अटरिया भीषण गर्मी में ‘प्यासे’ पड़े वाटर कूलर, जिम्मेदार बेखबर — सरकारी धन पर उठे सवाल अटरिया भीषण गर्मी में ‘प्यासे’ पड़े वाटर कूलर, जिम्मेदार बेखबर — सरकारी धन पर उठे सवाल संवाददाता, नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर जनपद के अटरिया थाना क्षेत्र में पड़ रही सर चकरा देने वाली भीषण गर्मी के बीच आम लोगों को राहत देने के लिए लगाए गए सरकारी वाटर कूलर इस वर्ष पूरी तरह से बेदम नजर आ रहे हैं। चौराहों और प्रमुख स्थानों पर लगाए गए ये कूलर या तो बंद पड़े हैं या फिर केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। ऐसे में राहगीरों और बाजार आने वाले लोगों को ठंडे पानी की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख निधि और ग्राम पंचायतों के माध्यम से लगाए गए अधिकांश वाटर कूलर या तो चालू ही नहीं किए गए हैं या फिर उनकी देखरेख पूरी तरह से नजरअंदाज कर दी गई है। कई स्थानों पर तो हालात यह हैं कि जिनके पास कनेक्शन है, वही इनका निजी उपयोग कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाला मामला अटरिया के बनौगा बाजार का सामने आया है, जहां वाटर कूलर के पास स्थित एक दुकानदार द्वारा न केवल कूलर को बंद कर दिया गया है, बल्कि उसके कनेक्शन और पानी की टंकी का उपयोग भी निजी व्यवसाय के लिए किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दुकानदार ठंडे पानी की बोतलों का व्यापार कर रहा है, जिसके चलते आम जनता को सरकारी सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। वहीं अटरिया थाने में लगा वाटर कूलर भी सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है। स्टेशन चौराहे पर एक मिष्ठान भंडार के पास लगा कूलर तो ठंडे पानी की बजाय गर्म पानी दे रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा जनता की सुविधा के लिए खर्च किए गए लाखों रुपये का यह खुला दुरुपयोग है। बावजूद इसके, किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी ने इनकी सुध लेने की जहमत नहीं उठाई। जानकारों की मानें तो कुछ प्रभावशाली लोग वाटर कूलर के नाम पर हर साल बजट पास करवा लेते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में सुविधाएं चालू नहीं कराई जातीं। इससे यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर यह धनराशि कहां और कैसे खर्च हो रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कब संज्ञान लेता है और भीषण गर्मी में प्यास से जूझ रही जनता को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। ➡️ मुख्य बिंदु: ▪️ चौराहों व सार्वजनिक स्थानों पर लगे अधिकांश वाटर कूलर बंद ▪️ कई जगह कूलर सिर्फ शोपीस बने, ठंडा पानी नहीं मिल रहा ▪️ बनौगा बाजार में दुकानदार द्वारा कूलर का निजी उपयोग ▪️ अटरिया थाना व स्टेशन चौराहे के कूलर भी बेकार ▪️ कहीं गर्म पानी, तो कहीं कनेक्शन का दुरुपयोग
अटरिया भीषण गर्मी में ‘प्यासे’ पड़े वाटर कूलर, जिम्मेदार बेखबर — सरकारी धन पर उठे सवाल अटरिया भीषण गर्मी में ‘प्यासे’ पड़े वाटर कूलर, जिम्मेदार बेखबर — सरकारी धन पर उठे सवाल संवाददाता, नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर जनपद के अटरिया थाना क्षेत्र में पड़ रही सर चकरा देने वाली भीषण गर्मी के बीच आम लोगों को राहत देने के लिए लगाए गए सरकारी वाटर कूलर इस वर्ष पूरी तरह से बेदम नजर आ रहे हैं। चौराहों और प्रमुख स्थानों पर लगाए गए ये कूलर या तो बंद पड़े हैं या फिर केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। ऐसे में राहगीरों और बाजार आने वाले लोगों को ठंडे पानी की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख निधि और ग्राम पंचायतों के माध्यम से लगाए गए अधिकांश वाटर कूलर या तो चालू ही नहीं किए गए हैं या फिर उनकी देखरेख पूरी तरह से नजरअंदाज कर दी गई है। कई स्थानों पर तो हालात यह हैं कि जिनके पास कनेक्शन है, वही इनका निजी उपयोग कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाला मामला अटरिया के बनौगा बाजार का सामने आया है, जहां वाटर कूलर के पास स्थित एक दुकानदार द्वारा न केवल कूलर को बंद कर दिया गया है, बल्कि उसके कनेक्शन और पानी की टंकी का उपयोग भी निजी व्यवसाय के लिए किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दुकानदार ठंडे पानी की बोतलों का व्यापार कर रहा है, जिसके चलते आम जनता को सरकारी सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। वहीं अटरिया थाने में लगा वाटर कूलर भी सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है। स्टेशन चौराहे पर एक मिष्ठान भंडार के पास लगा कूलर तो ठंडे पानी की बजाय गर्म पानी दे रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा जनता की सुविधा के लिए खर्च किए गए लाखों रुपये का यह खुला दुरुपयोग है। बावजूद इसके, किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी ने इनकी सुध लेने की जहमत नहीं उठाई। जानकारों की मानें तो कुछ प्रभावशाली लोग वाटर कूलर के नाम पर हर साल बजट पास करवा लेते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में सुविधाएं चालू नहीं कराई जातीं। इससे यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर यह धनराशि कहां और कैसे खर्च हो रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कब संज्ञान लेता है और भीषण गर्मी में प्यास से जूझ रही जनता को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। ➡️ मुख्य बिंदु: ▪️ चौराहों व सार्वजनिक स्थानों पर लगे अधिकांश वाटर कूलर बंद ▪️ कई जगह कूलर सिर्फ शोपीस बने, ठंडा पानी नहीं मिल रहा ▪️ बनौगा बाजार में दुकानदार द्वारा कूलर का निजी उपयोग ▪️ अटरिया थाना व स्टेशन चौराहे के कूलर भी बेकार ▪️ कहीं गर्म पानी, तो कहीं कनेक्शन का दुरुपयोग
- अटरिया ,शादी से पहले खुशियां जलीं: महमूदपुर में भीषण आग से 5 घर राख, लाखों का नुकसान संवाददाता , नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर जनपद के अटरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत महमूदपुर गांव में बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी। इस दर्दनाक अग्निकांड में पांच घर जलकर राख हो गए, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हादसे की सबसे मार्मिक बात यह रही कि एक पीड़ित परिवार में महज 10 दिन बाद बेटी की शादी होनी थी, जिसकी पूरी तैयारियां आग में खाक हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी देशराज पुत्र महावीर, छोटकनू, गुड्डू, पप्पू और पुताऊ के घरों में अचानक आग भड़क उठी। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण घर के बाहर पड़े कूड़े के ढेर से उठी चिंगारी को माना जा रहा है, जो तेज हवा के कारण छप्पर तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के आगे वे बेबस नजर आए। सूचना मिलते ही अटरिया थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पीड़ित देशराज ने बताया कि उनकी बेटी की शादी आगामी 4 मई को तय थी। शादी के लिए खरीदे गए कपड़े, बर्तन और करीब 70 हजार रुपये नकद सहित सारा सामान जलकर राख हो गया। इस हादसे में उनकी पत्नी भी झुलस गईं, जिनका इलाज कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पांच में से तीन घरों को भारी नुकसान हुआ है, जबकि दो घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। अटरिया थाना प्रभारी लाल बहादुर मिश्र ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया। राजस्व विभाग की टीम को भी नुकसान के आकलन के लिए बुलाया गया है। पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा के प्रति लापरवाही और जागरूकता की कमी को उजागर कर दिया है।4
- Post by Dharmendra Kumar1
- रीवा सीवा के पास सड़क हादसे में युवक की मौत, अज्ञात वाहन चालक फरार संवाददाता, बाराबंकी। लखनऊ–महमूदाबाद मार्ग पर स्थित कस्बा रीवा सीवा के पास बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान लवकुश (उम्र लगभग 25 वर्ष) पुत्र ओमप्रकाश, निवासी जनपद सीतापुर के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लवकुश अपने घर सीतापुर से मोटरसाइकिल द्वारा लखनऊ जा रहा था। जैसे ही वह रीवा सीवा कस्बे के पास पहुंचा, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि लवकुश सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से वाहन सहित फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मनोज सोनकर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुंघटेर भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1
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- संवाददाता रवि रावत *बाराबंकी* के फतेहपुर क्षेत्र के हिदायतपुर गांव में लगी भीषण आग से कई परिवारों की संपत्ति जलकर राख हो गई। यह घटना राम सजीवन के छप्परनुमा घर से शुरू हुई और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों ने बाल्टियों और अन्य उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण उनके प्रयास विफल रहे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। हालांकि, जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब तक राम सजीवन का पूरा घर जलकर खाक हो चुका था। इस अग्निकांड में राम सजीवन को लगभग 50 हजार रुपये नकद का नुकसान हुआ, जो उन्होंने रिश्तेदारी निभाने के लिए ब्याज पर उधार लिए थे। उनके कपड़े, अनाज और महत्वपूर्ण कागजात भी आग में नष्ट हो गए तेज हवा के कारण आग की लपटें पड़ोस तक फैल गईं और जगदीश प्रसाद का घर भी इसकी चपेट में आ गया। उनकी बेटी की शादी के लिए रखा गया सामान, जिसमें पांच बोरी चावल, तीन बोरी गेहूं, चार बोरी सरसों, दस बोरी धान, एक ठेला और जरूरी कागजात शामिल थे, सब कुछ जलकर राख हो गया। इसके अतिरिक्त, पड़ोसी रामू का छप्पर, अनाज, चावल, जेवरात, कपड़े और अन्य घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गए। घटना की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार तहजीब हैदर ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने लेखपाल को शीघ्र रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। तहसीलदार वैशाली अहलावत ने बताया कि प्रभावित परिवारों को तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और आगे की राहत कार्यवाही भी जल्द की जाएगी। गांव के प्रधान बलराज यादव ने राम सजीवन और जगदीश प्रसाद को पांच-पांच हजार रुपये की सहायता प्रदान की है।1
- *लखनऊ सरोजनी नगर विधायक डॉ राजेश्वर सिंह द्वारा भव्य भजन संध्या का आयोजन।* *सरोजनी नगर में भव्य सुप्रसिद्ध गायक भजन गायक कन्हैया मित्तल की प्रस्तुति कार्यक्रम की शुरुवात हुई।* *राजधानी लखनऊ सरोजनीनगर के नटकुर मैदान में भक्ति, संगीत और श्रद्धा का भव्य संगम शुभारंभ।* *भव्य भजन संध्या में सुप्रसिद्ध भजन सम्राट कन्हैया मित्तल जी द्वारा जो राम को लाए है हम उनको लाएंगे कि मधुर वाणी में प्रभु श्रीराम के भजनों का रसपान की शुरुवात।*3
- Post by राम दयाल रावत प्रेस रिपोर्टर2
- अटरिया भीषण गर्मी में ‘प्यासे’ पड़े वाटर कूलर, जिम्मेदार बेखबर — सरकारी धन पर उठे सवाल संवाददाता, नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर जनपद के अटरिया थाना क्षेत्र में पड़ रही सर चकरा देने वाली भीषण गर्मी के बीच आम लोगों को राहत देने के लिए लगाए गए सरकारी वाटर कूलर इस वर्ष पूरी तरह से बेदम नजर आ रहे हैं। चौराहों और प्रमुख स्थानों पर लगाए गए ये कूलर या तो बंद पड़े हैं या फिर केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। ऐसे में राहगीरों और बाजार आने वाले लोगों को ठंडे पानी की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख निधि और ग्राम पंचायतों के माध्यम से लगाए गए अधिकांश वाटर कूलर या तो चालू ही नहीं किए गए हैं या फिर उनकी देखरेख पूरी तरह से नजरअंदाज कर दी गई है। कई स्थानों पर तो हालात यह हैं कि जिनके पास कनेक्शन है, वही इनका निजी उपयोग कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाला मामला अटरिया के बनौगा बाजार का सामने आया है, जहां वाटर कूलर के पास स्थित एक दुकानदार द्वारा न केवल कूलर को बंद कर दिया गया है, बल्कि उसके कनेक्शन और पानी की टंकी का उपयोग भी निजी व्यवसाय के लिए किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दुकानदार ठंडे पानी की बोतलों का व्यापार कर रहा है, जिसके चलते आम जनता को सरकारी सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। वहीं अटरिया थाने में लगा वाटर कूलर भी सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है। स्टेशन चौराहे पर एक मिष्ठान भंडार के पास लगा कूलर तो ठंडे पानी की बजाय गर्म पानी दे रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा जनता की सुविधा के लिए खर्च किए गए लाखों रुपये का यह खुला दुरुपयोग है। बावजूद इसके, किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी ने इनकी सुध लेने की जहमत नहीं उठाई। जानकारों की मानें तो कुछ प्रभावशाली लोग वाटर कूलर के नाम पर हर साल बजट पास करवा लेते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में सुविधाएं चालू नहीं कराई जातीं। इससे यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर यह धनराशि कहां और कैसे खर्च हो रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कब संज्ञान लेता है और भीषण गर्मी में प्यास से जूझ रही जनता को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। ➡️ मुख्य बिंदु: ▪️ चौराहों व सार्वजनिक स्थानों पर लगे अधिकांश वाटर कूलर बंद ▪️ कई जगह कूलर सिर्फ शोपीस बने, ठंडा पानी नहीं मिल रहा ▪️ बनौगा बाजार में दुकानदार द्वारा कूलर का निजी उपयोग ▪️ अटरिया थाना व स्टेशन चौराहे के कूलर भी बेकार ▪️ कहीं गर्म पानी, तो कहीं कनेक्शन का दुरुपयोग1