परीक्षाओं के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थकों के बीच एक महिला पत्रकार के साथ अत्यंत आपत्तिजनक व्यवहार का मामला सामने आया है। महिला पत्रकार ने प्रदर्शनकारियों से सवाल किया था कि उनके प्रदर्शन में उमर खालिद के समर्थन में नारे क्यों लगाए जा रहे हैं, जिस पर एक 80 वर्षीय CJP समर्थक ने बेहद घिनौनी और शर्मनाक टिप्पणी की। 80 साल के इस 'कॉकरोच' समर्थक ने पत्रकार से सीधे पूछा कि 'उमर खालिद ने तुम्हें रेप किया क्या?' इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए, पोस्ट में इस व्यवहार को 'पिता की उम्र का आदमी बेटी की उम्र की लड़की से इस लेवल की गंदगी' बताया गया है। लेखक का आरोप है कि यह 'कॉकरोच पार्टी का असली चेहरा' है, जो सवालों का जवाब न होने पर सीधा व्यक्तिगत अपमान और घटिया बात पर उतर आती है। पोस्ट में यह सवाल भी उठाया गया है कि छात्रों की वास्तविक परेशानियां और परीक्षाओं का मुद्दा कहाँ चला गया है, और आरोप लगाया गया है कि अब केवल 'उमर खालिद और एजेंडा बचाना' ही इस पार्टी का मुख्य लक्ष्य रह गया है। इस पूरी घटना पर कड़ी 'शर्म' व्यक्त की गई है।
परीक्षाओं के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थकों के बीच एक महिला पत्रकार के साथ अत्यंत आपत्तिजनक व्यवहार का मामला सामने आया है। महिला पत्रकार ने प्रदर्शनकारियों से सवाल किया था कि उनके प्रदर्शन में उमर खालिद के समर्थन में नारे क्यों लगाए जा रहे हैं, जिस पर एक 80 वर्षीय CJP समर्थक ने बेहद घिनौनी और शर्मनाक टिप्पणी की। 80 साल के इस 'कॉकरोच' समर्थक ने पत्रकार से सीधे पूछा कि 'उमर खालिद ने तुम्हें रेप किया क्या?' इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए, पोस्ट में इस व्यवहार को 'पिता की उम्र का आदमी बेटी की उम्र की लड़की से इस लेवल की गंदगी' बताया गया है। लेखक का आरोप है कि यह 'कॉकरोच पार्टी का असली चेहरा' है, जो सवालों का जवाब न होने पर सीधा व्यक्तिगत अपमान और घटिया बात पर उतर आती है। पोस्ट में यह सवाल भी उठाया गया है कि छात्रों की वास्तविक परेशानियां और परीक्षाओं का मुद्दा कहाँ चला गया है, और आरोप लगाया गया है कि अब केवल 'उमर खालिद और एजेंडा बचाना' ही इस पार्टी का मुख्य लक्ष्य रह गया है। इस पूरी घटना पर कड़ी 'शर्म' व्यक्त की गई है।
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित गौहनिया क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। एक उपभोक्ता ने आरोप लगाया है कि उसके पुराने बिल का भुगतान करने के बावजूद, विभाग ने उसे वर्तमान माह का बिजली बिल लगभग ₹49,000 का भेज दिया है। पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि इस भारी-भरकम बिल ने उसे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है। उसका दावा है कि वह सामान्य घरेलू बिजली का उपयोग करता है और इतनी बड़ी खपत संभव नहीं है, जिससे पूरा परिवार चिंता में है। उपभोक्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित कर्मचारियों से संपर्क करने पर भी उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिसके बाद उसने अब न्याय के लिए बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गौहनिया विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र पहले भी कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रहा है, जहाँ उपभोक्ताओं द्वारा समय-समय पर जेई और कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न शिकायतें सामने आती रही हैं। क्षेत्रीय उपभोक्ताओं ने मांग की है कि बिजली विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए और यदि बिलिंग में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत सुधारा जाए। उनकी यह भी अपेक्षा है कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य उपभोक्ता को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े। फिलहाल, पीड़ित उपभोक्ता उच्च अधिकारियों से न्याय की उम्मीद लगाए हुए है। अब देखना होगा कि बिजली विभाग इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और उपभोक्ता को कब तक राहत मिल पाती है। इस पूरे मामले पर सवाल उठते हैं कि क्या बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर और प्रभावी ढंग से समाधान होना चाहिए।3
- प्रयागराज के घूरपुर में शनिवार को थाना गेट के ठीक सामने दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें दोनों बाइकों पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही घूरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत सरकारी वाहन से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा पहुंचाया। जसरा में उनकी नाजुक हालत को देखते हुए, चिकित्सकों ने दोनों युवकों को तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस अभी तक घायलों की पहचान नहीं कर पाई है और उनकी शिनाख्त करने के प्रयासों में जुटी हुई है।1
- आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रदेश महिला प्रमुख पायल साकरिया और प्रदेश उपाध्यक्ष गौरी देसाई ने 7 जून, 2026 को खाद्य पदार्थों और गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़े प्रहार किए हैं। पायल साकरिया ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय भाजपा ने अलग-अलग राज्यों में मुफ्त सिलेंडर देने की बातें की थीं, लेकिन गुजरात में वह अपने वादे पूरे नहीं कर पाई। उन्होंने सवाल किया कि गुजरात की महिलाओं ने भाजपा को बार-बार वोट दिए, लेकिन भाजपा ने उन्हें क्या दिया? साकरिया ने कहा कि 'ट्रिपल इंजन' की सरकार ने लगातार महंगाई का बोझ डाला है, जबकि लोगों की आय में कोई वृद्धि नहीं हो रही। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को उनकी उपज का भाव नहीं मिल रहा है, और दूसरी ओर खाद्य पदार्थों में लगातार भाव बढ़ रहे हैं। पायल साकरिया ने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि पहले ₹1 की वृद्धि पर भाजपा नेता, विशेषकर महिला मोर्चा के नेता, सिलेंडर लेकर सड़कों पर उतरते थे, लेकिन अब जब एक साथ ₹29 की वृद्धि हुई है, तो वे कहाँ हैं? उन्होंने आर्थिक संकट का बहाना बनाकर लोगों पर मूल्य वृद्धि थोपने की निंदा की और सवाल किया कि देश की आर्थिक स्थिति कमजोर होने का कारण क्या है, जबकि इसे ठीक रखना चुने हुए नेताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने जनता से कहा कि यदि वे अभी और सहन करेंगे तो आने वाला समय और भी खराब होगा, और सरकार से खाद्य पदार्थों तथा गैस सिलेंडर के बढ़े हुए दाम वापस लेने की अपील की। AAP की प्रदेश उपाध्यक्ष गौरी देसाई ने भी रांधण गैस में ₹29 की मूल्य वृद्धि पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, और कहा कि ऐसे समाचार गरीबों और मध्यम वर्ग के जीवन को और भी कठिन बना रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार ऐसी कोई योजना या सब्सिडी नहीं ला पाई है जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को इस आर्थिक संकट में राहत मिल सके। देसाई ने कहा कि लोगों ने 2014 में भाजपा को वोट देकर राज्य से केंद्र तक भेजा, लेकिन तब से लेकर अब तक लोगों का जीवन केवल मूल्य वृद्धि से जूझते हुए ही बीता है, जबकि उनकी आय में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने विभिन्न आवश्यक वस्तुओं, जैसे अरहर दाल, दूध, चावल, गेहूं का आटा, मूंग दाल, सरसों का तेल, और सोयाबीन के तेल की कीमतों में 2014 से अब तक 28% से 95% तक की भारी वृद्धि का हवाला दिया। गौरी देसाई ने केंद्र में बैठी सरकार पर देश को ठीक से न चला पाने और राज्य के गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों की चिंता न करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वे राज्य को ठीक से नहीं चला सकते, तो उन्हें सत्ता छोड़ देनी चाहिए और पढ़े-लिखे लोगों को सत्ता चलाने का मौका देना चाहिए।1
- लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में जमीन कब्जाने के एक विवाद ने खूनी रूप ले लिया है। खुजहेटा निवासी राममिलन ने मोहनलालगंज थाने में तहरीर देते हुए उमेश पाल पुत्र रामखिलावन और उसके साथियों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़ित राममिलन ने बताया कि उमेश पाल मोहनलालगंज खुजहेटा स्थित उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण करना चाहता है। इसी दौरान, विपक्षियों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से लैस होकर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में राममिलन की पत्नी और बेटी को भी चोटें आई हैं। राममिलन का आरोप है कि कब्जे के इस प्रयास को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। पीड़ित ने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- परीक्षाओं के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थकों के बीच एक महिला पत्रकार के साथ अत्यंत आपत्तिजनक व्यवहार का मामला सामने आया है। महिला पत्रकार ने प्रदर्शनकारियों से सवाल किया था कि उनके प्रदर्शन में उमर खालिद के समर्थन में नारे क्यों लगाए जा रहे हैं, जिस पर एक 80 वर्षीय CJP समर्थक ने बेहद घिनौनी और शर्मनाक टिप्पणी की। 80 साल के इस 'कॉकरोच' समर्थक ने पत्रकार से सीधे पूछा कि 'उमर खालिद ने तुम्हें रेप किया क्या?' इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए, पोस्ट में इस व्यवहार को 'पिता की उम्र का आदमी बेटी की उम्र की लड़की से इस लेवल की गंदगी' बताया गया है। लेखक का आरोप है कि यह 'कॉकरोच पार्टी का असली चेहरा' है, जो सवालों का जवाब न होने पर सीधा व्यक्तिगत अपमान और घटिया बात पर उतर आती है। पोस्ट में यह सवाल भी उठाया गया है कि छात्रों की वास्तविक परेशानियां और परीक्षाओं का मुद्दा कहाँ चला गया है, और आरोप लगाया गया है कि अब केवल 'उमर खालिद और एजेंडा बचाना' ही इस पार्टी का मुख्य लक्ष्य रह गया है। इस पूरी घटना पर कड़ी 'शर्म' व्यक्त की गई है।1
- मौदहा के चिकवा मोहल्ले में वन विभाग और नगर पालिका की घोर लापरवाही उजागर हुई है, जहाँ एक बंदर पिछले 24 घंटे से घायल अवस्था में पड़ा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर स्थिति की जानकारी दिए जाने के बावजूद अब तक कोई भी बचाव दल या टीम मौके पर नहीं पहुँची है। स्थानीय निवासियों ने नगर पालिका और वन विभाग दोनों को इस घटना की सूचना दी थी, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच, घायल बंदर पर लगातार कुत्ते हमला कर रहे हैं, जिन्हें मोहल्ले के लोग अपनी तरफ से भगाने की कोशिश कर रहे हैं। इस घायल बंदर के साथ उसका छोटा बच्चा भी चिपका हुआ है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्र में मौजूद बंदरों का झुंड कभी भी आक्रामक हो सकता है, जिसके कारण लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है। मोहल्ले के लोगों ने प्रशासन से तत्काल घायल बंदर के रेस्क्यू और उचित उपचार की व्यवस्था करने की कड़ी मांग की है।1