उत्तर प्रदेश के मेरठ (मवाना) में सीजेपी स्वयंसेवक जुनैद ने आरोप लगाया है कि काम करते समय उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया और डराया-धमकाया। "मुझे पुलिस ने हिरासत में लिया और धमकाया," कहने वाले जुनैद के इस आरोप ने नागरिक स्वतंत्रता की सुरक्षा, नागरिकों को वैध सामाजिक कार्य करने की स्वतंत्रता और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस दुर्व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष, पारदर्शी और तटस्थ जांच कराने की मांग की गई है ताकि सच्चाई सामने आ सके और न्याय मिल सके। एक लोकतांत्रिक समाज में प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा, उचित कानूनी प्रक्रिया और गैरकानूनी दबाव से सुरक्षा का अधिकार है। कानून के शासन को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक शिकायत को बिना किसी भय या पूर्वाग्रह के सुना जाए और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए।
उत्तर प्रदेश के मेरठ (मवाना) में सीजेपी स्वयंसेवक जुनैद ने आरोप लगाया है कि काम करते समय उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया और डराया-धमकाया। "मुझे पुलिस ने हिरासत में लिया और धमकाया," कहने वाले जुनैद के इस आरोप ने नागरिक स्वतंत्रता की सुरक्षा, नागरिकों को वैध सामाजिक कार्य करने की स्वतंत्रता और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस दुर्व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष, पारदर्शी और तटस्थ जांच कराने की मांग की गई है ताकि सच्चाई सामने आ सके और न्याय मिल सके। एक लोकतांत्रिक समाज में प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा, उचित कानूनी प्रक्रिया और गैरकानूनी दबाव से सुरक्षा का अधिकार है। कानून के शासन को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक शिकायत को बिना किसी भय या पूर्वाग्रह के सुना जाए और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए।
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए माननीय सांसद ने अपने संबोधन में नशे की लत से होने वाले खतरों पर प्रकाश डाला और कैदियों से आग्रह किया कि वे नशे से दूरी बनाएं और अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में मोड़ें। कार्यक्रम के दौरान, विशेषज्ञों ने नशे की लत के कारणों और इसके समाज पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी दी। साथ ही, नशे से उबरने के लिए विभिन्न तरीकों और समर्थन प्रणाली के बारे में भी बताया गया। कैदियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे नशे ने उनके जीवन को प्रभावित किया है। इस अवसर पर जेल प्रशासन ने नशे से दूर रहने के लिए कैदियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया। कार्यक्रम का समापन एक प्रेरक भाषण के साथ हुआ, जिसमें कैदियों को आशा और नई शुरुआत का संदेश दिया गया।1
- लड़ाई जंग-ए-आज़ादी की हो या संविधान की, हम अपना किरदार निभाते रहेंगे। देश की आज़ादी की लड़ाई में जिस प्रकार मुसलमानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, उसी प्रकार आज भी देश में लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए वे अनेक जनआंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाते दिखाई देते हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान पहले दिन से आंदोलनकारी विद्यार्थियों के लिए भोजन की व्यवस्था करने का कार्य मोहम्मद जुनैद द्वारा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, उन्हें तथा उनके परिवार के कुछ सदस्यों को पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और विभिन्न प्रकार के दबाव का सामना करना पड़ा। इन परिस्थितियों के बावजूद वे विद्यार्थियों की सहायता का कार्य जारी रखे हुए हैं। हमारा प्रश्न है कि यदि आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराना अपराध माना जा रहा है, तो यह लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन में मानवीय सहायता प्रदान करना संवेदनशील समाज का दायित्व है। बहुजन मुक्ति पार्टी का मानना है कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और मानवीय सहयोग करने का अधिकार देता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और सामाजिक सहयोग दोनों का सम्मान होना चाहिए। इस आजादी की तीसरी जंग में मनुवादी मंतर पर हुए आंदोलन में मुस्लिम मोहम्मद जुनैद के ऊपर पुलिस से प्रताड़ित करना और अभद्र व्यवहार करना बहुत ही घटिया किस्म का काम है। यह लोकतंत्र के खिलाफ विरोध का काम है। - राजुद्दीन गादरे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, बहुजन मुक्ति पार्टी3
- Post by Salmani Live Tv1
- एसी से संबंधित किसी भी काम के लिए 8899698180 पर कॉल करने का अनुरोध किया गया है। यदि किसी को भी एसी से जुड़ा कोई काम करवाना हो, तो वे दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।1
- मुजफ्फरनगर के जनसाथ में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के आवास के बाहर हुए धरना-प्रदर्शन मामले में उनके भाई विवेक बालियान ने प्रेसवार्ता की। विवेक बालियान ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि आवास का निर्माण पूरी तरह स्वीकृत है। उन्होंने कहा कि यदि एक इंच भी अवैध कब्जा साबित हो जाए तो प्रशासन कार्रवाई कर सकता है। विवेक बालियान ने यह भी आरोप लगाया कि धरने में बाहरी लोगों को शामिल किया गया था और पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ (मवाना) में सीजेपी स्वयंसेवक जुनैद ने आरोप लगाया है कि काम करते समय उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया और डराया-धमकाया। "मुझे पुलिस ने हिरासत में लिया और धमकाया," कहने वाले जुनैद के इस आरोप ने नागरिक स्वतंत्रता की सुरक्षा, नागरिकों को वैध सामाजिक कार्य करने की स्वतंत्रता और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस दुर्व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष, पारदर्शी और तटस्थ जांच कराने की मांग की गई है ताकि सच्चाई सामने आ सके और न्याय मिल सके। एक लोकतांत्रिक समाज में प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा, उचित कानूनी प्रक्रिया और गैरकानूनी दबाव से सुरक्षा का अधिकार है। कानून के शासन को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक शिकायत को बिना किसी भय या पूर्वाग्रह के सुना जाए और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए।1