बलरामपुर जिले में जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'मोर गांव मोर पानी अभियान' के अंतर्गत जनभागीदारी आधारित जल संरचनाओं के निर्माण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला जनपद पंचायत वाड्रफनगर के सभाकक्ष में हुई, जहाँ ग्राम स्तर पर जल संरक्षण गतिविधियों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने तथा जनसहभागिता से 5 प्रतिशत मॉडल संरचनाओं एवं अन्य जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जनपद सीईओ वाड्रफनगर और कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा ने जल संरक्षण के विभिन्न उपायों, वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के महत्व पर विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'मोर गांव मोर पानी अभियान' का लक्ष्य गांवों को जल समृद्ध बनाना और जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है, जिसके लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान सरपंचों, सचिवों एवं तकनीकी सहायकों को अभियान के तहत स्वीकृत किए जाने वाले कार्यों, संरचनाओं के चयन, तकनीकी मापदंडों और कार्यान्वयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में उपस्थित जनपद पंचायत वाड्रफनगर के सभी सरपंच, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का संकल्प लिया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से 'मोर गांव मोर पानी अभियान' को जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
बलरामपुर जिले में जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'मोर गांव मोर पानी अभियान' के अंतर्गत जनभागीदारी आधारित जल संरचनाओं के निर्माण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला जनपद पंचायत वाड्रफनगर के सभाकक्ष में हुई, जहाँ ग्राम स्तर पर जल संरक्षण गतिविधियों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने तथा जनसहभागिता से 5 प्रतिशत मॉडल संरचनाओं एवं अन्य जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जनपद सीईओ वाड्रफनगर और कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा ने जल संरक्षण के विभिन्न उपायों, वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के महत्व पर विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'मोर गांव मोर पानी अभियान' का लक्ष्य गांवों को जल समृद्ध बनाना और
जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है, जिसके लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान सरपंचों, सचिवों एवं तकनीकी सहायकों को अभियान के तहत स्वीकृत किए जाने वाले कार्यों, संरचनाओं के चयन, तकनीकी मापदंडों और कार्यान्वयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में उपस्थित जनपद पंचायत वाड्रफनगर के सभी सरपंच, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का संकल्प लिया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से 'मोर गांव मोर पानी अभियान' को जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में गरीबों के हक का सरकारी चना सड़क किनारे सड़ा हुआ पाया गया है। यह पूरा मामला जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र के नीलकंठपुर गांव का है, जहां नीलकंठपुर मोड़ के पास भारी मात्रा में अनाज फेंका गया था। वितरण न होने के कारण यह अनाज खराब हो गया। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने अधिकारियों और राशन दुकान संचालकों पर लापरवाही छिपाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, खाद्य अधिकारी ने जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि इस प्रकरण में दोषियों पर FIR दर्ज की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बलरामपुर में राघव एम्बुलेंस लोगों को आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता पहुँचाने के लिए 24x7 इमरजेंसी सेवा प्रदान कर रही है। यह सेवा ऑक्सीजन और दवाइयों जैसी आवश्यक सुविधाओं के साथ एक भरोसेमंद विकल्प प्रस्तुत करती है, खासकर तब जब हर मिनट जीवन के लिए महत्वपूर्ण होता है। राघव एम्बुलेंस बलरामपुर से अंबिकापुर और रायपुर तक अपनी सेवाएँ उपलब्ध कराती है, जिससे ज़रूरत पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके। आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता के लिए 9755525100 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बलरामपुर जिले में इन दिनों अवैध कब्जों का मामला गरमाया हुआ है, जिससे आदिवासी समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। ग्राम पंचायत पस्ता और ग्राम बासेन में राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-343 के किनारे शासकीय जमीनों पर कथित रूप से धड़ल्ले से मकान बनाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी राज्यों से आए लोग यहां निवास कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस गंभीर मामले से अनजान बना हुआ है या अनदेखी कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, एनएच-343 के किनारे तेजी से अवैध कब्जों का खेल चल रहा है और स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट कर जमीनों की खरीद-बिक्री भी खुलेआम की जा रही है। इसी क्रम में, बासेन से सटे सियासरई क्षेत्र में शासकीय भूमि पर पहले कुछ आदिवासी परिवार झोपड़ी बनाकर रहते थे, जिन्हें वन विभाग ने हटाया था और इस संबंध में तहसील कार्यालय राजपुर में प्रकरण भी दर्ज हुआ था। आदिवासी परिवारों का आरोप है कि उन्हें हटाने के बाद, झारखंड से आए कुछ दबंग लोगों ने उसी जमीन पर कब्जा कर लिया। जब स्थानीय आदिवासी परिवारों ने इसका विरोध किया तो उन्हें न्याय नहीं मिला। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि थाना पस्ता में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उलटा उन्हीं पर अपराध कायम कर जेल भेज दिया गया। आदिवासी परिवारों ने प्रशासन पर बाहरी लोगों को संरक्षण देने और स्थानीय निवासियों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले से नाराज होकर, आदिवासी परिवारों ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजूर को ज्ञापन सौंपकर सामाजिक हस्तक्षेप और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। श्री कुजूर ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे मामले से बलरामपुर कलेक्टर को अवगत कराएंगे और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिले के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। बसंत कुजूर ने वन विभाग और राजस्व विभाग से गरीब परिवारों के साथ अन्याय बंद करने और बाहरी लोगों को संरक्षण न देने की मांग की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी अक्सर केवल उन्हीं लोगों की बातें सुनते हैं, जो लेन-देन करने में सक्षम होते हैं। श्री कुजूर ने चेतावनी दी है कि आदिवासी पर अत्याचार करना बंद करो अन्यथा उग्र आंदोलन होगा।2
- ग्रामीणों ने धूल, प्रदूषण और टूटी सड़कों को अपनी रोज़मर्रा की गंभीर समस्या बताया है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। इसी निराशा के चलते, ग्रामीण संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर उनकी आवाज़ कब सुनी जाएगी।1
- पूरे भारत में एक वीडियो पहुँचाने, उसे लाइक करने और उस पर कमेंट करने का आग्रह किया गया है। विशेष रूप से, नमादपुर स्कूल से संबंधित इस वीडियो को छत्तीसगढ़ के हर हिस्से में शेयर करने और एक लाइक देने की अपील की गई है।1
- धुरकी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत टाटीदीरी स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल में बकरीद पर्व के अवसर पर एक मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपसी भाईचारे, प्रेम, सौहार्द और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना था। विद्यालय के निर्देशक डॉ. यासिन अंसारी ने उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए बकरीद को त्याग, समर्पण, इंसानियत और कुर्बानी का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार दूसरों की खुशियों में शामिल होने, जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। डॉ. अंसारी ने यह भी रेखांकित किया कि सभी धर्म मानवता और भाईचारे का संदेश देते हैं, इसलिए हमें एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार साह ने अपने संबोधन में कहा कि बकरीद का पर्व समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि विद्यालय केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक मूल्यों का भी केंद्र होता है, और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में पारस्परिक सम्मान, सहयोग तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। प्रधानाध्यापक ने सभी को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्योहार लोगों को जोड़ने का कार्य करते हैं, और सभी को मिल-जुलकर रहने, एक-दूसरे की सहायता करने तथा समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए। इस सौहार्दपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी और मिलन समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर मुखिया सगुनी राम, शिक्षक दिनेश कुमार, मनी भारती, रोहित कुमार, रुपांजली कुमारी, अर्पना कुमारी, कुर्बान अंसारी, राजेन्द्र प्रसाद यादव, लक्ष्मण साव, लेयकत अंसारी, शमशेर अंसारी, विजय साव, राधेश्याम पासवान, पंकज गुप्ता, जानकी सिंह, श्रवन राम, प्रदीप राम, उमेश राम समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।1
- पंजाब को देश और कांग्रेस दोनों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य बताते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, सभी कार्यकर्ता और नेता एकजुट होकर संगठन को मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ता जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरेंगे। बघेल ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी की मजबूती, कार्यकर्ताओं की एकता और जनता का विश्वास ही पंजाब में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन का आधार बनेगा। उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से एक साथ मिलकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।1
- रंका प्रखंड के वीरबांध गांव में अपनी दुकान की सफाई कर रहे एक युवक को करैत सांप ने डस लिया। गांव निवासी आजाद मियां के पुत्र जुमन मियां के पैर की उंगली में दुकान में छिपे करैत सांप के एक छोटे बच्चे ने काट लिया। इस घटना की जानकारी शनिवार सुबह आठ बजे गांव के ग्रामीण सोमन ने दी। सांप के काटने से घायल हुए जुमन मियां को रंका अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए गढ़वा रेफर किया गया है।1