सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में जनहित, पारदर्शिता और नगर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पार्षदों का जनहित सत्याग्रह लगातार 62वें दिन भी जारी रहा। सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पूरा शहर जलमग्न हो गया है, जिससे जनता बेहाल है। पार्षदों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भारी बारिश के बावजूद वे निर्धारित समय पर नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने बताया कि बरसात शुरू होने से पहले ही प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों को कई बार नालों-नालियों की समुचित सफाई के लिए आगाह किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर प्रभावी सफाई न होने के कारण पहली ही तेज बारिश में शहर की कई सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। पार्षद कैलाश चंद भगत ने तो यहां तक आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक की फाइलें तैयार की गईं, लेकिन इसका लाभ शहर की जनता को बिल्कुल नहीं मिला। उनका स्पष्ट कहना था कि यदि समय रहते नालों-नालियों की प्रभावी सफाई कराई जाती तो आज शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्तमान में सीएमओ अवकाश पर हैं और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण आम नागरिक अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालय में भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन ने पूरी नगर पालिका को ही लंबे अवकाश पर भेज दिया हो। जब पूरा शहर बारिश और जलभराव की समस्या से जूझ रहा है, तब नगर की व्यवस्था देखने वाला आखिर कौन है?" सत्याग्रह कर रहे पार्षदों ने प्रशासन से तत्काल जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी, नालों-नालियों की प्रभावी सफाई, नगर पालिका कार्यालय में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। इस जनहित सत्याग्रह में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ और सुषील श्रीवास सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में जनहित, पारदर्शिता और नगर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पार्षदों का जनहित सत्याग्रह लगातार 62वें दिन भी जारी रहा। सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पूरा शहर जलमग्न हो गया है, जिससे जनता बेहाल है। पार्षदों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भारी बारिश के बावजूद वे निर्धारित समय पर नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने बताया कि बरसात शुरू होने से पहले ही प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों को कई बार नालों-नालियों की समुचित सफाई के लिए आगाह किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर प्रभावी सफाई न होने के कारण पहली ही तेज बारिश में शहर की कई सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। पार्षद कैलाश चंद भगत ने तो यहां तक आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक की फाइलें तैयार की गईं, लेकिन इसका लाभ शहर की जनता को बिल्कुल नहीं मिला। उनका स्पष्ट कहना था कि यदि समय रहते नालों-नालियों की प्रभावी सफाई कराई जाती तो आज शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्तमान में सीएमओ अवकाश पर हैं और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण आम नागरिक अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालय में भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन ने पूरी नगर पालिका को ही लंबे अवकाश पर भेज दिया हो। जब पूरा शहर बारिश और जलभराव की समस्या से जूझ रहा है, तब नगर की व्यवस्था देखने वाला आखिर कौन है?" सत्याग्रह कर रहे पार्षदों ने प्रशासन से तत्काल जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी, नालों-नालियों की प्रभावी सफाई, नगर पालिका कार्यालय में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। इस जनहित सत्याग्रह में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ और सुषील श्रीवास सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
- मुरैना जिले में विकास के दावों के विपरीत, जोहां-श्यामपुर मार्ग की बदहाल स्थिति से आहत नवनीत सिंह तोमर नामक एक युवक ने अनोखा आंदोलन शुरू किया है। बुधवार से, नवनीत सिंह तोमर ने अन्न-जल त्यागकर सांसद कार्यालय तक दंडवत यात्रा प्रारंभ की है, यह घोषणा करते हुए कि 'अब सड़क बनेगी या मेरी सांस थमेगी'। नवनीत सिंह तोमर के अनुसार, जोहां-श्यामपुर मार्ग की जर्जर सड़क के कारण ग्रामीणों का जीवन लगातार कठिन हो रहा है। बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल जाती है, जिससे प्रसूता महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना असंभव हो जाता है और कई बार गांव में ही प्रसव कराने की नौबत आ जाती है। इसके अलावा, स्कूली बच्चों को भी रोजाना जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे किए थे।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में बल्लू टी स्टॉल ने एक राहगीर की तुरंत सहायता की, जिसकी मोटरसाइकिल सुबह 8:30 बजे रास्ते में पंचर हो गई थी। वर्धा बुजुर्ग से आए इस व्यक्ति को यात्रा में परेशानी होने पर उन्होंने बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर से सहायता मांगी। टी स्टॉल की ओर से तत्काल सहयोग करते हुए उनकी मोटरसाइकिल का पंचर ठीक करवाया गया, जिससे राहगीर बिना किसी समस्या के अपनी मंज़िल की ओर रवाना हो सका। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर का यह संकल्प है कि सेवा ही उनका धर्म है, और राहगीरों की मदद करना तथा मुस्कान के साथ उनका सफर आसान बनाना ही उनकी सबसे बड़ी खुशी है। वे हमेशा सेवा के लिए तत्पर रहते हैं।1
- करौली जिला अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामकेश मीणा के 51वें जन्मदिन के अवसर पर बुधवार दोपहर 3:00 बजे एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 31 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जिसमें डॉ. रामकेश मीणा ने स्वयं भी रक्तदान कर समाज को प्रेरित करने का संदेश दिया। शिविर का शुभारंभ पीएमओ डॉ. रामकेश मीणा, विधायक प्रतिनिधि विश्वेंद्र सिंह, ब्लड बैंक चिकित्सा प्रभारी डॉ. धर्मबाई मीणा, उप नियंत्रक अस्पताल डॉ. ऋषिराज शर्मा, डॉ. मनीष कुमार शर्मा, डॉ. शिवम लवानिया, नर्सिंग अधीक्षक जयसिंह मीणा, राघवेंद्र शुक्ला, ब्लड बैंक प्रभारी प्रमोद गर्ग और जयंत शर्मा की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। वक्ताओं ने रक्तदान को 'महादान' बताते हुए कहा कि यह किसी जरूरतमंद की जान बचाने में सहायक है। उन्होंने आमजन से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने और रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का आह्वान भी किया।1
- जौरा शहर के तिकोनिया पार्क के पास उस समय हड़कंप मच गया जब लोग अपनी दुकानें खोलने पहुंचे तो उन्होंने दुकानों के शटर में बिजली का करंट फैला हुआ पाया। इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए, लोगों ने तत्काल बिजली विभाग के कर्मचारियों को फोन लगाया, लेकिन किसी ने भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा, जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप और चिंता बनी हुई है।1
- सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में जनहित, पारदर्शिता और नगर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पार्षदों का जनहित सत्याग्रह लगातार 62वें दिन भी जारी रहा। सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पूरा शहर जलमग्न हो गया है, जिससे जनता बेहाल है। पार्षदों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भारी बारिश के बावजूद वे निर्धारित समय पर नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने बताया कि बरसात शुरू होने से पहले ही प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों को कई बार नालों-नालियों की समुचित सफाई के लिए आगाह किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर प्रभावी सफाई न होने के कारण पहली ही तेज बारिश में शहर की कई सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। पार्षद कैलाश चंद भगत ने तो यहां तक आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक की फाइलें तैयार की गईं, लेकिन इसका लाभ शहर की जनता को बिल्कुल नहीं मिला। उनका स्पष्ट कहना था कि यदि समय रहते नालों-नालियों की प्रभावी सफाई कराई जाती तो आज शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्तमान में सीएमओ अवकाश पर हैं और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण आम नागरिक अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालय में भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन ने पूरी नगर पालिका को ही लंबे अवकाश पर भेज दिया हो। जब पूरा शहर बारिश और जलभराव की समस्या से जूझ रहा है, तब नगर की व्यवस्था देखने वाला आखिर कौन है?" सत्याग्रह कर रहे पार्षदों ने प्रशासन से तत्काल जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी, नालों-नालियों की प्रभावी सफाई, नगर पालिका कार्यालय में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। इस जनहित सत्याग्रह में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ और सुषील श्रीवास सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के सबलगढ़ शहर में लगातार बारिश के कारण जलभराव से जनता परेशान है, जिसके बीच नगर पालिका परिषद के पार्षदों का जनहित सत्याग्रह 62वें दिन भी जारी रहा। सुबह से हो रही तेज बारिश के बावजूद जब पार्षद नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें वहाँ कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला, जिस पर उन्होंने नगर पालिका की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई दिनों से प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों को बरसात से पहले नालों-नालियों की समुचित सफाई कराने की चेतावनी दी थी, लेकिन प्रभावी सफाई न होने के कारण पहली ही तेज बारिश में शहर की अनेक गलियों और सड़कों पर पानी भर गया है। इससे आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्षद कैलाश चंद भगत ने यह भी आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था के नाम पर ₹20 लाख से अधिक की फाइलें तैयार की गईं, लेकिन इसका लाभ शहर की जनता को नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी सफाई कार्य कराया गया होता तो आज शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान में सीएमओ अवकाश पर हैं और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण नागरिक अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब शहर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है, तो आखिर नगर की व्यवस्था देखने वाला कौन है, यह स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन ने पूरी नगर पालिका को ही लंबे अवकाश पर भेज दिया हो। जनहित सत्याग्रह कर रहे पार्षदों ने प्रशासन से तत्काल जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने, सफाई व्यवस्था में सुधार करने, नगर पालिका कार्यालय में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की। इस सत्याग्रह में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ सहित अन्य जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस पर राजस्थान के टोंक जिले के कनापुर से आए सभी ग्राहकों का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया। टी स्टॉल ने इस मुलाकात पर अपनी खुशी व्यक्त की और खास तौर पर इस बात पर संतोष जताया कि ये अतिथि दूर से आते हुए पहले से ही यह सोचकर आए थे कि वे बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर पर रुककर चाय ज़रूर पिएंगे। बल्लू टी स्टॉल की ओर से ग्राहकों के इस स्नेह, विश्वास और अपनेपन को अपने लिए सबसे बड़ा सम्मान बताया गया। इस अवसर पर ईश्वर से सभी अतिथियों के स्वस्थ, सुखी और सुरक्षित रहने की प्रार्थना की गई, साथ ही उनके प्रेम और सहयोग के सदैव बने रहने की कामना भी की गई। टी स्टॉल ने आगंतुकों को यह संदेश दिया कि जब भी वे श्योपुर आएं, बल्लू टी स्टॉल उनका अपना परिवार है। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर ने सभी भाइयों को ढेरों शुभकामनाएँ दीं।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा में आंगई हॉस्पिटल के पास स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर अभी-अभी एक चलती बाइक में अचानक आग लग गई।1