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नीमच सिटी थाना क्षेत्र में जेतपुरा बालाजी मंदिर के पास एक रेस्टोरेंट पर अपने माता-पिता से बिछड़ी हुई एक 3 वर्षीय बालिका को डायल 112 पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित संरक्षण में लिया। पुलिस जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से बच्ची के परिजनों की पहचान की। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद, पुलिस ने बालिका को उसके माता-पिता को सकुशल सौंप दिया। डायल 112 के जवानों की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से 3 वर्षीय मासूम अपने परिवार से दोबारा मिल सकी।
मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
नीमच सिटी थाना क्षेत्र में जेतपुरा बालाजी मंदिर के पास एक रेस्टोरेंट पर अपने माता-पिता से बिछड़ी हुई एक 3 वर्षीय बालिका को डायल 112 पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित संरक्षण में लिया। पुलिस जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से बच्ची के परिजनों की पहचान की। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद, पुलिस ने बालिका को उसके माता-पिता को सकुशल सौंप दिया। डायल 112 के जवानों की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से 3 वर्षीय मासूम अपने परिवार से दोबारा मिल सकी।
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- मध्य प्रदेश के शामगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली कटौती के मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन किया। यह जानकारी मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की खास रिपोर्ट में सामने आई है।1
- सदर चित्तौड़गढ़ थाना पुलिस ने प्रतापनगर क्षेत्र से चोरी हुई करीब ₹3 लाख मूल्य की स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल केटीएम ड्युक को बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 19 वर्षीय सुनील मीणा पुत्र रामा मीणा, निवासी गांव डेरा फला (जावर माइन्स), थाना टीडी, जिला उदयपुर के रूप में हुई है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि प्रार्थी लाभचंद तिवारी (55 वर्ष, निवासी प्रतापनगर, थाना सदर चित्तौड़गढ़) ने 17 मई 2026 को मोटरसाइकिल चोरी होने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के निर्देशन में एक विशेष आसूचना टीम का गठन किया गया था। पुलिस उप अधीक्षक बृजेश सिंह के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी प्रेम सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने अज्ञात बदमाश की तलाश में सूचनाएं जुटाईं। गठित टीम के अथक प्रयासों से घटना का खुलासा हुआ और सुनील मीणा को चोरी की स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल केटीएम ड्युक 390 सहित हिरासत में लिया गया। गहन अनुसंधान के बाद सुनील मीणा को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ में भी एक अन्य प्रकरण दर्ज है।1
- चित्तौड़गढ़ में हाल ही में खेल, सेवा और विरासत संरक्षण के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण गतिविधियाँ देखने को मिली हैं। इन प्रमुख आयोजनों में नवनिर्वाचित जिला फुटबॉल संघ का स्वागत कार्यक्रम शामिल था। इसके साथ ही, जिले में स्थित एक जीवाश्म पार्क के संरक्षण की दिशा में पहल की गई है। सेवा भाव के तहत गौ एम्बुलेंस के संचालन में भी सहयोग प्रदान किया गया है, और जेसीबी किराए की दरों को लेकर एक बड़ा निर्णय भी लिया गया है।1
- ग्वालियर जिले में रेत माफियाओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में, रेत से जुड़े एक विवाद को लेकर माफियाओं ने गोलीबारी की है।1
- सीतामऊ मंडी के व्यापारी मंडी में आए दिन हो रही चोरी की घटनाओं से अत्यधिक आक्रोशित हैं, जिससे उन्हें लगातार नुकसान झेलना पड़ रहा है। व्यापारियों ने कई बार मंडी प्रशासन सीतामऊ को इस संबंध में सूचित किया है, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। एक वीडियो में एक व्यक्ति को चोरी करते हुए और थैली भरते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। व्यापारियों का आरोप है कि मंडी कमेटी की उदासीनता के कारण उन्हें प्रतिदिन चोरी से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, गोशाला की गाय माताएं भी रोजाना मंडी में विचरण करती हैं, जिनकी देखरेख के लिए कोई जिम्मेदार कर्मचारी नियुक्त नहीं है। व्यापारियों ने इन चोरी की घटनाओं का एक प्रमुख कारण सब्जी मंडी को भी बताया है, जहाँ रात भर किसान अपनी उपज लेकर आते-जाते रहते हैं। इसी दौरान कुछ चोर और उचक्के मंडी में घुस जाते हैं और रात में खुले में पड़े व्यापारियों के माल (जिन्स) पर आसानी से हाथ साफ कर जाते हैं। इन लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए, मंडी व्यापारियों द्वारा मंडी कमेटी से गोदाम के लिए भूखंड (प्लॉट) देने की भी मांग की जा रही है, लेकिन उनकी बात सुनने को कोई तैयार नहीं है। सीतामऊ प्रशासन को इस समस्या की जानकारी मिलने के बाद, व्यापारियों को पाँच दिन के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया है। यह खास रिपोर्ट मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
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- निंबाहेड़ा-मंगलवाड़ हाईवे पर निकुंभ के नपावली जीएसएस के पास मंगलवार सुबह एक डंपर और पिकअप की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें पिकअप चालक इसरार खां निवासी डूंगला की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और फोरलेन निर्माण की सुस्त रफ्तार तथा सुरक्षा में कमी को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला, जिससे परियोजना पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह से बिखर गया और चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायल चालक को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस फोरलेन परियोजना से सफर सुरक्षित और आसान होने की उम्मीद थी, वही अब हादसों की वजह बन रही है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य केवल कागजों और दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत में हालात बदहाल हैं। कई स्थानों पर सड़क अधूरी पड़ी है, डायवर्जन स्पष्ट नहीं हैं, और निर्माण सामग्री सड़क किनारे फैली हुई है, जिससे रात के समय वाहन चालकों को रास्ता समझना भी मुश्किल हो जाता है और तेज रफ्तार भारी वाहन हादसों को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नपावली जीएसएस क्षेत्र में पिछले दो महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों का कहना है कि करोड़ों की परियोजना होने के बावजूद, सुरक्षा संकेतक, स्पीड कंट्रोल और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था तक सही तरीके से नहीं की गई है। हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ये सिर्फ हादसे नहीं बल्कि लापरवाही के कारण होने वाली मौतें हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में और भी परिवार उजड़ सकते हैं। उन्होंने तत्काल हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की है।1