राजस्थान के पाली जिले में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती उनके ननिहाल और जन्म स्थान जूनी कचहरी में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शिवसेना शिंदे पार्टी और शिवसेना द्वारा शहर में अलग-अलग भगवा रैलियां निकाली गईं, जिसमें डीजे पर महाराणा प्रताप के गाने बजते रहे। ये रैलियां शहर के नहर पुलिया शिवाजी सर्किल से शुरू होकर सूरजपोल होते हुए जूनी कचहरी स्थित महाराणा प्रताप की जन्म स्थली तक पहुंचीं। रैली के दौरान सिर पर साफा और हाथ में तलवार लिए युवतियों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर शौर्य का प्रदर्शन किया। जूनी कचहरी पहुंचने पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया। महाराणा प्रताप जन्म स्थली समिति की ओर से यहां एक भव्य कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया। इस कार्यक्रम और रैली में बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।
राजस्थान के पाली जिले में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती उनके ननिहाल और जन्म स्थान जूनी कचहरी में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शिवसेना शिंदे पार्टी और शिवसेना द्वारा शहर में अलग-अलग भगवा रैलियां निकाली
गईं, जिसमें डीजे पर महाराणा प्रताप के गाने बजते रहे। ये रैलियां शहर के नहर पुलिया शिवाजी सर्किल से शुरू होकर सूरजपोल होते हुए जूनी कचहरी स्थित महाराणा प्रताप की जन्म स्थली तक पहुंचीं। रैली के दौरान सिर पर साफा
और हाथ में तलवार लिए युवतियों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर शौर्य का प्रदर्शन किया। जूनी कचहरी पहुंचने पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया
गया। महाराणा प्रताप जन्म स्थली समिति की ओर से यहां एक भव्य कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया। इस कार्यक्रम और रैली में बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- पाली के जालाराम, जो एक पशुपालक परिवार से आते हैं और स्वयं दिव्यांग हैं, एक शादी समारोह में विकलांग कहकर स्टेज से धकेल दिए जाने के बाद हुए अपमान को अपने जीवन का टर्निंग पॉइंट मानते हैं। इसी घटना के बाद उन्होंने मंदबुद्धि लोगों की सेवा का संकल्प लिया और किराए के मकान से यह नेक कार्य शुरू किया। आज प्रवासियों के सहयोग से उन्होंने करोड़ों रुपये की लागत से तीन मंजिला पुनर्वास केंद्र की विशाल इमारत खड़ी कर दी है। इस पुनर्वास केंद्र में अब तक विभिन्न जिलों से सड़कों पर घूम रहे 100 से अधिक मंदबुद्धि लोगों को सहारा दिया गया है और उनका इलाज भी करवाया जा रहा है। जालाराम बताते हैं कि कई बार अन्य राज्यों की भाषा समझने में कठिनाई होती है, जिसके लिए गूगल और अन्य लोगों की मदद से उनकी भाषा को समझा जाता है। हाल ही में पुलिस की सहायता से आंध्र प्रदेश की एक महिला नागमणि को केंद्र लाया गया है, जो पाली में भटक रही थी और उसे किसी ने नशा कराकर ट्रेन में बिठा दिया था। इस पुनर्वास केंद्र से अब तक 30 लोग स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। यहां मंदबुद्धि लोगों को नियमित दिनचर्या का पालन करवाया जाता है। सरकारी महकमों को अब जाकर उनकी इस सेवा का पता चला है और वे पिछले दो महीने से ही सहयोग कर रहे हैं।3
- जोधपुर ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बोरुंदा के पंचायत सभागार में "नशा मुक्ति जन जागरण शिविर" का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त समाज की स्थापना करना था, जहाँ उपस्थित ग्रामीणों ने नशा न करने की शपथ ली। थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे का भविष्य अंधकारमय है और इसे त्याग देना चाहिए। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों और आम ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि एक नशा मुक्त समाज की स्थापना कर देश का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सके। नायब तहसीलदार रामलाल भाम्बू ने कहा कि स्वयं नशा छोड़ना और दूसरों को भी छोड़ने के लिए प्रेरित करना सबसे बड़ी समाज सेवा है। ग्राम विकास अधिकारी भजनलाल विश्नोई ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। शिविर में नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे लोगों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित हुए। थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई के संबोधन के बाद सभी उपस्थित ग्रामीणों ने नशा मुक्ति की शपथ ली और नशा मुक्ति प्रतिज्ञा पत्रों पर हस्ताक्षर भी किए। इसके अतिरिक्त, स्मैक और एमडी जैसे मादक पदार्थों का सेवन करने वालों की पहचान कर संबंधित अभिलेखों को अद्यतन किया गया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार रामलाल भाम्बू, थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई, ग्राम विकास अधिकारी भजनलाल विश्नोई, आसूअ सुखदेव डूडी, सुभाष विश्नोई, बद्रीनारायण मीणा, भीखसिंह मेडतिया, प्रकाश बढ़ियासर, पुष्पेंद्र सिंह, इस्लाईम देशवाली, भीम सिंह भाटी, महिपाल मेहरू और अन्य कई लोग मौजूद रहे।2
- जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने 700 गाड़ियों की नीलामी करने की घोषणा की है। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) ट्रैफिक शालिनी राज ने पूरी जानकारी दी है। इस नीलामी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा कुछ संपर्क नंबर जारी किए गए हैं। इच्छुक व्यक्ति शंकर जी से 8560811529 पर या ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम से 02912650729 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- पाली जिले के बाली में बुधवार को तीन दिवसीय निःशुल्क पशु चिकित्सा एवं बांझपन निवारण शिविर का शुभारंभ हुआ। यह शिविर श्री विमलनाथ पोरवाल जैन संघ बाली, पशुपालन विभाग पाली और श्री गो सेवा चिकित्सा समिति बीजापुर के संयुक्त तत्वावधान में मातोश्री शांताबाई मोहनलाल लोब गोत्र चौहान परिवार के सहयोग से स्थानीय श्री कांतिलाल संकलचंद पशु चिकित्सालय बाली में आयोजित किया जा रहा है। शिविर का उद्घाटन आचार्य भगवंत प्रशांत शेखर सूरीश्वर महाराज एवं बाल मुनि प्रेमरत्न महाराज के सानिध्य में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में पशुपालक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उपनिदेशक बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय बाली डॉ. शिवचरण राणावत ने बताया कि शिविर के पहले दिन कुल 781 पशुओं का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉ. शिवचरण राणावत, डॉ. हरिभाऊ टक्कर, डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. महावीर सुथार, डॉ. जगदीश कुमार, डॉ. रंजीत परिहार, देवीचंद गर्ग और उनकी टीम ने पशुओं को चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर लोब गोत्र चौहान परिवार के सदस्य एवं ट्रस्ट सचिव कीर्तिकुमार जयचंद जैन ने सभी आगंतुकों, चिकित्सकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बाली गौशाला के अध्यक्ष कांतिभाई कितावत एवं सज्जन रांका, वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति के अध्यक्ष मोहम्मद अय्यूब ज़ई, मूलसिंह राजपुरोहित, भैरवसिंह सोलंकी, उदयसिंह सेल, गजेन्द्र अग्रवाल, जगदीश सोनी, अल्ताफ शेख सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। श्री गो सेवा चिकित्सा समिति बीजापुर के घीसूलाल गुर्जर, हसमुखलाल गुर्जर और उनकी टीम का शिविर के सफल संचालन में विशेष सहयोग रहा। आयोजकों ने बताया कि आगामी दो दिनों तक भी पशुपालकों को निःशुल्क चिकित्सा एवं बांझपन निवारण संबंधी सेवाएं मिलती रहेंगी।2
- पाली जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सुमेरपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शातिर अपराधी, हिस्ट्रीशीटर और स्थाई वारंटी गणपत उर्फ बाबू को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और कई आपराधिक मामलों में वांछित चल रहा था। पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाली जीतेंद्र सिंह इंदौलिया और वृत्ताधिकारी सुमेरपुर के पर्यवेक्षण में, थाना प्रभारी सुमेरपुर के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने 17 जून को कार्रवाई कर इस आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान बालोतरा निवासी गणपत उर्फ बाबू के रूप में बताई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वह बालोतरा कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर और स्थाई वारंटी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गणपत उर्फ बाबू के खिलाफ चोरी, नकबजनी, मारपीट, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कुल 16 मामले दर्ज हैं। आरोपी पिछले लगभग एक साल से सुमेरपुर के संजय नगर क्षेत्र में एक किराए के मकान में रह रहा था और मजदूरी की आड़ में इलाके में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। पुलिस को उसकी हरकतों के बारे में लगातार जानकारी मिल रही थी, जिसके बाद उस पर विशेष निगरानी रखी गई और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सुमेरपुर पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने आमजन से यह भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके और क्षेत्र में शांति व कानून व्यवस्था बनी रहे।2
- राजस्थान के पाली जिले में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती उनके ननिहाल और जन्म स्थान जूनी कचहरी में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शिवसेना शिंदे पार्टी और शिवसेना द्वारा शहर में अलग-अलग भगवा रैलियां निकाली गईं, जिसमें डीजे पर महाराणा प्रताप के गाने बजते रहे। ये रैलियां शहर के नहर पुलिया शिवाजी सर्किल से शुरू होकर सूरजपोल होते हुए जूनी कचहरी स्थित महाराणा प्रताप की जन्म स्थली तक पहुंचीं। रैली के दौरान सिर पर साफा और हाथ में तलवार लिए युवतियों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर शौर्य का प्रदर्शन किया। जूनी कचहरी पहुंचने पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया। महाराणा प्रताप जन्म स्थली समिति की ओर से यहां एक भव्य कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया। इस कार्यक्रम और रैली में बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।4
- पाली जिले के रानी रेलवे स्टेशन के पास एक दर्दनाक हादसे में चलती ट्रेन से गिरने के कारण एक यात्री की मौत हो गई। रामाजी गुड़ा निवासी ओगड़राम पुत्र तेजाराम जणवा चौधरी मुंबई से सोमेसर की ओर राणकपुर एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे, तभी वे ट्रेन से गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी फालना की टीम मौके पर पहुंची, जिसमें सुरेंद्र सिंह चारण और बाबूलाल जाट शामिल थे। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को रानी के राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। जीआरपी ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।1