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उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक घटना सामने आई है, जहाँ रोजगार के लिए बुलाए गए 453 नेपाली नागरिकों को बंधक बना लिया गया है।

3 hrs ago
user_Snews33
Snews33
हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक घटना सामने आई है, जहाँ रोजगार के लिए बुलाए गए 453 नेपाली नागरिकों को बंधक बना लिया गया है।

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  • उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक घटना सामने आई है, जहाँ रोजगार के लिए बुलाए गए 453 नेपाली नागरिकों को बंधक बना लिया गया है।
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    उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक घटना सामने आई है, जहाँ रोजगार के लिए बुलाए गए 453 नेपाली नागरिकों को बंधक बना लिया गया है।
    user_Snews33
    Snews33
    हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कुशीनगर जिले के मथौली में अब गर्मी के मौसम में लोगों को राहत मिलेगी। यहां बिना किसी पैसे के शुद्ध आरओ पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे स्थानीय निवासियों को गर्मी से निपटने में मदद मिलेगी।
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    कुशीनगर जिले के मथौली में अब गर्मी के मौसम में लोगों को राहत मिलेगी। यहां बिना किसी पैसे के शुद्ध आरओ पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे स्थानीय निवासियों को गर्मी से निपटने में मदद मिलेगी।
    user_MANOJ KUMAR YADAV
    MANOJ KUMAR YADAV
    Video Creator हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • अहिरौली में 22 वर्षीय संदीप यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जिससे यह मामला रहस्यमयी बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, संदीप रात करीब 11 बजे अपने घर से निकला था और बाद में उसे एक पुल पर घायल अवस्था में पाया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उसने घटना से पहले अपने एक दोस्त को फोन किया था, और उनकी चैट में प्रेम-प्रसंग से जुड़ी बातें भी थीं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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    अहिरौली में 22 वर्षीय संदीप यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जिससे यह मामला रहस्यमयी बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, संदीप रात करीब 11 बजे अपने घर से निकला था और बाद में उसे एक पुल पर घायल अवस्था में पाया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उसने घटना से पहले अपने एक दोस्त को फोन किया था, और उनकी चैट में प्रेम-प्रसंग से जुड़ी बातें भी थीं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
    user_श्रीकृष्ण
    श्रीकृष्ण
    Court reporter पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कुशीनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नेपाल के नागरिकों को पढ़ाई, नौकरी और बेहतर कमाई का झांसा देकर ठगी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 8 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने गिरोह के चंगुल से 453 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित मुक्त भी कराया है। कसया थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नेपाली नागरिकों को नौकरी और पढ़ाई के नाम पर कुशीनगर बुलाकर उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया था। इस अभियान के तहत कसया पुलिस, सर्विलांस सेल, स्वाट टीम और एसटीएफ गोरखपुर की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इन 10 सदस्यों को धर दबोचा। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, 60 बॉन्ड पेपर, एक लैपटॉप, सोने-चांदी जैसे आभूषण, भारतीय और नेपाली मुद्रा सहित बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह नेपाल के गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को नौकरी, पढ़ाई और नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए लाखों रुपये कमाने का सपना दिखाता था। इसके बाद उन्हें कुशीनगर बुलाकर फर्जी दस्तावेजों और बॉन्ड पेपर के सहारे ठगी का शिकार बनाया जाता था। ठगी से कमाए गए पैसों को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है, साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की तलाश भी जारी है। नेपाल दूतावास ने भी एक्स पर एक पोस्ट जारी कर कुशीनगर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे गए 453 नेपाली नागरिकों को छुड़ाने और सुरक्षित नेपाल भेजने की जानकारी दी। नेपाल दूतावास ने इस कार्रवाई के लिए यूपी सरकार और यूपी पुलिस की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने भी इस सिंडिकेट के भंडाफोड़ की जानकारी दी है और फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
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    कुशीनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नेपाल के नागरिकों को पढ़ाई, नौकरी और बेहतर कमाई का झांसा देकर ठगी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 8 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने गिरोह के चंगुल से 453 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित मुक्त भी कराया है।

कसया थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नेपाली नागरिकों को नौकरी और पढ़ाई के नाम पर कुशीनगर बुलाकर उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया था। इस अभियान के तहत कसया पुलिस, सर्विलांस सेल, स्वाट टीम और एसटीएफ गोरखपुर की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इन 10 सदस्यों को धर दबोचा।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, 60 बॉन्ड पेपर, एक लैपटॉप, सोने-चांदी जैसे आभूषण, भारतीय और नेपाली मुद्रा सहित बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह नेपाल के गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को नौकरी, पढ़ाई और नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए लाखों रुपये कमाने का सपना दिखाता था। इसके बाद उन्हें कुशीनगर बुलाकर फर्जी दस्तावेजों और बॉन्ड पेपर के सहारे ठगी का शिकार बनाया जाता था। ठगी से कमाए गए पैसों को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।

पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है, साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की तलाश भी जारी है। नेपाल दूतावास ने भी एक्स पर एक पोस्ट जारी कर कुशीनगर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे गए 453 नेपाली नागरिकों को छुड़ाने और सुरक्षित नेपाल भेजने की जानकारी दी। नेपाल दूतावास ने इस कार्रवाई के लिए यूपी सरकार और यूपी पुलिस की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने भी इस सिंडिकेट के भंडाफोड़ की जानकारी दी है और फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
    user_Pawan Mishra india ahead english hindi news chainal
    Pawan Mishra india ahead english hindi news chainal
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Raviteja Rajbhar
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    Post by Raviteja Rajbhar
    user_Raviteja Rajbhar
    Raviteja Rajbhar
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों पर लगातार दूसरे दिन हुए कथित हमलों ने देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक दिन पहले TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ कथित धक्का-मुक्की और विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई थीं, वहीं अगले दिन पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को भी विरोध और कथित हमले का सामना करना पड़ा। इन घटनाओं के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और लोकतंत्र में असहमति की अभिव्यक्ति के तरीकों पर गंभीर बहस छिड़ गई है। प्राप्त वीडियो और तस्वीरों में सांसदों के चारों ओर भीड़, नारेबाजी और तनावपूर्ण स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। TMC नेताओं का आरोप है कि ये घटनाएं सुनियोजित तरीके से विपक्षी आवाजों को दबाने और डराने के लिए की जा रही हैं, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। पार्टी ने दोनों घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि निर्वाचित सांसद भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते हैं। TMC ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की भी मांग की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में विचारों का टकराव स्वाभाविक है, लेकिन यदि यह हिंसा, धमकी या शारीरिक हमलों तक पहुंचे तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है। वहीं, संवैधानिक और राजनीतिक मामलों के जानकारों ने तर्क दिया है कि लोकतंत्र की असली शक्ति विरोधी विचारों को सुनने और तर्क एवं संवाद से जवाब देने में है। इन घटनाओं के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जहाँ कुछ नेताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है तो अन्य ने घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हाल के वर्षों में बढ़ती राजनीतिक हिंसा पर चिंता व्यक्त की जाती रही है, और लगातार दो दिनों में दो सांसदों से जुड़े इन विवादों ने इस बहस को और तेज़ कर दिया है कि क्या लोकतांत्रिक संवाद की जगह टकराव और आक्रामक राजनीति ले रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि असहमति को दबाने के लिए हिंसा, घेराव या डराने-धमकाने की प्रवृत्ति बढ़ती है, तो यह स्वतंत्र अभिव्यक्ति और राजनीतिक सहभागिता, जो लोकतंत्र की बुनियादी भावनाएं हैं, उनके लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। (नोट: यह खबर सार्वजनिक रूप से सामने आई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और दावों पर आधारित है; किसी भी हमले या आरोप की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही मानी जाएगी।)
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    कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों पर लगातार दूसरे दिन हुए कथित हमलों ने देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक दिन पहले TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ कथित धक्का-मुक्की और विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई थीं, वहीं अगले दिन पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को भी विरोध और कथित हमले का सामना करना पड़ा। इन घटनाओं के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और लोकतंत्र में असहमति की अभिव्यक्ति के तरीकों पर गंभीर बहस छिड़ गई है।

प्राप्त वीडियो और तस्वीरों में सांसदों के चारों ओर भीड़, नारेबाजी और तनावपूर्ण स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। TMC नेताओं का आरोप है कि ये घटनाएं सुनियोजित तरीके से विपक्षी आवाजों को दबाने और डराने के लिए की जा रही हैं, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। पार्टी ने दोनों घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि निर्वाचित सांसद भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते हैं। TMC ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की भी मांग की।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में विचारों का टकराव स्वाभाविक है, लेकिन यदि यह हिंसा, धमकी या शारीरिक हमलों तक पहुंचे तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है। वहीं, संवैधानिक और राजनीतिक मामलों के जानकारों ने तर्क दिया है कि लोकतंत्र की असली शक्ति विरोधी विचारों को सुनने और तर्क एवं संवाद से जवाब देने में है। इन घटनाओं के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जहाँ कुछ नेताओं ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है तो अन्य ने घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

हाल के वर्षों में बढ़ती राजनीतिक हिंसा पर चिंता व्यक्त की जाती रही है, और लगातार दो दिनों में दो सांसदों से जुड़े इन विवादों ने इस बहस को और तेज़ कर दिया है कि क्या लोकतांत्रिक संवाद की जगह टकराव और आक्रामक राजनीति ले रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि असहमति को दबाने के लिए हिंसा, घेराव या डराने-धमकाने की प्रवृत्ति बढ़ती है, तो यह स्वतंत्र अभिव्यक्ति और राजनीतिक सहभागिता, जो लोकतंत्र की बुनियादी भावनाएं हैं, उनके लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। (नोट: यह खबर सार्वजनिक रूप से सामने आई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और दावों पर आधारित है; किसी भी हमले या आरोप की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही मानी जाएगी।)
    user_SARTAJ ALAM 'JOURNALIST'
    SARTAJ ALAM 'JOURNALIST'
    Teacher हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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