सतर्कता और सावधानी ही साइबर धोखाधड़ी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय : उपायुक्त *- साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज करें शिकायत* *- नागरिक अनजान कॉल पर बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी न करें साझा* *- फेस्टिवल सीजन में सतर्कता से करें ऑनलाइन शॉपिंग, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें* *- साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का करें उपयोग* *पलवल, 27 अगस्त।* उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने आमजन से अपील की है कि वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो वह बिना किसी देरी के तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाए। इसके साथ ही नागरिक राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि आज के समय में ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई भुगतान का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे में साइबर ठग भी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। विशेषकर फेस्टिवल सीजन में बंपर डिस्काउंट, आकर्षक ऑफर, लॉटरी और ईनाम के नाम पर साइबर ठगी के मामले बढ़ जाते हैं। कई बार लोग लालच या जल्दबाजी में संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिससे उनकी व्यक्तिगत और बैंकिंग संबंधी जानकारी साइबर अपराधियों के हाथ लग सकती है तथा उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। *केवल अधिकृत और सुरक्षित वेबसाइट्स पर करें ऑनलाइन शॉपिंग* उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह ने कहा कि नागरिक किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, ई-मेल या सोशल मीडिया लिंक पर तुरंत विश्वास न करें। किसी भी व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता नंबर, एटीएम/डेबिट कार्ड विवरण, सीवीवी नंबर, ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। बैंक या कोई भी अधिकृत संस्था फोन पर ओटीपी, पिन या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगती है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति द्वारा इस प्रकार की जानकारी मांगे जाने पर तुरंत सतर्क हो जाएं। उपायुक्त ने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग करते समय केवल विश्वसनीय और अधिकृत वेबसाइट अथवा मोबाइल एप्लीकेशन का ही उपयोग करें। खरीदारी करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वेबसाइट सुरक्षित है या नहीं। अत्यधिक सस्ते सामान, असामान्य डिस्काउंट और अविश्वसनीय ऑफर के लालच में आकर किसी अनजान वेबसाइट पर अपनी बैंकिंग जानकारी दर्ज न करें। संदिग्ध वेबसाइट, फर्जी सोशल मीडिया विज्ञापन और अनजान लिंक से विशेष सावधानी बरतें। *साइबर ठगी होने पर तुरंत करें कार्रवाई* उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि बैंकिंग धोखाधड़ी, यूपीआई फिशिंग, फेक लिंक, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, लॉटरी और ईनाम के नाम पर ठगी सहित अन्य साइबर अपराधों से बचने के लिए नागरिकों को डिजिटल रूप से जागरूक होना जरूरी है। साइबर अपराध की घटना होने पर समय पर सूचना देना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि जितनी जल्दी शिकायत संबंधित एजेंसियों तक पहुंचेगी, धोखाधड़ी की गई राशि को रोकने अथवा आगे होने वाले नुकसान को कम करने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। *परिवार और समाज को भी करें साइबर अपराधों के प्रति जागरूक* उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि जिला प्रशासन साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयासरत है। युवाओं से विशेष अपील की गई कि वे स्वयं साइबर अपराधों से सावधान रहें और अपने परिवार के सदस्यों, बुजुर्गों, दोस्तों व परिचितों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सतर्कता और सावधानी ही साइबर धोखाधड़ी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। नागरिक अपने वित्तीय एवं व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें और साइबर ठगी की स्थिति में बिना देरी किए तुरंत संबंधित हेल्पलाइन और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं। 000
सतर्कता और सावधानी ही साइबर धोखाधड़ी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय : उपायुक्त *- साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज करें शिकायत* *- नागरिक अनजान कॉल पर बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी न करें साझा* *- फेस्टिवल सीजन में सतर्कता से करें ऑनलाइन शॉपिंग, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें* *- साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का करें उपयोग* *पलवल, 27 अगस्त।* उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने आमजन से अपील की है कि वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो वह बिना किसी देरी के तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाए। इसके साथ ही नागरिक राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि आज के समय में ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई भुगतान का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे में साइबर ठग भी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। विशेषकर फेस्टिवल सीजन में बंपर डिस्काउंट, आकर्षक ऑफर, लॉटरी और ईनाम के नाम पर साइबर ठगी के मामले बढ़ जाते हैं। कई बार लोग लालच या जल्दबाजी में संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिससे उनकी व्यक्तिगत और बैंकिंग संबंधी जानकारी साइबर अपराधियों के हाथ लग सकती है तथा उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। *केवल अधिकृत और सुरक्षित वेबसाइट्स पर करें ऑनलाइन शॉपिंग* उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह ने कहा कि नागरिक किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, ई-मेल या सोशल मीडिया लिंक पर तुरंत विश्वास न करें। किसी भी व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता नंबर, एटीएम/डेबिट कार्ड विवरण, सीवीवी नंबर, ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। बैंक या कोई भी अधिकृत संस्था फोन पर ओटीपी, पिन या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगती है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति द्वारा इस प्रकार की जानकारी मांगे जाने पर तुरंत सतर्क हो जाएं। उपायुक्त ने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग करते समय केवल विश्वसनीय और अधिकृत वेबसाइट अथवा मोबाइल एप्लीकेशन का ही उपयोग करें। खरीदारी करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वेबसाइट सुरक्षित है या नहीं। अत्यधिक सस्ते सामान, असामान्य डिस्काउंट और अविश्वसनीय ऑफर के लालच में आकर किसी अनजान वेबसाइट पर अपनी बैंकिंग जानकारी दर्ज न करें। संदिग्ध वेबसाइट, फर्जी सोशल मीडिया विज्ञापन और अनजान लिंक से विशेष सावधानी बरतें। *साइबर ठगी होने पर तुरंत करें कार्रवाई* उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि बैंकिंग धोखाधड़ी, यूपीआई फिशिंग, फेक लिंक, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, लॉटरी और ईनाम के नाम पर ठगी सहित अन्य साइबर अपराधों से बचने के लिए नागरिकों को डिजिटल रूप से जागरूक होना जरूरी है। साइबर अपराध की घटना होने पर समय पर सूचना देना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि जितनी जल्दी शिकायत संबंधित एजेंसियों तक पहुंचेगी, धोखाधड़ी की गई राशि को रोकने अथवा आगे होने वाले नुकसान को कम करने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। *परिवार और समाज को भी करें साइबर अपराधों के प्रति जागरूक* उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि जिला प्रशासन साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयासरत है। युवाओं से विशेष अपील की गई कि वे स्वयं साइबर अपराधों से सावधान रहें और अपने परिवार के सदस्यों, बुजुर्गों, दोस्तों व परिचितों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सतर्कता और सावधानी ही साइबर धोखाधड़ी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। नागरिक अपने वित्तीय एवं व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें और साइबर ठगी की स्थिति में बिना देरी किए तुरंत संबंधित हेल्पलाइन और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं। 000
- पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद, 50 हजार रुपये जुर्माना, आठ साल बाद मिला न्याय नूंह। वर्ष 2018 में तावडू सदर थाना क्षेत्र के गांव पढेनी में गर्भवती पत्नी की निर्मम हत्या के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत ने आरोपी पति राजपाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे छ: माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार राजपाल ने अपनी गर्भवती पत्नी आरती की हत्या कर दी थी । मामलें की जांच और सुनवाई के दौरान सामने आया कि आरोपी अपनी पत्नी को सुनसान स्थान पर ले गया और गंडासे से उसके गले पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका की गर्दन पर पांच गंभीर चोटें पाई गई थीं । घटना के बाद मृतका का शव जंगल में फेंक दिया गया था। इस मामले को लेकर मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या सहित गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद नूंह पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी । फैसले के साथ ही लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे मृतका के परिजनों को राहत मिली है।1
- पुनहाना में चारों तरफ गंदगी के हालात कुछ इस तरह के नजर आते हैं1
- ek bacche ne gai shandar Najam madine ka Safar Hai namdeeda namdeeda1
- पुन्हाना के कई वार्डों (जैसे वार्ड 8, 9, 10, 11 और 14) में पुरानी और टूटी हुई पाइपलाइनों के कारण घरों में गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।1
- सड़कों पर निकले कार्यकर्ता वोट चोरी का लगाया आरोप सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर बैनर लेकर किया प्रदर्शन1
- पुलिस द्वारा वीरवार को थाना मुंडकटी में शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने बताया कि शिविर में 7 शिकायतें आई। अधिकतर शिकायत मारपीट मामलों में गिरफ्तारी, पारिवारिक एवं जमीनी विवाद से जुड़ी थी जिनका जल्द से जल्द नियम अनुसार निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पलवल इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने थाना मुंडकटी से सम्बन्धित क्राइम डायरी पर विस्तार से चर्चा की और अपराध तथा अपराधियों पर अंकुश लगाने की कड़ी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि आमजन से मैत्रीपूर्ण व्यवहार करें और अपराध और अपराधियों से सख्ती से निपटें । बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने 30 दिनों से अधिक लंबित चोट के मामलों, 60 दिनों से अधिक लंबित हत्या एवं हत्या के प्रयास के मामलों और 45 दिनों से अधिक लंबित आईटीएसओ मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्राथमिकता के आधार पर आमजन की शिकायतों का न्याय बुद्ध व समय पर निपटारा सुनिश्चित के निर्देश दिए। उन्होंने अन-इन्वेस्टिगेटेड मामलों के प्रतिशत में कमी लाने, आगे की जांच व एससी-एसटी मामलों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने, पार्ट बी के निस्तारण को 15 प्रतिशत से कम रखने तथा धारा 182 के तहत आवश्यक कानूनी कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर में साफ-सफाई, मालखाने को सुव्यवस्थित रखने, जब्त केस प्रॉपर्टी जैसे अवैध शराब व वाहनों का नियमानुसार जल्द निस्तारण करने, सीसीटीवी कैमरों की कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुराने व आदतन अपराधियों की नियमित चेकिंग करने, नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने व पुरानी बंद करने तथा ईआरवी व राइडर कर्मचारियों को नियमित ब्रीफिंग देकर गश्त बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायत निवारण शिविर कार्यक्रम का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है तथा आमजन का पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करना है। इसका उद्देश्य गैर जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है। पुलिस का लक्ष्य जनता की सुरक्षा व सेवा है। कार्यक्रम में उपस्थित जनता ने बारी-बारी अपनी शिकायतें रखीं। पीड़ितों की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी ली तथा शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि पुलिस कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता को त्वरित न्याय प्रदान करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना पलवल पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।2
- जातिगत आरक्षण पर छिड़ी बहस में लोजपा के प्रमुख चिराग पासवान ने बिहार की धरती से आरक्षण के लिए मोदी जी के मंच से मोदी जी के शब्द को कह कर आरक्षण पर कही बड़ी बात। रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने कहा कि ह्म आरक्षण ओर भारतीय संविधान से कोई भी छेड़छाड़ नहीं होने देंगे। पहले भारत के प्रधान मंत्री जी ने भी यही बता कही थी। केंद्रीय मंत्री राम दास अठावले ने भी आरक्षण के लिए अपनी बात कही। उन्होंने कहा सविधान में कोई बदलाव नहीं होगा। उत्तर प्रदेश की पुर। मंत्री मायावती ने भी कहा कि सविधान में कोई बदलाव नहीं होगा। कोई बदलाव करने की कोशिश की तो उसका पूरी तरह से विरोध किया जाएगा।1
- मेडल लाओ, पद और सम्मान पाओ! हरियाणा सरकार ने साक्षी चौधरी को 1.50 करोड़ की सम्मान राशि से सम्मानित किया और जॉब ऑफर दिया #Haryana #DIPRHaryana1