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मोदी से संबंधित एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। इस जानकारी को जल्द से जल्द पढ़ने और इससे अवगत होने का आग्रह पाठकों से किया गया है।
Dharmendra Raikwar
मोदी से संबंधित एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। इस जानकारी को जल्द से जल्द पढ़ने और इससे अवगत होने का आग्रह पाठकों से किया गया है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- झाँसी में एक मैदान में खड़ी एक कार अचानक आग का गोला बन गई।1
- झांसी में पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। उनके अनुसार, न्यायालय द्वारा निर्माण कार्य पर रोक लगाए जाने के बावजूद, दबंगों द्वारा यह कार्य लगातार जारी रखा जा रहा है।1
- सस्ते दामों पर सोना दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की ठगी करने वाले टीकमगढ़ निवासी आरोपी को झांसी पुलिस ने एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई झांसी के बरुआसागर थाना क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लाखों रुपये की नकदी, एक अवैध तमंचा और मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी दीपचंद कुशवाहा, जो टीकमगढ़ का निवासी है, ने इंदौर निवासी दीपक दुबे और उसके एक साथी को बड़ी मात्रा में सोना कम दाम पर उपलब्ध कराने का लालच दिया था। आरोप है कि दीपचंद ने पीड़ितों को बरुआसागर बुलाया, उन्हें सोने का एक नमूना दिखाया और फिर बाकी सोना लाने का बहाना बनाकर उनसे 10 लाख रुपये ले लिए और मौके से फरार हो गया। इसके बाद आरोपी ने पीड़ितों को धमकी भी दी। पीड़ितों की शिकायत के बाद बरुआसागर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस ने देर रात चेकिंग के दौरान आरोपी को घेर लिया। इस दौरान हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी दीपचंद कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 6 लाख 27 हजार रुपये नकद, एक .315 बोर का अवैध तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस अब आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है और मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।2
- दमोह आरईएस विभाग के कार्यालय में एक कर्मचारी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बताया गया है कि ठेकेदार से जुड़े कुछ लोगों ने विभाग के SSE राजीव लोचन चौबे के कार्यालय में घुसकर उनके साथ मारपीट की। घटना के दौरान, अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर SSE चौबे को बचाया। इस मारपीट की घटना के बाद, विभाग के सभी कर्मचारी एकजुट हो गए हैं और अब कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं।1
- झांसी के इलाइट चौराहे पर उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब यातायात कर्मी एक वाहन को क्रेन से उठाकर ले जाने लगे। इस घटना के दौरान वाहन के मालिक, जो एक फौजी हैं, उन्होंने इसका कड़ा विरोध करते हुए सीधे क्रेन पर चढ़कर जमकर हंगामा किया और यातायात कर्मचारियों से भिड़ गए। बीच सड़क हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुट गई, जबकि कई लोग इस पूरी घटना का वीडियो बनाते रहे। लगभग 20 मिनट तक यह चौराहा एक अखाड़े में तब्दील रहा। घटना का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- टीकमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देते हुए, बल्देवगढ़ बाल विकास परियोजना के सेक्टर देरी में पदस्थ संविदा पर्यवेक्षक प्रतिभा कुशवाहा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। उन पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से हर महीने रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसका खुलासा शनिवार को वायरल हुए दो वीडियो से हुआ। वीडियो सामने आते ही, कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने मामले की तुरंत विभागीय जांच के आदेश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा की गई जांच में सेक्टर देरी की एक दर्जन से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं के बयान दर्ज किए गए। मदीना खातून, जो एक कार्यकर्ता हैं, ने बताया कि उनसे हर महीने 500 रुपये की मांग की जाती थी और 2-3 बार बैठकों में वसूली की जाती थी, पैसे न देने पर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। इसी तरह, सहायिका भागवती सेन ने बताया कि उनसे प्रतिमाह 300 रुपये लिए जाते थे और एक महीने की छूट जाने पर अगले महीने दुगनी रकम देनी पड़ती थी, ऐसा न करने पर उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती थी। रामकुंवर यादव सहित अन्य कर्मचारियों ने भी प्रतिमाह रुपये मांगने और उन पर दबाव बनाने की बात स्वीकार की। जांच प्रतिवेदन में आरोपों को सही पाए जाने के बाद, कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से प्रतिभा कुशवाहा को शासकीय कार्य से विरक्त कर दिया और उन्हें बल्देवगढ़ से पलेरा अटैच कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, कलेक्टर ने आयुक्त, महिला एवं बाल विकास विभाग को एक पत्र भेजकर संविदा सुपरवाइजर को सेवा से पृथक करने की अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी अनुशंसा की है। इस त्वरित और कठोर कार्रवाई से जिले भर के महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मच गया है, जो प्रशासन के इस साफ संदेश को दर्शाता है कि भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- मोदी से संबंधित एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। इस जानकारी को जल्द से जल्द पढ़ने और इससे अवगत होने का आग्रह पाठकों से किया गया है।1
- टीकमगढ़ जिले में आंगनबाड़ी सहायिकाओं और कार्यकर्ताओं से कथित तौर पर अवैध वसूली के एक मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए देरी सेक्टर की आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक प्रतिभा कुशवाहा को उनके पद से विरत कर दिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब पर्यवेक्षक द्वारा आंगनबाड़ी सहायिकाओं और कार्यकर्ताओं से अवैध राशि की मांग किए जाने के वीडियो सामने आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से पृथक करने का प्रतिवेदन शासन को भी भेजा है। प्रशासन की इस कठोर कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- झाँसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बी.टेक छात्रों ने छात्रवृत्ति और टैबलेट न मिलने को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। छात्रों के अनुसार, इस साल मार्च में ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दे दी गई थी, लेकिन पहले वर्ष से लेकर अंतिम वर्ष तक के सामान्य (जनरल) और एससी/एसटी वर्ग के किसी भी छात्र को अब तक छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं हुई है। विद्यार्थियों ने बताया कि उनमें से अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं, और छात्रवृत्ति न मिलने के कारण उन्हें फीस जमा करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है। छात्रवृत्ति के फॉर्म विभाग में कई बार जमा किए जाने के बावजूद, इस समस्या का अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा निःशुल्क दिए जाने वाले टैबलेट भी बी.टेक छात्रों को अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उनके अनुसार, टैबलेट के लिए भी तीन से चार बार आवेदन और आवश्यक दस्तावेज़ विभाग में जमा किए जा चुके हैं, फिर भी वितरण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए, छात्रों ने संबंधित विभाग और शासन-प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है कि छात्रवृत्ति की राशि जल्द से जल्द जारी की जाए और टैबलेट वितरण की प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा किया जाए। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों को आर्थिक और शैक्षणिक परेशानियों से राहत मिल सकेगी और वे बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई जारी रख पाएंगे।2