Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में NEET परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों और यूपी पुलिस के बीच भारी बवाल और तीखा टकराव हो गया है। इस गंभीर धांधली के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतरकर उग्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्र धर्मेंद्र प्रधान और पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।
CHANDRESH PATRKAR
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में NEET परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों और यूपी पुलिस के बीच भारी बवाल और तीखा टकराव हो गया है। इस गंभीर धांधली के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतरकर उग्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्र धर्मेंद्र प्रधान और पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- आजमगढ़ में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद बड़ा सियासी धमाका देखने को मिला है। इस कार्रवाई से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पूरी तरह उबल पड़े हैं और आक्रोशित होकर उन्होंने कलेक्ट्रेट पर जोरदार धरना शुरू कर दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ एकजुट होकर भारी प्रदर्शन किया है। इस दौरान प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश देखा गया और उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।1
- आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील स्थित महाराजगंज पोस्ट के मिसिरपुर चांदपुर (जियानपुर) गाँव में सड़क और नाली पर भारी गंदगी फैली हुई है। गाँव की इस बदहाल स्थिति को देखते हुए यहाँ जल्द से जल्द साफ़-सफ़ाई का काम चालू कराने की माँग की गई है। विशाल यादव (पिता भीमा यादव) ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि सरकारी नाली को साफ़ करने के बजाय उसे और भी ज़्यादा गंदा किया जा रहा है और नाली को पाटा जा रहा है। गाँव की सड़क और सरकारी नाली की इस दुर्दशा पर आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रशासन से तुरंत साफ़-सफ़ाई व्यवस्था शुरू कराने की माँग की गई है।1
- अम्बेडकर नगर के आलापुर में ऑपरेशन के बाद एक मरीज की हालत बेहद गंभीर होने का बेहद संवेदनहीन मामला सामने आया है। यहाँ ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती गई और उसके ऑपरेशन वाले रास्ते से मलमूत्र बाहर निकलने लगा। इस बेहद नाजुक हालत में इलाज करने के बजाय डॉक्टर ने मरीज के साथ अमानवीय व्यवहार किया। डॉक्टर ने रात के समय ही पीड़ित मरीज को धक्के देकर वहाँ से बाहर भगा दिया।2
- अंबेडकरनगर जिले के खजुरी बाजार में मंगलवार को दिनदहाड़े हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी की वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। यहाँ बाइक सवार दो युवकों पर कार में सवार होकर आए दो हमलावरों ने अचानक फायरिंग कर दी। इस हमले में अतुल यादव नामक युवक गोली लगने से घायल हो गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गोलीबारी की इस घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच और हमलावरों की तलाश में जुटी है। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में भारी हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है, जहाँ दिल्ली की आग में कलेक्ट्रेट भी सुलग उठा है। यहाँ एक जुलूस को रोकने की कोशिश किए जाने पर छात्र और पुलिस आपस में भिड़ गए। इस जोरदार भिड़ंत के बाद गुस्साए छात्रों ने कोतवाली का घेराव कर दिया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में आजमगढ़ जिला मुख्यालय पर माहौल पूरी तरह गरमा गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और छात्र-छात्राओं ने कुंवर सिंह उद्यान के पास एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन और जुलूस निकालने का प्रयास किया। हालांकि, प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देकर जुलूस की अनुमति नहीं दी और मौके पर मुस्तैद पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। इस दौरान पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया, जिसके बाद बड़ी संख्या में समर्थक कोतवाली पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सूझबूझ से काम लिया और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा कर दिया। कोतवाली से रिहाई के बाद भी प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए और दोबारा कलेक्ट्रेट तथा कुंवर सिंह उद्यान के आसपास जुटने लगे, जिन्हें पुलिस लगातार तितर-बितर करती रही और समूह बनाकर खड़े होने से रोकती रही। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनकी मुख्य मांगों में नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों की वापसी और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकार की सुरक्षा शामिल थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि प्रशासन उनके शांतिपूर्ण मार्च को दबाने की कोशिश कर रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। हालांकि दिनभर चले इस पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, लेकिन जिला मुख्यालय और कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास तनावपूर्ण शांति का माहौल बना रहा और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।1