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जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट के एक वकील, जो बीजेपी के एक अधिकारी हैं, ने जम्मू से उनके एक विधायक से बंद कमरे में बात की। इस बातचीत के दौरान बीजेपी अधिकारी ने विधायक को उनके साथ आने के लिए एक मंत्रालय और राज्य का दर्जा देने के साथ-साथ 20 से 30 करोड़ रुपये देने की पेशकश की। इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे सोचते हैं कि लोगों का ईमान इतना सस्ता है। उन्होंने मंच से स्पष्ट कहा कि यहाँ मंच पर मौजूद एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिलेगा जो 20 करोड़ रुपये या 100 करोड़ रुपये के लिए अपना ईमान बेचने को तैयार हो।
Drx. Mohmmad Farman
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट के एक वकील, जो बीजेपी के एक अधिकारी हैं, ने जम्मू से उनके एक विधायक से बंद कमरे में बात की। इस बातचीत के दौरान बीजेपी अधिकारी ने विधायक को उनके साथ आने के लिए एक मंत्रालय और राज्य का दर्जा देने के साथ-साथ 20 से 30 करोड़ रुपये देने की पेशकश की। इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे सोचते हैं कि लोगों का ईमान इतना सस्ता है। उन्होंने मंच से स्पष्ट कहा कि यहाँ मंच पर मौजूद एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिलेगा जो 20 करोड़ रुपये या 100 करोड़ रुपये के लिए अपना ईमान बेचने को तैयार हो।
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- उत्तर प्रदेश में अमरोहा के हसनपुर से एक बेहद ही दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक मासूम बच्ची डरी-सहमी स्थिति में अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए मदद की गुहार लगा रही है। इस समय बच्ची और उसके परिवार की इस दर्दभरी गुहार को सुनने के लिए फिलहाल कोई भी तैयार नहीं है, जिससे उनकी मुसीबत और बढ़ गई है। बच्ची और उसके पूरे परिवार को खड़कवंशी समाज से गंभीर खतरा सता रहा है। इस बेहद डरावने माहौल और गंभीर संकट को देखते हुए अमरोहा पुलिस और पुलिस प्रशासन से तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करने और पीड़ित बच्ची व उसके परिवार की मदद करने का पुरजोर निवेदन किया गया है।1
- अंबेडकरनगर की टांडा कोतवाली पुलिस और कोतवाल दीपक रघुवंशी पर गंभीर आरोप लगाते हुए तीखे सवाल खड़े किए गए हैं कि क्या वे पीड़ित अभिषेक यादव को पुलिस अधीक्षक (एसपी) से भी न्याय नहीं मांगने देंगे? पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा गया है कि यदि इतनी सक्रियता छैमार गैंग के खिलाफ दिखाई गई होती, तो वह दुर्दांत अपराधी इस क्षेत्र में अपना नेटवर्क सक्रिय नहीं कर पाता। उस अपराधी को नोएडा एसटीएफ ने मार गिराया और स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी। अभिषेक यादव के कथित आपराधिक इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि इस गरीब का कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस ने हाल ही में 10 जुलाई को उसके खिलाफ दूसरा मामला दर्ज किया है, जबकि इससे पहले सिर्फ एक अज्ञात मामले में उसे नामजद किया गया था। कोतवाल दीपक रघुवंशी पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि उन्होंने सम्मनपुर थानाध्यक्ष रहते हुए संजय गुप्ता जैसे एक और गरीब पर मुकदमा दर्ज कर गुंडा एक्ट की रिपोर्ट भेजी थी, जिसे बाद में एडीएम न्यायालय ने निरस्त कर दिया था। इस पूरे मामले को एक जमीनी विवाद बताया गया है। अभिषेक यादव ने 8 जुलाई को अपने खेत से खुद डायल 112 पर फोन कर सहायता मांगी थी क्योंकि चंद्रिका प्रसाद ने उसके खेत में लगे आम के पेड़ को काट दिया था। ऐसे में सवाल उठाया गया है कि यदि अभिषेक को लूटपाट ही करनी थी, तो वह खुद पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर फोन क्यों करता? असल विवाद यह है कि अभिषेक के चाचा की 40 लाख रुपये की जमीन को चंद्रिका प्रसाद ने महज 12 लाख रुपये में लिखवा लिया था, जिसमें से 3 लाख रुपये अभी भी बाकी हैं और इस मामले का मुकदमा कोर्ट में चल रहा है।1
- अमरोहा के धनोरा विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का बिगुल फूंक दिया है। गांव फतेहपुर के पास आयोजित पीडीए पंचायत में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी। इस कार्यक्रम के दौरान सपा नेता मुकेश चौधरी और सपा नेत्री उर्वशी चौधरी ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। सपा नेत्री उर्वशी चौधरी ने अधिक से अधिक लोगों से समाजवादी पार्टी से जुड़ने की अपील करते हुए 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प दोहराया। इस दौरान पंचायत में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी चुनाव में पूरी ताकत से जुटने का भरोसा दिलाया है।1
- मेरठ के हस्तिनापुर वन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति राज्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्री दिनेश खटीक ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डाला और 'एक पेड़ माँ के नाम' का संदेश देते हुए उपस्थित जनसमूह को अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाने तथा उसके संरक्षण की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प दिलाया। इस अभियान में स्कूली बच्चों ने विशेष उत्साह दिखाते हुए स्वयं वृक्षारोपण किया और समाज को पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य रूप से मेरठ के जिलाधिकारी बी.के. सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सुश्री नूपुर गोयल, प्रभागीय वनाधिकारी वंदना फोगाट और हस्तिनापुर की वन क्षेत्र अधिकारी खुशबू उपाध्याय शामिल रहीं। इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख नितिन पोसवाल, किशोरपुर के ग्राम प्रधान ऋषिपाल मलिक, सोमनाथ पापनेजा, राजीव चौधरी, ओंकार शर्मा और अन्य संबंधित अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।1
- हापुड़ के धौलाना विधानसभा क्षेत्र में समाजसेवी और समाजवादी पार्टी से टिकट के दावेदार दिग्विजय शिशौदिया ने अपना जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। वे गांव-गांव पहुंचकर किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात कर रहे हैं और क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को सुन रहे हैं। इस अभियान के दौरान क्षेत्र के विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, सिंचाई और जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनता के साथ विस्तार से चर्चा की जा रही है। दिग्विजय शिशौदिया विकास और रोजगार को लेकर जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं, ताकि धौलाना विधानसभा की राजनीति और विकास से जुड़े मुद्दों पर जनता की राय को समझा जा सके।1
- बुलंदशहर के स्याना में बुगरासी रोड स्थित एक ओयो गेस्ट हाउस के बाहर बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर पति-पत्नी के बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। दिल्ली से अपने माता-पिता के साथ आए गुंजित सिंह और उनकी पत्नी के बीच बच्चों को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद और आपसी भिड़ंत में बदल गई। इस हंगामे को देखने के लिए बुगरासी रोड पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गुंजित सिंह और उनकी पत्नी की शादी 10 वर्ष पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें 4 वर्षीय फतह सिंह और 7 वर्षीय सुप्रीत सिंह शामिल हैं। दोनों के बीच बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। पति और उसके माता-पिता का आरोप है कि महिला गेस्ट हाउस में रहकर बच्चों की सुपुर्दगी देने के एवज में पैसे मांग रही थी। इसके साथ ही पति ने ओयो संचालक पर भी पत्नी के साथ मिलकर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। माहौल बिगड़ता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और उन्हें कोतवाली ले आई। कोतवाली प्रभारी राम नारायण सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच बच्चों की सुपुर्दगी का यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से अलग-अलग वार्ता कर मामले की बारीकी से जांच कर रही है और न्यायालय के आदेश के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है और कोर्ट में लंबित मामले को लेकर सड़क पर इस तरह का विवाद करना उचित नहीं है।2