वायरल तस्वीर से रामनारायण इंटर कॉलेज में हड़कंप,वाइस प्रिंसिपल और छात्रा संग फोटो ने मचाया बवाल 🔴वायरल फोटो का ‘स्टेटस कनेक्शन’! छात्रा संग तस्वीर को लेकर रामनारायण इंटर कॉलेज में उठे सवाल 🔴 पहले स्टेटस, फिर सोशल मीडिया पर वायरल! छात्रा संग तस्वीर ने रामनारायण इंटर कॉलेज को घेरा सवालों मे कुशीनगर।जनपद के कठकुइयां स्थित रामनारायण इंटर कॉलेज, से जुड़ी एक तस्वीर दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल अभिषेक प्रताप के साथ कक्षा 11वीं की एक छात्रा के अकेले कार्यालय में मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। तस्वीर सामने आने के बाद विद्यालय परिसर से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का बाजार गर्म है।लेकिन तस्वीर में जो दिखाई दे रहा है, उसके पीछे की कहानी क्या है? यही सवाल अब पूरे मामले का केंद्र बन गया है।वायरल तस्वीर को विद्यालय के कार्यालय का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह के दावे व टिप्पणियाँ किए जा रहे हैं। कोई इसे गंभीर सवालों से जोड़ रहा है तो कोई तस्वीर पर ही सवाल उठा रहा है। हालांकि,यह स्पष्ट नहीं है कि तस्वीर कब खींची गई, किस परिस्थिति में खींची गई और सोशल मीडिया पर इसे किस उद्देश्य से वायरल किया गया। 🔴 स्टेटस’ से स्क्रीनशॉट लेकर वायरल करने का दावा सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आ रही है कि वायरल तस्वीर कथित तौर पर वाइस प्रिंसिपल के सोशल मीडिया स्टेटस से स्क्रीनशॉट लेकर किसी व्यक्ति द्वारा आगे प्रसारित की गई। हालांकि, इस दावे की पुष्टि हम नहीं कर रहे है। यदि जांच में यह बात सही पाई जाती है कि तस्वीर वास्तव में संबंधित वाइस प्रिंसिपल के अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर लगाई गई थी, तो मामला अत्यधिक संवेदनशील व जांच का विषय बन जाता है। क्योंकि तब सवाल यह नहीं रहेगा कि तस्वीर किसने वायरल की, बल्कि जांच का महत्वपूर्ण बिंदु यह भी होगा कि छात्रा के साथ तस्वीर क्यों ली गई और उसे स्वयं के सोशल मीडिया स्टेटस पर लगाने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई? तस्वीर किस परिस्थिति में ली गई थी, उसे स्टेटस पर किस उद्देश्य से लगाया गया और उसे कितने लोगों ने देखा इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी हो जाती है। 🔴 फोटो के पीछे क्या थी मंशा तस्वीर में शिक्षक और छात्रा एक साथ नजर आ रहे हैं। महज तस्वीर के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।लेकिन यदि तस्वीर वास्तव में संबंधित शिक्षक के सोशल मीडिया स्टेटस से जुड़ी है, तो इसकी मंशा, उद्देश्य और समय जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। क्या तस्वीर किसी सामान्य विद्यालयी गतिविधि के दौरान ली गई थी? क्या इसे किसी विशेष कार्यक्रम या शैक्षणिक कारण से लिया गया? या फिर इसके पीछे मंशा कुछ और था? इन सवालों का जवाब संबंधित पक्ष के बयान और निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है।मामला केवल तस्वीर के वायरल होने तक सीमित नहीं है। तस्वीर के साथ किए जा रहे दावों ने विद्यालय प्रशासन की भूमिका और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि तस्वीर विद्यालय कार्यालय की है तो उस समय वहां क्या परिस्थिति थी? तस्वीर किसने खींची? यह सोशल मीडिया तक कैसे पहुंची? और किस उद्देश्य से इसे प्रसारित किया जा रहा है। विद्यालय प्रशासन व आरोपी शिक्षक ने अब तक अपनी क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की। इन सवालों का जवाब फिलहाल सामने नहीं आया है। 🔴 जांच पर टिकी निगाहें विद्यालय के वाइस प्रिसिंपल अभिषेक प्रताप के साथ छात्रा का फोटो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने के बाद पुलिस प्रशासन को मामला संज्ञान मे लेकर निष्पक्ष जांच शुरू किया जाना चाहिए। है। अब जांच में केवल वायरल तस्वीर की वास्तविकता ही नहीं, बल्कि उसके मूल स्रोत, स्टेटस पर लगाए जाने की पुष्टि, तस्वीर की तारीख, स्थान, परिस्थितियों और उसके प्रसार की भी पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। यदि स्टेटस वाला दावा सही है तो यह भी देखा जाना चाहिए कि तस्वीर किस अवधि तक स्टेटस पर रही और क्या उसके संबंध में कोई अन्य डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध है। 🔴 सवाल जो सुरसा की तरह मुंह बाये खडी है मुनासिब सवाल यह है कि क्या वायरल तस्वीर वास्तव में संबंधित वाइस प्रिंसिपल के सोशल मीडिया स्टेटस पर लगाई गई थी? यदि हां, तो तस्वीर कब और कितने समय के लिए स्टेटस पर रही? तस्वीर किस परिस्थिति में ली गई थी?छात्रा के साथ तस्वीर लेने की आरोपी शिक्षक की मंशा क्या थी?स्टेटस पर तस्वीर लगाने का उद्देश्य क्या था?तस्वीर का स्क्रीनशॉट किसने लिया और उसे सोशल मीडिया पर किसने प्रसारित किया?वायरल तस्वीर के साथ सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे तथ्यात्मक हैं या भ्रामक? इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही तस्वीर और पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।इस संबंध मे मीडिया ने आरोपी शिक्षक अभिषेक प्रताप से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर संपर्क किया तो फोन आरोपी शिक्षक के भाई आशीष ने रिसीब किया। उन्होंने कहा कि वह मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसपी कार्यालय आये है।विद्यालय व भाई की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है। आशीष ने कानूनी कार्रवाई से अवगत कराने और अपने भाई अभिषेक से बात कराने का वायदा दिया किन्तु अपने वादे पर खरे नही उतरे और समाचार लिखे जाने तक न तो किसी कार्रवाई की जानकारी दी और न ही अपने भाई से बात कराये। 🔴 रिपोर्ट - संजय चाणक्य
वायरल तस्वीर से रामनारायण इंटर कॉलेज में हड़कंप,वाइस प्रिंसिपल और छात्रा संग फोटो ने मचाया बवाल 🔴वायरल फोटो का ‘स्टेटस कनेक्शन’! छात्रा संग तस्वीर को लेकर रामनारायण इंटर कॉलेज में उठे सवाल 🔴 पहले स्टेटस, फिर सोशल मीडिया पर वायरल! छात्रा संग तस्वीर ने रामनारायण इंटर कॉलेज को घेरा सवालों मे कुशीनगर।जनपद के कठकुइयां स्थित रामनारायण इंटर कॉलेज, से जुड़ी एक तस्वीर दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल अभिषेक प्रताप के साथ कक्षा 11वीं की एक छात्रा के अकेले कार्यालय में मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। तस्वीर सामने आने के बाद विद्यालय परिसर से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का बाजार गर्म है।लेकिन तस्वीर में जो दिखाई दे रहा है, उसके पीछे की कहानी क्या है? यही सवाल अब पूरे मामले का केंद्र बन गया है।वायरल तस्वीर को विद्यालय के कार्यालय का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह के दावे व टिप्पणियाँ किए जा रहे हैं। कोई इसे गंभीर सवालों से जोड़ रहा है तो कोई तस्वीर पर ही सवाल उठा रहा है। हालांकि,यह स्पष्ट नहीं है कि तस्वीर कब खींची गई, किस परिस्थिति में खींची गई और सोशल मीडिया पर इसे किस उद्देश्य से वायरल किया गया। 🔴 स्टेटस’ से स्क्रीनशॉट लेकर वायरल करने का दावा सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आ रही है कि वायरल तस्वीर कथित तौर पर वाइस प्रिंसिपल के सोशल मीडिया स्टेटस से स्क्रीनशॉट लेकर किसी व्यक्ति द्वारा आगे प्रसारित की गई। हालांकि, इस दावे की पुष्टि हम नहीं कर रहे है। यदि जांच में यह बात सही पाई जाती है कि तस्वीर वास्तव में संबंधित वाइस प्रिंसिपल के अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर लगाई गई थी, तो मामला अत्यधिक संवेदनशील व जांच का विषय बन जाता है। क्योंकि तब सवाल यह नहीं रहेगा कि तस्वीर किसने वायरल की, बल्कि जांच का महत्वपूर्ण बिंदु यह भी होगा कि छात्रा के साथ तस्वीर क्यों ली गई और उसे स्वयं के सोशल मीडिया स्टेटस पर लगाने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई? तस्वीर किस परिस्थिति में ली गई थी, उसे स्टेटस पर किस उद्देश्य से लगाया गया और उसे कितने लोगों ने देखा इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी हो जाती है। 🔴 फोटो के पीछे क्या थी मंशा तस्वीर में शिक्षक और छात्रा एक साथ नजर आ रहे हैं। महज तस्वीर के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।लेकिन यदि तस्वीर वास्तव में संबंधित शिक्षक के सोशल मीडिया स्टेटस से जुड़ी है, तो इसकी मंशा, उद्देश्य और समय जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। क्या तस्वीर किसी सामान्य विद्यालयी गतिविधि के दौरान ली गई थी? क्या इसे किसी विशेष कार्यक्रम या शैक्षणिक कारण से लिया गया? या फिर इसके पीछे मंशा कुछ और था? इन सवालों का जवाब संबंधित पक्ष के बयान और निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है।मामला केवल तस्वीर के वायरल होने तक सीमित नहीं है। तस्वीर के साथ किए जा रहे दावों ने विद्यालय प्रशासन की भूमिका और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि तस्वीर विद्यालय कार्यालय की है तो उस समय वहां क्या परिस्थिति थी? तस्वीर किसने खींची? यह सोशल मीडिया तक कैसे पहुंची? और किस उद्देश्य से इसे प्रसारित किया जा रहा है। विद्यालय प्रशासन व आरोपी शिक्षक ने अब तक अपनी क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की। इन सवालों का जवाब फिलहाल सामने नहीं आया है। 🔴 जांच पर टिकी निगाहें विद्यालय के वाइस प्रिसिंपल अभिषेक प्रताप के साथ छात्रा का फोटो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने के बाद पुलिस प्रशासन को मामला संज्ञान मे लेकर निष्पक्ष जांच शुरू किया जाना चाहिए। है। अब जांच में केवल वायरल तस्वीर की वास्तविकता ही नहीं, बल्कि उसके मूल स्रोत, स्टेटस पर लगाए जाने की पुष्टि, तस्वीर की तारीख, स्थान, परिस्थितियों और उसके प्रसार की भी पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। यदि स्टेटस वाला दावा सही है तो यह भी देखा जाना चाहिए कि तस्वीर किस अवधि तक स्टेटस पर रही और क्या उसके संबंध में कोई अन्य डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध है। 🔴 सवाल जो सुरसा की तरह मुंह बाये खडी है मुनासिब सवाल यह है कि क्या वायरल तस्वीर वास्तव में संबंधित वाइस प्रिंसिपल के सोशल मीडिया स्टेटस पर लगाई गई थी? यदि हां, तो तस्वीर कब और कितने समय के लिए स्टेटस पर रही? तस्वीर किस परिस्थिति में ली गई थी?छात्रा के साथ तस्वीर लेने की आरोपी शिक्षक की मंशा क्या थी?स्टेटस पर तस्वीर लगाने का उद्देश्य क्या था?तस्वीर का स्क्रीनशॉट किसने लिया और उसे सोशल मीडिया पर किसने प्रसारित किया?वायरल तस्वीर के साथ सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे तथ्यात्मक हैं या भ्रामक? इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही तस्वीर और पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।इस संबंध मे मीडिया ने आरोपी शिक्षक अभिषेक प्रताप से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर संपर्क किया तो फोन आरोपी शिक्षक के भाई आशीष ने रिसीब किया। उन्होंने कहा कि वह मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसपी कार्यालय आये है।विद्यालय व भाई की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है। आशीष ने कानूनी कार्रवाई से अवगत कराने और अपने भाई अभिषेक से बात कराने का वायदा दिया किन्तु अपने वादे पर खरे नही उतरे और समाचार लिखे जाने तक न तो किसी कार्रवाई की जानकारी दी और न ही अपने भाई से बात कराये। 🔴 रिपोर्ट - संजय चाणक्य
- मानदेय वृद्धि से नाराज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन कुशीनगर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश के बैनर तले जनपद की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने मानदेय वृद्धि को लेकर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी कुशीनगर को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने ज्ञापन में कहा कि प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं प्रदेश के उत्थान में अहम योगदान देती आ रही हैं, लेकिन सरकार द्वारा की गई अल्प धनराशि की वृद्धि से उनमें घोर निराशा व्याप्त है। *संगठन की दो मुख्य मांगें -* *1. मानदेय में मात्र 1500 की वृद्धि से निराशा -* शासन द्वारा जारी पत्र संख्या 2964/58-1-2026 के माध्यम से कार्यकर्ताओं का मानदेय 1500 रुपये एवं सहायिकाओं का 750 रुपये और PLI के रूप में कार्यकर्ताओं को 2500 व सहायिकाओं को 1250 रुपये यानी कुल 12000 व 6000 रुपये दिया जाना उल्लेखित है। जिससे वास्तविक वृद्धि मात्र 1500 व 750 रुपये की हुई है। संगठन ने मांग की है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को भी संविदा परिषद में रखते हुए न्यूनतम मानदेय कम से कम *18000 रुपये* किया जाए। *2. पोषण ट्रैकर में जीपीएस की अनिवार्यता खत्म हो -* आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पोषण ट्रैकर को जीपीएस से संचालित किया जा रहा है, जिससे पोषण ट्रैकर चलाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसे पूर्व की भांति बिना जीपीएस के संचालित किया जाए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष रजिया आगा, जिला संस्थापक जितेन्द्र दीक्षित, जिला महामंत्री रेनू राय, जिला अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेश मिश्र, प्रदेश उपाध्यक्ष मीरा दुबे, ब्लाक अध्यक्ष (हाटा) शांति, ब्लाक अध्यक्ष (दुदही) उषा शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहीं।1
- थाना साइबर क्राइम व साइबर सेल कुशीनगर की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा साइबर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा थाना साइबर क्राइम व साइबर सेल कुशीनगर की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा साइबर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा कुशीनगर थाना साइबर क्राइम व साइबर सेल कुशीनगर की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा साइबर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा मोबाइल चोरी कर यूपी आई पिन रिसेट कर फ्लिपकार्ट व अन्य वेवसाइट के माध्यम से 08 लाख 70 हजार रुपये की खरीदारी करने वाले 2 नफर शातिर साइबर अपराधी की हुई गिरफ्तारी के संबंध में कुशीनगर अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा की बाईट2
- एक माह बाद भी नहीं हुआ अजमत अंसारी हत्याकांड का खुलासा, पीड़ित पिता ने डीएम से लगाई उच्चस्तरीय जांच की गुहार हंगामा टाइम्स न्यूज़ कुशीनगर रामकोला थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अजमत अंसारी हत्याकांड का पुलिस एक माह बाद भी खुलासा नहीं कर पाई है। इससे नाराज मृतक के पिता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच कराकर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है। क्या है पूरा मामला? प्रार्थी मनोवर अंसारी पुत्र रहीम अंसारी, निवासी ग्राम भवानी टोला, पोस्ट टेकुआटार ने बताया कि उनके लड़के अजमत अंसारी की 26 जुलाई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में गुमशुदगी हो गई थी। जिसकी सूचना 27 जुलाई 2026 को थाना रामकोला में गुमशुदगी संख्या 0053/2026 के तहत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 29 जुलाई 2026 को अजमत का शव थाना कप्तानगंज के गंभीरिया टोला के सामने बाड़ी नाले में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी उसी दिन की है। परिजनों का आरोप है कि अजमत की निर्मम हत्या कर शव को नाले में फेंका गया था। SP से लेकर ADG तक लगा चुके हैं गुहार पीड़ित पिता का कहना है कि घटना को एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है। वह अब तक 5 बार पुलिस अधीक्षक से और एक बार ADG महोदय से मिलकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने जिलाधिकारी से मांग की है कि - 1. मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारी या SIT से कराई जाए। 2. CCTV फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, पोस्टमार्टम और फोरेंसिक साक्ष्यों की गहन जांच हो। 3. संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर हत्यारों को गिरफ्तार किया जाए। 4. अगर थाना स्तर पर लापरवाही हुई है तो दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो। पीड़ित परिवार ने खुद को गरीब और असहाय बताते हुए सुरक्षा और न्याय दिलाने की मांग की है।2
- *👉🚨थाना साइबर क्राइम व साइबर सेल कुशीनगर की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा साइबर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा-* कुशीनगर-**👉🚨थाना साइबर क्राइम व साइबर सेल कुशीनगर की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा साइबर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा-* *👉🚨मोबाइल चोरी कर यूपीआई पिन रिसेट कर फ्लिपकार्ट व अन्य वेवसाइट के माध्यम से 08 लाख 70 हजार रुपये की खरीदारी करने वाले 02 नफर शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार-* पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री केशव कुमार के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री सिद्धार्थ वर्मा के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी सदर डा0 राकेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में CY-VAJRA-02 अभियान के तहत दिनांक 15.09.2026 को थाना साइबर क्राइम व साइबर सेल कुशीनगर की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा थाना साइबर क्राइम, कुशीनगर पर पंजीकृत मु0अ0सं0-14/2026 से संबंधित साइबर ठगी की घटना का अनावरण करते हुए मोबाइल चोरी कर यूपीआई पिन रिसेट कर फ्लिपकार्ट व अन्य वेबसाइट के माध्यम से 08 लाख 70 हजार रुपये की खरीददारी करने वाले खरीदारी किये गये सामान के साथ 02 नफर शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। *अपराध का तरीका-* पूछताछ में अभियुक्तगण ने बताया कि वे फोन चोरी करते थे। चोरी किए गए फोन का लॉक तोड़कर उसे रीसेट और फॉर्मेट कर देते थे। इसके बाद मोबाइल को पुनः चालू करते थे। चालू करने के बाद चोरी किए गए मोबाइल में लगे सिम कार्ड नंबर का उपयोग करके जीमेल आईडी प्राप्त करते थे। आवश्यक डेटा रिकवर करके यूपीआई पिन रीसेट करते थे और बैंक बैलेंस चेक करते थे। इसके पश्चात चोरी किए गए मोबाइल में फ्लिपकार्ट आईडी तथा अन्य वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन खरीदारी करते थे। सामान फर्जी पते पर मंगवाकर डिलीवरी प्राप्त कर लेते थे। फिर उन सामानों को उचित दाम पर बेच देते थे अथवा कुछ सामान स्वयं इस्तेमाल कर लेते थे। *पंजीकृत अभियोग–* मु0अ0सं0 14/2026 धारा 303(2) बीएनएस व 66सी आईटी एक्ट एवं बढोत्तरी धारा 317(2) बीएनएस थाना साइबर क्राइम जनपद कुशीनगर *गिरफ्तार अभियुक्तगण-* 1- इरशाद अन्सारी पुत्र सिकन्दर अन्सारी सा0 जंगल लाला छपरा सोहनपुर थाना विशुनपुरा जनपद कुशीनगर 2- अर्जुन कुमार रजक पुत्र दिलीप कुमार रजक सा0 जंगल लाला छपरा दुबौली बाजार थाना विशुनपुरा जनपद कुशीनगर *बरामदगी का विवरण-* • 07 अदद मोबाइल फोन (तीन अदद आईफोन, दो अदद सैमसंग गैलेक्सी एस-26 अल्ट्रा, एक अदद नथिंग मोबाइल, एक अदद मोटोरोला मोबाइल), 03 अदद पावर बैंक, 01 अदद ईयरबड्स, 03 अदद आयरन (प्रेस), 02 अदद इण्डेक्शन, 01 अदद सैण्डविच मेकर, 01 अदद सीलिंग फैन, 01अदद मिक्सर ग्राइण्डर, 02 अदद रेडबुल एनर्जी ड्रिंक, 05 अदद कैडबेरी सेलीब्रेशन चॉकलेट (फ्लिपकार्ट व अन्य वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन की गयी खरीदारी से संबंधित सामान कीमत लगभग 08 लाख 50 हजार) • जामा तलाशी से प्राप्त रु0 800 नकद व 02 अदद मोबाइल फोन एन्ड्रायड *गिरफ्तार करने वाली टीमः-* 1- निरीक्षक मनमोहन मिश्रा थाना साइबर क्राइम जनपद कुशीनगर 2- प्रभारी साइबर सेल उ0नि0 सुनील कुमार सिंह जनपद कुशीनगर 3- हे0का0 विजय कुमार चौधरी साइबर सेल जनपद कुशीनगर 4- का0 अखिलेश कुमार गुप्ता साइबर सेल जनपद कुशीनगर 5- का0 अमित कुमार गुप्ता साइबर सेल जनपद कुशीनगर 6- का0 प्रशान्त कुमार मिश्रा साइबर सेल जनपद कुशीनगर 7- का0 प्रदीप कुमार यादव थाना साइबर क्राइम जनपद कुशीनगर *जनपद कुशीनगर पुलिस की अपील* जनपद कुशीनगर पुलिस द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि यदि आपका मोबाइल फोन किसी अनजान व्यक्ति अथवा साइबर अपराधी द्वारा चोरी कर लिया जाता है, तो निम्नलिखित कदम तत्काल उठाएँ: 1. सबसे पहले अपने मोबाइल नंबर से लिंक सभी महत्वपूर्ण खातों (बैंक, UPI, ई-मेल, सोशल मीडिया आदि) को हटा दें। 2. CEIR पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें तथा अपने नजदीकी थाने में मोबाइल चोरी/गुम होने की सूचना दर्ज कराएँ। 3. चोरी गए मोबाइल नंबर को तुरंत ब्लॉक करवाकर नया सिम कार्ड प्राप्त कर लें। *नोट:* जितनी शीघ्रता से उपरोक्त कार्यवाही की जाएगी, आपके व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी की सुरक्षा के साथ ही अपराधी को पकड़ने की प्रक्रिया भी उतनी ही प्रभावी होगी।3
- *********दो महीने बाद छठ पूजा, अभी से बदहाल पड़ा घाट** # **दो महीने बाद छठ पूजा, अभी से बदहाल पड़ा घाट** ### **चमाडिया के छठ घाट पर जलकुंभी और झाड़ियां जमा, सफाई को लेकर जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल** **बंजारी पट्टी।** छठ महापर्व में अभी करीब दो महीने का समय बाकी है, लेकिन बंजारी पट्टी क्षेत्र के **चमाडिया गांव स्थित छठ घाट** की स्थिति अभी से चिंता बढ़ाने वाली है। घाट के पानी में जगह-जगह **जलकुंभी जमा है**, जबकि किनारों पर घास-फूस और झाड़ियां उग आई हैं। तस्वीरें देखकर सवाल उठ रहा है कि आखिर छठ पूजा के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने से पहले इस घाट की सफाई कौन कराएगा? ग्रामीणों का कहना है कि छठ पूजा आस्था का बड़ा पर्व है। व्रती महिलाएं इसी घाट पर पहुंचकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देती हैं। ऐसे में घाट की सफाई और पानी से जलकुंभी हटाने का काम समय रहते शुरू हो जाना चाहिए। **जब सफाई के लिए अभी पर्याप्त समय है, तो जिम्मेदार विभाग की नजर इस घाट की बदहाल स्थिति पर क्यों नहीं पड़ रही है?** ### **क्या धार्मिक स्थल को साफ रखना भी जिम्मेदारी नहीं?** ग्रामीणों का सवाल है कि **क्या धार्मिक स्थलों और छठ घाटों की साफ-सफाई करना भी अब किसी की जिम्मेदारी नहीं रह गई है?** यदि अभी से सफाई अभियान शुरू कर दिया जाए तो छठ पर्व तक घाट को पूरी तरह व्यवस्थित किया जा सकता है। लेकिन यदि अंतिम समय तक इंतजार किया गया तो सफाई के लिए जल्दबाजी में काम करना पड़ेगा और श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित जिम्मेदारों से मांग की है कि **चमाडिया छठ घाट का निरीक्षण कराकर जलकुंभी, झाड़ियों और अन्य गंदगी को समय रहते हटाया जाए**, ताकि छठ पर्व के दौरान व्रती और श्रद्धालु साफ-सुथरे एवं सुरक्षित घाट पर पूजा कर सकें।4
- बगहा ओवर ब्रिज का काम रहा अधूरा आने जाने में दिक्कत हो1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | महराजगंज ⚠️ एनएच-328 पर बभनौली पुल का अप्रोच धंसा! गड्ढे में फंसा पिकअप, मचा हड़कंप महराजगंज के बभनौली पुल पर बुधवार रात करीब 2 बजे अप्रोच अचानक धंसने से सड़क पर बड़ा गड्ढा बन गया। इसी दौरान गुजर रहा पिकअप वाहन गड्ढे में फंस गया। सूचना पर पनियरा पुलिस मौके पर पहुंची और बैरिकेडिंग कर यातायात नियंत्रित किया। सुबह जेसीबी की मदद से पिकअप को बाहर निकाला गया। सड़क की स्थिति को देखते हुए बड़े और लोडेड वाहनों की आवाजाही रोक दी गई, जिससे एनएच-328 पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। ⚠️ सावधान! इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक सतर्क रहें। #PublicMaharajganjNews #Maharajganj #MaharajganjNews #Pan iyara #NH3281
- इतिहास बनकर रह गया पडरौना का कृष्णा टॉकीज, अब नए अवतार में लौटेगा आधुनिक व्यावसायिक परिसर के साथ फिर बनेगा मनोरंजन का केंद्र हंगामा टाइम्स न्यूज़ पडरौना, कुशीनगर। पडरौना नगर के मनोरंजन इतिहास का गवाह रहा कृष्णा टॉकीज एक बार फिर चर्चा में है। वर्ष 1956 में जिसका निर्माण शुरू हुआ और वर्ष 1964 में आम लोगों के मनोरंजन के लिए जिसके दरवाजे खुले, वह ऐतिहासिक सिनेमा हॉल अब नए स्वरूप में लौटने जा रहा है। कभी पडरौना के लोगों के मनोरंजन का प्रमुख केंद्र रहा कृष्णा टॉकीज अब आधुनिक सुविधाओं से लैस नए परिसर के रूप में अपनी पहचान बनाने की तैयारी में है। बंगाली समाज ने की थी पहली दुर्गा पूजा, पहली फिल्म थी ‘श्री गणेश’ जानकारों के अनुसार कृष्णा टॉकीज परिसर में सबसे पहले बंगाली समाज के लोगों द्वारा दुर्गा जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई थी। बाद में यह परंपरा श्याम जी के कटरा में स्थानांतरित हो गई। कृष्णा टॉकीज में प्रदर्शित होने वाली पहली फिल्म ‘श्री गणेश’ बताई जाती है। इसके संचालक स्वर्गीय श्री कृष्ण प्रसाद, पुत्र स्वर्गीय बिंदेश्वरी जायसवाल थे। लंबे समय तक यह सिनेमा हॉल पडरौना के लोगों के लिए मनोरंजन का प्रमुख माध्यम बना रहा। 1992 के बाद पुत्रों ने संभाली कमान, 2010 में बंद हुआ टॉकीज वर्ष 1992 में स्वर्गीय श्री कृष्ण प्रसाद के निधन के बाद उनके पुत्रों ने कृष्णा टॉकीज की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2010 तक यह सिनेमा हॉल लगातार पडरौना वासियों के मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बना रहा। समय के साथ मनोरंजन के साधनों में बदलाव, मल्टीप्लेक्स संस्कृति के विस्तार और कारोबार में घाटे सहित विभिन्न परिस्थितियों के चलते कृष्णा टॉकीज को बंद करना पड़ा। इसके बाद कभी गुलजार रहने वाला यह परिसर धीरे-धीरे इतिहास का हिस्सा बन गया। अब नए अवतार में लौटेगा कृष्णा टॉकीज अब इस ऐतिहासिक विरासत को नया जीवन देने की तैयारी है। पुराने जर्जर भवन को हटाकर यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया व्यावसायिक परिसर विकसित किया जाएगा। खास बात यह है कि नए परिसर में एक बार फिर सिनेमा हॉल की सुविधा उपलब्ध होगी। नए परिसर के संचालक डॉ. सचिन, पुत्र स्वर्गीय श्री कृष्ण प्रसाद होंगे। नए सिनेमाघर का नाम भी ‘कृष्णा टॉकीज’ ही रखा जाएगा। आधुनिक स्वरूप, नई सुविधाओं और नए अंदाज के साथ कृष्णा टॉकीज की वापसी पडरौना के पुराने दौर की यादों को फिर से ताजा करने के साथ ही नगर में मनोरंजन के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।2