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लखनऊ के केसरबाग सिविल कोर्ट परिसर में हाई कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में प्रशासन ने 200 से अधिक अवैध चैंबर और दुकानें ध्वस्त कर दीं, जो सड़क व नाले की ज़मीन पर बनी थीं।
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लखनऊ के केसरबाग सिविल कोर्ट परिसर में हाई कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में प्रशासन ने 200 से अधिक अवैध चैंबर और दुकानें ध्वस्त कर दीं, जो सड़क व नाले की ज़मीन पर बनी थीं।
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- उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ घर के बाहर खेल रही छह साल की एक मासूम बच्ची पर ईंट से हमला कर उसका सिर फोड़ने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस घटना की शिकायत करने के बाद उन्हें न केवल गालियाँ दी गईं, बल्कि जान से मारने की धमकियाँ भी मिली हैं।1
- बहराइच के विकासखंड रिसिया अंतर्गत ग्राम सभा पडरीतारा के मजरा एकघरवा में मामूली बारिश ने ही स्थानीय प्रशासन और सफाई व्यवस्था के दावों की सच्चाई उजागर कर दी है। यहां भीषण जलभराव और गंदगी की समस्या से ग्रामीणों का जीवन दुश्वार हो गया है। विशेष रूप से, एकघरवा गांव में स्थित मस्जिद के ठीक सामने भारी मात्रा में गंदा पानी और कीचड़ जमा हो गया है, जिससे नमाजियों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें नमाज अदा करने के लिए इसी बदबूदार और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी पवित्रता भंग होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार 'स्वच्छ भारत मिशन' पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उनके गांव की मस्जिद के सामने नरकीय स्थिति बनी हुई है। उनके अनुसार, गंदे पानी से होकर नमाज पढ़ने जाना उनकी मजबूरी बन गया है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि क्षेत्र में तैनात सफाई कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह लापरवाह है और कभी गांव में साफ-सफाई करने नहीं आता। नालियां चोक पड़ी हैं, जिसके कारण थोड़ी सी बारिश का पानी भी रास्तों पर तालाब का रूप ले लेता है। बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस जमा हुए गंदे पानी से न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है, बल्कि भीषण गर्मी और उमस के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे गांव में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों, जिनमें आफताब अहमद, मोहम्मद सज्जाद, अकरम रहमानी, निसार अहमद, नसरुद्दीन, मोहम्मद जलील, फायजूर रहमान, फकरुद्दीन, नसीम अहमद और मोहिउद्दीन शामिल हैं, ने जिले के उच्चाधिकारियों और खंड विकास अधिकारी (BDO) रिसिया का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से मस्जिद के सामने से जलभराव की समस्या को दूर करने, गांव में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने और ड्यूटी से नदारद रहने वाले लापरवाह सफाई कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।2
- बहराइच जिले में प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करने वाले होटलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सिटी मजिस्ट्रेट, फायर विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने शहर के कई होटलों में अचानक छापेमारी की। इस दौरान टीम ने होटलों की फायर सेफ्टी, भवन के नक्शे और इमरजेंसी एग्जिट व्यवस्था की गहनता से जांच की। जांच में यह पाया गया कि कई होटल बिना फायर NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) और सुरक्षा मानकों के विरुद्ध संचालित हो रहे थे। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से ऐसे होटलों को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं, और आवश्यक सुधार पूरे होने तक उनके संचालन पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने इस संबंध में कहा है कि आम जनता की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले होटलों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर, नानपारा, बहराइच के प्राथमिक विद्यालय खेरनिया में 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) बहराइच और मानव सेवा संस्था (सेवा), रुपैडीहा ने संयुक्त रूप से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों, अभिभावकों और ग्रामीणों को बाल श्रम के गंभीर दुष्परिणामों तथा शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामवासियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान, एसएसबी के अधिकारियों और जवानों ने बाल श्रम के नकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बुरी तरह प्रभावित करता है, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य में बाधा आती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और एक सुरक्षित वातावरण प्राप्त करने का अधिकार है। मानव सेवा संस्था (सेवा) के प्रतिनिधियों ने बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी और सामाजिक पहलुओं की जानकारी दी, यह स्पष्ट करते हुए कि बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे मामलों की सूचना संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को अवश्य दें। इस पहल में बच्चों को शिक्षा के महत्व, उनके अधिकारों और सुरक्षित भविष्य के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रश्नोत्तरी, संवाद और प्रेरक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। वक्ताओं ने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और उन्हें शिक्षा से जोड़े रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी लोगों को एकजुट होकर बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करना होगा। एसएसबी द्वारा सीमा क्षेत्र के विद्यालयों और ग्रामीण इलाकों में समय-समय पर ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, और यह कार्यक्रम बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा बाल श्रम उन्मूलन के प्रयासों को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।4
- इंडो-नेपाल सीमा पर की गई एक कार्रवाई के दौरान डेढ़ किलो से अधिक चरस जब्त की गई है। इस मामले में पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के नानपारा क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश से किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों का कहना है कि इस बारिश से उनके खेतों को काफी लाभ होगा, जिससे उनके चेहरे खिल उठे हैं।2
- बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रूपैडीहा बीआईटी चेकपोस्ट पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 42वीं वाहिनी ने एक विशेष सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी और बाल श्रम के एक प्रयास को विफल कर एक नेपाली नाबालिग बालक को सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया। इस मामले में पूछताछ के बाद एक नेपाली महिला को आवश्यक सत्यापन और अग्रिम कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया। यह घटना 11 जून की शाम लगभग 6:10 बजे की है, जब 42वीं वाहिनी को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल के जाजरकोट जिले की एक महिला नाबालिग बच्चों को भारत में रोजगार का प्रलोभन देकर ले जाने का प्रयास कर रही है और संभवतः रूपैडीहा चेकपोस्ट से भारत में प्रवेश करेगी। इस सूचना के आधार पर चेकपोस्ट पर निगरानी और जांच को तुरंत मजबूत किया गया। गहन जांच और काउंसलिंग के दौरान, नेपाल के जाजरकोट निवासी 23 वर्षीय सरिता सुनार और 14 वर्षीय जीवन नेपाली को सीमा पार करने से रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ में महिला सरिता सुनार ने बालक को जानने या उसके साथ यात्रा करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), देहात इंडिया (एनजीओ) और एसएसबी अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों से विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान, नाबालिग बालक ने खुलासा किया कि वह घर से भागकर नेपालगंज पहुंचा था, जहाँ उसकी मुलाकात सरिता सुनार से हुई थी। बालक के अनुसार, महिला ने उसे भारत के कारगिल (लद्दाख) क्षेत्र में निर्माण कार्य में रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया था और उसे अपने साथ भारत ले जा रही थी। बालक ने यह भी बताया कि उक्त महिला नियमित रूप से मजदूरों को भारत ले जाने का काम करती है। एसएसबी द्वारा बालक की माता से संपर्क किया गया, जिन्होंने पुष्टि की कि उनका पुत्र घर से बिना बताए चला गया था और वे सरिता सुनार को नहीं जानती थीं; उन्होंने अपने पुत्र को भारत जाने से रोकने का अनुरोध किया। पूछताछ और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर, इस मामले को बाल संरक्षण और श्रम शोषण की आशंका से जुड़ा मानते हुए आवश्यक कार्रवाई की गई। सभी कानूनी औपचारिकताएं और काउंसलिंग पूरी होने के बाद, नाबालिग बालक को एएचटीयू और नेपाल पुलिस की उपस्थिति में नेपाल स्थित संस्था "शांतिपूर्ण स्थापना गृह" को देखभाल और पुनर्वास के लिए सौंप दिया गया। वहीं, सरिता सुनार को सत्यापन और अग्रिम कानूनी कार्रवाई हेतु नेपाल पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। इस अवसर पर 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बहराइच के कमांडेंट गिरीश चन्द्र पाण्डेय ने जोर देकर कहा कि मानव तस्करी और बाल श्रम समाज के लिए गंभीर चुनौतियां हैं, और सीमा क्षेत्र में बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना एसएसबी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में स्थानीय प्रशासन, एएचटीयू और सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। एसएसबी की इस कार्रवाई को सीमा क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा और सतर्क निगरानी की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है, साथ ही यह अभियान सीमा पार होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और समय रहते आवश्यक हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध हुआ है।4
- बहराइच में दरगाह शरीफ पुलिस ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसे एक बड़ी पुलिस कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। आरोपी पर पीड़िता को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस ने उसके खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की थी। यह गिरफ्तारी मुखबिर की सटीक सूचना पर की गई, जिसके बाद तूरहनी रज्जब गांव में दबिश देकर आरोपी को धर-दबोचा गया। पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर और पीड़िता के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। गिरफ्तारी के उपरांत, आरोपी से पूछताछ करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। इस पुलिस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस की तत्परता की काफी चर्चा हो रही है। पुलिस ने महिला एवं बाल अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए इस मामले में बड़ी सफलता प्राप्त की है।1