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कोटवा पीएचसी में औचक निरीक्षण से खुली पोल: डॉक्टर-कर्मी गायब, रजिस्ट्रेशन में दोगुना वसूली का खुलासा लोकल पब्लिक न्यूज़ / पूर्वी चंपारण:कोटवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को हुए औचक निरीक्षण ने स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (एमओआईसी) की अनुपस्थिति के रूप में सामने आई। रोस्टर में ड्यूटी दर्ज होने के बावजूद वे मौके पर मौजूद नहीं थे। पूछे जाने पर उन्होंने अपनी शिफ्ट नहीं होने की बात कही, लेकिन जांच में यह दावा गलत पाया गया। जानकारी के अनुसार, उनका प्रतिदिन मुजफ्फरपुर से आना-जाना भी ड्यूटी प्रभावित होने का कारण बन रहा है। वहीं, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भी गड़बड़ी उजागर हुई। रजिस्ट्रार आलोक कुमार निर्धारित शुल्क के बजाय मरीजों से दोगुना राशि वसूलते पकड़े गए। इस पर एसडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उपस्थिति पंजी की जांच में कुल 6 अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी ड्यूटी से नदारद पाए गए। इसके अलावा सुरक्षा गार्ड की अनुपस्थिति पर भी एसडीओ ने कड़ी आपत्ति जताई और संबंधित एजेंसी व अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया। निरीक्षण के दौरान एसडीओ निशांत सिहारा ने बताया स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही और अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर विभागीय कार्रवाई तय है। यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई थी, जिसमें डॉक्टरों और कर्मचारियों की लापरवाही, अनुपस्थिति और अव्यवस्था की बात सामने आई । निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों और मरीजों में उम्मीद जगी है कि अब पीएचसी की व्यवस्था में सुधार होगा और उन्हें बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

2 hrs ago
user_LOCAL PUBLIC NEWS
LOCAL PUBLIC NEWS
Information service activities . कोटवा, पूर्वी चंपारण, बिहार•
2 hrs ago

कोटवा पीएचसी में औचक निरीक्षण से खुली पोल: डॉक्टर-कर्मी गायब, रजिस्ट्रेशन में दोगुना वसूली का खुलासा लोकल पब्लिक न्यूज़ / पूर्वी चंपारण:कोटवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को हुए औचक निरीक्षण ने स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (एमओआईसी) की अनुपस्थिति के रूप में सामने आई। रोस्टर में ड्यूटी दर्ज होने के बावजूद वे मौके पर मौजूद नहीं थे। पूछे जाने पर उन्होंने अपनी शिफ्ट नहीं होने की बात कही, लेकिन जांच में यह दावा गलत पाया गया। जानकारी के अनुसार, उनका प्रतिदिन मुजफ्फरपुर से आना-जाना भी ड्यूटी प्रभावित होने का कारण बन रहा है। वहीं, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भी गड़बड़ी उजागर हुई। रजिस्ट्रार आलोक कुमार निर्धारित शुल्क के बजाय मरीजों से दोगुना राशि वसूलते पकड़े गए। इस पर एसडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उपस्थिति पंजी की जांच में कुल 6 अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी ड्यूटी से नदारद पाए गए। इसके अलावा सुरक्षा गार्ड की अनुपस्थिति पर भी एसडीओ ने कड़ी आपत्ति जताई और संबंधित एजेंसी व अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया। निरीक्षण के दौरान एसडीओ निशांत सिहारा ने बताया स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही और अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर विभागीय कार्रवाई तय है। यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई थी, जिसमें डॉक्टरों और कर्मचारियों की लापरवाही, अनुपस्थिति और अव्यवस्था की बात सामने आई । निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों और मरीजों में उम्मीद जगी है कि अब पीएचसी की व्यवस्था में सुधार होगा और उन्हें बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

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  • लोकल पब्लिक न्यूज़ / पूर्वी चंपारण:कोटवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को हुए औचक निरीक्षण ने स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (एमओआईसी) की अनुपस्थिति के रूप में सामने आई। रोस्टर में ड्यूटी दर्ज होने के बावजूद वे मौके पर मौजूद नहीं थे। पूछे जाने पर उन्होंने अपनी शिफ्ट नहीं होने की बात कही, लेकिन जांच में यह दावा गलत पाया गया। जानकारी के अनुसार, उनका प्रतिदिन मुजफ्फरपुर से आना-जाना भी ड्यूटी प्रभावित होने का कारण बन रहा है। वहीं, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भी गड़बड़ी उजागर हुई। रजिस्ट्रार आलोक कुमार निर्धारित शुल्क के बजाय मरीजों से दोगुना राशि वसूलते पकड़े गए। इस पर एसडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उपस्थिति पंजी की जांच में कुल 6 अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी ड्यूटी से नदारद पाए गए। इसके अलावा सुरक्षा गार्ड की अनुपस्थिति पर भी एसडीओ ने कड़ी आपत्ति जताई और संबंधित एजेंसी व अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया। निरीक्षण के दौरान एसडीओ निशांत सिहारा ने बताया स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही और अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर विभागीय कार्रवाई तय है। यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई थी, जिसमें डॉक्टरों और कर्मचारियों की लापरवाही, अनुपस्थिति और अव्यवस्था की बात सामने आई । निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों और मरीजों में उम्मीद जगी है कि अब पीएचसी की व्यवस्था में सुधार होगा और उन्हें बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
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    लोकल पब्लिक न्यूज़ / पूर्वी चंपारण:कोटवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को हुए औचक निरीक्षण ने स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (एमओआईसी) की अनुपस्थिति के रूप में सामने आई। रोस्टर में ड्यूटी दर्ज होने के बावजूद वे मौके पर मौजूद नहीं थे। पूछे जाने पर उन्होंने अपनी शिफ्ट नहीं होने की बात कही, लेकिन जांच में यह दावा गलत पाया गया। जानकारी के अनुसार, उनका प्रतिदिन मुजफ्फरपुर से आना-जाना भी ड्यूटी प्रभावित होने का कारण बन रहा है।
वहीं, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भी गड़बड़ी उजागर हुई। रजिस्ट्रार आलोक कुमार निर्धारित शुल्क के बजाय मरीजों से दोगुना राशि वसूलते पकड़े गए। इस पर एसडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
उपस्थिति पंजी की जांच में कुल 6 अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी ड्यूटी से नदारद पाए गए। इसके अलावा सुरक्षा गार्ड की अनुपस्थिति पर भी एसडीओ ने कड़ी आपत्ति जताई और संबंधित एजेंसी व अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया।
निरीक्षण के दौरान एसडीओ निशांत सिहारा ने बताया स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही और अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर विभागीय कार्रवाई तय है।
यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई थी, जिसमें डॉक्टरों और कर्मचारियों की लापरवाही, अनुपस्थिति और अव्यवस्था की बात सामने आई ।
निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों और मरीजों में उम्मीद जगी है कि अब पीएचसी की व्यवस्था में सुधार होगा और उन्हें बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
    user_LOCAL PUBLIC NEWS
    LOCAL PUBLIC NEWS
    Information service activities . कोटवा, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
  • मोतिहारी के चकिया में एक ही जगह पर कल और आज दो दिनों में 9 लोग डूब गए है जिसमे से डूबे हुए 6 लोगों को स्थानिए ग्रामीणों ने बचा लिया पर तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई है। घटना चकिया थाना क्षेत्र के बारा घाट पुल के पास गंडक नदी की है जहाँ जलबोझि करने गए पांच लोग कल डूब गए थे जिनमे से तीन को कल लोगो ने बचा लिया था और दो डूब गए,मृतक दोनो का शव आज स्थानीय मछुआरों के सहयोग से निकाल दिया गया। वही आज दिन को 11:00 बजे के आसपास गड़हिया थाना क्षेत्र के गांव 12 नंबर वार्ड में नोखा भगवान की पूजा को लेकर जलाभिषेक करने के लिए बालाघाट पुल के पास नदी किनारे आए थे जहां आज शाम उसी जगह पर जल बोझि करने के दौरान चार लोग गद्दे पानी में डूबने लगे जिसमे से तीन लोगों को तो बचा लिया गया पर एक युवक को नही बचाया जा सका और उसकी डूबने से मौत हो गई। कल और आज मिलाकर चकिया और गढ़िया थाना क्षेत्र के तीन लोगों की मौत हो गई है। बाइट---चकिया राजस्व पदाधिकारी बाइट---ग्रामीण
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    मोतिहारी के चकिया में एक ही जगह पर कल और आज दो दिनों  में 9  लोग डूब गए है जिसमे से डूबे हुए 6 लोगों को स्थानिए ग्रामीणों ने बचा लिया पर तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई है। घटना चकिया थाना क्षेत्र के बारा घाट पुल के पास गंडक नदी की है जहाँ जलबोझि करने गए पांच लोग कल डूब गए थे जिनमे से तीन को कल लोगो ने बचा लिया था और दो डूब गए,मृतक दोनो का शव आज स्थानीय मछुआरों के सहयोग से निकाल दिया गया। वही आज दिन को 11:00 बजे के आसपास गड़हिया थाना क्षेत्र के गांव 12 नंबर वार्ड में नोखा भगवान की पूजा को लेकर जलाभिषेक करने के लिए बालाघाट पुल के पास नदी किनारे आए थे जहां
आज शाम उसी जगह पर जल बोझि करने के दौरान चार लोग गद्दे पानी में डूबने लगे जिसमे से तीन लोगों को तो बचा लिया गया पर एक युवक को नही बचाया जा सका और उसकी  डूबने से मौत हो गई।
कल और आज मिलाकर चकिया और गढ़िया थाना क्षेत्र के तीन लोगों की मौत हो गई है।
बाइट---चकिया राजस्व पदाधिकारी 
बाइट---ग्रामीण
    user_Prabhat Ranjan Ranjan
    Prabhat Ranjan Ranjan
    मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    36 min ago
  • Post by Imranul Haque
    1
    Post by Imranul Haque
    user_Imranul Haque
    Imranul Haque
    चकिया (पिपरा), पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • हत्या-बलात्कार पर सख्ती चाहिए या मंदिर के नियम बदलने हैं?" ​ बात बिल्कुल सीधी है... अगर आपके अंदर आस्था है, तो मंदिर की परंपरा और पुजारी के नियम सर्वोपरि हैं। और अगर आस्था नहीं है, तो फिर जबरदस्ती का हक भी नहीं बनता। ​आज देश में बड़ा सवाल ये है कि क्या सुप्रीम कोर्ट को सबरीमाला जैसे आस्था के मामलों में दखल देना चाहिए? एक तरफ समाज में हत्या, बलात्कार और भ्रष्टाचार जैसे संगीन अपराध बढ़ रहे हैं, जहाँ सख्त न्याय की सबसे ज्यादा जरूरत है। दूसरी तरफ हमारी सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं को बदलने की कोशिशें हो रही हैं। ​क्या आपको भी लगता है कि न्यायपालिका को वहां ध्यान देना चाहिए जहां वाकई समाज को सुधार की जरूरत है? अपनी राय कमेंट में जरूर दें। 🙏" ​ ​#SupremeCourt #FaithVsLaw #SanatanDharma #IndianConstitution #SabarimalaCase #JusticeForIndia #PublicOpinion #BiharNews #TrendingIndia #NishpakshKhabren
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    हत्या-बलात्कार पर सख्ती चाहिए या मंदिर के नियम बदलने हैं?"
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बात बिल्कुल सीधी है... अगर आपके अंदर आस्था है, तो मंदिर की परंपरा और पुजारी के नियम सर्वोपरि हैं। और अगर आस्था नहीं है, तो फिर जबरदस्ती का हक भी नहीं बनता। ​आज देश में बड़ा सवाल ये है कि क्या सुप्रीम कोर्ट को सबरीमाला जैसे आस्था के मामलों में दखल देना चाहिए? एक तरफ समाज में हत्या, बलात्कार और भ्रष्टाचार जैसे संगीन अपराध बढ़ रहे हैं, जहाँ सख्त न्याय की सबसे ज्यादा जरूरत है। दूसरी तरफ हमारी सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं को बदलने की कोशिशें हो रही हैं।
​क्या आपको भी लगता है कि न्यायपालिका को वहां ध्यान देना चाहिए जहां वाकई समाज को सुधार की जरूरत है? अपनी राय कमेंट में जरूर दें। 🙏"
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​#SupremeCourt #FaithVsLaw #SanatanDharma #IndianConstitution #SabarimalaCase #JusticeForIndia #PublicOpinion #BiharNews #TrendingIndia #NishpakshKhabren
    user_Ankesh Thakur
    Ankesh Thakur
    News Anchor कल्याणपुर, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • Post by RAJA KUMAR
    1
    Post by RAJA KUMAR
    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • Post by Talk On Chair
    1
    Post by Talk On Chair
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    11 hrs ago
  • Post by VAJEER SHANI
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    Post by VAJEER SHANI
    user_VAJEER SHANI
    VAJEER SHANI
    चकिया (पिपरा), पूर्वी चंपारण, बिहार•
    11 hrs ago
  • चकिया गंडक नदी में अलग-अलग जगह पर बीते दिन और आज की घटना में 9 व्यक्ति में 6 व्यक्ति को स्थानीय लोगों द्वारा तो नदी की बाटी धाराओं से निकाल लिया गया लेकिन तीन युवक अलग-अलग जगह पर डूब कर करने की बातें सामने आ रही है बताते चले की बीते दिन चकिया थाना क्षेत्र के गांव घसिपाकर में सोखा देवता की पूजा मैं जल पूछने के लिए पैठाणिया गांव के नदी में आए थे जहां पर पांच युवक में तीन युवक को स्थानीय लोगों ने तो निकाल लिया लेकिन डूब कर मर गए जिसे आज सुबह स्थानीय गोताखोर द्वारा निकाला गया वहीं गढ़िया थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया में सोखा देवता की पूजा के लिए बाराघाट पुल के निकट नदी में जल बुझाने के लिए आए थे जहां चार युवक गद्दे पानी में चले गए स्थानीय लोगों द्वारा तीन युवक को तो निकाल लिया गया लेकिन यह युवा के की डूबने से मौत हो गई।
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    चकिया गंडक नदी में अलग-अलग जगह पर बीते दिन और आज की घटना में 9 व्यक्ति में 6 व्यक्ति को स्थानीय लोगों द्वारा तो नदी की बाटी धाराओं से निकाल लिया गया लेकिन तीन युवक अलग-अलग जगह पर डूब कर करने की बातें सामने आ रही है बताते चले की बीते दिन चकिया थाना क्षेत्र के गांव घसिपाकर में सोखा देवता की पूजा मैं जल पूछने के लिए पैठाणिया गांव के नदी में आए थे जहां पर पांच युवक में तीन युवक को स्थानीय लोगों ने तो निकाल लिया लेकिन डूब कर मर गए जिसे आज सुबह स्थानीय गोताखोर द्वारा निकाला गया वहीं गढ़िया थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया में सोखा देवता की पूजा के लिए बाराघाट पुल के निकट नदी में जल बुझाने के लिए आए थे जहां चार युवक गद्दे पानी में चले गए स्थानीय लोगों द्वारा तीन युवक को तो निकाल लिया गया लेकिन यह युवा के की डूबने से मौत हो गई।
    user_Prabhat Ranjan Ranjan
    Prabhat Ranjan Ranjan
    मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
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