डूंगरपुर के हॉस्टलों में मूलभूत सुविधाओं का होगा आकलन एबीवीपी का देशव्यापी छात्रावास सर्वेक्षण अभियान का हुआ आगाज, संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) अब जिले के छात्रावासों में छात्रों को मिल रही सुविधाओं और वहां की जमीनी हकीकत का जायजा लेगी। परिषद के जिला संयोजक अनिल कुमार धमलात ने बताया कि उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्ताव के अनुपालन में, संपूर्ण भारत के साथ-साथ डूंगरपुर जिले में भी छात्रावास सर्वेक्षण अभियान का आगाज 17 फरवरी से किया जा रहा है। 15 फरवरी से 25 मार्च तक चलने वाले इस देशव्यापी अभियान के तहत कार्यकर्ता घर-घर न जाकर अब छात्रावासों के कमरों तक पहुंचेंगे। इस अभियान के दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ता जिले के स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों सहित विभिन्न समाजों द्वारा संचालित छात्रावासों का सघन दौरा करेंगे। सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का आकलन करना है। इसमें मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पुस्तकालयों की स्थिति, खेल के मैदान, शुद्ध पेयजल और सबसे महत्वपूर्ण छात्राओं की सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर डेटा जुटाया जाएगा। इसके साथ ही, छात्र-छात्राओं को दैनिक जीवन में आने वाली अन्य व्यावहारिक समस्याओं को भी इस रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। जिला संयोजक धमलात ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक निरीक्षण मात्र नहीं है, बल्कि छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार लाने की एक ठोस पहल है। सर्वेक्षण के बाद तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर आगामी रणनीति बनाई जाएगी, ताकि प्रशासन और संबंधित विभागों को समस्याओं से अवगत कराकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इस अभियान को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है और जिले के प्रत्येक छात्रावास तक पहुंचने के लिए विशेष टोलियों का गठन किया गया है।
डूंगरपुर के हॉस्टलों में मूलभूत सुविधाओं का होगा आकलन एबीवीपी का देशव्यापी छात्रावास सर्वेक्षण अभियान का हुआ आगाज, संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) अब जिले के छात्रावासों में छात्रों को मिल रही सुविधाओं और वहां की जमीनी हकीकत का जायजा लेगी। परिषद के जिला संयोजक अनिल कुमार धमलात ने बताया कि उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्ताव के अनुपालन में, संपूर्ण भारत के साथ-साथ डूंगरपुर जिले में भी छात्रावास सर्वेक्षण अभियान का आगाज 17 फरवरी से किया जा रहा है। 15 फरवरी से 25 मार्च तक चलने वाले इस देशव्यापी अभियान के तहत कार्यकर्ता घर-घर न जाकर अब छात्रावासों के कमरों तक पहुंचेंगे। इस अभियान के दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ता जिले के स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों सहित विभिन्न समाजों द्वारा संचालित छात्रावासों का सघन दौरा करेंगे। सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का आकलन करना है। इसमें मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पुस्तकालयों की स्थिति, खेल के मैदान, शुद्ध पेयजल और सबसे महत्वपूर्ण छात्राओं की सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर डेटा जुटाया जाएगा। इसके साथ ही, छात्र-छात्राओं को दैनिक जीवन में आने वाली अन्य व्यावहारिक समस्याओं को भी इस रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। जिला संयोजक धमलात ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक निरीक्षण मात्र नहीं है, बल्कि छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार लाने की एक ठोस पहल है। सर्वेक्षण के बाद तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर आगामी रणनीति बनाई जाएगी, ताकि प्रशासन और संबंधित विभागों को समस्याओं से अवगत कराकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इस अभियान को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है और जिले के प्रत्येक छात्रावास तक पहुंचने के लिए विशेष टोलियों का गठन किया गया है।
- सीमलवाड़ा न्यायालय में लंबित मामलों को लेकर गंभीर स्थिति डूंगरपुर। सीमलवाड़ा स्थित जेएम न्यायालय में न्यायाधीश का पद पिछले एक वर्ष से रिक्त होने के कारण न्याय व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वर्तमान में न्यायालय में लगभग 2023 प्रकरण लंबित हैं, जिनमें 85 सिविल मुकदमे, 1892 आपराधिक मामले तथा 46 एफआईआर से संबंधित प्रकरण शामिल हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत 15 दिन में एक बार कैंप कोर्ट आयोजित किया जाता है, जिससे माह में केवल दो बार ही सुनवाई हो पाती है। शेष दिनों में वादियों को एसीजेएम सागवाड़ा जाना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इस विषय को लेकर चौरासी विधायक अनिल कुमार कटारा ने विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान सरकार से जवाब मांगा। मंत्री ने उत्तर में कहा कि क्षेत्र में केवल 11 मामले लंबित हैं, जबकि वास्तविक आंकड़े इससे कहीं अधिक हैं। जानकारी के अनुसार राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार को सीमलवाड़ा में एसीजेएम कोर्ट क्रमोन्नत करने का प्रस्ताव भेजा गया था, किंतु वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता नहीं होने का कारण बताते हुए इसे स्वीकृति नहीं दी गई। विधायक ने आदिवासी क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जेएम न्यायालय के रिक्त पद को शीघ्र भरने तथा एसीजेएम न्यायालय स्वीकृत करने की मांग दोहराई, ताकि लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण हो सके और क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्तर पर न्याय मिल सके।1
- surata माईस में क्रेन टुटी एक की मौत हुई1
- Post by DiNESH Damor1
- Post by Jayantilal roat2
- राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भवानपुरा आनन्दपुरी बांसवाड़ा राजस्थान 327601 ग्राम पंचायत भवानपुरा को बहुत शिकायत दर्ज कराई पर कोई इसका समाधान नहीं हुआ यह कि स्थानीय विद्यालय भवानपुरा में पीने के पानी का संकट अभी से प्रारंभ हो गया है बच्चों को पानी पीने के लिए दुर तक जाना होता है साथ ही भोजन पकाने के लिए भी पानी की कमी है आप सभी जन से विद्यालय परिवार हाथ जोड़कर विनती करता है कि पानी की कमी का शीघ्रता पूर्वक निदान करें। जीन अभिभावकों के बच्चे भवानपुरा स्कुल में पढ़ रहे है उन अभिभावको से मेरा अनुरोध है कि बच्चे बहुत परेशान है। पीने का पानी नहीं मिल रहा है। भोजन बनाने के लिये भी पानी नहिं मिल रहा है तो बच्चों के लिये तो कुछ बोलो इन बच्चों के प्रति दया करों सभी अभिभावक कल स्कुल मे आकर देखें हकिगत क्या है। गुरुजी बार बार कहते है कि पानी कि बहुत समस्या है। लेकिन इसका ग्राम पंचायत भवानपुरा को कई बार सुचना दी है पर कोई इसका समाधान नहिं हो रहा है।4
- Post by Kamlesh1
- उदयपुर। शहर के पुराना आरटीओ रोड से ढिकली रोड तक चल रहे सड़क एवं नाला निर्माण कार्य को लेकर बुधवार को मौके पर कॉलोनीवासियों और ठेकेदार के बीच तीखी बहस हो गई। अधूरे नाला निर्माण और पाइप लाइन के डायरेक्शन को लेकर क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नाला निर्माण कार्य एम.डी.एस. स्कूल जाने वाले मार्ग से सांवरिया डेयरी एवं दुकानों के कॉम्प्लेक्स की ओर तो किया गया, लेकिन बीच का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है। वर्तमान में सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है, ऐसे में लोगों का कहना है कि यदि अभी नाला निर्माण पूरा नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है। बुधवार को जब कॉलोनीवासी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पाइप लाइन के डायरेक्शन पर आपत्ति जताई। क्षेत्रवासियों का कहना था कि यदि पाइप का रुख नहीं बदला गया तो बारिश के मौसम में पानी की निकासी बाधित होगी और कॉलोनी में गंदा पानी भर जाएगा। उन्होंने पाइप को प्राकृतिक नाले की दिशा में जोड़ने की मांग की, जो आगे मुख्य सड़क को क्रॉस करता है।1
- आश्रितों को मिले चार लाख रुपये बेड़ा में मनीवाइज़ चौपाल में गूंजा वित्तीय सुरक्षा का मंत्र, 252 ग्रामीणों ने जानी बैंकिंग की बारीकियां संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। भारतीय रिज़र्व बैंक के तत्वावधान में क्रिसिल फाउंडेशन के सहयोग से जिला लीड बैंक द्वारा संचालित मनीवाइज़ वित्तीय साक्षरता केंद्र के प्रयासों से दो परिवारों को दुख की घड़ी में बड़ा संबल मिला है। जिले के झोथरी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बेड़ा में आयोजित वित्तीय साक्षरता चौपाल के दौरान भारत आदिवासी पार्टी के डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत दो दिवंगत लाभार्थियों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये के क्लेम चेक प्रदान किए। - दावा भुगतान से मिला परिवारों को संबल पगारा निवासी जयंतीलाल और ऊटिया निवासी चंदूलाल अहारी की सामान्य मृत्यु के पश्चात उनके परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया था। दोनों ही मृतक प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से जुड़े थे। मनीवाइज़ केंद्र बिछीवाड़ा के रणछोड़लाल रोत और बैंक ऑफ बड़ौदा के बीसी नटवरलाल डामोर ने सक्रियता दिखाते हुए परिजनों के आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाकर एसबीआई पाडली और बैंक ऑफ बड़ौदा गैंजी शाखा में जमा करवाए। कार्यक्रम में सांसद रोत ने नॉमिनी लक्ष्मणलाल डामोर और जशोदा अहारी को 2-2 लाख रुपये के चेक सौंपे। - वित्तीय साक्षरता से सशक्त हुए 252 ग्रामीण चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि आर्थिक सुरक्षा के लिए बीमा योजनाओं से जुड़ना अनिवार्य है। उन्होंने दावा निपटान की प्रक्रिया समझाते हुए नियमित बचत और सही निवेश पर जोर दिया। इस दौरान सामाजिक सरोकार निभाते हुए उन्होंने खेती में यूरिया-डीएपी के नुकसान बताकर देशी खाद के उपयोग का भी आह्वान किया। - मौके पर ही योजनाओं से जुड़ाव जागरूकता का असर यह रहा कि कार्यक्रम के दौरान ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लिया। इसमेंप्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा में 123 सदस्य, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा में 29 सदस्य, अटल पेंशन योजना में 12 सदस्य, नॉमिनी पंजीकरण में 15 सदस्यों ने लाभ लिया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि समाजसेवी दिनेश ने ग्रामीणों को साइबर ठगी से आगाह करते हुए आधार नंबर और ओटीपी साझा न करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने झौथरी में एटीएम की आवश्यकता और मंगला पशु बीमा योजना पर भी चर्चा की। समाजसेवी पोपटलाल ने बैंक योजनाओं की जानकारी रखने पर बल दिया ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें। कार्यक्रम का सफल संचालन एरिया मैनेजर दीपक जोशी ने किया। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी सुभाष ननोमा, क्रिसिल फाउंडेशन से नरेश यादव, कांतिलाल रोत, गहरीदास, प्रियांशु, प्रवीण सहित बैंक बीसी रमेशचन्द्र, भारती डामोर, नटवरलाल, उप सरपंच, पूर्व उप सरपंच लक्ष्मणलाल, समाजसेवी दिलीप रोत, प्रकाशचन्द्र, मुकेश, महिपाल, पेमा और जीवा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1