कुशीनगर के पडरौना स्थित प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा श्री सिद्धनाथ मंदिर में 2 जून को होने वाले वार्षिक उत्सव की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। इसी क्रम में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं ने "नर सेवा ही नारायण सेवा है" के संदेश के साथ मंदिर परिसर में एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। स्वयंसेवकों ने आस्था, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम दिखाते हुए श्रमदान कर पूरे मंदिर परिसर को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सुबह से ही मंदिर परिसर में सेवा कार्यों का सिलसिला शुरू हो गया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने मंदिर के विभिन्न हिस्सों की साफ-सफाई की और परिसर को व्यवस्थित किया। स्वच्छता अभियान के बाद, स्वयंसेवकों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा सिद्धनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। वार्षिकोत्सव को भव्य रूप देने के लिए मंदिर के महंत योगेश्वर नाथ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रसाद वितरण, स्वच्छता व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। महंत योगेश्वर नाथ ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में पहुँचकर पूजा-अर्चना करने और दिव्य प्रसाद ग्रहण कर पुण्य का भागी बनने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान, नगर संघ चालक डॉ. प्रेमचंद सिंह ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए सेवा भावना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज और मानवता की निस्वार्थ सेवा ही सच्चा धर्म है, क्योंकि शास्त्रों में "नर सेवा ही नारायण सेवा है" स्पष्ट कहा गया है। डॉ. सिंह ने ज़ोर दिया कि मानव की निस्वार्थ सेवा ही ईश्वर की सच्ची उपासना है और समाज के लिए किया गया प्रत्येक सकारात्मक कार्य राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होता है। उन्होंने युवाओं और स्वयंसेवकों से समाज के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने और सेवा के संस्कार को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। 2 जून के इस वार्षिकोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में भारी उत्साह का माहौल है। मंदिर में चल रही तैयारियों और स्वच्छता अभियान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं की उत्सुकता और बढ़ गई है। श्रद्धालु बाबा सिद्धनाथ मंदिर को केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी मान रहे हैं। आयोजन समिति ने वार्षिकोत्सव को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं, और मंदिर परिसर में इन दिनों श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिल रहा है, जिसे आस्था, सेवा और समर्पण का एक महाकुंभ बनने की संभावना है।
कुशीनगर के पडरौना स्थित प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा श्री सिद्धनाथ मंदिर में 2 जून को होने वाले वार्षिक उत्सव की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। इसी क्रम में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं ने "नर सेवा ही नारायण सेवा है" के संदेश के साथ मंदिर परिसर में एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। स्वयंसेवकों ने आस्था, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम दिखाते हुए श्रमदान कर पूरे मंदिर परिसर को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सुबह से ही मंदिर परिसर में सेवा कार्यों का सिलसिला शुरू हो गया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने मंदिर के विभिन्न हिस्सों की साफ-सफाई की और परिसर को व्यवस्थित किया। स्वच्छता अभियान के बाद, स्वयंसेवकों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा सिद्धनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। वार्षिकोत्सव को भव्य रूप देने के लिए मंदिर के महंत योगेश्वर नाथ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रसाद वितरण, स्वच्छता व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। महंत योगेश्वर नाथ ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में पहुँचकर पूजा-अर्चना करने और दिव्य प्रसाद ग्रहण कर पुण्य का भागी बनने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान, नगर संघ चालक डॉ. प्रेमचंद सिंह ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए सेवा भावना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज और मानवता की निस्वार्थ सेवा ही सच्चा धर्म है, क्योंकि शास्त्रों में "नर सेवा ही नारायण सेवा है" स्पष्ट कहा गया है। डॉ. सिंह ने ज़ोर दिया कि मानव की निस्वार्थ सेवा ही ईश्वर की सच्ची उपासना है और समाज के लिए किया गया प्रत्येक सकारात्मक कार्य राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होता है। उन्होंने युवाओं और स्वयंसेवकों से समाज के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने और सेवा के संस्कार को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। 2 जून के इस वार्षिकोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में भारी उत्साह का माहौल है। मंदिर में चल रही तैयारियों और स्वच्छता अभियान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं की उत्सुकता और बढ़ गई है। श्रद्धालु बाबा सिद्धनाथ मंदिर को केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी मान रहे हैं। आयोजन समिति ने वार्षिकोत्सव को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं, और मंदिर परिसर में इन दिनों श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिल रहा है, जिसे आस्था, सेवा और समर्पण का एक महाकुंभ बनने की संभावना है।
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक घटना सामने आई है, जहाँ रोजगार के लिए बुलाए गए 453 नेपाली नागरिकों को बंधक बना लिया गया है।1
- अहिरौली में 22 वर्षीय संदीप यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जिससे यह मामला रहस्यमयी बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, संदीप रात करीब 11 बजे अपने घर से निकला था और बाद में उसे एक पुल पर घायल अवस्था में पाया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उसने घटना से पहले अपने एक दोस्त को फोन किया था, और उनकी चैट में प्रेम-प्रसंग से जुड़ी बातें भी थीं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- कुशीनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नेपाल के नागरिकों को पढ़ाई, नौकरी और बेहतर कमाई का झांसा देकर ठगी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 8 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने गिरोह के चंगुल से 453 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित मुक्त भी कराया है। कसया थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नेपाली नागरिकों को नौकरी और पढ़ाई के नाम पर कुशीनगर बुलाकर उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया था। इस अभियान के तहत कसया पुलिस, सर्विलांस सेल, स्वाट टीम और एसटीएफ गोरखपुर की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इन 10 सदस्यों को धर दबोचा। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, 60 बॉन्ड पेपर, एक लैपटॉप, सोने-चांदी जैसे आभूषण, भारतीय और नेपाली मुद्रा सहित बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह नेपाल के गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को नौकरी, पढ़ाई और नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए लाखों रुपये कमाने का सपना दिखाता था। इसके बाद उन्हें कुशीनगर बुलाकर फर्जी दस्तावेजों और बॉन्ड पेपर के सहारे ठगी का शिकार बनाया जाता था। ठगी से कमाए गए पैसों को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है, साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की तलाश भी जारी है। नेपाल दूतावास ने भी एक्स पर एक पोस्ट जारी कर कुशीनगर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे गए 453 नेपाली नागरिकों को छुड़ाने और सुरक्षित नेपाल भेजने की जानकारी दी। नेपाल दूतावास ने इस कार्रवाई के लिए यूपी सरकार और यूपी पुलिस की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने भी इस सिंडिकेट के भंडाफोड़ की जानकारी दी है और फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे कई अहम खुलासे होने की संभावना है।1
- Post by Raviteja Rajbhar1
- कुशीनगर के अहिरौली थाना क्षेत्र के बरडीहा गांव में शनिवार देर रात 22 वर्षीय संदीप यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों ने इसे हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, संदीप शनिवार रात करीब 11 बजे भोजन करने के बाद घर से लगभग 50 मीटर दूर मोबाइल टावर और पुल की ओर गया था। रात करीब एक बजे संदीप के ही फोन से उसके पड़ोसी और मित्र विशाल यादव को एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर सूचना दी कि संदीप गांव के बाहर पुल पर घायल अवस्था में पड़ा है, जिसके बाद फोन काट दिया गया। सूचना पाकर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां संदीप पुल की रेलिंग के पास गंभीर रूप से घायल पड़ा था और उसका मोबाइल फोन उसके सीने पर रखा हुआ था। उसकी आंख, गाल, गले तथा पैरों की उंगलियों पर चोट के निशान मिले थे। गंभीर हालत में उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संदीप के परिवार में पिता शिवधर यादव, माँ विमला देवी, भाभी रेनू देवी और तीन वर्षीय भतीजी मुस्कान हैं, जबकि उसकी बड़ी बहन नीलू की शादी हो चुकी है। दो वर्ष पहले उसके बड़े भाई राजेश यादव की कैंसर से मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद संदीप ही परिवार का मुख्य सहारा बन गया था। वह पहले अपने पिता के साथ पंजाब में रहता था, लेकिन भाई की मौत के बाद गांव लौट आया और पिछले एक महीने से गोरखपुर की एक फर्नीचर दुकान में कार्यरत था। स्थानीय लोगों के अनुसार, संदीप का गांव की ही एक अन्य जाति की महिला से प्रेम संबंध था, जिसकी जानकारी महिला के परिजनों को भी थी। उसके मोबाइल फोन में किसी अज्ञात नंबर से हुई चैटिंग की चर्चा भी सामने आई है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए परिजन घटना को प्रेम प्रसंग से जोड़कर हत्या की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल अहिरौली पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जबकि परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है।4
- कुशीनगर पुलिस ने नौकरी और पढ़ाई का झांसा देकर नेपाली नागरिकों से ठगी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में 8 पुरुषों और 2 महिलाओं सहित कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरोह के चंगुल से 453 नेपाली नागरिकों को भी सुरक्षित मुक्त कराया है, जिन्हें बाद में नेपाल भेज दिया गया। कसया थाना क्षेत्र में नेपाली नागरिकों से नौकरी और पढ़ाई के नाम पर कुशीनगर बुलाकर मोटी रकम वसूलने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं, जिसमें कसया पुलिस, सर्विलांस सेल, स्वाट टीम और एसटीएफ गोरखपुर की संयुक्त टीम शामिल थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह नेपाल के गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को लाखों रुपये कमाने का सपना दिखाकर फर्जी दस्तावेजों और बॉन्ड पेपर के सहारे ठगी करता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, 60 बॉन्ड पेपर, लैपटॉप, सोने-चांदी के आभूषण, भारतीय और नेपाली मुद्रा सहित बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है और गिरोह के अन्य सदस्यों तथा इसके नेटवर्क की तलाश जारी है। नेपाल दूतावास ने भी X पर पोस्ट जारी कर इस कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और यूपी पुलिस की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया है। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और कई अहम खुलासे होने की संभावना है।4
- कुशीनगर में पुलिस ने एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 अभियुक्तों (08 पुरुष और 02 महिलाएँ) को गिरफ्तार किया है, जो नेपाल के नागरिकों को नौकरी और पढ़ाई के नाम पर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज, आभूषण, लैपटॉप और भारतीय व नेपाली मुद्रा बरामद की है। इस कार्रवाई के फलस्वरूप 453 पीड़ित नेपाली नागरिकों को सुरक्षित उनके देश वापस भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री केशव कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ वर्मा के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कसया श्री कुन्दन कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान, थाना कसया क्षेत्र में विभिन्न स्रोतों से सूचना मिली थी कि कुछ नेपाली नागरिक कुशीनगर में किराए के मकान लेकर अपने हमवतनों को नौकरी और मार्केटिंग नेटवर्क के माध्यम से अच्छी कमाई का लालच देकर बुला रहे हैं। इसके बाद वे उनसे धोखाधड़ी कर विभिन्न मदों में धन ऐंठते और उन्हें वापस नेपाल भेज देते थे। सूचना मिलने पर, थाना कसया में अभियोग पंजीकृत कर कई पुलिस टीमें गठित की गईं। दिनांक 31.05.2026 को थाना कसया, सर्विलांस सेल कुशीनगर, SWAT टीम कुशीनगर और STF गोरखपुर यूनिट की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इन 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। बरामदगी में 09 कूटरचित आधार कार्ड, 60 अदद बॉन्ड पेपर, आभूषण, 01 लैपटॉप, ₹60,320/- भारतीय करेंसी, ₹14,290/- नेपाली करेंसी और जॉर्डन देश की एक दीनार करेंसी सहित अन्य सामग्री शामिल है। इस मामले में मु0अ0सं0 319/2026 धारा 61(2), 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है और अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। पूछताछ के दौरान, अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। वे नेपाल से कुशीनगर आकर किराए के मकानों में रहते थे और नेपाल के कम पढ़े-लिखे व आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को नौकरी, पढ़ाई और मार्केटिंग नेटवर्क के नाम पर ठगते थे। गिरोह कूटरचित आधार कार्ड और बॉन्ड पेपर का इस्तेमाल कर पीड़ितों का विश्वास जीतता था, उनसे मोटी रकम वसूल कर आर्थिक शोषण करता था, और फिर ठगी से मिली रकम को आपस में बाँटकर अपना भरण-पोषण करता था। गिरफ्तार अभियुक्तों में दीपक थापा, ओम प्रकाश चौलागाई, नीमा शेरपा, गनेश खत्री, सोजन्य संतन, ज्ञानेन्द्र यादव, विशाल तामंग, सर्वेश प्रताप राव और दो महिलाएँ शामिल हैं।4