निंबाहेड़ा-मंगलवाड़ हाईवे पर निकुंभ के नपावली जीएसएस के पास मंगलवार सुबह एक डंपर और पिकअप की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें पिकअप चालक इसरार खां निवासी डूंगला की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और फोरलेन निर्माण की सुस्त रफ्तार तथा सुरक्षा में कमी को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला, जिससे परियोजना पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह से बिखर गया और चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायल चालक को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस फोरलेन परियोजना से सफर सुरक्षित और आसान होने की उम्मीद थी, वही अब हादसों की वजह बन रही है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य केवल कागजों और दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत में हालात बदहाल हैं। कई स्थानों पर सड़क अधूरी पड़ी है, डायवर्जन स्पष्ट नहीं हैं, और निर्माण सामग्री सड़क किनारे फैली हुई है, जिससे रात के समय वाहन चालकों को रास्ता समझना भी मुश्किल हो जाता है और तेज रफ्तार भारी वाहन हादसों को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नपावली जीएसएस क्षेत्र में पिछले दो महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों का कहना है कि करोड़ों की परियोजना होने के बावजूद, सुरक्षा संकेतक, स्पीड कंट्रोल और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था तक सही तरीके से नहीं की गई है। हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ये सिर्फ हादसे नहीं बल्कि लापरवाही के कारण होने वाली मौतें हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में और भी परिवार उजड़ सकते हैं। उन्होंने तत्काल हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की है।
निंबाहेड़ा-मंगलवाड़ हाईवे पर निकुंभ के नपावली जीएसएस के पास मंगलवार सुबह एक डंपर और पिकअप की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें पिकअप चालक इसरार खां निवासी डूंगला की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और फोरलेन निर्माण की सुस्त रफ्तार तथा सुरक्षा में कमी को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला, जिससे परियोजना पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह से बिखर गया और चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायल चालक को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस फोरलेन परियोजना से सफर सुरक्षित और आसान होने की उम्मीद थी, वही अब हादसों की वजह बन रही है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य केवल कागजों और दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत में हालात बदहाल हैं। कई स्थानों पर सड़क अधूरी पड़ी है, डायवर्जन स्पष्ट नहीं हैं, और निर्माण सामग्री सड़क किनारे फैली हुई है, जिससे रात के समय वाहन चालकों को रास्ता समझना भी मुश्किल हो जाता है और तेज रफ्तार भारी वाहन हादसों को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नपावली जीएसएस क्षेत्र में पिछले दो महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों का कहना है कि करोड़ों की परियोजना होने के बावजूद, सुरक्षा संकेतक, स्पीड कंट्रोल और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था तक सही तरीके से नहीं की गई है। हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ये सिर्फ हादसे नहीं बल्कि लापरवाही के कारण होने वाली मौतें हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में और भी परिवार उजड़ सकते हैं। उन्होंने तत्काल हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की है।
- चित्तौड़गढ़ में हाल ही में खेल, सेवा और विरासत संरक्षण के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण गतिविधियाँ देखने को मिली हैं। इन प्रमुख आयोजनों में नवनिर्वाचित जिला फुटबॉल संघ का स्वागत कार्यक्रम शामिल था। इसके साथ ही, जिले में स्थित एक जीवाश्म पार्क के संरक्षण की दिशा में पहल की गई है। सेवा भाव के तहत गौ एम्बुलेंस के संचालन में भी सहयोग प्रदान किया गया है, और जेसीबी किराए की दरों को लेकर एक बड़ा निर्णय भी लिया गया है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी क्षेत्र की ग्राम पंचायत पावली में मंगलवार को राजस्थान सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में जल के महत्व और उसके संरक्षण के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी गई। नरेगा मेट राधेश्याम गिरी गोस्वामी ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत मॉडल तालाब विस्तार एवं मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है। इस अभियान के दौरान उपस्थित जनसमूह ने जल संरक्षण की शपथ ली, जिसमें जल स्रोतों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के लिए जल बचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में यह बात भी रेखांकित की गई कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। इस अवसर पर निर्मिता कुमावत (कनिष्ठ अभियंता), दुर्गा शंकर पुरबिया (कनिष्ठ सहायक), ग्राम पंचायत पावली के रोजगार सहायक कर्मचारी शिवलाल जाट, तथा नरेगा श्रमिक नाना लाल शर्मा, पन्ना लाल सालवी, रामचंद्र सालवी, नारायण कालबेलिया और अन्य महिला श्रमिक सहित कई लोग उपस्थित रहे। “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत पावली में रोजगार गारंटी के श्रमिकों को जल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर कार्यक्रम का समापन किया गया।2
- चित्तौड़गढ़ जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचिकरण और मकान गणना कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने मंगलवार, 27 मई 2026 को कपासन उपखंड की सिंहपुर ग्राम पंचायत का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, जिला कलक्टर ने क्षेत्र में चल रहे जनगणना कार्यों का अवलोकन किया और प्रगणकों तथा जनगणना पर्यवेक्षकों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ. मंजू ने प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्र किए जा रहे आंकड़ों की प्रक्रिया को भी समझा और स्वयं संबंधित मकानों पर पहुँचकर भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके आधार पर भविष्य की विकास योजनाएँ तैयार होती हैं, इसलिए प्रत्येक जानकारी को पूरी सावधानी, स्पष्टता और निष्पक्षता के साथ दर्ज करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रगणकों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक परिवार से समुचित संवाद स्थापित करके सही एवं प्रामाणिक जानकारी संकलित करें और किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचें, साथ ही जनगणना कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने पर भी बल दिया। इस अवसर पर उप जिला जनगणना अधिकारी शबनम खोरवाल, उपखंड अधिकारी राजेश सुवालका, तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी मिर्जा नासिर बेग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने क्षेत्र में संचालित जनगणना गतिविधियों की जानकारी प्रदान की और व्यवस्थाओं का अवलोकन कराया। जिला क्षेत्र प्रशिक्षक अश्विनी कुमार व्यास और प्रकाश चंद्र शर्मा ने प्रगणकों को तकनीकी सहायता प्रदान करते हुए जनगणना एप्लीकेशन में आने वाली संभावित त्रुटियों के समाधान और सुधार की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया, ताकि फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण में सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने भी जनगणना दल को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए पूरा सहयोग किया। निरीक्षण के समापन पर, प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी कार्मिकों को जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।4
- आज के समय में शादी जैसे पवित्र बंधन को कुछ लालची और नाकारा लोगों ने मात्र एक 'धंधा' बना दिया है। जहाँ पहले प्रेम, विश्वास और संस्कारों का महत्व था, अब उसकी जगह चालें, झूठे आरोप और पैसों की वसूली का खेल चल रहा है। कई लोग बहन-बेटियों को मोहरा बनाकर ससुराल वालों को मानसिक, सामाजिक और कानूनी रूप से प्रताड़ित करने में लगे हैं। इस गंदी सोच ने न केवल परिवारों को तोड़ा है, बल्कि कई बेटों को अंदर से खत्म कर दिया है। यह स्पष्ट किया गया है कि शादी कोई सौदा नहीं है, और न ही यह किसी की जिंदगी बर्बाद करके पैसा कमाने का जरिया है। इस स्थिति को देखते हुए, समाज को अब आंखें खोलनी होंगी और गलत को गलत कहना होगा, चाहे उसे पुरुष करे या महिला। ऐसा न होने पर, आने वाली पीढ़ियां रिश्तों पर नहीं, बल्कि डर पर विश्वास करेंगी।1
- नीमच सिटी थाना क्षेत्र में जेतपुरा बालाजी मंदिर के पास एक रेस्टोरेंट पर अपने माता-पिता से बिछड़ी हुई एक 3 वर्षीय बालिका को डायल 112 पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित संरक्षण में लिया। पुलिस जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से बच्ची के परिजनों की पहचान की। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद, पुलिस ने बालिका को उसके माता-पिता को सकुशल सौंप दिया। डायल 112 के जवानों की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से 3 वर्षीय मासूम अपने परिवार से दोबारा मिल सकी।1
- भीलवाड़ा जिले में फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत डीएसटी भीलवाड़ा और करेडा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्या के प्रयास और अपहरण के मामले में वांछित 5000 रुपये के इनामी बदमाश काना उर्फ कहैन्या लाल गुर्जर को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी, जो श्रवण लाल गुर्जर का पुत्र और सराधना का बाडिया, थाना करेडा का निवासी है, लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी तलाश थी। पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहाड़ा और आसींद वृत्ताधिकारी के सुपरविजन में करेडा थाना प्रभारी पुरणमल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम ने मुखबिर तंत्र, मोबाइल सीडीआर और तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करते हुए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे दबोच लिया। आरोपी काना उर्फ कहैन्या लाल गुर्जर के खिलाफ थाना बागौर में भी अपहरण का एक मामला दर्ज है, जिसमें वह फरार था। यह मामला 7 फरवरी 2026 का है, जब नाहरी निवासी धवल कुमार गुर्जर के साथ जालमपुरा चौराहे के पास लकड़ी के डंडों और लोहे की सरियों से बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिसमें धवल कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनकी कई हड्डियां फ्रैक्चर हो गई थीं। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। डीएसटी और करेडा थाना पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई में डीएसटी प्रभारी कन्हैयालाल, हेड कांस्टेबल कालूराम धायल, कांस्टेबल राकेश, घीसूलाल सहित टीम के अन्य पुलिसकर्मियों की विशेष भूमिका रही। यह जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने बुधवार शाम करीब 4 बजे एक प्रेस नोट जारी कर दी।1
- चित्तौड़गढ़ के गोल प्याऊ स्थित राधा कृष्ण मंदिर, खटीक मोहल्ला में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान गंगा यज्ञ इन दिनों भक्तिमय वातावरण में जारी है। 25 मई से शुरू हुई यह पावन कथा 31 मई 2026 तक चलेगी, जिसका समापन 31 मई को होगा। इस कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं। कथा में व्यास प्रवक्ता सुश्री रिया व्यास जी महाराज द्वारा श्रीमद् भागवत के विभिन्न प्रसंगों का भक्तों को रसपान कराया जा रहा है। विशेष रूप से श्री कृष्ण जन्मोत्सव, बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजन, रूक्मिणी विवाहोत्सव एवं सुदामा मिलन जैसे प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। आयोजकों के अनुसार, इस कथा का आयोजन समस्त पितरों के आत्म कल्याण और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना के लिए किया जा रहा है। कथा का आयोजन प्रतिदिन सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक होता है। खटीक समाज चित्तौड़गढ़ ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपने परिवार सहित कथा में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।1
- निंबाहेड़ा-मंगलवाड़ हाईवे पर निकुंभ के नपावली जीएसएस के पास मंगलवार सुबह एक डंपर और पिकअप की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें पिकअप चालक इसरार खां निवासी डूंगला की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और फोरलेन निर्माण की सुस्त रफ्तार तथा सुरक्षा में कमी को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला, जिससे परियोजना पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह से बिखर गया और चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायल चालक को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस फोरलेन परियोजना से सफर सुरक्षित और आसान होने की उम्मीद थी, वही अब हादसों की वजह बन रही है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य केवल कागजों और दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत में हालात बदहाल हैं। कई स्थानों पर सड़क अधूरी पड़ी है, डायवर्जन स्पष्ट नहीं हैं, और निर्माण सामग्री सड़क किनारे फैली हुई है, जिससे रात के समय वाहन चालकों को रास्ता समझना भी मुश्किल हो जाता है और तेज रफ्तार भारी वाहन हादसों को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नपावली जीएसएस क्षेत्र में पिछले दो महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों का कहना है कि करोड़ों की परियोजना होने के बावजूद, सुरक्षा संकेतक, स्पीड कंट्रोल और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था तक सही तरीके से नहीं की गई है। हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ये सिर्फ हादसे नहीं बल्कि लापरवाही के कारण होने वाली मौतें हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में और भी परिवार उजड़ सकते हैं। उन्होंने तत्काल हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की है।1