*जिला चिकित्सालय को सीएसआर के माध्यम से मिला 30 केवीए जनरेटर, रक्तदान शिविर का हुआ शुभारंभ* *‘रक्तदान महादान’ के संदेश के साथ जिला चिकित्सालय में शुरू हुआ रक्तदान शिविर* कानपुर देहात, 20 अगस्त 2026। स्वायत्तशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, अकबरपुर/जिला चिकित्सालय अकबरपुर में फ्रंटियर एलाय स्टील्स के सौजन्य से सीएसआर के माध्यम से उपलब्ध कराए गए 30 केवीए जनरेटर का जिलाधिकारी कपिल सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर उद्घाटन किया। यह जनरेटर जिला चिकित्सालय की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा चिकित्सा सेवाओं के सुचारु संचालन में उपयोगी होगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. अमरीश गुप्ता एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जनरेटर के उद्घाटन के उपरांत जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने स्माल इंडस्ट्रीज एवं मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के सौजन्य से आयोजित रक्तदान शिविर का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल एवं प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. अमरीश गुप्ता ने स्वयं रक्तदान कर शिविर की शुरुआत की। इस अवसर पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि रक्तदान महादान है और किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में हमारे द्वारा दिया गया रक्त अमूल्य योगदान होता है। स्वस्थ व्यक्तियों को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्त की उपलब्धता आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए सामाजिक एवं औद्योगिक संगठनों के सहयोग से आयोजित ऐसे शिविरों से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय ने कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का श्रेष्ठ माध्यम है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति, प्रसूता, गंभीर मरीज अथवा जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने युवाओं एवं आमजन से बिना किसी संकोच के स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने कहा कि रक्तदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान जरूरत के समय किसी दूसरे व्यक्ति के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए अधिक से अधिक लोगों को नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में विद्युत, स्वच्छता, दवा, जांच एवं उपचार सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य एवं उपचार की जानकारी प्राप्त की तथा मरीजों को फल वितरित किए। उन्होंने प्राचार्य मेडिकल कॉलेज को निर्देशित किया कि सभी मरीजों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए तथा उपस्थित मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस अवसर पर औद्योगिक संगठन के सदस्य हरदीप राखरा, फ्रंटियर एलाय स्टील्स से मनु भाटिया, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला डॉ. वंदना सिंह सहित मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य विभाग एवं औद्योगिक संगठन के अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
*जिला चिकित्सालय को सीएसआर के माध्यम से मिला 30 केवीए जनरेटर, रक्तदान शिविर का हुआ शुभारंभ* *‘रक्तदान महादान’ के संदेश के साथ जिला चिकित्सालय में शुरू हुआ रक्तदान शिविर* कानपुर देहात, 20 अगस्त 2026। स्वायत्तशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, अकबरपुर/जिला चिकित्सालय अकबरपुर में फ्रंटियर एलाय स्टील्स के सौजन्य से सीएसआर के माध्यम से उपलब्ध कराए गए 30 केवीए जनरेटर का जिलाधिकारी कपिल सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर उद्घाटन किया। यह जनरेटर जिला चिकित्सालय की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा चिकित्सा सेवाओं के सुचारु संचालन में उपयोगी होगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. अमरीश गुप्ता एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जनरेटर के उद्घाटन के उपरांत जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय एवं मुख्य विकास अधिकारी
विधान जायसवाल ने स्माल इंडस्ट्रीज एवं मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के सौजन्य से आयोजित रक्तदान शिविर का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल एवं प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. अमरीश गुप्ता ने स्वयं रक्तदान कर शिविर की शुरुआत की। इस अवसर पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि रक्तदान महादान है और किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में हमारे द्वारा दिया गया रक्त अमूल्य योगदान होता है। स्वस्थ व्यक्तियों को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्त की उपलब्धता आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए सामाजिक एवं औद्योगिक संगठनों के सहयोग से आयोजित ऐसे शिविरों से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय ने कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि मानवता की
सेवा का श्रेष्ठ माध्यम है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति, प्रसूता, गंभीर मरीज अथवा जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने युवाओं एवं आमजन से बिना किसी संकोच के स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने कहा कि रक्तदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान जरूरत के समय किसी दूसरे व्यक्ति के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए अधिक से अधिक लोगों को नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने
अस्पताल में विद्युत, स्वच्छता, दवा, जांच एवं उपचार सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य एवं उपचार की जानकारी प्राप्त की तथा मरीजों को फल वितरित किए। उन्होंने प्राचार्य मेडिकल कॉलेज को निर्देशित किया कि सभी मरीजों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए तथा उपस्थित मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस अवसर पर औद्योगिक संगठन के सदस्य हरदीप राखरा, फ्रंटियर एलाय स्टील्स से मनु भाटिया, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला डॉ. वंदना सिंह सहित मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य विभाग एवं औद्योगिक संगठन के अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- मुख्य विकास अधिकारी ने माती विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने माती विकास भवन परिसर में स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का निरीक्षण कर कार्यालयीय व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव एवं जनसामान्य को प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यालयों की स्वच्छता, अभिलेखों के संधारण तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। निरिक्षण के समय मौके पर समाज कल्याण विभाग की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पूजा , जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से कनिष्ठ सहायक सुरेन्द्र बहादुर , अश्वनी त्रिवेदी (डीसी० sbm), उपायुक्त स्वत: रोजगार कार्यालय से डीएमएम निखा सचान, पूजा वर्मा डीएमएम एवम अंकित , लघु सिचाई कार्यालय के राकेश कुमार सचान (प्रधान सहायक), शशिकांत वर्मा (कनिष्ठ सहायक), हिमांशु कुमार जायसवाल (कनिष्ठ सहायक), कमलेश कनोजिया (चतुर्थ श्रेणी कर्म०) कृषि विभाग से मोहित मिश्रा (आकस्मिक अवकाश) पर थे परन्तु इनके द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर सक्षम अधिकारी से अनुमति नहीं ली गयी है वहीँ ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के मह्नेद्र वर्मा (चतुर्थ श्रेणी कर्म०) बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए जिस पर उन्होंने समबन्धित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगने तथा समय पर कार्यालय पहुँचने के सख्त निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा प्राप्त होने वाली जन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ संवेदनशील एवं सकारात्मक व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का यथासंभव त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने, अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, विभिन्न योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति करने पर बल दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति प्रदान करें तथा शासन की मंशा के अनुरूप जनहितकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।1
- *जिला चिकित्सालय को सीएसआर के माध्यम से मिला 30 केवीए जनरेटर, रक्तदान शिविर का हुआ शुभारंभ* *‘रक्तदान महादान’ के संदेश के साथ जिला चिकित्सालय में शुरू हुआ रक्तदान शिविर* कानपुर देहात, 20 अगस्त 2026। स्वायत्तशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, अकबरपुर/जिला चिकित्सालय अकबरपुर में फ्रंटियर एलाय स्टील्स के सौजन्य से सीएसआर के माध्यम से उपलब्ध कराए गए 30 केवीए जनरेटर का जिलाधिकारी कपिल सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर उद्घाटन किया। यह जनरेटर जिला चिकित्सालय की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा चिकित्सा सेवाओं के सुचारु संचालन में उपयोगी होगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. अमरीश गुप्ता एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जनरेटर के उद्घाटन के उपरांत जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने स्माल इंडस्ट्रीज एवं मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के सौजन्य से आयोजित रक्तदान शिविर का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल एवं प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. अमरीश गुप्ता ने स्वयं रक्तदान कर शिविर की शुरुआत की। इस अवसर पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि रक्तदान महादान है और किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में हमारे द्वारा दिया गया रक्त अमूल्य योगदान होता है। स्वस्थ व्यक्तियों को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्त की उपलब्धता आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए सामाजिक एवं औद्योगिक संगठनों के सहयोग से आयोजित ऐसे शिविरों से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय ने कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का श्रेष्ठ माध्यम है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति, प्रसूता, गंभीर मरीज अथवा जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने युवाओं एवं आमजन से बिना किसी संकोच के स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने कहा कि रक्तदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान जरूरत के समय किसी दूसरे व्यक्ति के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए अधिक से अधिक लोगों को नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में विद्युत, स्वच्छता, दवा, जांच एवं उपचार सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य एवं उपचार की जानकारी प्राप्त की तथा मरीजों को फल वितरित किए। उन्होंने प्राचार्य मेडिकल कॉलेज को निर्देशित किया कि सभी मरीजों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए तथा उपस्थित मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस अवसर पर औद्योगिक संगठन के सदस्य हरदीप राखरा, फ्रंटियर एलाय स्टील्स से मनु भाटिया, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला डॉ. वंदना सिंह सहित मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य विभाग एवं औद्योगिक संगठन के अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।4
- जनपद कानपुर देहात सैनी खेड़ा में जो रास्ता जो है खराब हो चुकी है यह रास्ता को बनवाने की कोशिश की जाए मोहम्मद कनपुरिया सैनी खेड़ा में जो रास्ता बनी है इस रास्ता को बनवाने की कोशिश की जाए धन्यवाद1
- कागजों में चारा, गौशाला में हाहाकार! कासिमपुर गौशाला की बदहाली पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा चारा-पानी से लेकर गोवंश की मौत और कथित धमकी तक के आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम से मांगी औचक जांच माधौगढ़ (जालौन) ग्राम पंचायत कासिमपुर की गौशाला में कथित अव्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। गुरुवार को ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी माधौगढ़ मनोज प्रकाश को ज्ञापन सौंपकर गौशाला की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष और बिना पूर्व सूचना के औचक जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी कागजों में गौशाला की व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाई जा रही हैं, लेकिन मौके पर चारा, पानी, छाया, साफ-सफाई और उपचार जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में कई गोवंश कमजोर और अस्वस्थ हालत में बताए जा रहे हैं। ज्ञापन में एक गोवंश की मौत और उसके निस्तारण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों के निरीक्षण की जानकारी पहले से पहुंच जाने पर व्यवस्थाओं को आनन-फानन में ठीक-ठाक दिखाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में ग्रामीणों ने मांग की कि अचानक और गोपनीय तरीके से निरीक्षण कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। सवाल सिर्फ व्यवस्था का नहीं, बेजुबानों की जिंदगी का है ग्रामीणों ने गौशाला में मौजूद गोवंशों की वास्तविक संख्या का सत्यापन कराने, प्रतिदिन उपलब्ध कराए जा रहे चारे-पानी की जांच, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, छाया और उपचार व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही सरकारी धन से होने वाले खर्च का भी रिकॉर्ड से मिलान कराने की मांग उठाई गई है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गौशाला की कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाने और आवाज उठाने पर उन्हें धमकाया गया तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की चेतावनी दी गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने पूछा—अगर सब ठीक है तो औचक जांच से डर कैसा? ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में यदि वास्तव में सभी व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप हैं तो प्रशासन को बिना किसी पूर्व सूचना के निरीक्षण कराकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इससे न केवल ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान होगा, बल्कि सरकारी व्यवस्था पर भी लोगों का भरोसा मजबूत होगा। ज्ञापन देने वालों में महेंद्र सिंह परिहार, हुकुम सिंह, नेकसे, अंजनी कुमार, रामेश, देवीदास, कल्लू, डीके कुशवाहा और सुमित समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। अब बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रशासन कितनी गंभीरता से जांच करता है और जांच में क्या सामने आता है। बेजुबान गोवंश की देखभाल के नाम पर यदि कहीं लापरवाही या सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारी तय होना बेहद जरूरी है। काश, हर ग्राम पंचायत के ग्रामीण इसी तरह बेजुबानों की आवाज बनकर सामने आएं, ताकि किसी गौशाला में गोवंश भूख-प्यास, बीमारी या बदइंतजामी का शिकार न हो। आपकी क्या राय है? क्या गौशालाओं की नियमित औचक जांच होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। #जालौन #माधौगढ़ #कासिमपुर #कासिमपुरगौशाला #एसडीएममाधौगढ़ #जालौनन्यूज #ब्रेकिंगन्यूज #यूपी_न्यूज #उत्तरप्रदेश #ग्रामीणसमस्या #प्रशासन #JalaunNews #Madhogarh #BreakingNews1
- जालौन से इस वक्त की बड़ी खबर। गोहन थाना पुलिस ने दो महीने पुराने अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) की गुत्थी सुलझाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया l #जालौन से इस वक्त की बड़ी खबर। गोहन थाना पुलिस ने दो महीने पुराने अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) की गुत्थी सुलझाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शादी समारोह में थप्पड़ मारकर की गई बेइज्जती का बदला लेने के लिए आरोपी ने खेत में सो रहे बुजुर्ग की डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया है। 22 जून को गोहन थाना क्षेत्र के ग्राम पृथ्वीपुरा निवासी राकेश तिवारी ने अपने पिता गिरजाशंकर तिवारी की अज्ञात हमलावर द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गठित टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और भौतिक साक्ष्यों के जरिए जांच को आगे बढ़ाया। कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस टीम ने इटावा जनपद के बिठौली निवासी 50 वर्षीय राजू दुबे उर्फ राजकुमार को धर दबोचा। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी राजू दुबे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि फरवरी माह में उसकी भांजी की शादी थी, जहाँ उसने शराब पी ली थी। इस बात पर रिश्तेदार गिरजाशंकर तिवारी ने उसे थप्पड़ मारे और बेइज्जत करके शादी से भगा दिया था। आरोपी राजू दुबे इसी अपमान की आग में जल रहा था। 21 जून की रात उसने मौका पाकर खेत पर सो रहे गिरजाशंकर तिवारी पर लकड़ी के डंडे से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी और फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर आलाकत्ल बरामद कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है।1
- जालौन में ब्लाइंड मर्डर का सनसनीखेज खुलासा, 2 महीने बाद आरोपी गिरफ्तार जालौन। गोहन थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव में करीब दो महीने पहले हुई बुजुर्ग गिरजाशंकर की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर 50 वर्षीय राजू दुबे उर्फ राजकुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, फरवरी में शादी के दौरान शराब पीने को लेकर आरोपी का गिरजाशंकर से विवाद हुआ था। आरोपी ने कथित तौर पर इसी पुरानी बेइज्जती का बदला लेने के लिए 21 जून की रात खेत में सो रहे गिरजाशंकर पर डंडे से कई वार किए। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर जांच के लिए भेजा था। करीब दो महीने बाद पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। आखिर दो महीने तक पुलिस से कैसे बचा रहा आरोपी और कौन से सुराग बने गिरफ्तारी की वजह? पूरी जानकारी वीडियो में। #Jalaun #JalaunPolice #Gohaan #CrimeNews #BreakingNews #UPPolice #JalaunNews #CrimeBreaking #UttarPradesh #PoliceInvestigation2
- कानपुर देहात निवादा गांव में प्रधान व सचिव पर ग्रामीणों ने लगाया आरोप आपको बताते हैं पूरा मामला उत्तर प्रदेश कानपुर देहात के राजपुर ब्लॉक खंड के दुर्गा राजपुर गांव के माजरा मोहम्मदपुर नवादा का है जहां पर ग्रामीण ने आरोप लगाया कि प्रधान व सचिव ने मिलकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है और गलत तरीके से बी में हेरा फेरी कर पैसे निकाले हैं जब सच आया सामने तो लोग चौके आखिर क्या है पूरा मामला जाने।1
- चोरी से संबंधित मामले में वांछित वारंटियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार थाना रुरा पुलिस ने चोरी से सम्बंधित मामले में फरार चल रहे वांछित वारंटियों रंजीत पुत्र भगवती गौतम व विकास पुत्र छोटेलाल गौतम निवासीगण मोहल्ला अंबेडकर नगर कस्बा व थाना रुरा जनपद कानपुर देहात को गांव के पास से गिरफ्तार किया।थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्तारशुदा अभियुक्त पर आवश्यक विधिक कारवाही की गई।1