जोधपुर ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बोरुंदा के पंचायत सभागार में "नशा मुक्ति जन जागरण शिविर" का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त समाज की स्थापना करना था, जहाँ उपस्थित ग्रामीणों ने नशा न करने की शपथ ली। थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे का भविष्य अंधकारमय है और इसे त्याग देना चाहिए। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों और आम ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि एक नशा मुक्त समाज की स्थापना कर देश का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सके। नायब तहसीलदार रामलाल भाम्बू ने कहा कि स्वयं नशा छोड़ना और दूसरों को भी छोड़ने के लिए प्रेरित करना सबसे बड़ी समाज सेवा है। ग्राम विकास अधिकारी भजनलाल विश्नोई ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। शिविर में नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे लोगों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित हुए। थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई के संबोधन के बाद सभी उपस्थित ग्रामीणों ने नशा मुक्ति की शपथ ली और नशा मुक्ति प्रतिज्ञा पत्रों पर हस्ताक्षर भी किए। इसके अतिरिक्त, स्मैक और एमडी जैसे मादक पदार्थों का सेवन करने वालों की पहचान कर संबंधित अभिलेखों को अद्यतन किया गया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार रामलाल भाम्बू, थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई, ग्राम विकास अधिकारी भजनलाल विश्नोई, आसूअ सुखदेव डूडी, सुभाष विश्नोई, बद्रीनारायण मीणा, भीखसिंह मेडतिया, प्रकाश बढ़ियासर, पुष्पेंद्र सिंह, इस्लाईम देशवाली, भीम सिंह भाटी, महिपाल मेहरू और अन्य कई लोग मौजूद रहे।
जोधपुर ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बोरुंदा के पंचायत सभागार में "नशा मुक्ति जन जागरण शिविर" का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त समाज की स्थापना करना था, जहाँ उपस्थित ग्रामीणों ने नशा न करने की शपथ ली। थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे का भविष्य अंधकारमय है और इसे त्याग देना चाहिए। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों और आम ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि एक नशा मुक्त समाज की स्थापना कर देश का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सके। नायब तहसीलदार रामलाल भाम्बू ने कहा कि स्वयं नशा छोड़ना और दूसरों को भी छोड़ने के लिए प्रेरित करना सबसे बड़ी समाज सेवा
है। ग्राम विकास अधिकारी भजनलाल विश्नोई ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। शिविर में नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे लोगों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित हुए। थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई के संबोधन के बाद सभी उपस्थित ग्रामीणों ने नशा मुक्ति की शपथ ली और नशा मुक्ति प्रतिज्ञा पत्रों पर हस्ताक्षर भी किए। इसके अतिरिक्त, स्मैक और एमडी जैसे मादक पदार्थों का सेवन करने वालों की पहचान कर संबंधित अभिलेखों को अद्यतन किया गया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार रामलाल भाम्बू, थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई, ग्राम विकास अधिकारी भजनलाल विश्नोई, आसूअ सुखदेव डूडी, सुभाष विश्नोई, बद्रीनारायण मीणा, भीखसिंह मेडतिया, प्रकाश बढ़ियासर, पुष्पेंद्र सिंह, इस्लाईम देशवाली, भीम सिंह भाटी, महिपाल मेहरू और अन्य कई लोग मौजूद रहे।
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- राजस्थान के पाली जिले में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती उनके ननिहाल और जन्म स्थान जूनी कचहरी में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शिवसेना शिंदे पार्टी और शिवसेना द्वारा शहर में अलग-अलग भगवा रैलियां निकाली गईं, जिसमें डीजे पर महाराणा प्रताप के गाने बजते रहे। ये रैलियां शहर के नहर पुलिया शिवाजी सर्किल से शुरू होकर सूरजपोल होते हुए जूनी कचहरी स्थित महाराणा प्रताप की जन्म स्थली तक पहुंचीं। रैली के दौरान सिर पर साफा और हाथ में तलवार लिए युवतियों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर शौर्य का प्रदर्शन किया। जूनी कचहरी पहुंचने पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया। महाराणा प्रताप जन्म स्थली समिति की ओर से यहां एक भव्य कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया। इस कार्यक्रम और रैली में बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।4
- देवगढ़ के स्तुति हॉस्पिटल में कार्यरत राजू सिंह की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद, भीम विधायक हरि सिंह रावत ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। विधायक ने देवगढ़ थाना अधिकारी से बात कर निर्दोष व्यक्तियों को मुकदमे से बाहर रखने और किसी भी महिला को गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया। विधायक हरि सिंह रावत ने पीड़ित परिवार को तत्काल 2 लाख रुपये नकद दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्तुति हॉस्पिटल के मालिक को बुलाकर परिवार को 2 लाख रुपये और दिलवाए। विधायक ने कहा कि यह राशि परिवार की मदद के लिए है और वे दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने लाखागुड़ा की जनता से यह भी कहा कि कोई भी निर्दोष व्यक्ति जेल नहीं जाएगा और न ही महिलाओं को थाने भेजा जाएगा। इस दौरान, भीम विधायक हरि सिंह रावत ने पूर्व विधायक पर राजनीतिक रोटियां सेकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक ने आकर केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की और परिवार की कोई वास्तविक मदद नहीं की। उन्होंने मृत परिवार पर मीडिया बुलाकर भाषणबाजी और झूठे आरोप लगाने को 'निम्न स्तर की राजनीति' बताया। पूर्व विधायक द्वारा उन पर 'डंडा चलाने' के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा के जवाब में, वर्तमान विधायक हरि सिंह रावत ने कहा कि अगर पूर्व विधायक भीम में 'गधा बनकर घूमते हैं', तो वे 1 करोड़ रुपये नकद देंगे। उन्होंने भीम-देवगढ़ विधानसभा को अपना परिवार बताते हुए कहा कि वे इस परिवार के हर सुख-दुख में साथ खड़े हैं। विधायक ने पीड़ित परिवार को कानूनी और प्रशासनिक मदद के लिए देवगढ़ के एसडीएम, तहसीलदार और ईओ को अपने साथ लाया और उन्हें हरसंभव मदद के लिए पाबंद किया। इस शोक संतप्त परिवार से मिलने वालों में अमर सिंह, नारायण सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य हीरा कंवर, सरपंच बसंता देवी, काछबली सरपंच आशा देवी सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के विजयनगर में विप्र फाउंडेशन ज़ोन अजमेर की टीम ने कृषि मंडी परिसर में एक विशाल विप्र महाकुंभ का ऐतिहासिक आयोजन किया, जिसमें धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता का भव्य संगम देखने को मिला। इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महाकुंभ के दौरान, काशी बनारस से आए विद्वान आचार्य सुनील दीक्षित और उनकी टीम के सानिध्य में 51 बटुकों का वैदिक रीति-रिवाजों से उपनयन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें 2100 महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर चल रही थीं, जिससे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। कलश यात्रा में बाहर से आए बैंड-बाजों, आकर्षक झांकियों और रथों में विराजमान संत-महात्माओं ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित महासभा को संबोधित करते हुए यज्ञ सम्राट प्रखर महाराज ने यज्ञ, संध्या-वंदन और गायत्री मंत्र के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं का संवाहक रहा है, और युवा पीढ़ी को वैदिक संस्कारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। प्रखर महाराज ने यह भी बताया कि वर्ष 2029 में पुनः गायत्री पुनश्चरण यज्ञ का भव्य आयोजन होगा। आयोजन के मुख्य संयोजक नवीन शर्मा ने जानकारी दी कि महाकुंभ के दौरान आठ हजार से अधिक महिला-पुरुषों ने विप्र फाउंडेशन की सदस्यता के लिए आवेदन किया है, जो समाज की एकजुटता और संगठन के प्रति विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने संस्था के उद्देश्यों और समाजोत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी। विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक सुशील ओझा ने संस्था की स्थापना वर्ष 2009 में होने और उसके विस्तार की जानकारी देते हुए समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रखर महाराज, पवन पारीक, केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम, पूर्व विधायक राकेश पारीक, सागर शर्मा, अशोक जोशी, नवीन शर्मा, धर्म नारायण जोशी, रामस्वरूप दाधीच, भंवरलाल राम, सर्वेश्वर दाधीच सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक और संत-महात्मा उपस्थित रहे। विप्र महाकुंभ ने धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और वैदिक संस्कारों के संरक्षण का सशक्त संदेश देते हुए क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया।1
- जालौर में गुरुवार दोपहर करीब 1:00 बजे वीर तेजा सेवा के नेतृत्व में जाट समाज ने जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि 23 मई 2026 को शिकायतकर्ता जराम पुत्र धर्माराम देवासी ने भीनमाल पुलिस थाने में एक मुकदमा दर्ज करवाया है। जाट समाज का आरोप है कि इस रिपोर्ट में अन्य व्यक्तियों के साथ तेजाराम जाखड़ पुत्र भगाराम निवासी देवड़ा का नाम दुर्भावनापूर्ण तरीके से और केवल शक के आधार पर शामिल किया गया है। समाज ने निवेदन किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और तेजाराम का नाम रिपोर्ट से हटाया जाए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में जाट समाज के बंधु मौजूद रहे।3
- मेड़ता सिटी4
- अजमेर जिले के सरवाड़ में अमृतराम महाराज की कथा के दौरान महिलाओं के गले से सोने की चैन चुराने के आरोप में पुलिस ने दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। सरवाड़ शहर के खिरिया गेट स्थित माली भवन में आयोजित कथा के दौरान माया देवी माली और विमला देवी शर्मा के गले से सोने की चैन चोरी हुई थी। पीड़ित महिलाओं ने सरवाड़ थाने में मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल, आईपीएस उषा यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मील और पुलिस उपाधीक्षक हर्षित शर्मा के निर्देश पर सरवाड़ थानाधिकारी रामपाल शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ-साथ मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान दिल्ली निवासी चांदनी और अम्बिका नाम की दो महिलाओं को कोटा से पकड़कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई एक सोने की चैन भी बरामद की है। दोनों महिलाओं को पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया गया है और उनसे आगे की पूछताछ जारी है, जिसमें पुलिस को अन्य वारदातों से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी रामपाल शर्मा, योगेश कुमार, शुभकरण, दातार सिंह, हरिराम, कमलेश और महिला कांस्टेबल चिंता की अहम भूमिका रही। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है।1
- ब्यावर में बुधवार को शिवसेना प्रदेश सचिव सुरेश चौहान के नेतृत्व में महाराणा प्रताप जयंती मनाई गई। इस अवसर पर शहर के मेवाड़ी गेट के बाहर स्थित महाराणा प्रताप सर्कल पर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के दौरान, शिवसेना प्रदेश सचिव सुरेश चौहान सहित शिवसैनिकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और त्याग पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि महाराणा प्रताप का जीवन मातृभूमि की रक्षा के लिए हर बलिदान देने की सीख देता है। इस कार्यक्रम में शिवसेना के किशन भाटिया, नवल शर्मा, ब्यावर यूथ संगठन अध्यक्ष बृजेश साहू, विष्णुप्रकाश, सत्यनारायण चंदेल, नोरत प्रजापत, भगवान दास बंजारा, लालचन्द प्रजापत, दिलीप प्रजापत और कैलाश सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- नागौर जिले के बालासर गांव में एक कथित वायरल वीडियो को लेकर हड़कंप मच गया है। इस वीडियो के कारण गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की मांग की है। हालांकि, हम इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते हैं।1