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डीडवाना-कुचामन क्षेत्र में एक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों को लंबित आपराधिक मामलों का त्वरित निस्तारण करने और अपराधियों के प्रति सख्ती बरतने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
रमेश सिंह
डीडवाना-कुचामन क्षेत्र में एक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों को लंबित आपराधिक मामलों का त्वरित निस्तारण करने और अपराधियों के प्रति सख्ती बरतने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
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- ग्राम लाम्पोलाई स्थित श्री श्याम गौशाला में चल रही सप्त दिवसीय श्री भक्तमाल कथा के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। कथा सुनने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी सैकड़ों महिलाएँ, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे पहुंचे, जिससे कथा स्थल पर दिनभर भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा। यह सप्त दिवसीय कथा 1 जून से 7 जून तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की जा रही है, जिसका वाचन पूज्य संत श्री सुखदेवजी महाराज (दरियाव आश्रम, कुचेरा) कर रहे हैं। कथा के दौरान महिला श्रद्धालु भजनों पर नाचते-झूमते हुए दिखीं, जबकि अन्य श्रद्धालु भक्ति रस में लीन होकर आनंद लेते रहे। धार्मिक जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। अपने प्रवचन में संत सुखदेवजी महाराज ने गुरु महिमा का विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि गुरु के बिना मनुष्य का जीवन अंधकारमय रहता है और गुरु ही व्यक्ति को सही मार्ग दिखाकर जीवन को सफल बनाते हैं। महाराज ने सभी से अपने गुरु की आज्ञा का पालन करने का संदेश दिया, क्योंकि सच्चा गुरु कभी गलत रास्ता नहीं दिखाता। उन्होंने भारतीय संस्कृति में गुरु को भगवान के समान दर्जा दिए जाने और उनके मार्गदर्शन से ही ज्ञान व आत्मकल्याण की प्राप्ति होने पर जोर दिया। कथा के दौरान महाराज ने संत महापुरुषों के जीवन, भक्ति, सेवा और सत्संग की प्रेरणादायक गाथाएं भी सुनाईं। उन्होंने गौसेवा को मानव जीवन का सबसे बड़ा पुण्य कार्य बताया और कहा कि गौमाता के लिए किया गया दान सर्वोत्तम दान है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने श्रद्धालुओं को सदैव मधुर वाणी बोलने, परोपकार करने और जीव-जंतुओं की सेवा करने का संदेश दिया। महाराज की ओजस्वी वाणी से पूरा पंडाल "राम-राम, जय श्रीराम" के जयघोष से गूंज उठा। आयोजन समिति और ग्रामवासियों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल, छाया और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। यह कथा श्री श्याम गौशाला समिति और श्रद्धालुओं के जनसहयोग से आयोजित की जा रही है, और आयोजकों ने सभी से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।1
- भीम के जस्साखेड़ा से पहले स्थित 24 मिल चौराहे पर एक सड़क दुर्घटना में कुछ अज्ञात व्यक्ति घायल अवस्था में पड़े मिले, जिनमें एक महिला खून से लथपथ थी। एक मददगार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें भीम अस्पताल पहुँचाया और उनका इलाज शुरू करवाया। यात्री के भीम अस्पताल पहुँचने और परिवार के सदस्यों के आने के बाद, उनके सामान के साथ-साथ उनकी बाइक भी उन्हें सौंप दी गई। इस घटना में महिला के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके टांके लगाए गए। पुरुष की कमर और सिर में चोटें आईं, जबकि तीन महीने की छोटी बच्ची को मामूली खरोंचें आई हैं।1
- नागौर पुलिस ने ASP नागौर, आशाराम चौधरी के निर्देशन में चलाए जा रहे 'नशा मुक्त नागौर' अभियान के तहत नशे के सौदागरों पर बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में अपराधियों द्वारा नशा बेचकर अर्जित की गई संपत्ति को NDPS एक्ट की धारा 68 एफ के तहत पुलिस ने फ्रीज कर दिया है, जिसे 'वज्र प्रहार' बताया गया है। पांचौड़ी निवासी रामस्वरूप बिश्नोई, जो अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्त का बड़ा तस्कर है, उसकी काली कमाई से चावण्डिया गांव में बने एक आलीशान मकान और एक बड़े हॉल को फ्रीज किया गया है। फ्रीज की गई इस संपत्ति की बाजार कीमत लगभग 37 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी और उसके साथियों के पास से काले रंग के प्लास्टिक के कुल 51 कट्टों में 801 किलो 600 ग्राम डोडा पोस्त पहले ही बरामद किया जा चुका है। आरोपी ने यह मकान एवं हॉल अपनी माता के नाम करवा रखा था। थानाधिकारी पांचौड़ी की प्रभावी पैरवी के बाद, सक्षम प्राधिकारी दिल्ली द्वारा संपत्ति फ्रीज करने के आदेश को कंफर्म कर दिया गया। नागौर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि समाज को नशा बेचकर खोखला करने वालों के विरुद्ध आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। यह पांचौड़ी पुलिस टीम की एक शानदार कार्रवाई मानी जा रही है।3
- ब्यावर में आज ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के तहत उन ई-रिक्शा चालकों को रोका गया जो सड़कों पर निर्धारित वर्दी (ड्रेस कोड) के बिना रिक्शा चला रहे थे। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के ई-रिक्शा चालकों में हड़कंप मच गया और उनके सख्त चालान काटे गए।1
- ब्यावर कलेक्ट्रेट में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के संबंध में एक मीडिया राउंड टेबल बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों ने अभियान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की।2
- आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने के उद्देश्य से, जिला कलेक्टर कमल राम मीना की अध्यक्षता में 03 जून को पंचायत समिति मसूदा की ग्राम पंचायत नाड़ी में एक रात्रि चौपाल और जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पेयजल, विद्युत, सड़क, राजस्व, शिक्षा और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित अपनी समस्याएँ एवं सुझाव जिला कलेक्टर के समक्ष रखे। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल दिशा-निर्देश दिए, जिसमें प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर ज़ोर दिया गया। उन्होंने राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। जनसुनवाई में कुल 25 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 4 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। एक महत्वपूर्ण त्वरित कार्रवाई के तहत, पेयजल संकट से संबंधित शिकायत पर जिला कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायक अभियंता, पीएचईडी को निर्देशित किया, जिसके परिणामस्वरूप मौके पर ही टैंकर स्वीकृति जारी की गई। इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत महसूस की और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। जिला कलेक्टर ने शेष प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण हेतु अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि हर पात्र व्यक्ति को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके। इस अवसर पर, "वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान" के तहत ग्रामीणों को जल संरक्षण और जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। रात्रि चौपाल में उपखण्ड अधिकारी दीपशिखा, विकास अधिकारी संदेश पाराशर, तहसीलदार रामप्रसाद चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन के साथ सीधे संवाद कर अपनी समस्याएँ, सुझाव और अपेक्षाएँ साझा कीं।1
- राजस्थान सरकार के निर्देश पर संचालित 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत, नागौर के सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय ने जिले के मीडिया प्रतिनिधियों के लिए पारंपरिक जल स्रोतों और जल संरक्षण स्थलों का फील्ड भ्रमण आयोजित किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य आमजन तक जल संरक्षण के महत्व, पारंपरिक जल स्रोतों की उपयोगिता और जल संवर्धन के सफल स्थानीय मॉडलों की जानकारी पहुंचाना था। भ्रमण के दौरान, मीडिया प्रतिनिधियों ने जिले के विभिन्न तालाबों, सरोवरों और नर्सरी का अवलोकन किया, साथ ही ग्रामीणों और अधिकारियों से संवाद कर जल संरक्षण की व्यवस्थाओं, जल की उपलब्धता और उसके उपयोग संबंधी जानकारी जुटाई। फील्ड भ्रमण की शुरुआत गोगेलाव स्थित ऐतिहासिक गोगामेड़ी तालाब से हुई। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 20 मीटर गहरा यह विशाल जलग्रहण क्षेत्र वाला तालाब आसपास के गांवों के लिए वर्षभर पेयजल की जरूरतों को पूरा करता है। इसकी विशिष्टता यह है कि इसमें कोई मशीनरी या पाइपलाइन का उपयोग नहीं होता, बल्कि ग्रामीण महिलाएं आज भी मटकों और पारंपरिक साधनों से जल लेकर जाती हैं, जो स्थानीय समुदाय की जल स्रोत के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। इसके बाद, मीडिया ने गोगेलाव नर्सरी का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्हें पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व से अवगत कराया गया। नर्सरी में खेजड़ी, नीम और पीपल सहित विभिन्न पौधों का अवलोकन कर जल संरक्षण और हरित आवरण के पूरक संबंध को समझाया गया। भ्रमण के अगले चरण में रोल के कासोलाई सरोवर का अवलोकन किया गया, जिसे ग्रामीणों ने लगभग 15 गांवों और 12 हजार की आबादी के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत बताया। सरोवर के तट पर स्थित धार्मिक स्थलों के कारण यह क्षेत्र सामाजिक एवं सांस्कृतिक रूप से भी अहम है। इसके पश्चात, डेह क्षेत्र के नौसर तालाब का निरीक्षण किया गया, जो आसपास के 13 गांवों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करता है। तालाब की संरचना, जलग्रहण क्षेत्र और जल संचयन क्षमता ने प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया। भ्रमण के अंतिम चरण में जायल क्षेत्र के कठौती सरोवर का दौरा किया गया, जो ग्रामीणों के अनुसार आसपास के लगभग 20 गांवों के लिए वर्षभर जल उपलब्ध कराता है। यहाँ जल संरक्षण की पारंपरिक व्यवस्थाओं और स्थानीय समुदाय की सहभागिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस फील्ड भ्रमण के दौरान, मीडिया प्रतिनिधियों ने जल संरक्षण से जुड़े स्थानीय प्रयासों, पारंपरिक जल स्रोतों की उपयोगिता और सामुदायिक सहभागिता के विभिन्न आयामों को समझा। इस अभियान के तहत यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही संभव है। यह फील्ड भ्रमण जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मनीष जैन के नेतृत्व में हुआ, जिसमें नागौर ब्लॉक के विकास अधिकारी अमित चौधरी, जायल के विकास अधिकारी महावीर प्रसाद, सरपंच मनफूल सिंह डिडेल, सूचना केंद्र के घनश्याम मुंडेल और सूचना सहायक राकेश भादू ने योगदान दिया।4
- सेंदड़ा थाना क्षेत्र में NH-25 ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन हाईवे पर सेंदड़ा बायपास सड़क पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार की जान चली गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेंदड़ा निवासी राजेंद्र शर्मा पुत्र किसनलाल शर्मा (51 वर्ष) अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि राजेंद्र शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ब्यावर चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है।1