेज से धकेल दिए जाने के बाद हुए अपमान को अपने जीवन का टर्निंग पॉइंट मानते हैं। इसी घटना के बाद उन्होंने मंदबुद्धि लोगों की सेवा का संकल्प लिया और किराए के मकान से यह नेक कार्य शुरू किया। आज प्रवासियों के सहयोग से उन्होंने करोड़ों रुपये की लागत से तीन मंजिला पुनर्वास केंद्र की विशाल
इमारत खड़ी कर दी है। इस पुनर्वास केंद्र में अब तक विभिन्न जिलों से सड़कों पर घूम रहे 100 से अधिक मंदबुद्धि लोगों को सहारा दिया गया है और उनका इलाज भी करवाया जा रहा है। जालाराम बताते हैं कि कई बार अन्य राज्यों की भाषा समझने में कठिनाई होती है, जिसके लिए गूगल और अन्य लोगों की मदद से उनकी भाषा को समझा जाता है। हाल ही में पुलिस की सहायता से आंध्र प्रदेश की एक
महिला नागमणि को केंद्र लाया गया है, जो पाली में भटक रही थी और उसे किसी ने नशा कराकर ट्रेन में बिठा दिया था। इस पुनर्वास केंद्र से अब तक 30 लोग स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। यहां मंदबुद्धि लोगों को नियमित दिनचर्या का पालन करवाया जाता है। सरकारी महकमों को अब जाकर उनकी इस सेवा का पता चला है और वे पिछले दो महीने से ही सहयोग कर रहे हैं।
- राजस्थान के पाली जिले में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती उनके ननिहाल और जन्म स्थान जूनी कचहरी में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शिवसेना शिंदे पार्टी और शिवसेना द्वारा शहर में अलग-अलग भगवा रैलियां निकाली गईं, जिसमें डीजे पर महाराणा प्रताप के गाने बजते रहे। ये रैलियां शहर के नहर पुलिया शिवाजी सर्किल से शुरू होकर सूरजपोल होते हुए जूनी कचहरी स्थित महाराणा प्रताप की जन्म स्थली तक पहुंचीं। रैली के दौरान सिर पर साफा और हाथ में तलवार लिए युवतियों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर शौर्य का प्रदर्शन किया। जूनी कचहरी पहुंचने पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया। महाराणा प्रताप जन्म स्थली समिति की ओर से यहां एक भव्य कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया। इस कार्यक्रम और रैली में बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।4
- आज के वैश्विक माहौल में शांति, स्थिरता और समृद्धि को मज़बूत करने में भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग एक अहम भूमिका निभा सकता है। दोनों पक्षों के बीच यह तालमेल वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहाँ शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।1
- पाली जिले के बाली में महाराणा प्रताप सेवा समिति द्वारा बुधवार को महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी महाराज और वीर दुर्गादास राठौड़ की जयंती एक साथ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर नगर में साधु-संतों के सानिध्य में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसके बाद महाराणा प्रताप चौक में धर्मसभा का आयोजन हुआ। शोभायात्रा का शुभारंभ मुख्य बाजार स्थित हनुमान मंदिर से हुआ और यह होली चौक, पृथ्वीराज चौहान चौक सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए महाराणा प्रताप चौक पहुंची। शोभायात्रा में महापुरुषों की झांकियां, धर्मध्वज और जयघोष विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जिसमें बड़ी संख्या में समाजबंधु, युवा और महिलाएं शामिल हुईं। धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अमृत परमार ने कहा कि महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी और वीर दुर्गादास जैसे महापुरुषों का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और त्याग का प्रतीक है, जिनके आदर्श आज भी समाज को प्रेरित करते हैं। उन्होंने नगर में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा लगाने का भी आह्वान किया। नरेंद्र परमार ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए महापुरुषों के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। साध्वी संतोष बाईसा ने धर्म की रक्षा पर जोर देते हुए कहा कि धर्म की रक्षा धर्म समझकर ही की जा सकती है और हमें महापुरुषों के पदचिह्नों पर चलकर देश को सुरक्षित और समृद्ध बनाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन भंवरलाल परिहार ने किया। इस अवसर पर संत सुरेंद्रनाथ कृपलानी, संत संतोष बाईसा, पूर्व विधायक अमृत परमार, नरेंद्र परमार, वनाराम चौधरी सहित अनेक प्रबुद्धजन और श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों और श्रद्धालुओं ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- पाली जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सुमेरपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शातिर अपराधी, हिस्ट्रीशीटर और स्थाई वारंटी गणपत उर्फ बाबू को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और कई आपराधिक मामलों में वांछित चल रहा था। पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाली जीतेंद्र सिंह इंदौलिया और वृत्ताधिकारी सुमेरपुर के पर्यवेक्षण में, थाना प्रभारी सुमेरपुर के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने 17 जून को कार्रवाई कर इस आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान बालोतरा निवासी गणपत उर्फ बाबू के रूप में बताई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वह बालोतरा कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर और स्थाई वारंटी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गणपत उर्फ बाबू के खिलाफ चोरी, नकबजनी, मारपीट, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कुल 16 मामले दर्ज हैं। आरोपी पिछले लगभग एक साल से सुमेरपुर के संजय नगर क्षेत्र में एक किराए के मकान में रह रहा था और मजदूरी की आड़ में इलाके में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। पुलिस को उसकी हरकतों के बारे में लगातार जानकारी मिल रही थी, जिसके बाद उस पर विशेष निगरानी रखी गई और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सुमेरपुर पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने आमजन से यह भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके और क्षेत्र में शांति व कानून व्यवस्था बनी रहे।2
- अजमेर जिले के सरवाड़ में अमृतराम महाराज की कथा के दौरान महिलाओं के गले से सोने की चैन चुराने के आरोप में पुलिस ने दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। सरवाड़ शहर के खिरिया गेट स्थित माली भवन में आयोजित कथा के दौरान माया देवी माली और विमला देवी शर्मा के गले से सोने की चैन चोरी हुई थी। पीड़ित महिलाओं ने सरवाड़ थाने में मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल, आईपीएस उषा यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मील और पुलिस उपाधीक्षक हर्षित शर्मा के निर्देश पर सरवाड़ थानाधिकारी रामपाल शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ-साथ मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान दिल्ली निवासी चांदनी और अम्बिका नाम की दो महिलाओं को कोटा से पकड़कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई एक सोने की चैन भी बरामद की है। दोनों महिलाओं को पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया गया है और उनसे आगे की पूछताछ जारी है, जिसमें पुलिस को अन्य वारदातों से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी रामपाल शर्मा, योगेश कुमार, शुभकरण, दातार सिंह, हरिराम, कमलेश और महिला कांस्टेबल चिंता की अहम भूमिका रही। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है।1
- ब्यावर में बुधवार को शिवसेना प्रदेश सचिव सुरेश चौहान के नेतृत्व में महाराणा प्रताप जयंती मनाई गई। इस अवसर पर शहर के मेवाड़ी गेट के बाहर स्थित महाराणा प्रताप सर्कल पर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के दौरान, शिवसेना प्रदेश सचिव सुरेश चौहान सहित शिवसैनिकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और त्याग पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि महाराणा प्रताप का जीवन मातृभूमि की रक्षा के लिए हर बलिदान देने की सीख देता है। इस कार्यक्रम में शिवसेना के किशन भाटिया, नवल शर्मा, ब्यावर यूथ संगठन अध्यक्ष बृजेश साहू, विष्णुप्रकाश, सत्यनारायण चंदेल, नोरत प्रजापत, भगवान दास बंजारा, लालचन्द प्रजापत, दिलीप प्रजापत और कैलाश सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- पाली जिले के बाली स्थित कांतिलाल संकलचंद पशु चिकित्सालय में बुधवार को तीन दिवसीय नि:शुल्क पशु चिकित्सा एवं बांझपन निवारण शिविर का शुभारंभ हुआ। इस शिविर का आयोजन श्री विमल नाथ पोरवाल जैन संघ बाली, पशुपालन विभाग पाली और श्री गौशाला चिकित्सा समिति बीजापुर के संयुक्त तत्वावधान में शांताबाई मोहनलाल लोब गौत्र चौहान परिवार द्वारा किया गया है। शिविर का उद्घाटन आचार्य भगवंत प्रशांत शेखर सुरीश्वर महाराज और बाल मुनि प्रेम रत्न श्रीजी महाराज के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ। बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय बाली के उपनिदेशक डॉ. शिवचरण राणावत ने बताया कि शिविर के पहले दिन कुल 781 पशुओं की चिकित्सा की गई। चिकित्सा टीम में डॉ. शिवचरण सिंह राणावत, डॉ. हरी भाऊ, डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. महावीर सुथार, डॉ. जगदीश कुमार, डॉ. रंजीत परिहार, देवीचंद गर्ग और उनकी टीम शामिल थी, जिन्होंने पशुओं का इलाज किया। इस अवसर पर शांता बेन मोहनलाल फौजमल लोब गोत्र चौहान परिवार के सदस्य और ट्रस्ट सचिव कीर्ति कुमार जयचंद जैन ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान ट्रस्ट से विमलचंद, राजेंद्र, किरण बिरावत, भरत जैन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बाली गौशाला के अध्यक्ष कांतिभाई कितावत, सज्जन रांका, वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति के अध्यक्ष मोहम्मद अय्यूब ज़ई, मूलसिंह राजपुरोहित, भैरव सिंह सोलंकी, उदय सिंह, गजेंद्र अग्रवाल, जगदीश सोनी, अल्ताफ शेख सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस शिविर में श्री गो सेवा चिकित्सा समिति बीजापुर के घीसूलाल, हसमुखलाल गुर्जर और उनकी टीम का विशेष सहयोग रहा।1
- राजस्थान पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन की सुमेरपुर उपशाखा ने प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर गुरुवार, 18 जून को पंचायत समिति परिसर में एक महा सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने भाग लिया और सरकार को सद्बुद्धि प्रदान होने तथा उनकी वर्षों से लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की कामना करते हुए यज्ञ में आहुतियाँ दीं। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन का हिस्सा है, जिसके तहत राजस्थान के सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर एक साथ महा सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किए गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में उत्तराखंड पैटर्न लागू करना, मंत्रालयिक संवर्ग का कैडर पुनर्गठन करना, शैक्षणिक योग्यता राजस्थान विधानसभा सचिवालय के समान स्नातक निर्धारित करना, स्टेट पैरिटी के आधार पर ग्रेड पे 3600 प्रदान करना और मंत्रालयिक संवर्ग से ग्रामीण विकास राज्य सेवा में पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करना शामिल है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी ग्रामीण विकास योजनाओं को लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना आवश्यक है। कर्मचारियों ने सरकार से संवाद स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान करने की अपील की। कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष गणेश सोनल, प्रदेश प्रतिनिधि जोग सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम सोलंकी, ब्लॉक उपाध्यक्ष गणपत मीणा, जिला प्रतिनिधि नरेंद्र परमार समेत कई अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।4
- देवगढ़ के स्तुति हॉस्पिटल में कार्यरत राजू सिंह की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद, भीम विधायक हरि सिंह रावत ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। विधायक ने देवगढ़ थाना अधिकारी से बात कर निर्दोष व्यक्तियों को मुकदमे से बाहर रखने और किसी भी महिला को गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया। विधायक हरि सिंह रावत ने पीड़ित परिवार को तत्काल 2 लाख रुपये नकद दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्तुति हॉस्पिटल के मालिक को बुलाकर परिवार को 2 लाख रुपये और दिलवाए। विधायक ने कहा कि यह राशि परिवार की मदद के लिए है और वे दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने लाखागुड़ा की जनता से यह भी कहा कि कोई भी निर्दोष व्यक्ति जेल नहीं जाएगा और न ही महिलाओं को थाने भेजा जाएगा। इस दौरान, भीम विधायक हरि सिंह रावत ने पूर्व विधायक पर राजनीतिक रोटियां सेकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक ने आकर केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की और परिवार की कोई वास्तविक मदद नहीं की। उन्होंने मृत परिवार पर मीडिया बुलाकर भाषणबाजी और झूठे आरोप लगाने को 'निम्न स्तर की राजनीति' बताया। पूर्व विधायक द्वारा उन पर 'डंडा चलाने' के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा के जवाब में, वर्तमान विधायक हरि सिंह रावत ने कहा कि अगर पूर्व विधायक भीम में 'गधा बनकर घूमते हैं', तो वे 1 करोड़ रुपये नकद देंगे। उन्होंने भीम-देवगढ़ विधानसभा को अपना परिवार बताते हुए कहा कि वे इस परिवार के हर सुख-दुख में साथ खड़े हैं। विधायक ने पीड़ित परिवार को कानूनी और प्रशासनिक मदद के लिए देवगढ़ के एसडीएम, तहसीलदार और ईओ को अपने साथ लाया और उन्हें हरसंभव मदद के लिए पाबंद किया। इस शोक संतप्त परिवार से मिलने वालों में अमर सिंह, नारायण सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य हीरा कंवर, सरपंच बसंता देवी, काछबली सरपंच आशा देवी सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1