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धौलपुर जिले के सरमथुरा इलाके में झमाझम बारिश हुई है। इस भारी बारिश से क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर खुशी देखी जा रही है।
भरत सिंह मीणा सरमथुरा
धौलपुर जिले के सरमथुरा इलाके में झमाझम बारिश हुई है। इस भारी बारिश से क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर खुशी देखी जा रही है।
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- मोरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र में स्थित गजाधर के पुरा में नारकीय स्थिति बनी हुई है, जिससे स्थानीय बच्चे, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्रामीण अत्यधिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस गंभीर समस्या के कारण बच्चों को भी असुविधा हो रही है। इस परेशानी का मुख्य कारण एक नाली का निर्माण न हो पाना बताया गया है। यह मामला टेंटरा के सरपंच और सचिव के साथ-साथ सीईओ और तहसीलदार जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद, अभी तक नाली का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। स्थानीय धाकड़ मोहल्ला के लोग इस स्थिति से त्रस्त हैं और प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या उन्हें इसी तरह परेशान रहना पड़ेगा या उनकी समस्याओं की सुनवाई कर समाधान किया जाएगा।1
- धौलपुर जिला मुख्यालय के रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थित स्वयेर हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड नामक सर्जीकल ग्लव्स फैक्ट्री पर कॉपीराइट एक्ट के उल्लंघन के मामले में एक बड़ी कानूनी कार्रवाई हुई है। जिला एवं सत्र न्यायालय धौलपुर के न्यायाधीश संजीव मागो के आदेश पर फैक्ट्री की दो बड़ी सर्जीकल ग्लव्स मशीनों को कुर्क कर सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई एफ-374 रीको ग्रोथ सेंटर एक्सटेंशन स्थित फैक्ट्री में की गई है, जिसके मालिक संजीव गौड़ बताए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने 25 मई 2026 और 22 जून 2026 को जिला न्यायालय धौलपुर को सख्त आदेश दिए थे कि 7 अगस्त 2021 के आदेश को पुनर्जीवित कर फैक्ट्री की दोनों सर्जीकल ग्लब्स मशीनों को कुर्क व सीज किया जाए। यह मामला मैसर्स अनोन्दिता हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड के डिजाइन का अवैध रूप से इस्तेमाल कर सर्जीकल ग्लब्स तैयार करने से जुड़ा है, जिसे बौद्धिक संपदा अधिकार का सीधा उल्लंघन मानते हुए पीड़ित पक्ष ने न्यायालय की शरण ली थी। सर्वोच्च न्यायालय के इन्हीं आदेशों की अनुपालना में, कोर्ट के कुर्की वारंट की तामील करते हुए, न्यायिक अमले की एक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची। इस दौरान मैसर्स अनोन्दिता हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के वकील श्रीकांत श्रीवास्तव, कमल लोधी और अनस खान सहित कंपनी के प्रतिनिधि के चंद्रपाल चौधरी भी मौजूद रहे। न्यायिक टीम ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उत्पादन कार्य में इस्तेमाल हो रही 2 बड़ी सर्जीकल ग्लब्स मशीनों को अपने कब्जे में लिया, उनकी कुर्की की, और पूरी तरह से चैन डालकर, ताला लगाते हुए कोर्ट की मोहर व सील लगाकर बंद कर दिया। अब इन दोनों मशीनों से किसी भी प्रकार का उत्पादन नहीं किया जा सकेगा। धौलपुर रीको इंडस्ट्रियल एरिया में हुई इस अचानक कार्रवाई से स्थानीय उद्योगपतियों और व्यवसायियों में खलबली मच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रांड्स की पायरेसी और कॉपीराइट उल्लंघन के मामलों में कोर्ट अब बेहद सख्त रुख अपना रहा है, जिससे नकली या कॉपी उत्पाद बनाने वालों पर लगाम कसी जा सके। यह बताया गया है कि किसी दूसरे के रजिस्टर्ड ब्रांड नेम, लोगो, या पेटेंट डिजाइन की हूबहू नकल कर बाजार में माल बेचना एक कानूनी अपराध है, और ऐसी स्थिति में कोर्ट अवैध निर्माण को रोकने के लिए दोषी फैक्ट्री की मशीनों और स्टॉक को सील या कुर्क करने का आदेश दे सकता है।1
- करौली जिला अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामकेश मीणा के 51वें जन्मदिन के अवसर पर बुधवार दोपहर 3:00 बजे एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 31 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जिसमें डॉ. रामकेश मीणा ने स्वयं भी रक्तदान कर समाज को प्रेरित करने का संदेश दिया। शिविर का शुभारंभ पीएमओ डॉ. रामकेश मीणा, विधायक प्रतिनिधि विश्वेंद्र सिंह, ब्लड बैंक चिकित्सा प्रभारी डॉ. धर्मबाई मीणा, उप नियंत्रक अस्पताल डॉ. ऋषिराज शर्मा, डॉ. मनीष कुमार शर्मा, डॉ. शिवम लवानिया, नर्सिंग अधीक्षक जयसिंह मीणा, राघवेंद्र शुक्ला, ब्लड बैंक प्रभारी प्रमोद गर्ग और जयंत शर्मा की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। वक्ताओं ने रक्तदान को 'महादान' बताते हुए कहा कि यह किसी जरूरतमंद की जान बचाने में सहायक है। उन्होंने आमजन से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने और रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का आह्वान भी किया।1
- मुरैना जिले में विकास के दावों के विपरीत, जोहां-श्यामपुर मार्ग की बदहाल स्थिति से आहत नवनीत सिंह तोमर नामक एक युवक ने अनोखा आंदोलन शुरू किया है। बुधवार से, नवनीत सिंह तोमर ने अन्न-जल त्यागकर सांसद कार्यालय तक दंडवत यात्रा प्रारंभ की है, यह घोषणा करते हुए कि 'अब सड़क बनेगी या मेरी सांस थमेगी'। नवनीत सिंह तोमर के अनुसार, जोहां-श्यामपुर मार्ग की जर्जर सड़क के कारण ग्रामीणों का जीवन लगातार कठिन हो रहा है। बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल जाती है, जिससे प्रसूता महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना असंभव हो जाता है और कई बार गांव में ही प्रसव कराने की नौबत आ जाती है। इसके अलावा, स्कूली बच्चों को भी रोजाना जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे किए थे।1
- जौरा शहर के तिकोनिया पार्क के पास उस समय हड़कंप मच गया जब लोग अपनी दुकानें खोलने पहुंचे तो उन्होंने दुकानों के शटर में बिजली का करंट फैला हुआ पाया। इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए, लोगों ने तत्काल बिजली विभाग के कर्मचारियों को फोन लगाया, लेकिन किसी ने भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा, जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप और चिंता बनी हुई है।1
- सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में जनहित, पारदर्शिता और नगर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पार्षदों का जनहित सत्याग्रह लगातार 62वें दिन भी जारी रहा। सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पूरा शहर जलमग्न हो गया है, जिससे जनता बेहाल है। पार्षदों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भारी बारिश के बावजूद वे निर्धारित समय पर नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने बताया कि बरसात शुरू होने से पहले ही प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों को कई बार नालों-नालियों की समुचित सफाई के लिए आगाह किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर प्रभावी सफाई न होने के कारण पहली ही तेज बारिश में शहर की कई सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। पार्षद कैलाश चंद भगत ने तो यहां तक आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक की फाइलें तैयार की गईं, लेकिन इसका लाभ शहर की जनता को बिल्कुल नहीं मिला। उनका स्पष्ट कहना था कि यदि समय रहते नालों-नालियों की प्रभावी सफाई कराई जाती तो आज शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्तमान में सीएमओ अवकाश पर हैं और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण आम नागरिक अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालय में भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन ने पूरी नगर पालिका को ही लंबे अवकाश पर भेज दिया हो। जब पूरा शहर बारिश और जलभराव की समस्या से जूझ रहा है, तब नगर की व्यवस्था देखने वाला आखिर कौन है?" सत्याग्रह कर रहे पार्षदों ने प्रशासन से तत्काल जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी, नालों-नालियों की प्रभावी सफाई, नगर पालिका कार्यालय में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। इस जनहित सत्याग्रह में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ और सुषील श्रीवास सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के सबलगढ़ शहर में लगातार बारिश के कारण जलभराव से जनता परेशान है, जिसके बीच नगर पालिका परिषद के पार्षदों का जनहित सत्याग्रह 62वें दिन भी जारी रहा। सुबह से हो रही तेज बारिश के बावजूद जब पार्षद नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें वहाँ कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला, जिस पर उन्होंने नगर पालिका की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई दिनों से प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों को बरसात से पहले नालों-नालियों की समुचित सफाई कराने की चेतावनी दी थी, लेकिन प्रभावी सफाई न होने के कारण पहली ही तेज बारिश में शहर की अनेक गलियों और सड़कों पर पानी भर गया है। इससे आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्षद कैलाश चंद भगत ने यह भी आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था के नाम पर ₹20 लाख से अधिक की फाइलें तैयार की गईं, लेकिन इसका लाभ शहर की जनता को नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी सफाई कार्य कराया गया होता तो आज शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान में सीएमओ अवकाश पर हैं और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण नागरिक अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब शहर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है, तो आखिर नगर की व्यवस्था देखने वाला कौन है, यह स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन ने पूरी नगर पालिका को ही लंबे अवकाश पर भेज दिया हो। जनहित सत्याग्रह कर रहे पार्षदों ने प्रशासन से तत्काल जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने, सफाई व्यवस्था में सुधार करने, नगर पालिका कार्यालय में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की। इस सत्याग्रह में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ सहित अन्य जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी उपस्थित रहे।1
- हिंडौन शहर में हुई पहली बारिश ने जहाँ भीषण गर्मी से लोगों को कुछ राहत दिलाई है, वहीं इसने नगर परिषद द्वारा सफाई व्यवस्था को लेकर किए गए दावों की सच्चाई भी सामने ला दी है। शहर के मुख्य बाजारों में पानी की निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण सड़कें पूरी तरह से पानी से भर गईं। बुधवार दोपहर 1:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, इस पहली बारिश में ही शहर के मुख्य रास्ते दरिया में तब्दील हो गए। कई दुकानों में पानी घुस गया, जिसके चलते लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति ने नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है।1
- राजस्थान के करौली जिले में पांचना बांध से संबंधित विवाद अब और अधिक गहरा गया है। इस बढ़ते विवाद के कारण दोनों समुदायों के बीच कटुता में वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। विवाद के चलते रास्ते जाम कर दिए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1