वन ईयर वेटिंग रूल्स की मांग को लेकर आंदोलन हुआ और तेज, धरना अनिश्चितकालीन जयपुर। फोर्थ ग्रेड सहित विभिन्न भर्तियों में वन ईयर वेटिंग रूल्स लागू करने की मांग को लेकर युवा हुंकार बेरोजगार एकीकृत महासंघ का आंदोलन लगातार जारी है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के समर्थन के बाद आंदोलन को और अधिक मजबूती मिली है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मोनू चौधरी स्वयं आंदोलन का हिस्सा बने हुए हैं। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर अर्धनग्न प्रदर्शन किया, सांकेतिक फांसी का प्रदर्शन किया और अब भूख हड़ताल पर बैठकर युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। मोनू चौधरी ने बताया कि आंदोलन अब अनिश्चितकालीन हो चुका है और जब तक सरकार वन ईयर वेटिंग रूल्स को लागू करने का निर्णय नहीं लेती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लादूराम गोदारा और मोनू चौधरी लगातार आंदोलन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। बड़ी संख्या में युवा इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं। महासंघ ने सरकार से मांग की है कि युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फोर्थ ग्रेड सहित सभी संबंधित भर्तियों में वन ईयर वेटिंग रूल्स को जल्द लागू किया जाए। साथ ही, महासंघ ने सभी युवाओं, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से इस जनआंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन देने की अपील की है।
वन ईयर वेटिंग रूल्स की मांग को लेकर आंदोलन हुआ और तेज, धरना अनिश्चितकालीन जयपुर। फोर्थ ग्रेड सहित विभिन्न भर्तियों में वन ईयर वेटिंग रूल्स लागू करने की मांग को लेकर युवा हुंकार बेरोजगार एकीकृत महासंघ का आंदोलन लगातार जारी है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के समर्थन के बाद आंदोलन को और अधिक मजबूती मिली है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मोनू चौधरी स्वयं आंदोलन का हिस्सा बने हुए हैं। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर अर्धनग्न प्रदर्शन किया, सांकेतिक फांसी का प्रदर्शन किया और अब भूख हड़ताल पर बैठकर युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। मोनू चौधरी ने बताया कि आंदोलन अब अनिश्चितकालीन हो चुका है और जब तक सरकार वन ईयर वेटिंग रूल्स को लागू करने का निर्णय नहीं लेती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लादूराम गोदारा और मोनू चौधरी लगातार आंदोलन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। बड़ी संख्या में युवा इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं। महासंघ ने सरकार से मांग की है कि युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फोर्थ ग्रेड सहित सभी संबंधित भर्तियों में वन ईयर वेटिंग रूल्स को जल्द लागू किया जाए। साथ ही, महासंघ ने सभी युवाओं, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से इस जनआंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन देने की अपील की है।
- जयपुर महानगर तिपहिया वाहन चालक के द्वारा आज जयपुर में झंडा रौहन किया गया देखिए खास रिपोर्ट जस्ट जयपुर लाइव से1
- BJP ने बजाया गलत वन्दे मातरम् । प्रदेशाध्यक्ष ने मांगी माफ़ी !1
- करौली में तिरंगे का अपमान? जिला कलेक्टर के पैरों में गिरा राष्ट्रीय ध्वज, जिला स्तरीय समारोह की बड़ी चूक पर उठे सवाल करौली में तिरंगे का अपमान? जिला कलेक्टर के पैरों में गिरा राष्ट्रीय ध्वज, जिला स्तरीय समारोह की बड़ी चूक पर उठे सवाल करौली। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर जहां पूरा देश तिरंगे को सलामी दे रहा था, वहीं राजस्थान के करौली में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान हुई एक बड़ी चूक ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। आपको बता दे कि जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा और पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल की मौजूदगी में ध्वजारोहण के दौरान तिरंगे की गांठ नहीं खुली। रस्सी को झटका देते ही राष्ट्रीय ध्वज पोल से टूटकर नीचे आ गिरा और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार तिरंगा जिला कलेक्टर के पैरों के पास गिर गया। इस पूरे घटनाक्रम ने समारोह स्थल पर कुछ देर के लिए हड़कंप मचा दिया।जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय पर स्वतंत्रता दिवस का आधिकारिक समारोह पूरे सरकारी प्रोटोकॉल के तहत आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। वहीं ध्वजारोहण की प्रक्रिया शुरू होते ही तिरंगे की गांठ नहीं खुली। इसके बाद रस्सी को झटका दिया गया, लेकिन उसी दौरान तिरंगा पोल से अलग होकर नीचे गिर पड़ा। राष्ट्रीय ध्वज को जमीन की ओर गिरता देख समारोह में मौजूद लोग हैरान रह गए और कुछ पल के लिए पूरा माहौल असहज हो गया।वहीं घटना के बाद एक पुलिस कांस्टेबल ने तत्परता दिखाते हुए पोल पर चढ़कर रस्सी को ठीक किया। इसके बाद दोबारा तिरंगे को सम्मानपूर्वक फहराया गया और कार्यक्रम आगे बढ़ा, लेकिन तब तक यह चूक लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी थी।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह कोई सामान्य आयोजन नहीं था, बल्कि जिले का सबसे महत्वपूर्ण सरकारी स्वतंत्रता दिवस समारोह था। ऐसे कार्यक्रमों से पहले ध्वजारोहण की व्यवस्था, रस्सी, गांठ और झंडे की पूरी जांच तथा रिहर्सल की जाती है। इसके बावजूद तिरंगे का नीचे गिर जाना तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर उससे जुड़ी हर प्रक्रिया अत्यंत सावधानी और सम्मान के साथ पूरी की जाती है। ऐसे में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में हुई इस घटना ने लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।अब निगाहें इस बात पर हैं कि इस पूरे मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या इस चूक की जांच होगी? क्या जिम्मेदारी तय की जाएगी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या कार्रवाई केवल निचले स्तर के अधिकारियों तक सीमित रहेगी, या फिर जिला स्तरीय समारोह की व्यवस्थाओं की जवाबदेही तय करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा होगी?1
- राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खरड मे आज 80 वां गणतंत्र दिवस ग्राम पंचायत खरड मे आज गणतंत्र दिवस बड़े उल्लास के साथ मनाया गया बच्चो का मनोबल बड़ाने के लिए जो पिछली बार फर्स्ट डिविजन से पास होने वालों को पुरस्करत किया गया गाँव के भामाशाओ ने स्कूल के बाथरूम के लिए सहयोग राशि प्रदान की2
- यह राजस्थान से उठी स्कूली व्यवस्था की आवाज देश की आवाज बनेगी.. लेकिन आज दस ग्यारह साल के बच्चे भी धरने पर बैठ रहे हैं। ये बहुत सोचने का विषय है कुछ दिनों से अलवर के थानागाजी तहसील से स्कूली बच्चे धनने पर बैठे हैं। वो इसलिए बैठे हैं क्योंकि स्कूल व्यवस्था डगमगा रही है राजस्थान सरकार केवल पोस्टरों में ही विकास की भूमिका निभा रही है1
- रामनिवास बाग में पार्किंग को लेकर विवाद, ठेकेदार-कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप जयपुर। रामनिवास बाग में वाहन पार्किंग को लेकर शुक्रवार को विवाद हो गया। आरोप है कि पार्किंग की जगह से एक गाड़ी को हटाकर ले जाने के बाद जब लोगों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से इस संबंध में बात की तो विवाद बढ़ गया। सनरीन के आरोप के मुताबिक, मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी नंद सिंह की मौजूदगी में उसके साथ मारपीट करवाई गई। इसके बाद जब उसके साथ मौजूद युवकों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ लाठी-डंडों, लात-घूंसों से मारपीट किए जाने का आरोप है। आरोप है कि मारपीट में एक युवक का हाथ टूट गया। समरीन का यह भी आरोप है कि विवाद के दौरान लड़कियों के साथ भी मारपीट की गई और उन्हें घसीटा गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से समझाइश की। फिलहाल पूरे मामले को लेकर लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है। मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से कार्रवाई की मांग की गई है।1
- वन ईयर वेटिंग रूल्स की मांग को लेकर आंदोलन हुआ और तेज, धरना अनिश्चितकालीन जयपुर। फोर्थ ग्रेड सहित विभिन्न भर्तियों में वन ईयर वेटिंग रूल्स लागू करने की मांग को लेकर युवा हुंकार बेरोजगार एकीकृत महासंघ का आंदोलन लगातार जारी है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के समर्थन के बाद आंदोलन को और अधिक मजबूती मिली है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मोनू चौधरी स्वयं आंदोलन का हिस्सा बने हुए हैं। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर अर्धनग्न प्रदर्शन किया, सांकेतिक फांसी का प्रदर्शन किया और अब भूख हड़ताल पर बैठकर युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। मोनू चौधरी ने बताया कि आंदोलन अब अनिश्चितकालीन हो चुका है और जब तक सरकार वन ईयर वेटिंग रूल्स को लागू करने का निर्णय नहीं लेती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लादूराम गोदारा और मोनू चौधरी लगातार आंदोलन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। बड़ी संख्या में युवा इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं। महासंघ ने सरकार से मांग की है कि युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फोर्थ ग्रेड सहित सभी संबंधित भर्तियों में वन ईयर वेटिंग रूल्स को जल्द लागू किया जाए। साथ ही, महासंघ ने सभी युवाओं, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से इस जनआंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन देने की अपील की है।1
- स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस कार्यालय में वंदे मातरम के दौरान सोनिया गांधी के एक वीडियो को लेकर विवाद छिड़ गया। बीजेपी ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी सिर्फ मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगवाने की बात कर रही थीं। स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस कार्यालय में वंदे मातरम के दौरान सोनिया गांधी के एक वीडियो को लेकर विवाद छिड़ गया। बीजेपी ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी सिर्फ मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगवाने की बात कर रही थीं।1