जालौन में उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही ने शुक्रवार सुबह नगर में औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यशैली की एक अनूठी मिसाल पेश की। सुबह करीब 7:30 से 8 बजे के बीच, एसडीएम ने नगर के प्रसिद्ध पक्का तालाब क्षेत्र का जायजा लिया और वहां की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद कर नगर पालिका की डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था की जानकारी ली और पूछा कि क्या कूड़ा गाड़ी नियमित रूप से घरों से कूड़ा उठाती है। नागरिकों ने इस पर संतोषजनक प्रतिक्रिया देते हुए व्यवस्था को बेहतर बताया। इसके बाद, उपजिलाधिकारी ने पक्का तालाब के पास स्थित पार्क का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने पार्क की साफ-सफाई, हरियाली और बच्चों के लिए लगाए गए झूलों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। झूलों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, उन्होंने स्वयं एक झूले पर बैठकर उसे जांचा, जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने पार्क में मौजूद एक नन्ही बच्ची सादिया से भी आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने सादिया और नई पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए मोबाइल फोन के सीमित उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने समझाया कि आजकल मोबाइल हमें कम और हम मोबाइल का ज्यादा उपयोग करते हैं, और बड़ी कंपनियां आकर्षक सामग्री से बच्चों व युवाओं को बांधे रखना चाहती हैं, जिससे मोबाइल की लत बढ़ती जा रही है। एसडीएम ने सादिया से नियमित रूप से पार्क आकर खेलकूद करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने सादिया से यह भी पूछा कि पार्क को और बेहतर बनाने के लिए उसकी क्या मांगें हैं, जिस पर सादिया ने फूलों की संख्या बढ़ाने और छोटे बच्चों के लिए अलग झूले लगाने का सुझाव दिया। सादिया ने बाद में खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "मुझे सर से बात करके बहुत अच्छा लगा। मैंने उनसे नए झूलों की मांग की है। उन्होंने मुझे समझाया कि मोबाइल हमें एक जाल में फंसा सकता है, इसलिए उसका कम उपयोग करना चाहिए।" एसडीएम रिंकू सिंह राही की यह पहल, जिसमें उन्होंने सुबह-सुबह नगर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, स्थानीय लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया और बच्चों को सकारात्मक संदेश दिया, नगरवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। लोगों ने उनकी इस कार्यशैली को संवेदनशील और जनसरोकारों से जुड़ी प्रशासनिक कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
जालौन में उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही ने शुक्रवार सुबह नगर में औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यशैली की एक अनूठी मिसाल पेश की। सुबह करीब 7:30 से 8 बजे के बीच, एसडीएम ने नगर के प्रसिद्ध पक्का तालाब क्षेत्र का जायजा लिया और वहां की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद कर नगर पालिका की डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था की जानकारी ली और पूछा कि क्या कूड़ा गाड़ी नियमित रूप से घरों से कूड़ा उठाती है। नागरिकों ने इस पर संतोषजनक प्रतिक्रिया देते हुए व्यवस्था को बेहतर बताया। इसके बाद, उपजिलाधिकारी ने पक्का तालाब के पास स्थित पार्क का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने पार्क की साफ-सफाई, हरियाली और बच्चों के लिए लगाए गए झूलों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण
किया। झूलों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, उन्होंने स्वयं एक झूले पर बैठकर उसे जांचा, जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने पार्क में मौजूद एक नन्ही बच्ची सादिया से भी आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने सादिया और नई पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए मोबाइल फोन के सीमित उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने समझाया कि आजकल मोबाइल हमें कम और हम मोबाइल का ज्यादा उपयोग करते हैं, और बड़ी कंपनियां आकर्षक सामग्री से बच्चों व युवाओं को बांधे रखना चाहती हैं, जिससे मोबाइल की लत बढ़ती जा रही है। एसडीएम ने सादिया से नियमित रूप से पार्क आकर खेलकूद करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने सादिया से यह भी पूछा कि पार्क को
और बेहतर बनाने के लिए उसकी क्या मांगें हैं, जिस पर सादिया ने फूलों की संख्या बढ़ाने और छोटे बच्चों के लिए अलग झूले लगाने का सुझाव दिया। सादिया ने बाद में खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "मुझे सर से बात करके बहुत अच्छा लगा। मैंने उनसे नए झूलों की मांग की है। उन्होंने मुझे समझाया कि मोबाइल हमें एक जाल में फंसा सकता है, इसलिए उसका कम उपयोग करना चाहिए।" एसडीएम रिंकू सिंह राही की यह पहल, जिसमें उन्होंने सुबह-सुबह नगर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, स्थानीय लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया और बच्चों को सकारात्मक संदेश दिया, नगरवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। लोगों ने उनकी इस कार्यशैली को संवेदनशील और जनसरोकारों से जुड़ी प्रशासनिक कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
- आज जालौन जिले की माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के गोहन थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम बिजदुंआ से छात्रा काव्या विश्वकर्मा अपने 11 साल के भाई के साथ ज्वांइट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही से मिलने जालौन पहुंचीं। छात्रा काव्या विश्वकर्मा भीषण गर्मी के बीच 35 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने भाई को लेकर एसडीएम से मिलने आई थीं। मुलाकात के दौरान काव्या ने उन्हें अपने हाथों से बनाया हुआ एक स्क्रैच भेंट किया।1
- जालौन विकासखंड की ग्राम पंचायत सालाबाद पिछले 15 से 20 दिनों से एक गंभीर बिजली संकट से जूझ रही है, जहाँ विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव में लगा 250 केवीए ट्रांसफार्मर दिन में 4 से 5 बार खराब हो रहा है, जबकि इससे जुड़े तार भी लगातार टूट रहे हैं। इस भीषण गर्मी में लगातार बिजली गुल रहने से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, घरों में पंखे, कूलर जैसे आवश्यक उपकरण बंद पड़े हैं और बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर बिजली विभाग के कर्मचारियों और उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया है कि बार-बार शिकायत और सूचना दिए जाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या को संज्ञान में क्यों नहीं ले रहे हैं। लोगों का आरोप है कि यदि ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड है, तो विभाग को तत्काल अधिक क्षमता वाला ट्रांसफार्मर लगाना चाहिए, क्योंकि मौजूदा ट्रांसफार्मर गाँव की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं दिख रहा है, जिससे बार-बार फॉल्ट और बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। लगातार फॉल्ट से ट्रांसफार्मर के पूरी तरह खराब होने का खतरा है, वहीं टूटते तार कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। उन्होंने उच्च अधिकारियों से मौके पर स्वयं निरीक्षण करने, ट्रांसफार्मर की तकनीकी जांच कराने, आवश्यकतानुसार अधिक क्षमता वाला ट्रांसफार्मर स्थापित करने और जर्जर बिजली लाइनों को तत्काल बदलने की मांग की है, ताकि गाँव को इस भीषण बिजली संकट से राहत मिल सके। सालाबाद के ग्रामीणों ने प्रशासन से सीधी मांग की है कि "शिकायतें बहुत हुईं, अब समाधान चाहिए"।2
- आज नगर जालौन के सावित्री गेस्ट हाउस में तैलिक समाज सेवा फाउंडेशन द्वारा छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के नगर विकास मंत्री राकेश राठौर भी उपस्थित रहे, जहाँ कुछ सवालों पर गहन चर्चा हुई और छात्रों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर, मंत्री राकेश राठौर ने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि उनका समाज चाहता है कि बच्चे और आगे बढ़ें तथा 80% से 100% तक के अंकों की दूरी को जल्द ही तय करें, क्योंकि यही बच्चे आगे चलकर आईएएस और पीसीएस भी बनेंगे। समारोह के दौरान, जालौन में स्टेडियम की मांग को लेकर नगर विकास मंत्री राकेश राठौर का जवाब भी सामने आया।1
- उत्तर प्रदेश के कोंच स्थित विकासखंड कार्यालय में एक जनजागरूकता मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।1
- जालौन पुलिस और साइबर थाना को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उनकी संयुक्त टीम ने 210 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 35.70 लाख रुपये बताई गई है। एसपी जालौन ने स्वयं इन सभी मोबाइल फोनों को उनके rightful मालिकों को वापस सौंप दिया। अपने गुम हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने जालौन पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई की जमकर सराहना की है। इस कार्रवाई के संबंध में एसपी जालौन विनय कुमार सिंह ने भी अपनी बात रखी।1
- जालौन जिले के तोपखाना मुहल्ले में रामकेश साहू के घर के पास एक नाली महीनों से खुली पड़ी है, जिसे अभी तक ढका नहीं गया है। इस स्थिति के कारण स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। निवासियों को इस बात की चिंता है कि बरसात के मौसम में इस खुली नाली की वजह से उन्हें और भी अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। लोग अब यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि इस समस्या पर कब और कौन सी कार्रवाई की जाती है।1
- जनपद जालौन के साइबर थाना और विभिन्न थानों पर गठित पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुल 210 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 35,70,000/- रुपये बताई गई है। पुलिस टीम ने इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिया, जिससे मोबाइल पाकर उनके चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक जालौन, डॉ. विनय कुमार, ने जानकारी देते हुए बताया कि जालौन जिले में अलग-अलग स्थानों से गुम हुए इन मोबाइल फोन को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल करके सफलतापूर्वक ट्रैक किया गया था।3
- जनपद जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में एक कथित फर्जी डॉक्टर की घोर लापरवाही ने दो जिंदगियां छीन लीं। प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची एक महिला और उसके नवजात शिशु की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रसव कराने के नाम पर अस्पताल संचालक ने उनसे ₹9,000 वसूले, लेकिन महिला की लगातार हो रही ब्लीडिंग को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा। इसके चलते पहले नवजात और फिर प्रसूता की जान चली गई। आरोप है कि कथित डॉक्टर और अस्पताल संचालक, मां-बच्चे की मौत के बाद शवों को पड़ोसी जनपद औरैया के चिचौली जिला अस्पताल में छोड़कर फरार हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना से महज 24 घंटे पहले ही एसीएमओ द्वारा क्षेत्र में निरीक्षण किया गया था, इसके बावजूद अस्पताल में अवैध और असुरक्षित तरीके से इलाज जारी रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी खुद को गौरक्षा दल का राष्ट्रीय प्रमुख बताकर अस्पताल संचालित कर रहा था, जबकि उसके पास वैध चिकित्सकीय योग्यता नहीं थी। घटना के बाद, मौत की खबर फैलते ही रातों-रात अस्पताल से बेड, उपकरण और अन्य सामान हटाकर परिसर लगभग खाली कर दिया गया है, और डॉक्टर सहित पूरा स्टाफ अपने मोबाइल फोन बंद कर फरार बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिले में बिना डिग्री और निर्धारित मानकों के कई अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जिन पर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बेहद कमजोर है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित परिवार ने दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही, अस्पताल को सील करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह घटना पूरे स्वास्थ्य तंत्र और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, खासकर यह कि यदि अस्पताल अवैध था, तो स्वास्थ्य विभाग की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी।2
- जनपद जालौन जिले के माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र से दबंगई का एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर एक दबंग व्यक्ति ने दुकान में घुसकर 19 वर्षीय दलित मजदूर के साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान मजदूर का गला दबाकर उसे जान से मारने की कोशिश भी की गई, जिससे इलाके में तनाव और चर्चा का माहौल पैदा हो गया है। सूत्रों के अनुसार, यह पूरी घटना दुकान के भीतर उस वक्त हुई जब पीड़ित मजदूर अपना काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि घटना के समय दुकानदार अपनी गद्दी पर मौजूद था, लेकिन मारपीट होने के बावजूद उसने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया। इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज पास लगे कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है, जिसमें कथित मारपीट की घटना साफ तौर पर देखी जा सकती है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और पीड़ित पक्ष की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र में हुई इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस द्वारा मामले की जांच किए जाने की बात सामने आ रही है, और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की संभावना जताई जा रही है।2