Shuru
Apke Nagar Ki App…
सीतामढ़ी जिले में एक सड़क की बदहाली को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ प्रतिदिन दोपहिया ई-रिक्शा गिर रहे हैं। बताया गया है कि इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकल रहा है और न ही इस विषय पर कोई जाँच की जा रही है। लोगों ने इस मुद्दे पर आवाज उठाने और जल्द से जल्द इसका निदान निकालने की अपील की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी।
Sanjeet kumar
सीतामढ़ी जिले में एक सड़क की बदहाली को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ प्रतिदिन दोपहिया ई-रिक्शा गिर रहे हैं। बताया गया है कि इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकल रहा है और न ही इस विषय पर कोई जाँच की जा रही है। लोगों ने इस मुद्दे पर आवाज उठाने और जल्द से जल्द इसका निदान निकालने की अपील की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी।
More news from बिहार and nearby areas
- सीतामढ़ी में पंथ पाकर स्थित जानकी मंदिर में एक यज्ञ का आयोजन किया गया है। मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है और यज्ञ का शुभारंभ हो चुका है। सभी श्रद्धालुओं से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे इस आयोजन में शामिल होकर पुण्य के भागी बनें।1
- औराई क्षेत्र में एक सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर जनता में गहरा रोष है, जो अब सड़क की बजाय एक 'मुसीबत का रास्ता' बन चुका है। यह मार्ग लगातार जनसमस्या का कारण बना हुआ है। लोग सीधे तौर पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जनप्रतिनिधियों की नजर इस गंभीर मुद्दे और विकास की इस अहम कमी पर कब पड़ेगी, ताकि इस सार्वजनिक समस्या का समाधान हो सके।1
- पावर स्टार पवन सिंह ने विधान परिषद सदस्य (MLC) पद की गोपनीयता की शपथ ली है। इस शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और कई दिग्गज नेता भी मौजूद रहे।1
- नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने बयान से तीखा प्रहार करते हुए एक सवाल उठाया है। उन्होंने कड़े शब्दों में पूछा, "अपने बाप के घर से सुरक्षा दे रहे हो क्या?" यह बयान उनकी ओर से किसी पर जोरदार आलोचना या तंज कसने के संदर्भ में आया है। इस पूरे मामले को समझने के लिए संबंधित वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- Post by Santosh kumar1
- पूर्वी चंपारण जिले के सिरहाकोठी स्थित भार्गव भवन में फेनहारा प्रखंड के कांग्रेस अध्यक्ष चंदेश्वर सिंह और प्रिय रंजन कुमार ने पार्टी कार्यकर्ता रवि कुमार भार्गव से मुलाकात की। यह मुलाकात श्री भार्गव के कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के 31 वर्ष बाद हुई। इस अवसर पर दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के कारण ही पार्टियाँ, चाहे वह कांग्रेस हो, भाजपा हो या स्थानीय राजद-जदयू पार्टियाँ हों, पंचायत, प्रखंड, जिला या राज्य स्तर पर विलुप्तीकरण के कगार पर पहुँच गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टियाँ जनाधार बनाने वाले कार्यकर्ताओं को अवसर नहीं देतीं, बल्कि पैसे वाले लोगों को, जो डोनेशन देते हैं, उन्हें टिकट देकर चुनाव लड़वाती हैं, जिससे मेहनती कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है और वे हृदय से पार्टी का काम करना बंद कर रहे हैं। श्री भार्गव ने बताया कि उन्होंने सन् 1995 में स्वर्गीय ब्रज किशोर सिंह के सानिध्य में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी और पंचायत से लेकर जिला स्तर तक युद्ध स्तर पर पार्टी का नेतृत्व किया था। हालाँकि, स्वर्गीय ब्रज किशोर सिंह के अस्वस्थ होने के बाद पूर्वी चंपारण में कांग्रेस पार्टी लुप्त होती चली गई और कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा का शिकार होती रही, जिससे यह पता लगाना भी मुश्किल हो गया कि पार्टी का अस्तित्व है भी या नहीं। 31 वर्षों बाद हुई इस मुलाकात के दौरान चंदेश्वर सिंह ने बताया कि उन्हें स्वर्गीय ब्रज किशोर सिंह के सुपुत्र मिंगू बाबू उर्फ अधिवक्ता विनय कुमार सिंह ने भेजा है, ताकि श्री भार्गव को प्रखंड अध्यक्ष बनाया जा सके। इस प्रस्ताव के तहत यह नियम बताया गया कि ऑनलाइन सदस्यता ग्रहण करने वाले पहले व्यक्ति को प्रखंड अध्यक्ष बनाया जाएगा, जिसके पीछे 199 अन्य सदस्यों को भी ऑनलाइन सदस्यता लेनी होगी। श्री रवि कुमार भार्गव ने इस नियम को सिरे से गलत बताया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब गांधी जी की विचारधारा से देश का संचालन होता था, लेकिन आज किसी भी पार्टी में कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान नहीं देखा जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि संकल्पित कार्यकर्ता मेहनत करके सदस्य बनाते हैं, परंतु चुनाव के समय पार्टी संचालक उन्हें भूलकर डोनेशन देने वाले पैसे वालों को टिकट दे देते हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी हतोत्साह होता है। श्री भार्गव ने सवाल किया कि अगर पार्टी अगले व्यक्ति को अधिकृत नहीं करती, पद पर स्थापित करके नियुक्ति पत्र और आई-कार्ड जारी नहीं करती, तो कोई कार्यकर्ता पार्टी के लिए सदस्य क्यों बनाएगा? उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है और उच्च नेतृत्व को इस बात पर विचार करना चाहिए कि पार्टी के नियम-कानूनों को सरल बनाया जाए। उन्होंने मांग की कि कार्यकर्ताओं को सदस्यता ग्रहण कराने के बाद उन्हें जिस पद पर नियुक्त किया जाता है, उसका आई-कार्ड और नियुक्ति पत्र जारी किया जाए, तभी वे समर्पित होकर कार्य करेंगे। श्री भार्गव ने पार्टी संचालकों को चेतावनी दी कि उन्हें कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने की विचारधारा को त्यागना होगा और मेहनती कार्यकर्ताओं को टिकट देकर चुनाव लड़ने का अवसर देना होगा, तभी पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत होगी और अपने अस्तित्व में लौटेगी। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी इस विचारधारा को नहीं अपनाती है, तो वह इसी तरह हवा-हवाई पुलाव पकाती रहेगी और अंततः पंचायत, प्रखंड, जिला तथा राज्य से समाप्त होती चली जाएगी। रवि कुमार भार्गव की बातें सुनने के बाद चंदेश्वर सिंह ने तुरंत विनय कुमार सिंह (मिंगू बाबू) को फोन लगाया और श्री भार्गव से बात करवाई, जिस दौरान उन्होंने अपनी बातें विनय कुमार सिंह को भी दोहराईं। साथ आए प्रियरंजन कुमार सिंह ने श्री भार्गव की बातों को "100% सत्य" बताते हुए कहा कि पार्टी संचालकों को इन विचारों पर गंभीरता से मनन करना होगा ताकि लोग पार्टी से जुड़ें, हृदय से काम करें और पार्टी को मजबूती मिले।1
- मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में हुए हर्ष फायरिंग कांड के सिलसिले में गर्ल्स हॉस्टल संचालक के बॉडीगार्ड को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने गिरफ्तारी के साथ ही हथियार भी बरामद किया है। इस मामले में पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।1
- सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में माँ जानकी की जन्मस्थली पर एक भव्य देवी मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, जिसे अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज़ पर तैयार किया जा रहा है। इस मंदिर के बनने से सीतामढ़ी के निवासियों और देश के सभी नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। माँ जानकी के सभी भक्त इस पल को आनंद से भरा हुआ महसूस कर रहे हैं। बताया गया है कि यह मंदिर अगले तीन सालों में बनकर तैयार हो जाएगा और इसमें माता की जन्मस्थली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी दिखाई देगी, जिससे यह पूरे देश में राम मंदिर जैसा भव्य दिखेगा।1
- जनता ने वोट दिए और बदले में विकास के वादे भी मिले, लेकिन इसके बावजूद सड़कों का निर्माण नहीं हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री और विधायक समय-समय पर बदलते रहे हैं, पर जनता को सड़कों की समस्या से मिल रही परेशानी आज भी वैसी की वैसी बनी हुई है। यह स्थिति बिहार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के मुद्दों और जन समस्याओं को उजागर करती है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग अभी भी संघर्ष कर रहे हैं।1