पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए संसद में गूँजेगी आवाज: मनीष जायसवाल पतरातु के एलेक्सा रिसॉर्ट में आयोजित की गई भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ की 12वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सम्मेलन रामगढ़। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के रामगढ़ की ऐतिहासिक धरती पर पतरातु के एलेक्सा रिसॉर्ट में आयोजित भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ की 12वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई। पत्रकारों के इस महाकुंभ में भारत के विभिन्न राज्यों सहित पड़ोसी देश नेपाल से भी कलम के सिपाहियों का समागम हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए उनकी मांगों को देश के सर्वोच्च सदन में उठाने का संकल्प लिया। बैठक के दौरान आयोजित गोष्ठी में पत्रकारों की सुरक्षा और उनके भविष्य से जुड़ी चुनौतियों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि पत्रकार साथी अपनी जान जोखिम में डालकर समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बनते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि अक्सर उनकी अपनी आवाज अनसुनी रह जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ तभी मजबूत होगा जब पत्रकार स्वयं को सुरक्षित और समर्थ महसूस करेंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने पत्रकार संघ द्वारा रखे गए मांग पत्र पर अपनी पूर्ण सहमति जताते हुए विश्वास दिलाया कि कोविड काल से बंद रेलवे कन्सेशन की बहाली, पत्रकार सुरक्षा कानून (प्रोटेक्शन एक्ट) लागू करने, केंद्रीय टोल टैक्स में छूट और राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा सुनिश्चित करने जैसे विषयों को वे आगामी लोकसभा के मानसून सत्र में संसद के पटल पर पूरी मजबूती के साथ रखेंगे। मनीष जायसवाल ने पत्रकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि लोकतंत्र के सजग प्रहरियों के अधिकारों की रक्षा के लिए मैं संसद से लेकर सड़क तक आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूँ। पत्रकार समाज का दर्पण हैं और उनके हितों की रक्षा करना शासन व प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर देश-विदेश से आए पत्रकार प्रतिनिधियों ने सांसद मनीष जायसवाल के इस आश्वासन का स्वागत किया और अपनी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद जताई ।
पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए संसद में गूँजेगी आवाज: मनीष जायसवाल पतरातु के एलेक्सा रिसॉर्ट में आयोजित की गई भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ की 12वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सम्मेलन रामगढ़। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के रामगढ़ की ऐतिहासिक धरती पर पतरातु के एलेक्सा रिसॉर्ट में आयोजित भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ की 12वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई। पत्रकारों के इस महाकुंभ में भारत के विभिन्न राज्यों सहित पड़ोसी देश नेपाल से भी कलम के सिपाहियों का समागम हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए उनकी मांगों को देश के सर्वोच्च सदन में उठाने का संकल्प लिया। बैठक के दौरान आयोजित गोष्ठी में पत्रकारों की सुरक्षा और उनके भविष्य से जुड़ी चुनौतियों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि पत्रकार साथी अपनी जान जोखिम में डालकर समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बनते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि अक्सर उनकी अपनी आवाज अनसुनी रह जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ तभी मजबूत होगा जब पत्रकार स्वयं को सुरक्षित और समर्थ महसूस करेंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने पत्रकार संघ द्वारा रखे गए मांग पत्र पर अपनी पूर्ण सहमति जताते हुए विश्वास दिलाया कि कोविड काल से बंद रेलवे कन्सेशन की बहाली, पत्रकार सुरक्षा कानून (प्रोटेक्शन एक्ट) लागू करने, केंद्रीय टोल टैक्स में छूट और राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा सुनिश्चित करने जैसे विषयों को वे आगामी लोकसभा के मानसून सत्र में संसद के पटल पर पूरी मजबूती के साथ रखेंगे। मनीष जायसवाल ने पत्रकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि लोकतंत्र के सजग प्रहरियों के अधिकारों की रक्षा के लिए मैं संसद से लेकर सड़क तक आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूँ। पत्रकार समाज का दर्पण हैं और उनके हितों की रक्षा करना शासन व प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर देश-विदेश से आए पत्रकार प्रतिनिधियों ने सांसद मनीष जायसवाल के इस आश्वासन का स्वागत किया और अपनी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद जताई ।
- पतरातु के एलेक्सा रिसॉर्ट में आयोजित की गई भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ की 12वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सम्मेलन रामगढ़। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के रामगढ़ की ऐतिहासिक धरती पर पतरातु के एलेक्सा रिसॉर्ट में आयोजित भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ की 12वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई। पत्रकारों के इस महाकुंभ में भारत के विभिन्न राज्यों सहित पड़ोसी देश नेपाल से भी कलम के सिपाहियों का समागम हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए उनकी मांगों को देश के सर्वोच्च सदन में उठाने का संकल्प लिया। बैठक के दौरान आयोजित गोष्ठी में पत्रकारों की सुरक्षा और उनके भविष्य से जुड़ी चुनौतियों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि पत्रकार साथी अपनी जान जोखिम में डालकर समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बनते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि अक्सर उनकी अपनी आवाज अनसुनी रह जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ तभी मजबूत होगा जब पत्रकार स्वयं को सुरक्षित और समर्थ महसूस करेंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने पत्रकार संघ द्वारा रखे गए मांग पत्र पर अपनी पूर्ण सहमति जताते हुए विश्वास दिलाया कि कोविड काल से बंद रेलवे कन्सेशन की बहाली, पत्रकार सुरक्षा कानून (प्रोटेक्शन एक्ट) लागू करने, केंद्रीय टोल टैक्स में छूट और राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा सुनिश्चित करने जैसे विषयों को वे आगामी लोकसभा के मानसून सत्र में संसद के पटल पर पूरी मजबूती के साथ रखेंगे। मनीष जायसवाल ने पत्रकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि लोकतंत्र के सजग प्रहरियों के अधिकारों की रक्षा के लिए मैं संसद से लेकर सड़क तक आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूँ। पत्रकार समाज का दर्पण हैं और उनके हितों की रक्षा करना शासन व प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर देश-विदेश से आए पत्रकार प्रतिनिधियों ने सांसद मनीष जायसवाल के इस आश्वासन का स्वागत किया और अपनी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद जताई ।1
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- रामगढ़ में पत्रकारों का उग्र प्रदर्शन, मंत्री इरफान अंसारी के खिलाफ पुतला दहन1
- अहमदाबाद में Western Railway Women Welfare Organization के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस का कार्यक्रम बीजेपी नेत्री शेफाली गुप्ता की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रमिक भाइयों और बहनों के योगदान को सराहते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। मजदूरों की मेहनत ही देश के विकास की मजबूत आधारशिला है। सभी श्रमिक साथियों को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।1
- हजारीबाग से बड़ी खबर है, जहां झारखंड के लाखों प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का 10 साल पुराना इंतजार अब खत्म होता दिख रहा है। राज्य सरकार ने JTET नियमावली को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है, जिसके बाद छात्रों में खुशी की लहर है। हजारीबाग में अभ्यर्थियों ने मिठाई खिलाकर जश्न मनाया और इसे आंदोलन की ऐतिहासिक जीत बताया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह संघर्ष और धैर्य का परिणाम है। साथ ही उन्होंने सरकार से जल्द परीक्षा तिथि घोषित करने, पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने और 40 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।1
- हजारीबाग से बड़ी खबर है, जहां झारखंड के लाखों प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के लंबे इंतजार और संघर्ष का आखिरकार सकारात्मक परिणाम सामने आया है। राज्य सरकार ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी JTET की नियमावली को कैबिनेट से स्वीकृति दे दी है, जिससे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। हजारीबाग में झारखंड प्रशिक्षित शिक्षक संघ के बैनर तले अभ्यर्थियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। संघ के सदस्यों ने कहा कि यह जीत एक दशक से जारी आंदोलन, धैर्य और संघर्ष का नतीजा है। छात्रों ने सड़क से लेकर न्यायालय तक अपनी आवाज बुलंद की, जिसका परिणाम आज सामने है। हालांकि संघ ने सरकार से जल्द से जल्द JTET परीक्षा की तिथि घोषित करने, पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने और राज्य में खाली पड़े 40 हजार शिक्षकों के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी दोहराई है।1
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