पूर्वी चंपारण जिले के सिरहाकोठी स्थित भार्गव भवन में फेनहारा प्रखंड के कांग्रेस अध्यक्ष चंदेश्वर सिंह और प्रिय रंजन कुमार ने पार्टी कार्यकर्ता रवि कुमार भार्गव से मुलाकात की। यह मुलाकात श्री भार्गव के कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के 31 वर्ष बाद हुई। इस अवसर पर दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के कारण ही पार्टियाँ, चाहे वह कांग्रेस हो, भाजपा हो या स्थानीय राजद-जदयू पार्टियाँ हों, पंचायत, प्रखंड, जिला या राज्य स्तर पर विलुप्तीकरण के कगार पर पहुँच गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टियाँ जनाधार बनाने वाले कार्यकर्ताओं को अवसर नहीं देतीं, बल्कि पैसे वाले लोगों को, जो डोनेशन देते हैं, उन्हें टिकट देकर चुनाव लड़वाती हैं, जिससे मेहनती कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है और वे हृदय से पार्टी का काम करना बंद कर रहे हैं। श्री भार्गव ने बताया कि उन्होंने सन् 1995 में स्वर्गीय ब्रज किशोर सिंह के सानिध्य में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी और पंचायत से लेकर जिला स्तर तक युद्ध स्तर पर पार्टी का नेतृत्व किया था। हालाँकि, स्वर्गीय ब्रज किशोर सिंह के अस्वस्थ होने के बाद पूर्वी चंपारण में कांग्रेस पार्टी लुप्त होती चली गई और कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा का शिकार होती रही, जिससे यह पता लगाना भी मुश्किल हो गया कि पार्टी का अस्तित्व है भी या नहीं। 31 वर्षों बाद हुई इस मुलाकात के दौरान चंदेश्वर सिंह ने बताया कि उन्हें स्वर्गीय ब्रज किशोर सिंह के सुपुत्र मिंगू बाबू उर्फ अधिवक्ता विनय कुमार सिंह ने भेजा है, ताकि श्री भार्गव को प्रखंड अध्यक्ष बनाया जा सके। इस प्रस्ताव के तहत यह नियम बताया गया कि ऑनलाइन सदस्यता ग्रहण करने वाले पहले व्यक्ति को प्रखंड अध्यक्ष बनाया जाएगा, जिसके पीछे 199 अन्य सदस्यों को भी ऑनलाइन सदस्यता लेनी होगी। श्री रवि कुमार भार्गव ने इस नियम को सिरे से गलत बताया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब गांधी जी की विचारधारा से देश का संचालन होता था, लेकिन आज किसी भी पार्टी में कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान नहीं देखा जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि संकल्पित कार्यकर्ता मेहनत करके सदस्य बनाते हैं, परंतु चुनाव के समय पार्टी संचालक उन्हें भूलकर डोनेशन देने वाले पैसे वालों को टिकट दे देते हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी हतोत्साह होता है। श्री भार्गव ने सवाल किया कि अगर पार्टी अगले व्यक्ति को अधिकृत नहीं करती, पद पर स्थापित करके नियुक्ति पत्र और आई-कार्ड जारी नहीं करती, तो कोई कार्यकर्ता पार्टी के लिए सदस्य क्यों बनाएगा? उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है और उच्च नेतृत्व को इस बात पर विचार करना चाहिए कि पार्टी के नियम-कानूनों को सरल बनाया जाए। उन्होंने मांग की कि कार्यकर्ताओं को सदस्यता ग्रहण कराने के बाद उन्हें जिस पद पर नियुक्त किया जाता है, उसका आई-कार्ड और नियुक्ति पत्र जारी किया जाए, तभी वे समर्पित होकर कार्य करेंगे। श्री भार्गव ने पार्टी संचालकों को चेतावनी दी कि उन्हें कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने की विचारधारा को त्यागना होगा और मेहनती कार्यकर्ताओं को टिकट देकर चुनाव लड़ने का अवसर देना होगा, तभी पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत होगी और अपने अस्तित्व में लौटेगी। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी इस विचारधारा को नहीं अपनाती है, तो वह इसी तरह हवा-हवाई पुलाव पकाती रहेगी और अंततः पंचायत, प्रखंड, जिला तथा राज्य से समाप्त होती चली जाएगी। रवि कुमार भार्गव की बातें सुनने के बाद चंदेश्वर सिंह ने तुरंत विनय कुमार सिंह (मिंगू बाबू) को फोन लगाया और श्री भार्गव से बात करवाई, जिस दौरान उन्होंने अपनी बातें विनय कुमार सिंह को भी दोहराईं। साथ आए प्रियरंजन कुमार सिंह ने श्री भार्गव की बातों को "100% सत्य" बताते हुए कहा कि पार्टी संचालकों को इन विचारों पर गंभीरता से मनन करना होगा ताकि लोग पार्टी से जुड़ें, हृदय से काम करें और पार्टी को मजबूती मिले।
पूर्वी चंपारण जिले के सिरहाकोठी स्थित भार्गव भवन में फेनहारा प्रखंड के कांग्रेस अध्यक्ष चंदेश्वर सिंह और प्रिय रंजन कुमार ने पार्टी कार्यकर्ता रवि कुमार भार्गव से मुलाकात की। यह मुलाकात श्री भार्गव के कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के 31 वर्ष बाद हुई। इस अवसर पर दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के कारण ही पार्टियाँ, चाहे वह कांग्रेस हो, भाजपा हो या स्थानीय राजद-जदयू पार्टियाँ हों, पंचायत, प्रखंड, जिला या राज्य स्तर पर विलुप्तीकरण के कगार पर पहुँच गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टियाँ जनाधार बनाने वाले कार्यकर्ताओं को अवसर नहीं देतीं, बल्कि पैसे वाले लोगों को, जो डोनेशन देते हैं, उन्हें टिकट देकर चुनाव लड़वाती हैं, जिससे मेहनती कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है और वे हृदय से पार्टी का काम करना बंद कर रहे हैं। श्री भार्गव ने बताया कि उन्होंने सन् 1995 में स्वर्गीय ब्रज किशोर सिंह के सानिध्य में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी और पंचायत से लेकर जिला स्तर तक युद्ध स्तर पर पार्टी का नेतृत्व किया था। हालाँकि, स्वर्गीय ब्रज किशोर सिंह के अस्वस्थ होने के बाद पूर्वी चंपारण में कांग्रेस पार्टी लुप्त होती चली गई और कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा का शिकार होती रही, जिससे यह पता लगाना भी मुश्किल हो गया कि पार्टी का अस्तित्व है भी या नहीं। 31 वर्षों बाद हुई इस मुलाकात के दौरान चंदेश्वर सिंह ने बताया कि उन्हें स्वर्गीय ब्रज किशोर सिंह के सुपुत्र मिंगू बाबू उर्फ अधिवक्ता विनय कुमार सिंह ने भेजा है, ताकि श्री भार्गव को प्रखंड अध्यक्ष बनाया जा सके। इस प्रस्ताव के तहत यह नियम बताया गया कि ऑनलाइन सदस्यता ग्रहण करने वाले पहले व्यक्ति को प्रखंड अध्यक्ष बनाया जाएगा, जिसके पीछे 199 अन्य सदस्यों को भी ऑनलाइन सदस्यता लेनी होगी। श्री रवि कुमार भार्गव ने इस नियम को सिरे से गलत बताया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब गांधी जी की विचारधारा से देश का संचालन होता था, लेकिन आज किसी भी पार्टी में कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान नहीं देखा जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि संकल्पित कार्यकर्ता मेहनत करके सदस्य बनाते हैं, परंतु चुनाव के समय पार्टी संचालक उन्हें भूलकर डोनेशन देने वाले पैसे वालों को टिकट दे देते हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी हतोत्साह होता है। श्री भार्गव ने सवाल किया कि अगर पार्टी अगले व्यक्ति को अधिकृत नहीं करती, पद पर स्थापित करके नियुक्ति पत्र और आई-कार्ड जारी नहीं करती, तो कोई कार्यकर्ता पार्टी के लिए सदस्य क्यों बनाएगा? उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है और उच्च नेतृत्व को इस बात पर विचार करना चाहिए कि पार्टी के नियम-कानूनों को सरल बनाया जाए। उन्होंने मांग की कि कार्यकर्ताओं को सदस्यता ग्रहण कराने के बाद उन्हें जिस पद पर नियुक्त किया जाता है, उसका आई-कार्ड और नियुक्ति पत्र जारी किया जाए, तभी वे समर्पित होकर कार्य करेंगे। श्री भार्गव ने पार्टी संचालकों को चेतावनी दी कि उन्हें कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने की विचारधारा को त्यागना होगा और मेहनती कार्यकर्ताओं को टिकट देकर चुनाव लड़ने का अवसर देना होगा, तभी पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत होगी और अपने अस्तित्व में लौटेगी। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी इस विचारधारा को नहीं अपनाती है, तो वह इसी तरह हवा-हवाई पुलाव पकाती रहेगी और अंततः पंचायत, प्रखंड, जिला तथा राज्य से समाप्त होती चली जाएगी। रवि कुमार भार्गव की बातें सुनने के बाद चंदेश्वर सिंह ने तुरंत विनय कुमार सिंह (मिंगू बाबू) को फोन लगाया और श्री भार्गव से बात करवाई, जिस दौरान उन्होंने अपनी बातें विनय कुमार सिंह को भी दोहराईं। साथ आए प्रियरंजन कुमार सिंह ने श्री भार्गव की बातों को "100% सत्य" बताते हुए कहा कि पार्टी संचालकों को इन विचारों पर गंभीरता से मनन करना होगा ताकि लोग पार्टी से जुड़ें, हृदय से काम करें और पार्टी को मजबूती मिले।
- बिहार राज्य में शिक्षक तबादला नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। इस नए बदलाव के अनुसार, अब शिक्षकों की मनमानी पोस्टिंग पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जाएगी।1
- सीतामढ़ी जिले में एक सड़क की बदहाली को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ प्रतिदिन दोपहिया ई-रिक्शा गिर रहे हैं। बताया गया है कि इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकल रहा है और न ही इस विषय पर कोई जाँच की जा रही है। लोगों ने इस मुद्दे पर आवाज उठाने और जल्द से जल्द इसका निदान निकालने की अपील की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी।1
- एक युवक को बाइक चोरी करते हुए मौके पर ही पकड़ लिया गया। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने उस युवक को पुलिस के हवाले कर दिया।1
- पश्चिमी चंपारण के नौतन प्रखंड मुख्यालय में दिव्यांगजनों को बैटरी से चलने वाली साइकिलें प्रदान की गईं। इस अवसर पर नौतन के प्रखंड विकास पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने इन साइकिलों को हरी झंडी दिखाकर दिव्यांगजनों को रवाना किया। इस पहल से दिव्यांगजनों के लिए अब कहीं भी आना-जाना काफी आसान हो जाएगा, जिससे उन्हें अपनी दैनिक गतिविधियों में बड़ी सहूलियत मिलेगी।1
- आज 02 जुलाई 2026 को सीतामढ़ी जिले के बथनाहा थाना परिसर में कुल 425.300 लीटर नेपाली शराब का विधिवत् विनष्टिकरण किया गया। यह कार्रवाई मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में की गई, जिसमें 05 अलग-अलग मामलों से संबंधित जब्त शराब को नष्ट किया गया।1
- पश्चिम चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र में पुलिस और आपूर्ति विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बखरिया थेवइया चौक स्थित राजघाट पेट्रोल पंप के समीप एक पिकअप वाहन से लगभग 3000 लीटर संदिग्ध पेट्रोल बरामद किया है। इस कार्रवाई के दौरान वाहन के चालक और खलासी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि तेल से भरे टैंकरनुमा वाहन को पुलिस ने जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया है। यह कार्रवाई राजघाट पेट्रोल पंप के संचालक अरुण ठाकुर द्वारा संदिग्ध तेल की सूचना पुलिस को दिए जाने के बाद की गई। सूचना मिलते ही आपूर्ति पदाधिकारी जयप्रकाश मौर्य और मझौलिया थाना के सब इंस्पेक्टर अनुज कुमार ओझा मौके पर पहुंचे और वाहन की जांच की, जिसमें बड़ी मात्रा में संदिग्ध पेट्रोल मिला। प्रारंभिक जांच में तेल की गुणवत्ता को लेकर संदेह व्यक्त किया गया है। आपूर्ति पदाधिकारी ने पेट्रोल का नमूना सुरक्षित रखा है, जिसे आगे की जांच के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जिसके बाद ही बरामद पेट्रोल की गुणवत्ता स्पष्ट हो सकेगी। गिरफ्तार चालक की पहचान प्रह्लाद कुमार (पिता सुरेंद्र सिंह, जिला नालंदा) और खलासी की पहचान गौतम कुमार (पिता उपेंद्र सिंह यादव, जिला नालंदा) के रूप में हुई है। पुलिस दोनों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि संदिग्ध पेट्रोल के स्रोत, गंतव्य और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके। मझौलिया थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि आपूर्ति पदाधिकारी से आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।1
- पंथ पाकर जानकी मंदिर में एक यज्ञ का आयोजन किया गया है। इसी कड़ी में, मंदिर परिसर में श्री सीताराम नाम महायज्ञ का भी आयोजन हो रहा है, जिसके लिए सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाओं सहित सादर आमंत्रित किया गया है।1
- मझौलिया थाना क्षेत्र के बखरिया-थवइया चौक स्थित राजघाट पेट्रोल पंप के पास बुधवार देर रात पुलिस ने एक पिकअप वाहन से करीब तीन हजार लीटर संदिग्ध पेट्रोल जब्त कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन के चालक पहलाद कुमार और उपचालक गौतम कुमार को मौके से गिरफ्तार किया, जो दोनों नालंदा जिले के निवासी हैं। यह कार्रवाई राजघाट पेट्रोल पंप के मालिक और पेट्रोलियम एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार द्वारा पुलिस को संदिग्ध परिस्थितियों में पेट्रोल ले जाए जाने की सूचना दिए जाने के बाद की गई। सूचना मिलते ही प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी जयप्रकाश मौर्य और सब इंस्पेक्टर अनुज कुमार ओझा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और वाहन की जाँच की। जाँच के दौरान पिकअप वाहन से बड़ी मात्रा में संदिग्ध पेट्रोल बरामद हुआ, जिसके बाद वाहन को जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक जाँच में बरामद तेल के संदिग्ध होने की आशंका जताई जा रही है। आपूर्ति पदाधिकारी ने तेल का नमूना सुरक्षित रख लिया है, जिसे जाँच के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही तेल की गुणवत्ता और उसकी प्रकृति (पेट्रोल या कोई अन्य पदार्थ) स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस गिरफ्तार चालक और उपचालक से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि पेट्रोल कहाँ से लाया गया था और इसकी आपूर्ति कहाँ की जानी थी। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि वाहन जब्त कर दोनों आरोपितों को हिरासत में लिया गया है, और आपूर्ति पदाधिकारी का आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।4
- औराई क्षेत्र का यह मार्ग अब एक सामान्य सड़क न होकर लोगों के लिए मुसीबत का रास्ता बन चुका है। इसकी खस्ताहालत के कारण स्थानीय जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कब जनप्रतिनिधियों की नजर इस ज्वलंत मुद्दे पर पड़ेगी और वे इसके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।1