एटा नगर में महान दानवीर शिरोमणि, राष्ट्रभक्त और त्याग की प्रतिमूर्ति पूज्यनीय भामाशाह जी की भव्य प्रतिमा स्थापित कराने की मांग ने बल पकड़ा है। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद (रजि.) जनपद एटा के पदाधिकारियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी एटा के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है, जिसके साथ प्रतिमा स्थापना से संबंधित समस्त पत्रावली भी संलग्न की गई है। परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि दानवीर भामाशाह भारतीय इतिहास के एक ऐसे अमर व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपने त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति से देश को नई दिशा प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि जब महाराणा प्रताप मुगल साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष कर रहे थे और आर्थिक संसाधनों का अभाव था, तब भामाशाह ने अपनी संपूर्ण अर्जित संपत्ति राष्ट्र रक्षा के लिए समर्पित कर दी थी। उनके द्वारा दिए गए इस धन से महाराणा प्रताप ने अपनी सेना का पुनर्गठन किया, जिससे स्वाभिमान की लड़ाई को नई शक्ति मिली। गुप्ता के अनुसार, भामाशाह का जीवन यह संदेश देता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और आवश्यकता पड़ने पर व्यक्ति को अपना सर्वस्व मातृभूमि के लिए अर्पित कर देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि एटा नगर वैश्य बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद, आज तक भामाशाह जी की कोई भव्य प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी है, जबकि अन्य महापुरुषों की प्रतिमाएं एवं स्मारक नगर में स्थापित हैं। राजेश गुप्ता ने भामाशाह को केवल वैश्य समाज का ही नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र के लिए त्याग, दानशीलता, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया, जिनकी प्रतिमा स्थापित होने से युवा पीढ़ी को इतिहास के इस महान चरित्र से प्रेरणा मिलेगी और समाज में राष्ट्र सेवा की भावना को बल मिलेगा। संगठन पिछले लगभग दो वर्षों से लगातार शासन एवं प्रशासन के समक्ष यह मांग उठा रहा है और विभिन्न अवसरों पर ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन अभी तक प्रतिमा स्थापना की दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है। परिषद को आशा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मांग को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय करेंगे। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने एटा के जिलाधिकारी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने संगठन की भावनाओं को समझते हुए संपूर्ण पत्रावली के साथ ज्ञापन मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित किया है। परिषद ने विश्वास जताया है कि प्रशासन के सहयोग से यह जनभावना शीघ्र साकार होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता, जिलाध्यक्ष सलाहकार समिति के वीरेंद्र अग्रवाल टिल्लू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुज जैन, कोषाध्यक्ष जितेंद्र माहेश्वरी, प्रमुख सलाहकार गणेश वार्ष्णेय, उपाध्यक्ष अवधेश गुप्ता एडवोकेट, संगठन मंत्री विशाल गोयल, रामेश्वरम आनंद गुप्ता, जितेंद्र गुप्ता डीपीएस, प्रमोद गुप्ता पम्मू सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
एटा नगर में महान दानवीर शिरोमणि, राष्ट्रभक्त और त्याग की प्रतिमूर्ति पूज्यनीय भामाशाह जी की भव्य प्रतिमा स्थापित कराने की मांग ने बल पकड़ा है। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद (रजि.) जनपद एटा के पदाधिकारियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी एटा के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है, जिसके साथ प्रतिमा स्थापना से संबंधित समस्त पत्रावली भी संलग्न की गई है। परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि दानवीर भामाशाह भारतीय इतिहास के एक ऐसे अमर व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपने त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति से देश को नई दिशा प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि जब महाराणा प्रताप मुगल साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष कर रहे थे और आर्थिक संसाधनों का अभाव था, तब भामाशाह ने अपनी संपूर्ण अर्जित संपत्ति राष्ट्र रक्षा के लिए समर्पित कर दी थी। उनके द्वारा दिए गए इस धन से महाराणा प्रताप
ने अपनी सेना का पुनर्गठन किया, जिससे स्वाभिमान की लड़ाई को नई शक्ति मिली। गुप्ता के अनुसार, भामाशाह का जीवन यह संदेश देता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और आवश्यकता पड़ने पर व्यक्ति को अपना सर्वस्व मातृभूमि के लिए अर्पित कर देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि एटा नगर वैश्य बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद, आज तक भामाशाह जी की कोई भव्य प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी है, जबकि अन्य महापुरुषों की प्रतिमाएं एवं स्मारक नगर में स्थापित हैं। राजेश गुप्ता ने भामाशाह को केवल वैश्य समाज का ही नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र के लिए त्याग, दानशीलता, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया, जिनकी प्रतिमा स्थापित होने से युवा पीढ़ी को इतिहास के इस महान चरित्र से प्रेरणा मिलेगी और समाज में राष्ट्र सेवा की भावना को बल मिलेगा। संगठन पिछले लगभग दो वर्षों से लगातार शासन एवं प्रशासन के समक्ष यह मांग उठा रहा
है और विभिन्न अवसरों पर ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन अभी तक प्रतिमा स्थापना की दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है। परिषद को आशा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मांग को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय करेंगे। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने एटा के जिलाधिकारी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने संगठन की भावनाओं को समझते हुए संपूर्ण पत्रावली के साथ ज्ञापन मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित किया है। परिषद ने विश्वास जताया है कि प्रशासन के सहयोग से यह जनभावना शीघ्र साकार होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता, जिलाध्यक्ष सलाहकार समिति के वीरेंद्र अग्रवाल टिल्लू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुज जैन, कोषाध्यक्ष जितेंद्र माहेश्वरी, प्रमुख सलाहकार गणेश वार्ष्णेय, उपाध्यक्ष अवधेश गुप्ता एडवोकेट, संगठन मंत्री विशाल गोयल, रामेश्वरम आनंद गुप्ता, जितेंद्र गुप्ता डीपीएस, प्रमोद गुप्ता पम्मू सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में रविवार, 22 जून को एटा के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम एवं वीवीपैट वेयर हाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में हुए इस निरीक्षण के दौरान जनपद के मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य वेयर हाउस में सुरक्षित रखी गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा, पारदर्शिता और आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं का सत्यापन करना था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, अभिलेखों और अन्य तकनीकी उपकरणों का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने वेयर हाउस में स्थापित सभी सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की जांच कराई और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कैमरा निरंतर तथा सुचारू रूप से संचालित रहे, जिससे वेयर हाउस की चौबीसों घंटे प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में वेयर हाउस के विभिन्न कक्षों के ताले खुलवाकर भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान मशीनों के सुरक्षित रखरखाव, अभिलेखों के संधारण और सुरक्षा मानकों का अवलोकन किया गया। साथ ही परिसर में साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों और अन्य सहवर्ती संसाधनों की स्थिति का भी परीक्षण किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द सिंह ने जोर देकर कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है, क्योंकि किसी भी प्रकार की लापरवाही निर्वाचन व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते रहने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के लिए समय-समय पर तकनीकी उपकरणों का परीक्षण कराने तथा सभी अभिलेखों को अद्यतन रखने के साथ-साथ परिसर में स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी वेयर हाउस की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत निरीक्षण में सहभागिता निभाई। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के मंडल कोषाध्यक्ष प्रशांत भारती, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष सोनू यादव, कांग्रेस के सिटी कॉर्डिनेटर सुरेन्द्र सिंह, कांग्रेस की पीसीसी सदस्य नैना शर्मा, बहुजन समाज पार्टी के जिला संयोजक वीरेन्द्र सिंह तथा समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष भूपेन्द्र प्रजापति सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।2
- एटा जिले के मलावन थाना क्षेत्र में स्थित शाकिर बढ़िया सिलम ब्लॉक में पिछले लगभग दो-तीन महीनों से एक लट्ठा टूटा हुआ है। इस समस्या के कारण, गली से ट्रैक्टर और टेंपो जैसे वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से यह टूटे हुए लट्ठे को स्वीकार करने, उसे तत्काल हटाने और उसकी जगह जल्द से जल्द एक नया लट्ठा लगवाने की मांग की है ताकि इस गतिरोध को खत्म किया जा सके।1
- एटा नगर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने ऐतिहासिक कैलाश मंदिर से सटे तालाब एवं जलाशय की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने तत्काल इसकी सफाई और संरक्षण की मांग उठाई है, यह बताते हुए कि बरसात का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन तालाब, जलाशय और उनसे जुड़े नालों की अब तक सफाई नहीं की गई है, जिससे जलभराव और पर्यावरणीय समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। नगरवासियों ने आरोप लगाया है कि कुछ समय पहले ही समाचार पत्रों में इस ऐतिहासिक तालाब की स्थिति को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके बावजूद, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उनकी शिकायत है कि इस मामले में लगातार उपेक्षा बरती जा रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जलाशयों के संरक्षण संबंधी दिए गए निर्देशों की स्पष्ट अवहेलना प्रतीत होती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि तालाब, पोखर, झील और अन्य जलाशय सार्वजनिक संपत्ति हैं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि इनके क्षेत्रफल को कम करने, अतिक्रमण करने या स्वरूप बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती, और राज्यों तथा स्थानीय निकायों को इनके संरक्षण, पुनर्जीवन और अवैध निर्माणों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी संदर्भ में, नगरवासियों ने नगरपालिका से जलाशय क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य को तत्काल रोकने, तालाब की सफाई करने, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और जल संरक्षण के उपायों को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करते हुए कैलाश मंदिर से लगे तालाब एवं जलाशय क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, चल रहे निर्माण कार्यों की जांच हो, और एक व्यापक सफाई अभियान चलाकर संभावित जलभराव की समस्या को रोका जाए। नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जलाशय के संरक्षण और सफाई के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात के दौरान क्षेत्र में गंभीर जलभराव और पर्यावरणीय संकट उत्पन्न हो सकता है, जिसके मद्देनजर उन्होंने प्रशासन से जनहित में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।3
- रीटा तल्ली तहसील में अध्यक्ष जी के नेतृत्व में एक अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है। यह हड़ताल बिना किसी निश्चित समय-सीमा के जारी रहेगी।1
- जलेसर का बड़ा बाजार और नाला बाजार क्षेत्र अपनी लोकप्रियता तथा महत्व के कारण शहर का हृदय माना जाता है, लेकिन यह व्यस्ततम इलाका अब गंभीर यातायात जाम की समस्या से जूझ रहा है। व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण करने और ग्राहकों द्वारा वाहनों को बेतरतीब ढंग से खड़ा करने के कारण, बाजार की मुख्य सड़क संकरी हो गई है, जिसका परिणाम यह है कि सड़कें अक्सर जाम में बदल जाती हैं। इस भीषण जाम के कारण, चौराहे के पास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक रोगियों को पहुंचाने में भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। एक वायरल वीडियो में भी व्यस्ततम चौराहे की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु उठाए गए योगदान का कितना असर होता है, यह साफ दिखाई दे रहा है, जिससे स्थिति की गंभीरता उजागर होती है। सड़क पर आड़ी-तिरछी खड़ी मोटरसाइकिलें और दुकानदारों की बेंचें इस जाम का प्रमुख कारण बनती हैं। प्रशासन का ध्यान इस समस्या पर केंद्रित करने का प्रयास किया जाना चाहिए, क्योंकि नाला बाजार चौराहे पर जाम अतिक्रमण की वजह से बना है और लोग इससे मुक्ति की आस लगाए बैठे हैं।2
- फ़र्रुखाबाद ज़िले के कटिया रेलवे कंपिल रोड स्टेशन पर 60 से 70 साल पुराने पेड़ काटे जा रहे हैं। स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में इन पेड़ों की कटाई का काम चल रहा है।1
- गौ सेवा और गौ रक्षा के लिए रात-रात भर जागकर और दिन-रात एक करके समर्पण भाव से काम करने वालों के प्रति भारी निराशा और हताशा व्यक्त की गई है। टेक्स्ट में बताया गया है कि अपनी निस्वार्थ सेवा के बावजूद, ऐसे समर्पित व्यक्तियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े हैं। विशेष रूप से, गौ सेवा में लगे चौदह "भाइयों" को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस कठोर दंड के बाद सवाल उठाया गया है कि उनकी सेवा के बदले उन्हें क्या मिला, जो न्याय की कमी को दर्शाता है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन भाइयों को न्याय नहीं मिला, और इस निराशाजनक परिणाम के कारण आज से कोई भी गौ सेवा नहीं करेगा। यह संदेश मौजूदा व्यवस्था के प्रति अविश्वास और गौ सेवा के प्रति समर्पण को छोड़ने का संकेत देता है।2
- एटा की सदर तहसील में दस्तावेज़ लेखक एसोसिएशन द्वारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है। यह प्रदर्शन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मै चंद यादव जी के नेतृत्व में किया जा रहा है।1