“पुलिस पर गंभीर आरोप”: बरेली में चौकी इंचार्ज समेत कर्मियों पर तोड़फोड़, अभद्रता और लूट के आरोप से मचा हड़कंप! बरेली के थाना सुभाषनगर क्षेत्र में मढ़ीनाथ पुलिस चौकी से जुड़े एक पुराने किरायानामा विवाद ने तूल पकड़ लिया है। स्व. जगदीश विकट के परिजनों और संबंधित संगठन ने पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित शिकायत प्रशासन को सौंपी है। शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 1983 में एक कमरे में पुलिस चौकी स्थापित की गई थी, जिसका किरायानामा 1986 में समाप्त हो चुका था और इसके बाद कभी नवीनीकरण नहीं हुआ। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस कर्मी लंबे समय तक उस स्थान का उपयोग करते रहे। परिजनों का आरोप है कि 16 मार्च 2026 को चौकी इंचार्ज व अन्य पुलिसकर्मी जबरन घर में घुस आए, गेट तोड़फोड़ की, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और सामान ले जाने जैसी घटनाएं हुईं। साथ ही झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और निलंबन की कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस संबंध में पुलिस विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। पूरे मामले में आज सोमवार समय लगभग दोपहर के 1:00 दी गई जानकारी
“पुलिस पर गंभीर आरोप”: बरेली में चौकी इंचार्ज समेत कर्मियों पर तोड़फोड़, अभद्रता और लूट के आरोप से मचा हड़कंप! बरेली के थाना सुभाषनगर क्षेत्र में मढ़ीनाथ पुलिस चौकी से जुड़े एक पुराने किरायानामा विवाद ने तूल पकड़ लिया है। स्व. जगदीश विकट के परिजनों और संबंधित संगठन ने पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित शिकायत प्रशासन को सौंपी है। शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 1983 में एक कमरे में पुलिस चौकी स्थापित की गई थी, जिसका किरायानामा 1986 में समाप्त हो चुका था और इसके बाद कभी नवीनीकरण नहीं हुआ। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस कर्मी लंबे समय तक उस स्थान का उपयोग करते रहे। परिजनों का आरोप है कि 16 मार्च 2026 को चौकी इंचार्ज व अन्य पुलिसकर्मी जबरन घर में घुस आए, गेट तोड़फोड़ की, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और सामान ले जाने जैसी घटनाएं हुईं। साथ ही झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और निलंबन की कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस संबंध में पुलिस विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। पूरे मामले में आज सोमवार समय लगभग दोपहर के 1:00 दी गई जानकारी
- बरेली के थाना बारादरी पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 363 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी तृतीय के निर्देशन में बारादरी पुलिस रात्रि गश्त कर रही थी। इसी दौरान सतीपुर चौराहे पर मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति मादक पदार्थ लेकर जाने की फिराक में हैं। सूचना पर पुलिस टीम गुलजार नगर पीली मिट्टी पहुंची, जहां दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर दोनों को दबोच लिया। तलाशी में उनके पास से 363 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशू बजाज (36 वर्ष) निवासी फाल्तूनगंज और सर्वेश (37 वर्ष) निवासी सिकलापुर के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अफीम को विसौली क्षेत्र से खरीदकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में बेचने की योजना बना रहे थे, जिससे उन्हें मोटा मुनाफा होता। पुलिस के मुताबिक, सर्वेश पर पहले से चोरी, जालसाजी समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और वह कई बार जेल जा चुका है। इस मामले में थाना बारादरी में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।1
- बरेली। किसान एकता संघ ने सोमवार को शहीद दिवस के अवसर पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत को नमन करते हुए भारत-अमेरिका द्विपक्षीय कृषि समझौते का विरोध जताया। संगठन ने इस समझौते को किसान एवं आम जनमानस के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग उठाई। इस दौरान किसान एकता संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रवि नागर के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि यह कृषि समझौता देश के किसानों के हितों के प्रतिकूल है, इसलिए इसे तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए। संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गारंटी कानून लागू करने, सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने, बिजली अधिनियम 2025 और बीज अधिनियम 2025 को निरस्त करने तथा किसानों के पूर्ण कर्ज माफ करने की मांग शामिल की है। किसान एकता संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संगठन किसान और जनहित में व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी । प्रदर्शन करने वालों में डॉक्टर हरिओम राठौर , ममता मौर्य , मीना सिंह , मोहिनी मौर्य ,विजय मौर्य , प्रकाश गंगवार , पप्पू गुर्जर , घनश्याम गुर्जर , भगवान दास , चंद्रपाल, लखपत सिंह यादव , अवधेश गुर्जर , लाला राम गुर्जर , नरेश आदि मौजूद रहे।1
- ग्राम फरीदापुर चौधरी, थाना इज्जतनगर में नाले में गौवंशीय अवशेष पाए जाने के सम्बन्ध में गौवध निवारण अधि0 पंजीकृत किया गया है। उक्त घटना में *थाना इज्जतनगर, बरेली पर नियुक्त 02 उपनिरीक्षक, 04 हेड कांस्टेबल, 01 कांस्टेबल की लापरवाही परिलक्षित होने पर क्षेत्राधिकारी नगर तृतीय की जांच आख्या के आधार पर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बरेली महोदय द्वारा तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर विभागीय जांच आसन्न की गयी है।1
- *भारत अमेरिका कृषि समझौते के खिलाफ किसान नेता डॉ रवि नागर के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन*1
- बरेली मड़ी नाथ चौकी का विवाद काफी पुराना चल रहा है यह मामला कोर्ट में भी गया लेकिन विवाद फिर भी आगे बढ़ता ही जा रहा है इस मामले में गरीब शक्ति दल ने ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की1
- बरेली। गौ रक्षकों ने मथुरा के फरसा वाले बाबा की हत्या के संबंध में जिला अधिकारी को सौंपा ज्ञापन।1
- Post by भूपेंद्र शर्मा2
- बरेली। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को मंडल आयुक्त भूपेंद्र एस चौधरी को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन संगठन के जिला अध्यक्ष चौधरी सोमवीर सिंह के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें कृषि भूमि, समर्थन मूल्य, अवैध कॉलोनियों, गन्ना भुगतान और किसानों से जुड़ी अन्य प्रमुख समस्याओं को उठाया गया। जिला अध्यक्ष चौधरी सोमवीर सिंह ने आरोप लगाया कि बीडीए द्वारा कृषि भूमि का बड़े पैमाने पर अधिग्रहण कर रामगंगा नगर समेत कई कॉलोनियां विकसित की गईं, जिससे खेती योग्य भूमि लगातार घट रही है। उन्होंने कहा कि यदि बहुमंजिला आवासीय योजनाएं विकसित की जातीं तो इतनी अधिक कृषि भूमि अधिग्रहित करने की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही बीडीए पर अधिक मुनाफाखोरी का भी आरोप लगाया। ज्ञापन में अवैध कॉलोनियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने कहा कि बरेली के आसपास के गांवों में कोलोनाइजरों द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के प्लाट बेचे जा रहे हैं, जिससे अवैध निर्माण तेजी से बढ़ रहा है। बीडीए अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते यह समस्या गंभीर हो गई है। किसानों ने मांग की कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। किसानों ने फसलों के समर्थन मूल्य बढ़ाने की भी मांग की। उन्होंने आम का समर्थन मूल्य 60 रुपये प्रति किलो घोषित करने और सरकारी खरीद की व्यवस्था करने की मांग की। इसके अलावा आलू, सरसों, बाजरा, ज्वार और मक्का का भी उचित समर्थन मूल्य तय करने की मांग रखी गई। ज्ञापन में गेहूं खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया। किसानों ने कहा कि सरकारी और बाजार मूल्य में भारी अंतर के कारण बिचौलियों का दबदबा बढ़ रहा है। प्रत्येक तहसील में कम से कम 60 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएं और उनकी दूरी गांव से 5 किलोमीटर से अधिक न हो। इसके अलावा आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान पर चिंता जताते हुए उन्हें गौशालाओं में भेजने की मांग की गई। किसानों ने गन्ना भुगतान में देरी का मुद्दा उठाते हुए बहेड़ी और नवाबगंज चीनी मिलों द्वारा लंबित भुगतान जल्द दिलाने की मांग की। ज्ञापन में राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि योजना, विरासत और दाखिल-खारिज से जुड़ी समस्याओं का भी जिक्र किया गया। किसानों ने कहा कि पात्र लोगों को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है और राजस्व कार्यों में अनावश्यक देरी हो रही है। किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। ज्ञापन के दौरान हाजी एम इकबाल एडवोकेट , चौधरी सतेंद्र सिंह , चौधरी विजय पाल सिंह , कासिफ रजा, आमिर रजा, सुनील यादव आदि मौजूद रहे।1