आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रदेश महिला प्रमुख पायल साकरिया और प्रदेश उपाध्यक्ष गौरी देसाई ने 7 जून, 2026 को खाद्य पदार्थों और गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़े प्रहार किए हैं। पायल साकरिया ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय भाजपा ने अलग-अलग राज्यों में मुफ्त सिलेंडर देने की बातें की थीं, लेकिन गुजरात में वह अपने वादे पूरे नहीं कर पाई। उन्होंने सवाल किया कि गुजरात की महिलाओं ने भाजपा को बार-बार वोट दिए, लेकिन भाजपा ने उन्हें क्या दिया? साकरिया ने कहा कि 'ट्रिपल इंजन' की सरकार ने लगातार महंगाई का बोझ डाला है, जबकि लोगों की आय में कोई वृद्धि नहीं हो रही। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को उनकी उपज का भाव नहीं मिल रहा है, और दूसरी ओर खाद्य पदार्थों में लगातार भाव बढ़ रहे हैं। पायल साकरिया ने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि पहले ₹1 की वृद्धि पर भाजपा नेता, विशेषकर महिला मोर्चा के नेता, सिलेंडर लेकर सड़कों पर उतरते थे, लेकिन अब जब एक साथ ₹29 की वृद्धि हुई है, तो वे कहाँ हैं? उन्होंने आर्थिक संकट का बहाना बनाकर लोगों पर मूल्य वृद्धि थोपने की निंदा की और सवाल किया कि देश की आर्थिक स्थिति कमजोर होने का कारण क्या है, जबकि इसे ठीक रखना चुने हुए नेताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने जनता से कहा कि यदि वे अभी और सहन करेंगे तो आने वाला समय और भी खराब होगा, और सरकार से खाद्य पदार्थों तथा गैस सिलेंडर के बढ़े हुए दाम वापस लेने की अपील की। AAP की प्रदेश उपाध्यक्ष गौरी देसाई ने भी रांधण गैस में ₹29 की मूल्य वृद्धि पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, और कहा कि ऐसे समाचार गरीबों और मध्यम वर्ग के जीवन को और भी कठिन बना रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार ऐसी कोई योजना या सब्सिडी नहीं ला पाई है जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को इस आर्थिक संकट में राहत मिल सके। देसाई ने कहा कि लोगों ने 2014 में भाजपा को वोट देकर राज्य से केंद्र तक भेजा, लेकिन तब से लेकर अब तक लोगों का जीवन केवल मूल्य वृद्धि से जूझते हुए ही बीता है, जबकि उनकी आय में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने विभिन्न आवश्यक वस्तुओं, जैसे अरहर दाल, दूध, चावल, गेहूं का आटा, मूंग दाल, सरसों का तेल, और सोयाबीन के तेल की कीमतों में 2014 से अब तक 28% से 95% तक की भारी वृद्धि का हवाला दिया। गौरी देसाई ने केंद्र में बैठी सरकार पर देश को ठीक से न चला पाने और राज्य के गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों की चिंता न करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वे राज्य को ठीक से नहीं चला सकते, तो उन्हें सत्ता छोड़ देनी चाहिए और पढ़े-लिखे लोगों को सत्ता चलाने का मौका देना चाहिए।
आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रदेश महिला प्रमुख पायल साकरिया और प्रदेश उपाध्यक्ष गौरी देसाई ने 7 जून, 2026 को खाद्य पदार्थों और गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़े प्रहार किए हैं। पायल साकरिया ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय भाजपा ने अलग-अलग राज्यों में मुफ्त सिलेंडर देने की बातें की थीं, लेकिन गुजरात में वह अपने वादे पूरे नहीं कर पाई। उन्होंने सवाल किया कि गुजरात की महिलाओं ने भाजपा को बार-बार वोट दिए, लेकिन भाजपा ने उन्हें क्या दिया? साकरिया ने कहा कि 'ट्रिपल इंजन' की सरकार ने लगातार महंगाई का बोझ डाला है, जबकि लोगों की आय में कोई वृद्धि नहीं हो रही। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को उनकी उपज का भाव नहीं मिल रहा है, और दूसरी ओर खाद्य पदार्थों में लगातार भाव बढ़ रहे हैं। पायल साकरिया ने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि पहले ₹1 की वृद्धि पर भाजपा नेता, विशेषकर महिला मोर्चा के नेता, सिलेंडर लेकर सड़कों पर उतरते थे, लेकिन अब जब एक साथ ₹29 की वृद्धि हुई है, तो वे कहाँ हैं? उन्होंने आर्थिक संकट का बहाना बनाकर लोगों पर मूल्य वृद्धि थोपने की निंदा की और सवाल किया कि देश की आर्थिक स्थिति कमजोर होने का कारण क्या है, जबकि इसे ठीक रखना चुने हुए नेताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने जनता से कहा कि यदि वे अभी और सहन करेंगे तो आने वाला समय और भी खराब होगा, और सरकार से खाद्य पदार्थों तथा गैस सिलेंडर के बढ़े हुए दाम वापस लेने की अपील की। AAP की प्रदेश उपाध्यक्ष गौरी देसाई ने भी रांधण गैस में ₹29 की मूल्य वृद्धि पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, और कहा कि ऐसे समाचार गरीबों और मध्यम वर्ग के जीवन को और भी कठिन बना रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार ऐसी कोई योजना या सब्सिडी नहीं ला पाई है जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को इस आर्थिक संकट में राहत मिल सके। देसाई ने कहा कि लोगों ने 2014 में भाजपा को वोट देकर राज्य से केंद्र तक भेजा, लेकिन तब से लेकर अब तक लोगों का जीवन केवल मूल्य वृद्धि से जूझते हुए ही बीता है, जबकि उनकी आय में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने विभिन्न आवश्यक वस्तुओं, जैसे अरहर दाल, दूध, चावल, गेहूं का आटा, मूंग दाल, सरसों का तेल, और सोयाबीन के तेल की कीमतों में 2014 से अब तक 28% से 95% तक की भारी वृद्धि का हवाला दिया। गौरी देसाई ने केंद्र में बैठी सरकार पर देश को ठीक से न चला पाने और राज्य के गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों की चिंता न करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वे राज्य को ठीक से नहीं चला सकते, तो उन्हें सत्ता छोड़ देनी चाहिए और पढ़े-लिखे लोगों को सत्ता चलाने का मौका देना चाहिए।
- प्रयागराज जिले के नटवा तिराहे के पास एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पोल से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना के बाद मृतक और घायल के परिजनों में भारी कोहराम मच गया। यह जानकारी रविवार को दोपहर 01 बजे मिली।1
- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अपनी सरकार की अतिक्रमण-रोधी एजेंसी 'HYDRAA' के नाम और कार्यप्रणाली को जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर से प्रेरित होने की बात कहकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री रेड्डी ने दावा किया था कि 'हाइड्रा' हिटलर का पसंदीदा शब्द था और उसकी कोर टीम का नाम भी यही था। यह एजेंसी तेलंगाना सरकार द्वारा जुलाई 2024 में झीलों, नालों और सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने और संपत्ति की रक्षा करने के लिए बनाई गई थी। रेड्डी के इस बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे "कांग्रेस की खतरनाक हिटलर और आपातकालीन मानसिकता" करार देते हुए उनसे बिना शर्त माफी की मांग की है। वहीं, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने भी रेड्डी पर लाखों गरीबों के घर उजाड़ने का आरोप लगाया है और उन्हें "नया हिटलर" बताया है।1
- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर बेहद कड़ी टिप्पणी की है, जिसमें यह साफ तौर पर कहा गया है कि 'मलाईदार तैनाती' पाने के लिए पुलिसकर्मी फर्जी मुठभेड़ या अवैध गिरफ्तारी करने से भी नहीं हिचकते। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि यूपी पुलिस के लिए संविधान से कहीं ज्यादा सियासी आकाओं की खुशी महत्वपूर्ण है। यह तल्ख टिप्पणी गाजियाबाद के नंद ग्राम थाने में पिता, पुत्र और बहू के खिलाफ दर्ज गैंगस्टर एक्ट को खत्म करते हुए की गई। इस निर्णय के दौरान, हाई कोर्ट ने पुलिस के कामकाज के तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने पुलिस की तथाकथित 'ठोको संस्कृति' और चयनात्मक कार्रवाई पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, पुलिस विभाग की निष्पक्षता और संवैधानिक सिद्धांतों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर गहरे प्रश्न खड़े किए हैं।1
- भदोही जनपद के डीघ विकासखंड अंतर्गत कलनुआ गांव में वर्षों पहले लगाई गई सौर ऊर्जा लाइट खराब होने से ग्रामीणों को रात के समय अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है। गांव निवासी श्यामा चरण पांडेय ने बताया कि उन्हें लगभग आठ वर्ष पूर्व यह सौर ऊर्जा लाइट उपलब्ध कराई गई थी, जो अब पूरी तरह खराब हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण उन्हें रात में आने-जाने में भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द नई सौर ऊर्जा लाइट उपलब्ध कराने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की है।1
- लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में जमीन कब्जाने के एक विवाद ने खूनी रूप ले लिया है। खुजहेटा निवासी राममिलन ने मोहनलालगंज थाने में तहरीर देते हुए उमेश पाल पुत्र रामखिलावन और उसके साथियों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़ित राममिलन ने बताया कि उमेश पाल मोहनलालगंज खुजहेटा स्थित उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण करना चाहता है। इसी दौरान, विपक्षियों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से लैस होकर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में राममिलन की पत्नी और बेटी को भी चोटें आई हैं। राममिलन का आरोप है कि कब्जे के इस प्रयास को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। पीड़ित ने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- परीक्षाओं के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थकों के बीच एक महिला पत्रकार के साथ अत्यंत आपत्तिजनक व्यवहार का मामला सामने आया है। महिला पत्रकार ने प्रदर्शनकारियों से सवाल किया था कि उनके प्रदर्शन में उमर खालिद के समर्थन में नारे क्यों लगाए जा रहे हैं, जिस पर एक 80 वर्षीय CJP समर्थक ने बेहद घिनौनी और शर्मनाक टिप्पणी की। 80 साल के इस 'कॉकरोच' समर्थक ने पत्रकार से सीधे पूछा कि 'उमर खालिद ने तुम्हें रेप किया क्या?' इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए, पोस्ट में इस व्यवहार को 'पिता की उम्र का आदमी बेटी की उम्र की लड़की से इस लेवल की गंदगी' बताया गया है। लेखक का आरोप है कि यह 'कॉकरोच पार्टी का असली चेहरा' है, जो सवालों का जवाब न होने पर सीधा व्यक्तिगत अपमान और घटिया बात पर उतर आती है। पोस्ट में यह सवाल भी उठाया गया है कि छात्रों की वास्तविक परेशानियां और परीक्षाओं का मुद्दा कहाँ चला गया है, और आरोप लगाया गया है कि अब केवल 'उमर खालिद और एजेंडा बचाना' ही इस पार्टी का मुख्य लक्ष्य रह गया है। इस पूरी घटना पर कड़ी 'शर्म' व्यक्त की गई है।1
- मौदहा के चिकवा मोहल्ले में वन विभाग और नगर पालिका की घोर लापरवाही उजागर हुई है, जहाँ एक बंदर पिछले 24 घंटे से घायल अवस्था में पड़ा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर स्थिति की जानकारी दिए जाने के बावजूद अब तक कोई भी बचाव दल या टीम मौके पर नहीं पहुँची है। स्थानीय निवासियों ने नगर पालिका और वन विभाग दोनों को इस घटना की सूचना दी थी, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच, घायल बंदर पर लगातार कुत्ते हमला कर रहे हैं, जिन्हें मोहल्ले के लोग अपनी तरफ से भगाने की कोशिश कर रहे हैं। इस घायल बंदर के साथ उसका छोटा बच्चा भी चिपका हुआ है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्र में मौजूद बंदरों का झुंड कभी भी आक्रामक हो सकता है, जिसके कारण लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है। मोहल्ले के लोगों ने प्रशासन से तत्काल घायल बंदर के रेस्क्यू और उचित उपचार की व्यवस्था करने की कड़ी मांग की है।1