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बड़वानी स्थित कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान सरगरा समाज के जिला अध्यक्ष पद से जुड़ा एक मामला सामने आया है। इस संबंध में जनसुनवाई में एक आवेदन सौंपा गया है, जिसमें आवेदक ने पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग उठाई है।
सतीश केवट
बड़वानी स्थित कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान सरगरा समाज के जिला अध्यक्ष पद से जुड़ा एक मामला सामने आया है। इस संबंध में जनसुनवाई में एक आवेदन सौंपा गया है, जिसमें आवेदक ने पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग उठाई है।
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- बड़वानी स्थित कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान सरगरा समाज के जिला अध्यक्ष पद से जुड़ा एक मामला सामने आया है। इस संबंध में जनसुनवाई में एक आवेदन सौंपा गया है, जिसमें आवेदक ने पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग उठाई है।1
- बड़वानी जिले की निवाली तहसील के ग्राम मॉर्गन में आवास योजना का लाभ न मिलने के कारण एक ग्रामीण का परिवार आज भी मिट्टी के घर में रहने को मजबूर है। पीड़ित व्यक्ति का कहना है कि सरकारी योजनाएं चलाए जाने के बावजूद उनके या उनके परिवार के किसी भी सदस्य को अब तक आवास योजना का कोई लाभ नहीं मिल सका है। समस्या को लेकर ग्रामीण ने सीएम हेल्पलाइन पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनका आरोप है कि इसके बाद भी अब तक कोई अधिकारी स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचा। पीड़ित ने खुद को एक उपेक्षित गांव का निवासी बताते हुए लोगों से इस बात को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने और उन्हें न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।1
- बड़वानी में जंतर मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को खरगोन-बड़वानी लोकसभा क्षेत्र में प्रदर्शन तेज हो गया। सेंधवा और बड़वानी से आए छात्रों ने बड़वानी जिला मुख्यालय स्थित सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के आवास के बाहर धरना दिया। हल्की बारिश के बावजूद छात्र घंटों तक डटे रहे। यह प्रदर्शन शुरुआत में केवल दो छात्रों से शुरू हुआ था, जिसके बाद सूचना मिलने पर शहर कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन मौके पर पहुंचे, लेकिन कम संख्या देखकर लौट गए। बाद में सोशल मीडिया और छात्रों के आपसी संपर्क से खबर फैलने पर प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़कर 12 से अधिक हो गई। हाथों में तख्तियां और संविधान की किताब लेकर छात्रों ने केंद्र सरकार और क्षेत्रीय सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने का नेतृत्व कर रहे सेंधवा के छात्र अमरदीप चौहान ने कहा कि जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों पर बल प्रयोग निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज सुनने के बजाय लाठियां बरसाना किसी लोकतांत्रिक सरकार को शोभा नहीं देता। चौहान ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के आदिवासी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल इस पूरे मामले पर अब तक चुप हैं। छात्रों ने सवाल उठाया कि जब देशभर के छात्र सड़कों पर हैं तो उनके प्रतिनिधि संसद में खामोश क्यों हैं। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। छात्रों ने शिक्षा से जुड़े मामलों में सरकार से गंभीरता दिखाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है। इस धरने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और बुधवार दोपहर तक सांसद आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।1
- जंतर मंतर पर हुए पेपर लीक विरोध प्रदर्शन की असल सच्चाई क्या है, इसे लेकर सवाल उठाए गए हैं। साझा किए गए वीडियो को देखकर लोगों से यह देखने, समझने और बताने को कहा गया है कि इसमें दिख रहा माजरा सच है या झूठ।1
- बड़वानी के राजपुर में एक बाइक के इंजन में सांप के घुस जाने से अचानक हड़कंप मच गया। सांप की मौजूदगी की वजह से मौके पर अफरा-तफरी फैल गई और इस दौरान करीब 2 घंटे तक लगातार ड्रामा चलता रहा।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस द्वारा एक छात्र को मारे जाने की घटना हुई है। जंतर-मंतर में हुई इस घटना में दिल्ली पुलिस ने छात्र के साथ मारपीट की।1