NH 148 D पर स्थित परासोली चौराहा लगातार सड़क हादसों का मुख्य कारण बनता जा रहा है। सड़क निर्माण के दौरान प्रभावित लोगों को मुआवजा दिए जाने के बावजूद, आज तक कई मकान मौके से नहीं हटाए गए हैं। इन निर्माणों के कारण आसींद से बदनोर और बदनोर से आसींद आने-जाने वाले वाहन चालकों को दूसरी ओर से आने वाला यातायात स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। यह चौराहा वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब NH 148 D का निर्माण कार्य हुआ था तब यह क्षेत्र आसींद प्रशासन के अधीन था, लेकिन वर्तमान में यह बदनोर उपखंड प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस गंभीर समस्या पर प्रशासन और NHAI अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। हालांकि, सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों से अतिक्रमण हटाने का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, और हाल ही में आसींद तहसीलदार जयसिंह के नेतृत्व में NH 148 D पर चोटियास गांव तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई। मगर, बदनोर क्षेत्र शुरू होने के कारण यह कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी, जिससे परासोली चौराहे पर कई निर्माण अभी भी सड़क की जद में बने हुए हैं। मुआवजा मिलने के बाद भी इन निर्माणों को अब तक क्यों नहीं हटाया गया और आखिर बदनोर प्रशासन एवं NHAI इस समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाल पा रहे हैं, यह बड़ा प्रश्न है। लगातार हो रहे इन हादसों के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में भारी रोष व्याप्त है, और वे प्रशासन से जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
NH 148 D पर स्थित परासोली चौराहा लगातार सड़क हादसों का मुख्य कारण बनता जा रहा है। सड़क निर्माण के दौरान प्रभावित लोगों को मुआवजा दिए जाने के बावजूद, आज तक कई मकान मौके से नहीं हटाए गए हैं। इन निर्माणों के कारण आसींद से बदनोर और बदनोर से आसींद आने-जाने वाले वाहन चालकों को दूसरी ओर से आने वाला यातायात स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो
रही हैं और लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। यह चौराहा वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब NH 148 D का निर्माण कार्य हुआ था तब यह क्षेत्र आसींद प्रशासन के अधीन था, लेकिन वर्तमान में यह बदनोर उपखंड प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस गंभीर समस्या पर प्रशासन और NHAI अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर
रही है। हालांकि, सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों से अतिक्रमण हटाने का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, और हाल ही में आसींद तहसीलदार जयसिंह के नेतृत्व में NH 148 D पर चोटियास गांव तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई। मगर, बदनोर क्षेत्र शुरू होने के कारण यह कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी, जिससे परासोली चौराहे पर कई निर्माण अभी भी सड़क की जद में बने
हुए हैं। मुआवजा मिलने के बाद भी इन निर्माणों को अब तक क्यों नहीं हटाया गया और आखिर बदनोर प्रशासन एवं NHAI इस समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाल पा रहे हैं, यह बड़ा प्रश्न है। लगातार हो रहे इन हादसों के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में भारी रोष व्याप्त है, और वे प्रशासन से जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
- NH 148 D पर स्थित परासोली चौराहा लगातार सड़क हादसों का मुख्य कारण बनता जा रहा है। सड़क निर्माण के दौरान प्रभावित लोगों को मुआवजा दिए जाने के बावजूद, आज तक कई मकान मौके से नहीं हटाए गए हैं। इन निर्माणों के कारण आसींद से बदनोर और बदनोर से आसींद आने-जाने वाले वाहन चालकों को दूसरी ओर से आने वाला यातायात स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। यह चौराहा वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब NH 148 D का निर्माण कार्य हुआ था तब यह क्षेत्र आसींद प्रशासन के अधीन था, लेकिन वर्तमान में यह बदनोर उपखंड प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस गंभीर समस्या पर प्रशासन और NHAI अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। हालांकि, सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों से अतिक्रमण हटाने का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, और हाल ही में आसींद तहसीलदार जयसिंह के नेतृत्व में NH 148 D पर चोटियास गांव तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई। मगर, बदनोर क्षेत्र शुरू होने के कारण यह कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी, जिससे परासोली चौराहे पर कई निर्माण अभी भी सड़क की जद में बने हुए हैं। मुआवजा मिलने के बाद भी इन निर्माणों को अब तक क्यों नहीं हटाया गया और आखिर बदनोर प्रशासन एवं NHAI इस समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाल पा रहे हैं, यह बड़ा प्रश्न है। लगातार हो रहे इन हादसों के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में भारी रोष व्याप्त है, और वे प्रशासन से जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।4
- ब्यावर में आज ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के तहत उन ई-रिक्शा चालकों को रोका गया जो सड़कों पर निर्धारित वर्दी (ड्रेस कोड) के बिना रिक्शा चला रहे थे। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के ई-रिक्शा चालकों में हड़कंप मच गया और उनके सख्त चालान काटे गए।1
- अजमेर जिले की पंचायत समिति मसूदा की ग्राम पंचायत नाडी में मंगलवार रात जिला कलेक्टर कमल राम मीना की अध्यक्षता में एक रात्रि चौपाल और जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और प्रशासन को गांवों तक पहुंचाना था। इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर पेयजल, विद्युत, सड़क, राजस्व, शिक्षा और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित अपनी शिकायतें और सुझाव जिला कलेक्टर के समक्ष रखे। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण का आदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों पर जोर दिया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन को योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान कुल 25 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 4 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। विशेष रूप से, पेयजल संकट से संबंधित एक शिकायत पर जिला कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायक अभियंता, पीएचईडी को निर्देशित किया, जिसके परिणामस्वरूप मौके पर ही टैंकर स्वीकृति जारी कर दी गई। इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत महसूस की और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शेष बचे प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और अधिकारियों से जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, जवाबदेही तथा समयबद्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। इस अवसर पर 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत ग्रामीणों को जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। साथ ही, राजस्व, बिजली, पेयजल, शिक्षा और अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों के समाधान हेतु अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस रात्रि चौपाल में उपखण्ड अधिकारी दीपशिखा, विकास अधिकारी संदेश पाराशर, तहसीलदार रामप्रसाद चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जहाँ ग्रामीणों को प्रशासन के साथ सीधा संवाद कर अपनी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं साझा करने का अवसर मिला।2
- सामाजिक सरोकारों के तहत महावीर इंटरनेशनल परिवार, रायपुर द्वारा राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुशालपुरा को नवजात शिशुओं के लिए 50 बेबी किट भेंट की गई हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में आने वाली प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुशालपुरा की ओर से जारी आभार-पत्र के अनुसार, महावीर इंटरनेशनल परिवार ने यह सहयोग 3 जून 2026 को प्रदान किया। अस्पताल प्रशासन ने संस्था के इस योगदान की सराहना करते हुए इसे समाज सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। अस्पताल परिवार ने महावीर इंटरनेशनल परिवार, रायपुर के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि इस प्रकार के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलेगी और नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सकेगी। इसी अवसर पर, चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल में प्रसव सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए एक फोल्डिंग लेबर टेबल की आवश्यकता जताई, जिस पर महावीर इंटरनेशनल परिवार, रायपुर द्वारा इसे भी उपलब्ध कराने की घोषणा की गई। इस कार्यक्रम में महावीर इंटरनेशनल रायपुर के अध्यक्ष वीर कमलेश बोहरा, मंत्री वीर चंपालाल सोनी, वीर अमरचंद सीरवी, डॉ. हरदेवराम पवार, एसटीओ वर्षा यादव, बाबूलाल यादव, नोरतमल, प्रकाश थापर, राजेश कुमार, विमला आसेरी और पिंकी राठौड़ सहित कई अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।1
- राजस्थान पंचायत शिक्षक विद्यालय सहायक संघ के बैनर तले ब्यावर में संविदा विद्यालय सहायकों ने शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर अपने नियमितीकरण की तत्काल मांग उठाई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से संविदा नियमों के तहत कार्यरत विद्यालय सहायकों को बजट 2025-26 में घोषित शिथिलता के बावजूद अब तक नियमित नहीं किया गया है, जिसके कारण प्रदेशभर के हजारों संविदा कर्मियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। संघ ने विभाग से 'CSR रूल्स 2022' के बिंदु 20 के तहत सभी पात्र कर्मियों की नियमितीकरण प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो 10 जून को शिक्षा विभाग के समक्ष एक विरोध प्रदर्शन और महापड़ाव का आयोजन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभाग की होगी।4
- आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने के उद्देश्य से, जिला कलेक्टर कमल राम मीना की अध्यक्षता में 03 जून को पंचायत समिति मसूदा की ग्राम पंचायत नाड़ी में एक रात्रि चौपाल और जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पेयजल, विद्युत, सड़क, राजस्व, शिक्षा और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित अपनी समस्याएँ एवं सुझाव जिला कलेक्टर के समक्ष रखे। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल दिशा-निर्देश दिए, जिसमें प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर ज़ोर दिया गया। उन्होंने राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। जनसुनवाई में कुल 25 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 4 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। एक महत्वपूर्ण त्वरित कार्रवाई के तहत, पेयजल संकट से संबंधित शिकायत पर जिला कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायक अभियंता, पीएचईडी को निर्देशित किया, जिसके परिणामस्वरूप मौके पर ही टैंकर स्वीकृति जारी की गई। इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत महसूस की और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। जिला कलेक्टर ने शेष प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण हेतु अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि हर पात्र व्यक्ति को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके। इस अवसर पर, "वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान" के तहत ग्रामीणों को जल संरक्षण और जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। रात्रि चौपाल में उपखण्ड अधिकारी दीपशिखा, विकास अधिकारी संदेश पाराशर, तहसीलदार रामप्रसाद चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन के साथ सीधे संवाद कर अपनी समस्याएँ, सुझाव और अपेक्षाएँ साझा कीं।1
- सेंदड़ा थाना क्षेत्र में NH-25 ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन हाईवे पर सेंदड़ा बायपास सड़क पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार की जान चली गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेंदड़ा निवासी राजेंद्र शर्मा पुत्र किसनलाल शर्मा (51 वर्ष) अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि राजेंद्र शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ब्यावर चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है।1