अलीगढ़ के नगला पटवारी क्षेत्र में लंबे समय से नाले की सफाई न होने और भूमिगत निर्माण की मांग पूरी न किए जाने पर स्थानीय लोगों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आया। संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा के आह्वान पर क्षेत्रवासियों ने अपने-अपने घरों पर काले झंडे लगाकर नगर निगम अलीगढ़ के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। मोर्चा के संस्थापक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि नगला पटवारी से गुजर रहे नाले की नियमित सफाई न होने के कारण पूरे साल सड़कों पर गंदा पानी भरा रहता है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बने रहते हैं। उन्होंने छोटे बच्चों के साथ हादसों की आशंका भी जताई और कहा कि कब्रिस्तान, श्मशान घाट, मंदिर तथा मस्जिद जाने वाले लोगों को भी इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। शर्मा ने यह भी बताया कि 6 मई 2026 को नाले के भूमिगत निर्माण की मांग को लेकर नगर आयुक्त अलीगढ़ और उपजिलाधिकारी कोल को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में स्थानीय निवासियों की सहमति से 8 जुलाई को काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया गया था। मंगलवार की सुबह बारिश के बावजूद क्षेत्र के लोगों ने अपने घरों पर काले झंडे लगाए और मोर्चा के जिलाध्यक्ष मोहम्मद रिजवान शाह के नेतृत्व में नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया गया, जिसमें "नगर निगम मुर्दाबाद" के नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो नगर निगम अलीगढ़ का घेराव कर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद फरमान, मीडिया प्रभारी अब्दुल हादी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद रहे।
अलीगढ़ के नगला पटवारी क्षेत्र में लंबे समय से नाले की सफाई न होने और भूमिगत निर्माण की मांग पूरी न किए जाने पर स्थानीय लोगों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आया। संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा के आह्वान पर क्षेत्रवासियों ने अपने-अपने घरों पर काले झंडे लगाकर नगर निगम अलीगढ़ के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। मोर्चा के संस्थापक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि नगला पटवारी से गुजर रहे
नाले की नियमित सफाई न होने के कारण पूरे साल सड़कों पर गंदा पानी भरा रहता है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बने रहते हैं। उन्होंने छोटे बच्चों के साथ हादसों की आशंका भी जताई और कहा कि कब्रिस्तान, श्मशान घाट, मंदिर तथा मस्जिद जाने वाले लोगों को भी इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। शर्मा ने यह भी बताया कि
6 मई 2026 को नाले के भूमिगत निर्माण की मांग को लेकर नगर आयुक्त अलीगढ़ और उपजिलाधिकारी कोल को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में स्थानीय निवासियों की सहमति से 8 जुलाई को काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया गया था। मंगलवार की सुबह बारिश के बावजूद क्षेत्र के लोगों ने अपने घरों पर काले झंडे लगाए और मोर्चा
के जिलाध्यक्ष मोहम्मद रिजवान शाह के नेतृत्व में नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया गया, जिसमें "नगर निगम मुर्दाबाद" के नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो नगर निगम अलीगढ़ का घेराव कर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद फरमान, मीडिया प्रभारी अब्दुल हादी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद रहे।
- बरसात का मौसम शुरू होते ही अलीगढ़ जिले के कस्बा दादों स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएससी) मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों दोनों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। अस्पताल परिसर में भारी जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, डिलीवरी रूम, वार्ड, डॉक्टर कक्ष और ओपीडी जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर छत से लगातार पानी टपक रहा है। बारिश के चलते कई कमरों का फर्श पूरी तरह गीला हो चुका है, जिससे फिसलने का खतरा लगातार बना हुआ है। मरीजों और उनके तीमारदारों को बैठने के लिए कोई सुरक्षित और सूखी जगह नहीं मिल पा रही है। स्थिति की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि डिलीवरी रूम की जर्जर हालत सबसे अधिक चिंताजनक है, जहाँ उपचार कार्य बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि अस्पताल भवन लंबे समय से मरम्मत की मांग कर रहा था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल भवन की मरम्मत कराने और उचित जलनिकासी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में भी स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के कस्बा गोंडा में, गोरई रोड राना बरौला पर स्थित एक डेमो पुल टूट गया है।1
- पांच दिन पहले नहर में डूबे दीपेश का शव अब बरामद कर लिया गया है। इस घटना को लेकर हत्या या साजिश की आशंका जताई जा रही है।1
- हाथरस जिले में आलू की लगातार गिरती कीमतों और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने से भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बेहद नाराज हैं। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने सादाबाद में एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए आगरा रोड स्थित चौधरी चरण सिंह स्मारक से "आलू की अंतिम शव यात्रा" निकाली। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से किसानों ने आलू की बदहाल कीमतों को लेकर अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने विधायक प्रदीप चौधरी को एक ज्ञापन भी सौंपा।4
- 'नए उत्तर प्रदेश' की नई पहचान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और समग्र विकास को बताया गया है। यही कारक प्रदेश के लिए एक नई पहचान स्थापित कर रहे हैं, जो उसके संपूर्ण विकास का आधार है।1
- दिल्ली में महज़ डेढ़ साल के भीतर ₹650 करोड़ का स्वास्थ्य घोटाला सामने आया है।1
- गोंडा थाना क्षेत्र में नगला बिरखू हृदय की नगरिया पुलिस चौकी नहर पर देर रात लगभग 2:00 बजे एक चार पहिया वाहन नहर में गिर गया। सूचना मिलते ही 112 नंबर पुलिस और गोंडा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन के चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह पुल साइड से टूटा हुआ है, जिसके कारण इस पुल पर ऐसी दुर्घटनाएं कई बार हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई सुनवाई नहीं हुई है।1
- गौंडा थाना क्षेत्र के नगला बिरखू चौकी अंतर्गत किनमासा नहर के पास बुधवार रात एक बड़ा हादसा टल गया। सामने से आ रहे एक ट्रक की तेज लाइट से चकाचौंध होकर एक फोर व्हीलर गाड़ी अनियंत्रित होकर सीधे नहर में जा गिरी। इस घटना में अरनिया गढ़ी थाना गोरई, खैर निवासी शैलेंद्र पुत्र सुग्रीव सिंह, जो अपनी कार से मथुरा की ओर जा रहे थे, गंभीर खतरे में पड़ गए। रात करीब 1:20 बजे हुई इस दुर्घटना के बाद, शैलेंद्र अपनी गाड़ी में ही फंसे रहे और उनकी कार लगभग एक किलोमीटर तक नहर में तैरती रही। चालक ने बड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी का शीशा तोड़ा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही, 112 नंबर की टीम के साथ गौंडा थाने के एसआई शांति शरण यादव और एसआई बलराम सिंह मय फोर्स तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पानी में डूबी गाड़ी का दरवाजा खोलकर शैलेंद्र को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे समय रहते एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों और चालकों में किनमासा नहर के पुल की जर्जर हालत को लेकर गहरा आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस पुल पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, क्योंकि पुल के दोनों ओर की साइडें काफी समय से टूटी हुई हैं, जिससे रात के समय खतरा और बढ़ जाता है। लोगों का आरोप है कि पुल की मरम्मत के लिए कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द पुल की मरम्मत कराने और सुरक्षा के उचित इंतजाम करने की मांग की है।1
- अतरौली नगर पालिका की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसने बारिश से पहले नलों की सफाई नहीं करवाई। इस अनदेखी का परिणाम यह हुआ कि जैसे ही पहली बारिश हुई, अतरौली नगर में इतना पानी भर गया कि वह सीधे घरों के भीतर घुसने लगा। यह स्थिति नगर पालिका के कार्यों में हुई भारी चूक को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।1