उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित गौहनिया क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। एक उपभोक्ता ने आरोप लगाया है कि उसके पुराने बिल का भुगतान करने के बावजूद, विभाग ने उसे वर्तमान माह का बिजली बिल लगभग ₹49,000 का भेज दिया है। पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि इस भारी-भरकम बिल ने उसे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है। उसका दावा है कि वह सामान्य घरेलू बिजली का उपयोग करता है और इतनी बड़ी खपत संभव नहीं है, जिससे पूरा परिवार चिंता में है। उपभोक्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित कर्मचारियों से संपर्क करने पर भी उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिसके बाद उसने अब न्याय के लिए बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गौहनिया विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र पहले भी कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रहा है, जहाँ उपभोक्ताओं द्वारा समय-समय पर जेई और कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न शिकायतें सामने आती रही हैं। क्षेत्रीय उपभोक्ताओं ने मांग की है कि बिजली विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए और यदि बिलिंग में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत सुधारा जाए। उनकी यह भी अपेक्षा है कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य उपभोक्ता को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े। फिलहाल, पीड़ित उपभोक्ता उच्च अधिकारियों से न्याय की उम्मीद लगाए हुए है। अब देखना होगा कि बिजली विभाग इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और उपभोक्ता को कब तक राहत मिल पाती है। इस पूरे मामले पर सवाल उठते हैं कि क्या बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर और प्रभावी ढंग से समाधान होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित गौहनिया क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। एक उपभोक्ता ने आरोप लगाया है कि उसके पुराने बिल का भुगतान करने के बावजूद, विभाग ने उसे वर्तमान माह का बिजली बिल लगभग ₹49,000 का भेज दिया है। पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि इस भारी-भरकम बिल ने उसे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है। उसका दावा है कि वह सामान्य घरेलू बिजली का उपयोग करता है और इतनी बड़ी खपत संभव नहीं है, जिससे पूरा परिवार चिंता में है।
उपभोक्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित कर्मचारियों से संपर्क करने पर भी उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिसके बाद उसने अब न्याय के लिए बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गौहनिया विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र पहले भी कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रहा है, जहाँ उपभोक्ताओं द्वारा समय-समय पर जेई और कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न शिकायतें सामने आती रही हैं। क्षेत्रीय उपभोक्ताओं ने मांग की है कि बिजली विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए और यदि बिलिंग में कोई त्रुटि पाई जाती
है, तो उसे तुरंत सुधारा जाए। उनकी यह भी अपेक्षा है कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य उपभोक्ता को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े। फिलहाल, पीड़ित उपभोक्ता उच्च अधिकारियों से न्याय की उम्मीद लगाए हुए है। अब देखना होगा कि बिजली विभाग इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और उपभोक्ता को कब तक राहत मिल पाती है। इस पूरे मामले पर सवाल उठते हैं कि क्या बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर और प्रभावी ढंग से समाधान होना चाहिए।
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के दलवाबारी गाँव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक आवारा सांड अचानक गाँव के पास स्थित एक बड़े और गहरे नाले में गिर गया। नाले में गिरने के बाद सांड ने काफी देर तक बाहर निकलने के लिए संघर्ष किया, लेकिन नाले की गहराई और फिसलन के कारण वह स्वयं बाहर नहीं निकल सका। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुँचे और नाले में फंसे सांड को देखकर उसकी जान बचाने का सामूहिक प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने रस्सियों और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से सांड को बाहर निकालने की कोशिश की। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को सफलता मिली और सांड को सुरक्षित नाले से बाहर निकाल लिया गया। सांड के बाहर निकलते ही वह कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा और फिर सामान्य अवस्था में चला गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की साँस ली। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते बचाव कार्य नहीं किया जाता तो सांड की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। ग्रामीणों के इस मानवीय और सराहनीय प्रयास की क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है। लोगों ने इस घटना को पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक सहयोग का प्रेरणादायक उदाहरण बताया, जिससे समाज में एकजुटता का संदेश गया। ग्रामीणों की तत्परता और एकजुटता के कारण एक बेजुबान पशु की जान बच सकी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खुले और खतरनाक नालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी पशु या व्यक्ति के साथ इस प्रकार की दुर्घटना न हो।3
- pgal ho gya hai name Roshan Kumar ka rhane hriyari korean hriyari ka rhane wal hai name Roshan Kumar post belhat pura hriyari korean prayagraj1
- प्रयागराज के घूरपुर में शनिवार को थाना गेट के ठीक सामने दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें दोनों बाइकों पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही घूरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत सरकारी वाहन से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा पहुंचाया। जसरा में उनकी नाजुक हालत को देखते हुए, चिकित्सकों ने दोनों युवकों को तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस अभी तक घायलों की पहचान नहीं कर पाई है और उनकी शिनाख्त करने के प्रयासों में जुटी हुई है।1
- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अपनी सरकार की अतिक्रमण-रोधी एजेंसी 'HYDRAA' के नाम और कार्यप्रणाली को जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर से प्रेरित होने की बात कहकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री रेड्डी ने दावा किया था कि 'हाइड्रा' हिटलर का पसंदीदा शब्द था और उसकी कोर टीम का नाम भी यही था। यह एजेंसी तेलंगाना सरकार द्वारा जुलाई 2024 में झीलों, नालों और सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने और संपत्ति की रक्षा करने के लिए बनाई गई थी। रेड्डी के इस बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे "कांग्रेस की खतरनाक हिटलर और आपातकालीन मानसिकता" करार देते हुए उनसे बिना शर्त माफी की मांग की है। वहीं, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने भी रेड्डी पर लाखों गरीबों के घर उजाड़ने का आरोप लगाया है और उन्हें "नया हिटलर" बताया है।1
- बांदा जनपद की बबेरू विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत घंसौल में आज समाजवादी विचारधारा के प्रखर नेता जॉर्ज फर्नांडीस की जयंती जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बैनर तले श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और जदयू कार्यकर्ताओं ने शिरकत की, जहाँ जॉर्ज साहब के संघर्षपूर्ण जीवन, सामाजिक न्याय, समानता और जनहित की राजनीति को याद किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनता दल यूनाइटेड की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि जॉर्ज फर्नांडीस केवल एक नेता नहीं थे, बल्कि शोषितों, पीड़ितों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज जब समाज कई सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब जॉर्ज साहब के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। कार्यक्रम में जनता दल यूनाइटेड के जिला अध्यक्ष उमाकांत सविता, नगर विकास अध्यक्ष जेडीयू काशी प्रसाद याज्ञिक, अतर्रा नगर अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ जेडीयू ज्योति मौर्य, जिला उपाध्यक्ष रमन गुप्ता सहित सैकड़ों महिलाएं और ग्रामीण उपस्थित रहे। इस जयंती कार्यक्रम का मुख्य केंद्र शराबबंदी को लेकर लिया गया महिलाओं का संकल्प रहा। उपस्थित महिलाओं ने एकजुट होकर यह दृढ़ संकल्प लिया कि वे गांव-गांव तक जनजागरण अभियान चलाएंगी और शराब से बर्बाद हो रहे परिवारों को बचाने के लिए बांदा से लेकर लखनऊ तक संघर्ष करेंगी। महिलाओं ने इसे केवल एक सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, परिवार की खुशहाली और समाज के भविष्य से जुड़ा विषय बताया, जिसके लिए इस लड़ाई को पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। जयंती कार्यक्रम के दौरान जॉर्ज साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही, उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज में न्याय, समानता और जनहित की राजनीति को मजबूत करने का भी संकल्प लिया गया, खासकर शराबबंदी के निर्णायक संघर्ष को बांदा से लखनऊ तक ले जाने का आह्वान किया गया।4
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित गौहनिया क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। एक उपभोक्ता ने आरोप लगाया है कि उसके पुराने बिल का भुगतान करने के बावजूद, विभाग ने उसे वर्तमान माह का बिजली बिल लगभग ₹49,000 का भेज दिया है। पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि इस भारी-भरकम बिल ने उसे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है। उसका दावा है कि वह सामान्य घरेलू बिजली का उपयोग करता है और इतनी बड़ी खपत संभव नहीं है, जिससे पूरा परिवार चिंता में है। उपभोक्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित कर्मचारियों से संपर्क करने पर भी उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिसके बाद उसने अब न्याय के लिए बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गौहनिया विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र पहले भी कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रहा है, जहाँ उपभोक्ताओं द्वारा समय-समय पर जेई और कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न शिकायतें सामने आती रही हैं। क्षेत्रीय उपभोक्ताओं ने मांग की है कि बिजली विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए और यदि बिलिंग में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत सुधारा जाए। उनकी यह भी अपेक्षा है कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य उपभोक्ता को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े। फिलहाल, पीड़ित उपभोक्ता उच्च अधिकारियों से न्याय की उम्मीद लगाए हुए है। अब देखना होगा कि बिजली विभाग इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और उपभोक्ता को कब तक राहत मिल पाती है। इस पूरे मामले पर सवाल उठते हैं कि क्या बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर और प्रभावी ढंग से समाधान होना चाहिए।3
- प्रयागराज जिले के घूरपुर थाना गेट के सामने शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहाँ दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर में उन पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और घायल युवक सड़क पर गिर पड़े, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद दोनों युवक दर्द से कराहते हुए सड़क पर पड़े रहे। घटना की सूचना मिलने पर घूरपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने सरकारी वाहन से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जसरा पहुंचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। चिकित्सकों ने बताया है कि दोनों युवकों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हादसे में आई गंभीर चोटों के कारण उनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस उनकी शिनाख्त करने के साथ-साथ दुर्घटना के कारणों की भी जांच कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना गेट के सामने यह मार्ग काफी व्यस्त रहता है और यहाँ आए दिन तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से सवाल खड़े हो गए हैं, और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।2