जलेसर का बड़ा बाजार और नाला बाजार क्षेत्र अपनी लोकप्रियता तथा महत्व के कारण शहर का हृदय माना जाता है, लेकिन यह व्यस्ततम इलाका अब गंभीर यातायात जाम की समस्या से जूझ रहा है। व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण करने और ग्राहकों द्वारा वाहनों को बेतरतीब ढंग से खड़ा करने के कारण, बाजार की मुख्य सड़क संकरी हो गई है, जिसका परिणाम यह है कि सड़कें अक्सर जाम में बदल जाती हैं। इस भीषण जाम के कारण, चौराहे के पास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक रोगियों को पहुंचाने में भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। एक वायरल वीडियो में भी व्यस्ततम चौराहे की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु उठाए गए योगदान का कितना असर होता है, यह साफ दिखाई दे रहा है, जिससे स्थिति की गंभीरता उजागर होती है। सड़क पर आड़ी-तिरछी खड़ी मोटरसाइकिलें और दुकानदारों की बेंचें इस जाम का प्रमुख कारण बनती हैं। प्रशासन का ध्यान इस समस्या पर केंद्रित करने का प्रयास किया जाना चाहिए, क्योंकि नाला बाजार चौराहे पर जाम अतिक्रमण की वजह से बना है और लोग इससे मुक्ति की आस लगाए बैठे हैं।
जलेसर का बड़ा बाजार और नाला बाजार क्षेत्र अपनी लोकप्रियता तथा महत्व के कारण शहर का हृदय माना जाता है, लेकिन यह व्यस्ततम इलाका अब गंभीर यातायात जाम की समस्या से जूझ रहा है। व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण करने और ग्राहकों द्वारा वाहनों को बेतरतीब ढंग से खड़ा करने के कारण, बाजार की मुख्य सड़क संकरी हो गई है, जिसका परिणाम यह है कि सड़कें अक्सर जाम में बदल जाती हैं। इस भीषण जाम के कारण, चौराहे के पास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक रोगियों को पहुंचाने
में भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। एक वायरल वीडियो में भी व्यस्ततम चौराहे की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु उठाए गए योगदान का कितना असर होता है, यह साफ दिखाई दे रहा है, जिससे स्थिति की गंभीरता उजागर होती है। सड़क पर आड़ी-तिरछी खड़ी मोटरसाइकिलें और दुकानदारों की बेंचें इस जाम का प्रमुख कारण बनती हैं। प्रशासन का ध्यान इस समस्या पर केंद्रित करने का प्रयास किया जाना चाहिए, क्योंकि नाला बाजार चौराहे पर जाम अतिक्रमण की वजह से बना है और लोग इससे मुक्ति की आस लगाए बैठे हैं।
- जलेसर का बड़ा बाजार और नाला बाजार क्षेत्र अपनी लोकप्रियता तथा महत्व के कारण शहर का हृदय माना जाता है, लेकिन यह व्यस्ततम इलाका अब गंभीर यातायात जाम की समस्या से जूझ रहा है। व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण करने और ग्राहकों द्वारा वाहनों को बेतरतीब ढंग से खड़ा करने के कारण, बाजार की मुख्य सड़क संकरी हो गई है, जिसका परिणाम यह है कि सड़कें अक्सर जाम में बदल जाती हैं। इस भीषण जाम के कारण, चौराहे के पास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक रोगियों को पहुंचाने में भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। एक वायरल वीडियो में भी व्यस्ततम चौराहे की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु उठाए गए योगदान का कितना असर होता है, यह साफ दिखाई दे रहा है, जिससे स्थिति की गंभीरता उजागर होती है। सड़क पर आड़ी-तिरछी खड़ी मोटरसाइकिलें और दुकानदारों की बेंचें इस जाम का प्रमुख कारण बनती हैं। प्रशासन का ध्यान इस समस्या पर केंद्रित करने का प्रयास किया जाना चाहिए, क्योंकि नाला बाजार चौराहे पर जाम अतिक्रमण की वजह से बना है और लोग इससे मुक्ति की आस लगाए बैठे हैं।2
- आज 21 जून, 2026 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एटा के मलावन स्थित सीआईएसएफ यूनिट JTPP मलावन के फायर स्टेशन परिसर में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम "Yoga for Healthy Ageing (स्वस्थ वृद्धावस्था हेतु योग)" रही, जिसका मुख्य उद्देश्य योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के दौरान, प्रशिक्षित योगाचार्य ने सीआईएसएफ कर्मियों और संयंत्र कर्मचारियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया, साथ ही नियमित योगाभ्यास के लाभों पर प्रकाश डालते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर JTPP मलावन के मुख्य महाप्रबंधक अनुग्रह रवि, महाप्रबंधक मिश्रा, महाप्रबंधक ललित गौतम, सीआईएसएफ के उप कमांडेंट जसवीर सिंह और सहायक कमांडेंट अखिलेश चन्द्र मिश्रा सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीआईएसएफ और संयंत्र के सभी कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई। योगाभ्यास के बाद, उपस्थित अधिकारियों ने सभी से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने और इसके माध्यम से स्वस्थ तथा तनावमुक्त जीवन जीने का आह्वान किया। अंत में, मुख्य महाप्रबंधक महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की एक प्राचीन और अमूल्य धरोहर है, जो न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक शांति, आत्मानुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण भी प्रदान करता है। उन्होंने सभी कर्मियों से नियमित रूप से योगाभ्यास करने और अपने परिवार व समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने का आग्रह किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प लिया।1
- फ़र्रुखाबाद ज़िले के कटिया रेलवे कंपिल रोड स्टेशन पर 60 से 70 साल पुराने पेड़ काटे जा रहे हैं। स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में इन पेड़ों की कटाई का काम चल रहा है।1
- गौ सेवा और गौ रक्षा के लिए रात-रात भर जागकर और दिन-रात एक करके समर्पण भाव से काम करने वालों के प्रति भारी निराशा और हताशा व्यक्त की गई है। टेक्स्ट में बताया गया है कि अपनी निस्वार्थ सेवा के बावजूद, ऐसे समर्पित व्यक्तियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े हैं। विशेष रूप से, गौ सेवा में लगे चौदह "भाइयों" को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस कठोर दंड के बाद सवाल उठाया गया है कि उनकी सेवा के बदले उन्हें क्या मिला, जो न्याय की कमी को दर्शाता है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन भाइयों को न्याय नहीं मिला, और इस निराशाजनक परिणाम के कारण आज से कोई भी गौ सेवा नहीं करेगा। यह संदेश मौजूदा व्यवस्था के प्रति अविश्वास और गौ सेवा के प्रति समर्पण को छोड़ने का संकेत देता है।2
- जनपद एटा के नगर क्षेत्र जलेसर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नगर के सैकड़ों लोगों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया, और इसी अवसर पर नीलम प्रजापति ने "करें योग रहे निरोग" का संदेश दिया। सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम के संयोजक सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जलेसर के प्रबंधक वीरेंद्र प्रताप सिंह (संतोष) रहे। योग ऑर्बिट फाउंडेशन के कोच सुमित कुमार और उनके साथी खिलाड़ी तरुण कुमार, अर्जुन, सागर तथा मुस्कान ने उपस्थित जनसमूह को योग कराया। इस आयोजन में अजय मोहन शर्मा, जेपी सिंह, दिलीप वार्ष्णेय, अटल वार्ष्णेय, डॉक्टर गिरिराज सिंह, विलेज जी, हरेंद्र सिंह, अखंड प्रताप सिंह, सोमेंद्र, सौरव, रवि कुमार, वीरेंद्र राणा, धर्मवीर, मनोज बजरंगी, अशोक वार्ष्णेय, एड. विष्णु दयाल, श्रीमती अमिता सिंह, अंजू अग्रवाल, मनीषा, प्रेमपाल, रोशन लाल सिंगल और जिला कार्य समिति भाजपा एटा की सदस्य नीलम प्रजापति सहित नगर के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।4
- उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सोमवार शाम डायल-112 के एक सिपाही ने सरेराह एक युवक के साथ मारपीट की। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इस पुलिसकर्मी के व्यवहार को लेकर भारी आक्रोश है और जनता यह सवाल पूछ रही है कि 'क्या पुलिस कानून के दायरे से ऊपर है?' इस पूरे मामले में अब उच्च अधिकारियों की ओर से की जाने वाली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।1