बैराजों से छोड़ा गया 188091.00 क्यूसेक पानी, एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान को पार करने को बेताब सरयू लहरें बहराइच : तराई व पहाड़ों पर हो रही जोरदार बारिश से बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। बुधवार सुबह शारदा, गिरजा व सरयू बैराज से 188091.00 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी छोड़े जाने के बाद से सरयू नदी के एल्गिन ब्रिज पर नदी की लहरें खतरे के निशान को पार करने के नजदीक पहुंच गई है। शारदा बैराज से 68147 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से 117776, सरयू बैराज से 2168 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 105.69 रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान के बेहद नजदीक है। बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद से जिले की मिहींपुरवा, नानपारा, महसी व कैसरगंज तहसील के नदी के मुहाने पर बसे गांव में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है, जिसके कारण नदी के किनारे बेस ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। प्रशासन नजर बनाए हुए है।
बैराजों से छोड़ा गया 188091.00 क्यूसेक पानी, एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान को पार करने को बेताब सरयू लहरें बहराइच : तराई व पहाड़ों पर हो रही जोरदार बारिश से बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। बुधवार सुबह शारदा, गिरजा व सरयू बैराज से 188091.00 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी छोड़े जाने के बाद से सरयू नदी के एल्गिन ब्रिज पर नदी की लहरें खतरे के निशान को पार करने के नजदीक पहुंच गई है। शारदा बैराज से 68147 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से 117776, सरयू बैराज से 2168 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 105.69 रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान के बेहद नजदीक है। बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद से जिले की मिहींपुरवा, नानपारा, महसी व कैसरगंज तहसील के नदी के मुहाने पर बसे गांव में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है, जिसके कारण नदी के किनारे बेस ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। प्रशासन नजर बनाए हुए है।
- पीस कमेटी की बैठक का आयोजन थाना प्रभारी हरेंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, धर्मगुरुओं ने साझा किये बिचार रूपईडीहा। रूपईडीहा थाने में पीस कमेटी की बैठक का आयोजन थाना प्रभारी हरेंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, धर्मगुरुओं तथा जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। थाना प्रभारी ने उपस्थित लोगों को शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने संबंधी आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। बैठक में मौजूद लोगों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया।1
- जनपद बहराइच के नानपारा इलाके में इस्माइल गोवा गंज का कारोबार बहुत जोरों से चल रहा है लोगों को नशे का लत लग चुका है1
- अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार से अपने अधिकार और सम्मान की मांग की। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार से अपने अधिकार और सम्मान की मांग की। प्रदर्शन के दौरान आशा बहुओं ने कहा कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य कर रही हैं, लेकिन उन्हें उचित मानदेय, प्रोत्साहन राशि और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने नियमितीकरण, मानदेय में बढ़ोतरी, समय पर भुगतान तथा सामाजिक सुरक्षा जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। उनका कहना था कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।1
- बैराजों से छोड़ा गया 188091.00 क्यूसेक पानी, एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान को पार करने को बेताब सरयू लहरें बहराइच : तराई व पहाड़ों पर हो रही जोरदार बारिश से बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। बुधवार सुबह शारदा, गिरजा व सरयू बैराज से 188091.00 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी छोड़े जाने के बाद से सरयू नदी के एल्गिन ब्रिज पर नदी की लहरें खतरे के निशान को पार करने के नजदीक पहुंच गई है। शारदा बैराज से 68147 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से 117776, सरयू बैराज से 2168 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 105.69 रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान के बेहद नजदीक है। बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद से जिले की मिहींपुरवा, नानपारा, महसी व कैसरगंज तहसील के नदी के मुहाने पर बसे गांव में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है, जिसके कारण नदी के किनारे बेस ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। प्रशासन नजर बनाए हुए है।1