महाराणा प्रताप चौक पर राजनीतिक झंडों को लेकर विवाद, एडवोकेट अर्पित भामाशाह ने दी चेतावनी जलालाबाद क्षेत्र के महाराणा प्रताप चौक पर राजनीतिक झंडे और पार्टी लोगो लगाए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। एडवोकेट अर्पित भामाशाह ने बयान जारी करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप चौक किसी भी राजनीतिक पार्टी की व्यक्तिगत धरोहर या संपत्ति नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा चौक स्थल पर लगाए गए झंडों और लोगो की निंदा की। अर्पित भामाशाह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल के झंडे या अन्य प्रचार सामग्री महाराणा प्रताप जी की प्रतिमा के आसपास पाई गई, तो सार्वजनिक विरोध के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्थल राष्ट्रीय बजरंग दल परशुरामपुरी के नेतृत्व में हिंदू समाज के सहयोग से बनाया गया है। इसके लिए उन्होंने एक वर्ष तक लोगों से ₹50 और ₹100 का चंदा एकत्र किया और कड़ी मेहनत के बाद महाराणा प्रताप चौक की स्थापना महाराणा प्रताप चौक पर राजनीतिक झंडों को लेकर विवाद, एडवोकेट अर्पित भामाशाह ने दी चेतावनी जलालाबाद क्षेत्र के महाराणा प्रताप चौक पर राजनीतिक झंडे और पार्टी लोगो लगाए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। एडवोकेट अर्पित भामाशाह ने बयान जारी करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप चौक किसी भी राजनीतिक पार्टी की व्यक्तिगत धरोहर या संपत्ति नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा चौक स्थल पर लगाए गए झंडों और लोगो की निंदा की। अर्पित भामाशाह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल के झंडे या अन्य प्रचार सामग्री महाराणा प्रताप जी की प्रतिमा के आसपास पाई गई, तो सार्वजनिक विरोध के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्थल राष्ट्रीय बजरंग दल परशुरामपुरी के नेतृत्व में हिंदू समाज के सहयोग से बनाया गया है। इसके लिए उन्होंने एक वर्ष तक लोगों से ₹50 और ₹100 का चंदा एकत्र किया और कड़ी मेहनत के बाद महाराणा प्रताप चौक की स्थापना कराई। उन्होंने कहा कि यह चौक किसी राजनीतिक दल जैसे कांग्रेस, सपा, भाजपा या बसपा का नहीं, बल्कि हिंदू समाज का है।
महाराणा प्रताप चौक पर राजनीतिक झंडों को लेकर विवाद, एडवोकेट अर्पित भामाशाह ने दी चेतावनी जलालाबाद क्षेत्र के महाराणा प्रताप चौक पर राजनीतिक झंडे और पार्टी लोगो लगाए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। एडवोकेट अर्पित भामाशाह ने बयान जारी करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप चौक किसी भी राजनीतिक पार्टी की व्यक्तिगत धरोहर या संपत्ति नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा चौक स्थल पर लगाए गए झंडों और लोगो की निंदा की। अर्पित भामाशाह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल के झंडे या अन्य प्रचार सामग्री महाराणा प्रताप जी की प्रतिमा के आसपास पाई गई, तो सार्वजनिक विरोध के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्थल राष्ट्रीय बजरंग दल परशुरामपुरी के नेतृत्व में हिंदू समाज के सहयोग से बनाया गया है। इसके लिए उन्होंने एक वर्ष तक लोगों से ₹50 और ₹100 का चंदा एकत्र किया और कड़ी मेहनत के बाद महाराणा प्रताप चौक की स्थापना महाराणा प्रताप चौक पर राजनीतिक झंडों को लेकर विवाद, एडवोकेट अर्पित भामाशाह ने दी चेतावनी जलालाबाद क्षेत्र के महाराणा प्रताप चौक पर राजनीतिक झंडे और पार्टी लोगो लगाए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। एडवोकेट अर्पित भामाशाह ने बयान जारी करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप चौक किसी भी राजनीतिक पार्टी की व्यक्तिगत धरोहर या संपत्ति नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा चौक स्थल पर लगाए गए झंडों और लोगो की निंदा की। अर्पित भामाशाह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल के झंडे या अन्य प्रचार सामग्री महाराणा प्रताप जी की प्रतिमा के आसपास पाई गई, तो सार्वजनिक विरोध के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्थल राष्ट्रीय बजरंग दल परशुरामपुरी के नेतृत्व में हिंदू समाज के सहयोग से बनाया गया है। इसके लिए उन्होंने एक वर्ष तक लोगों से ₹50 और ₹100 का चंदा एकत्र किया और कड़ी मेहनत के बाद महाराणा प्रताप चौक की स्थापना कराई। उन्होंने कहा कि यह चौक किसी राजनीतिक दल जैसे कांग्रेस, सपा, भाजपा या बसपा का नहीं, बल्कि हिंदू समाज का है।
- महाराणा प्रताप चौक पर राजनीतिक झंडों को लेकर विवाद, एडवोकेट अर्पित भामाशाह ने दी चेतावनी जलालाबाद क्षेत्र के महाराणा प्रताप चौक पर राजनीतिक झंडे और पार्टी लोगो लगाए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। एडवोकेट अर्पित भामाशाह ने बयान जारी करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप चौक किसी भी राजनीतिक पार्टी की व्यक्तिगत धरोहर या संपत्ति नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा चौक स्थल पर लगाए गए झंडों और लोगो की निंदा की। अर्पित भामाशाह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल के झंडे या अन्य प्रचार सामग्री महाराणा प्रताप जी की प्रतिमा के आसपास पाई गई, तो सार्वजनिक विरोध के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्थल राष्ट्रीय बजरंग दल परशुरामपुरी के नेतृत्व में हिंदू समाज के सहयोग से बनाया गया है। इसके लिए उन्होंने एक वर्ष तक लोगों से ₹50 और ₹100 का चंदा एकत्र किया और कड़ी मेहनत के बाद महाराणा प्रताप चौक की स्थापना कराई। उन्होंने कहा कि यह चौक किसी राजनीतिक दल जैसे कांग्रेस, सपा, भाजपा या बसपा का नहीं, बल्कि हिंदू समाज का है।1
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- फतेहगढ़ में सनसनीखेज खुलासा 🚨 प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह, वांछित आरोपी गिरफ्तार 👮♂️ एसओजी/सर्विलांस व जहानगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चाकू, गमछा और 🏍️ बाइक बरामद फर्रुखाबाद हत्या के एक सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसओजी, सर्विलांस और थाना जहानगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी को आलाकत्ल के साथ दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि मामला प्रेम प्रसंग और विवाद से जुड़ा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई, अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह और डीआईजी हरीश चंद्र के निर्देशन में यह बड़ी सफलता मिली। नदी किनारे मिला था शव, 17 अप्रैल को काली नदी किनारे अज्ञात युवती का शव मिला था, बाद में उसकी पहचान कन्नौज निवासी के रूप में हुई। भाई की तहरीर पर केस दर्ज, 19 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। प्रेम प्रसंग में हत्या कबूल, आरोपी ने बताया कि 2-3 साल से प्रेम संबंध था, लेकिन युवती द्वारा बात बंद करने से नाराज होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। आलाकत्ल बरामद, चाकू, सफेद गमछा और मोटरसाइकिल बरामद1
- मदनापुर में अंबेडकर प्रतिमा विवाद: तोड़फोड़ के बाद पुलिस हटाने पर बवाल, गांव में तनाव शाहजहांपुर। जिले के मदनापुर ब्लॉक के ग्राम नगला तालुका खंडहर (थाना जलालाबाद) में शनिवार रात डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। देर रात करीब 9 बजे प्रतिमा की उंगली टूटने की सूचना पर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। जानकारी के अनुसार 14 अप्रैल को ग्रामीणों ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर पंचायत भवन के पीछे स्थित अंबेडकर सामुदायिक केंद्र परिसर में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित कर अनावरण किया था। आरोप है कि इसके लिए प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। शनिवार रात प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिलने पर ग्रामीणों ने कुछ अराजक तत्वों पर तोड़फोड़ का आरोप लगाया। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रतिमा बिना अनुमति स्थापित की गई थी, इसलिए उसे हटाने की कार्रवाई की गई। इसी दौरान हालात बिगड़ गए। ग्रामीणों ने पुलिस पर लाठीचार्ज और जबरन प्रतिमा हटाने का आरोप लगाया है। घटना में महिलाओं समेत कई लोगों के चोटिल होने की बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी सूचना है। कोतवाली प्रभारी राजीव सिंह तोमर ने बताया कि “प्रतिमा बिना अनुमति स्थापित की गई थी, इसलिए उसे हटाया गया है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।” इधर ग्रामीणों ने एक और आरोप लगाया है कि पहले वहां अंबेडकर सामुदायिक केंद्र लिखा था, जिसे हटाकर पंचायत भवन लिखवा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह बाबा साहब के नाम का अपमान है। इस संबंध में ग्राम प्रधान अवधेश यादव ने बताया कि पंचायत सचिव कृष्णा कुमार गुप्ता द्वारा भवन पर लीपापोती कराकर पंचायत भवन लिखवाया गया था। वहीं सहायक विकास अधिकारी पंचायत से बात करने पर उन्होंने कहा कि भवन पर दोबारा अंबेडकर सामुदायिक केंद्र लिखवाया जाएगा। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कई थानों की पुलिस तैनात है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रतिमा तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और प्रतिमा को पुनः उसी स्थान पर स्थापित कराया जाए।1