आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने के उद्देश्य से, जिला कलेक्टर कमल राम मीना की अध्यक्षता में 03 जून को पंचायत समिति मसूदा की ग्राम पंचायत नाड़ी में एक रात्रि चौपाल और जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पेयजल, विद्युत, सड़क, राजस्व, शिक्षा और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित अपनी समस्याएँ एवं सुझाव जिला कलेक्टर के समक्ष रखे। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल दिशा-निर्देश दिए, जिसमें प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर ज़ोर दिया गया। उन्होंने राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। जनसुनवाई में कुल 25 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 4 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। एक महत्वपूर्ण त्वरित कार्रवाई के तहत, पेयजल संकट से संबंधित शिकायत पर जिला कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायक अभियंता, पीएचईडी को निर्देशित किया, जिसके परिणामस्वरूप मौके पर ही टैंकर स्वीकृति जारी की गई। इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत महसूस की और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। जिला कलेक्टर ने शेष प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण हेतु अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि हर पात्र व्यक्ति को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके। इस अवसर पर, "वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान" के तहत ग्रामीणों को जल संरक्षण और जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। रात्रि चौपाल में उपखण्ड अधिकारी दीपशिखा, विकास अधिकारी संदेश पाराशर, तहसीलदार रामप्रसाद चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन के साथ सीधे संवाद कर अपनी समस्याएँ, सुझाव और अपेक्षाएँ साझा कीं।
आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने के उद्देश्य से, जिला कलेक्टर कमल राम मीना की अध्यक्षता में 03 जून को पंचायत समिति मसूदा की ग्राम पंचायत नाड़ी में एक रात्रि चौपाल और जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पेयजल, विद्युत, सड़क, राजस्व, शिक्षा और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित अपनी समस्याएँ एवं सुझाव जिला कलेक्टर के समक्ष रखे। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल दिशा-निर्देश दिए, जिसमें प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर ज़ोर दिया गया। उन्होंने राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। जनसुनवाई में कुल 25 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 4 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। एक महत्वपूर्ण त्वरित कार्रवाई के तहत, पेयजल संकट से संबंधित शिकायत पर जिला कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायक अभियंता, पीएचईडी को निर्देशित किया, जिसके परिणामस्वरूप मौके पर ही टैंकर स्वीकृति जारी की गई। इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत महसूस की और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। जिला कलेक्टर ने शेष प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण हेतु अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि हर पात्र व्यक्ति को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके। इस अवसर पर, "वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान" के तहत ग्रामीणों को जल संरक्षण और जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। रात्रि चौपाल में उपखण्ड अधिकारी दीपशिखा, विकास अधिकारी संदेश पाराशर, तहसीलदार रामप्रसाद चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन के साथ सीधे संवाद कर अपनी समस्याएँ, सुझाव और अपेक्षाएँ साझा कीं।
- भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच, विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति और महिला मंडल ने जीव दया और सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। संगठन की माताओं और बहनों ने बेजुबान पक्षियों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर शीतल जल के परिंडे लगाए हैं। इसके साथ ही, गोवंश के लिए चारे और पानी की उत्तम व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। इस पुनीत कार्य के माध्यम से समाज को नैतिकता और करुणा का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया, जिसकी पूरी ग्राउंड रिपोर्ट एक विशेष वीडियो में देखी जा सकती है।1
- मांगलियावास पुलिस ने राज्य सरकार के आदेशानुसार चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत बुधवार को क्षेत्र में परिवहन विभाग के नियमों का उल्लंघन करने वाले दस से अधिक वाहनों के चालान बनाए। थाना प्रभारी हरीश चौधरी से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस टीमों ने शीशे पर काली फिल्म चढ़ाकर वाहन चलाने, बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाने, वाहनों को मॉडिफाई करने और बिना हेलमेट के वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। इस अभियान के तहत एएसआई घीसालाल, दीवान भीम सिंह और कांस्टेबल हंसराज ने थाना क्षेत्र की जेठाना पुलिया समेत कई स्थानों पर नाकाबंदी कर वाहनों की सघन जांच की। जांच के दौरान परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को आवश्यक निर्देश दिए गए और उनके चालान बनाए गए। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और वाहन चालकों को अपने वाहन के सभी वैध कागजात साथ रखने तथा पुलिस का सहयोग करने की सलाह दी गई है।1
- NH 148 D पर स्थित परासोली चौराहा लगातार सड़क हादसों का मुख्य कारण बनता जा रहा है। सड़क निर्माण के दौरान प्रभावित लोगों को मुआवजा दिए जाने के बावजूद, आज तक कई मकान मौके से नहीं हटाए गए हैं। इन निर्माणों के कारण आसींद से बदनोर और बदनोर से आसींद आने-जाने वाले वाहन चालकों को दूसरी ओर से आने वाला यातायात स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। यह चौराहा वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब NH 148 D का निर्माण कार्य हुआ था तब यह क्षेत्र आसींद प्रशासन के अधीन था, लेकिन वर्तमान में यह बदनोर उपखंड प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस गंभीर समस्या पर प्रशासन और NHAI अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। हालांकि, सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों से अतिक्रमण हटाने का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, और हाल ही में आसींद तहसीलदार जयसिंह के नेतृत्व में NH 148 D पर चोटियास गांव तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई। मगर, बदनोर क्षेत्र शुरू होने के कारण यह कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी, जिससे परासोली चौराहे पर कई निर्माण अभी भी सड़क की जद में बने हुए हैं। मुआवजा मिलने के बाद भी इन निर्माणों को अब तक क्यों नहीं हटाया गया और आखिर बदनोर प्रशासन एवं NHAI इस समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाल पा रहे हैं, यह बड़ा प्रश्न है। लगातार हो रहे इन हादसों के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में भारी रोष व्याप्त है, और वे प्रशासन से जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।4
- रियां बड़ी की निकटवर्ती ग्राम पंचायत कोड के कोड़िया गांव में बुधवार दोपहर हाई वोल्टेज विद्युत प्रवाह के कारण हुए शॉर्ट सर्किट से एक किसान के खेत में बने छप्पर में भीषण आग लग गई। इस हादसे में प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 8.50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। किसान विक्रम सिंह के खेत स्थित कुएं पर बने कच्चे छप्पर के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन में अचानक तेज वोल्टेज आने से शॉर्ट सर्किट हुआ। इससे निकली चिंगारियों ने छप्पर को चपेट में ले लिया और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने से छप्पर के नीचे खड़ा एक ट्रैक्टर, लगभग 50 फव्वारा पाइप, 15 फव्वारे, मूंगफली के बीज, डीएपी खाद के कट्टे और चारा काटने की मशीन सहित कृषि कार्य में उपयोग आने वाला अन्य सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, जिसके बाद काफी मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों की तत्परता से आग को आसपास के खेतों और क्षेत्रों में फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में अचानक हाई वोल्टेज आने के कारण कई घरों में लगे फ्रिज, कूलर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे गांव में व्यापक आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। हल्का पटवारी की प्रारंभिक रिपोर्ट में इस घटना से करीब 8.50 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। पीड़ित किसान और ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से घटना की जांच करवाकर प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने और विद्युत व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और बिजली व्यवस्था के रखरखाव को लेकर गहरी नाराजगी देखी गई।2
- डीडवाना-कुचामन क्षेत्र में एक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों को लंबित आपराधिक मामलों का त्वरित निस्तारण करने और अपराधियों के प्रति सख्ती बरतने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।1
- ब्यावर में 3 जून, बुधवार को वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के अंतर्गत एक मीडिया राउंड टेबल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मीडिया के सहयोग को अभियान के क्रियान्वयन में सकारात्मक, रचनात्मक और प्रेरणादायी बताया, जो जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े संदेशों को व्यापक रूप से जन-जन तक पहुँचाने में सहायक रहा है। कलक्टर मीना ने राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत ब्यावर जिले को मिले 14 लाख पौधारोपण के लक्ष्य का उल्लेख किया और 'कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान' के माध्यम से प्रवासीजनों, भामाशाहों, सामाजिक संगठनों तथा आमजन को उनकी जन्मभूमि के विकास एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के अभिनव प्रयास की जानकारी दी। उन्होंने मानसून के आगमन से पूर्व जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस जनसरोकार के महत्वपूर्ण विषय को प्राथमिकता के साथ आमजन तक पहुँचाकर अभियान को और गति प्रदान करें। कार्यक्रम में जिला कलक्टर ने जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए स्वयं अभियान में अंशदान किया और उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से भी सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जल संरक्षण कोई अल्पकालिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक दायित्व है, जिसके आज के प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। अधीक्षण अभियंता श्री श्याम लाल जांगिड़ ने अभियान की प्रगति साझा करते हुए बताया कि जिले में अब तक 5,062 से अधिक गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें श्रमदान, जल स्रोतों की सफाई, जल पूजन, पौधारोपण, जनजागरूकता रैलियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्वच्छता गतिविधियां शामिल हैं, जिनमें आमजन की उल्लेखनीय भागीदारी रही है। इस अवसर पर सभी मीडिया कर्मियों और अधिकारियों को जल संरक्षण संकल्प की शपथ भी दिलाई गई। कलक्टर ने मीडिया प्रतिनिधियों से अभियान के प्रभावी संचालन और व्यापक जनजागरूकता के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए, जिसके जवाब में प्रतिनिधियों ने अपने बहुमूल्य सुझाव साझा करते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री महिपाल सिंह के साथ प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे।1
- ग्राम लाम्पोलाई स्थित श्री श्याम गौशाला में चल रही सप्त दिवसीय श्री भक्तमाल कथा के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। कथा सुनने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी सैकड़ों महिलाएँ, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे पहुंचे, जिससे कथा स्थल पर दिनभर भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा। यह सप्त दिवसीय कथा 1 जून से 7 जून तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की जा रही है, जिसका वाचन पूज्य संत श्री सुखदेवजी महाराज (दरियाव आश्रम, कुचेरा) कर रहे हैं। कथा के दौरान महिला श्रद्धालु भजनों पर नाचते-झूमते हुए दिखीं, जबकि अन्य श्रद्धालु भक्ति रस में लीन होकर आनंद लेते रहे। धार्मिक जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। अपने प्रवचन में संत सुखदेवजी महाराज ने गुरु महिमा का विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि गुरु के बिना मनुष्य का जीवन अंधकारमय रहता है और गुरु ही व्यक्ति को सही मार्ग दिखाकर जीवन को सफल बनाते हैं। महाराज ने सभी से अपने गुरु की आज्ञा का पालन करने का संदेश दिया, क्योंकि सच्चा गुरु कभी गलत रास्ता नहीं दिखाता। उन्होंने भारतीय संस्कृति में गुरु को भगवान के समान दर्जा दिए जाने और उनके मार्गदर्शन से ही ज्ञान व आत्मकल्याण की प्राप्ति होने पर जोर दिया। कथा के दौरान महाराज ने संत महापुरुषों के जीवन, भक्ति, सेवा और सत्संग की प्रेरणादायक गाथाएं भी सुनाईं। उन्होंने गौसेवा को मानव जीवन का सबसे बड़ा पुण्य कार्य बताया और कहा कि गौमाता के लिए किया गया दान सर्वोत्तम दान है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने श्रद्धालुओं को सदैव मधुर वाणी बोलने, परोपकार करने और जीव-जंतुओं की सेवा करने का संदेश दिया। महाराज की ओजस्वी वाणी से पूरा पंडाल "राम-राम, जय श्रीराम" के जयघोष से गूंज उठा। आयोजन समिति और ग्रामवासियों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल, छाया और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। यह कथा श्री श्याम गौशाला समिति और श्रद्धालुओं के जनसहयोग से आयोजित की जा रही है, और आयोजकों ने सभी से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।1
- एक पुलिसकर्मी हुक्का बार कनेक्शन के एक मामले में फंस गया है। अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद, पुलिसकर्मी ने एक बयान दिया। उसने कहा कि उसकी 'फोटो अच्छी आनी चाहिए'।1
- रियांबड़ी के कोडिया गांव में बुधवार, 3 जून 2026 की दोपहर को एक किसान के खेत में विद्युत लाइन के शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इस भीषण आगजनी में किसान विक्रम सिंह पुत्र सोन सिंह को कुल 8 लाख 41 हजार रुपये का भारी नुकसान हुआ है, जिसमें उनका ट्रैक्टर सहित कई महत्वपूर्ण कृषि उपकरण और सामग्री जलकर राख हो गए। तेज हवा के कारण आग खेत में तेजी से फैली, जिसने कृषि उपकरणों और अन्य सामान को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। इन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। घटना के बाद, हल्का पटवारी महिपाल चोयल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और एक पंचनामा तैयार कर नुकसान का आकलन किया। मौका रिपोर्ट और पंचनामा के अनुसार, खेत में खड़ा मेसी फर्ग्यूसन ट्रैक्टर (आरजे-21 आर एन-5889) पूरी तरह जल गया, जिसकी अनुमानित कीमत 6 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त, कृषि पाइप लाइन को 25 हजार रुपये, 10 एचपी मोटर को 50 हजार रुपये, स्प्रिंकलर सामग्री को 32 हजार रुपये, डीएपी खाद के कट्टों को 14 हजार रुपये, चारे को 20 हजार रुपये और अन्य कृषि सामग्री को 1 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। प्रभावित किसान विक्रम सिंह ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है, वहीं ग्रामीणों ने भी पीड़ित किसान को राहत दिलाने की अपील की है।1