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बंगाल चुनाव का फैसला होने से पहले टीएमसी का खोल दिया पोल क्या कहानी हुआ विस्तार से बताया बंगाल चुनाव का फैसला होने से पहले टीएमसी का खोल दिया पोल क्या कहानी हुआ विस्तार से बताया
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बंगाल चुनाव का फैसला होने से पहले टीएमसी का खोल दिया पोल क्या कहानी हुआ विस्तार से बताया बंगाल चुनाव का फैसला होने से पहले टीएमसी का खोल दिया पोल क्या कहानी हुआ विस्तार से बताया
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- बंगाल चुनाव का फैसला होने से पहले टीएमसी का खोल दिया पोल क्या कहानी हुआ विस्तार से बताया1
- अधिकतर देशों का विकास समुंदर के सहारे ही हुआ है, इसका उदाहरण ऑस्ट्रेलिया है। भारत के विकास में भी मेरीटाइम का योगदान है और ये एक प्रकार से बैक बोन है। मैं डीजीपी साहब से आग्रह करता हूँ कि वह एक सेल स्थापित करें ताकि मर्चेंट नेवी से जुड़े लोगों के समस्याओं का समाधान हो1
- Post by Gulchu Bhagwan1
- छूट गया था तो छूट गया दूसरा ट्रेन से चले जाते जिंदगी दाव लगाने का क्या जरूरत है बताइए अपना जान गवा बैठे आपके पीछे कितने परिवार होंगे इस बात को आप क्यों नहीं सोचे थे1
- सम्राट की दहाड़.. सब की फ़ाइल है खोल देंगे समझे ।1
- Election Results 2026 के नतीजों को लेकर देशभर में राजनीतिक माहौल गरम है। पांच राज्यों के चुनाव परिणाम न सिर्फ स्थानीय राजनीति को प्रभावित करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसके बड़े संकेत देखने को मिल सकते हैं। इस खास इंटरव्यू में इन्हीं मुद्दों पर गहराई से चर्चा की गई है। इस वीडियो में वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार पांडे ने चुनाव परिणामों के संभावित असर, प्रमुख दलों की स्थिति और मतदाताओं के रुझान पर विस्तार से अपनी राय रखी है। उन्होंने बताया कि ये नतीजे आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को किस तरह बदल सकते हैं। चर्चा के दौरान 2029 के लोकसभा चुनाव पर भी फोकस किया गया है। क्या इन पांच राज्यों के नतीजे देश की आगामी राजनीति की दिशा तय करेंगे, और क्या इससे बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं—इन सवालों पर भी खुलकर बातचीत की गई है। अगर आप देश की राजनीति को करीब से समझना चाहते हैं और चुनावी विश्लेषण में रुचि रखते हैं, तो यह इंटरव्यू आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस वीडियो में आपको जमीनी हकीकत और अनुभवी नजरिए का संतुलित विश्लेषण देखने को मिलेगा।1
- उत्तर प्रदेश में अब नौकरी पाना आसान नहीं… बल्कि सिर्फ काबिल लोगों के लिए संभव है!” हाल ही में Yogi Adityanath ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब भर्ती प्रक्रिया इतनी पारदर्शी और गोपनीय हो गई है कि चयन करने वाला और चयनित होने वाला—एक-दूसरे को जानते तक नहीं! यानी अब ना सिफारिश… ना भ्रष्टाचार… सिर्फ मेरिट का खेल! योगी सरकार का दावा है कि लाखों युवाओं को इसी निष्पक्ष सिस्टम से नौकरी दी गई है। लेकिन सवाल ये है— क्या सच में UP की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह बदल गई है? या फिर ये सिर्फ एक राजनीतिक दावा है? 👉 अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं!1
- Post by Gulchu Bhagwan1