राष्ट्रपति के अपमान पर वनवासी कल्याण आश्रम ने की बंगाल सरकार की निंदा कहा : राष्ट्रपति का अपमान, जनजातीय समाज का अपमान संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के प्रति राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के व्यवहार को अत्यंत निंदनीय और अपमानजनक करार दिया है। आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस घटनाक्रम पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है और इसे न केवल एक संवैधानिक पद का अनादर, बल्कि संपूर्ण जनजातीय समाज का अपमान बताया है। वनवासी कल्याण आश्रम का आरोप है कि 7 मार्च को आयोजित इस सम्मेलन में राज्य सरकार ने सुरक्षा और प्रोटोकॉल के मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया। राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद की गरिमा के विपरीत, उनके स्वागत या उपस्थिति के दौरान मुख्यमंत्री या किसी भी वरिष्ठ मंत्री की अनुपस्थिति प्रशासन की संवेदनहीनता और दंभ को दर्शाती है। आश्रम ने इसे सरकारी असहयोग का चरम उदाहरण बताया है। आश्रम ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को विफल करने के लिए जानबूझकर बाधाएं उत्पन्न की गईं। कार्यक्रम से महज दो दिन पहले आयोजन स्थल को बदल दिया गया, जो राष्ट्रपति की उपस्थिति और आने वाली भीड़ के लिहाज से बहुत छोटा था। सम्मेलन में भारत के साथ-साथ बांग्लादेश, नेपाल और भूटान से बड़ी संख्या में संथाल और अन्य जनजातीय समाज के लोग शामिल होने आए थे, जिन्हें प्रशासन ने अवांछित रूप से रोकने का प्रयास किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि देश जब आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तब भी उच्च संवैधानिक पदों को तुच्छ राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के साथ किया गया यह दुर्व्यवहार केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं है, बल्कि यह संथाल भाषा और देश के समस्त जनजातीय गौरव पर प्रहार है। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के स्थानीय प्रतिनिधि रमणलाल अहारी ने भी इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए मांग की है कि संवैधानिक गरिमा की रक्षा के लिए ऐसी राजनीति पर तुरंत लगाम लगनी चाहिए।
राष्ट्रपति के अपमान पर वनवासी कल्याण आश्रम ने की बंगाल सरकार की निंदा कहा : राष्ट्रपति का अपमान, जनजातीय समाज का अपमान संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के प्रति राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के व्यवहार को अत्यंत निंदनीय और अपमानजनक करार दिया है। आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस घटनाक्रम पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है और इसे न केवल एक संवैधानिक पद का अनादर, बल्कि संपूर्ण जनजातीय समाज का अपमान बताया है। वनवासी कल्याण आश्रम का आरोप है कि 7 मार्च को आयोजित इस सम्मेलन में राज्य सरकार ने सुरक्षा और प्रोटोकॉल के मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया। राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद की गरिमा के विपरीत, उनके स्वागत या उपस्थिति के दौरान मुख्यमंत्री या किसी भी वरिष्ठ मंत्री की अनुपस्थिति प्रशासन की संवेदनहीनता और दंभ को दर्शाती है। आश्रम ने इसे सरकारी असहयोग का चरम उदाहरण बताया है। आश्रम ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को विफल करने के लिए जानबूझकर बाधाएं उत्पन्न की गईं। कार्यक्रम से महज दो दिन पहले आयोजन स्थल को बदल दिया गया, जो राष्ट्रपति की उपस्थिति और आने वाली भीड़ के लिहाज से बहुत छोटा था। सम्मेलन में भारत के साथ-साथ बांग्लादेश, नेपाल और भूटान से बड़ी संख्या में संथाल और अन्य जनजातीय समाज के लोग शामिल होने आए थे, जिन्हें प्रशासन ने अवांछित रूप से रोकने का प्रयास किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि देश जब आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तब भी उच्च संवैधानिक पदों को तुच्छ राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के साथ किया गया यह दुर्व्यवहार केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं है, बल्कि यह संथाल भाषा और देश के समस्त जनजातीय गौरव पर प्रहार है। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के स्थानीय प्रतिनिधि रमणलाल अहारी ने भी इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए मांग की है कि संवैधानिक गरिमा की रक्षा के लिए ऐसी राजनीति पर तुरंत लगाम लगनी चाहिए।
- पुरखों की दी हुईं संस्कृति को बढ़ावा देना जरूरी-मकरानी डूंगरपुर। एमएमबी ग्रुप डूंगरपुर कि और से आज मस्तान बाबा दरगाह परिसर में मौलाना अब्दुल मुस्तफा, मोहम्मद हासिम, सद्दाम हुसैन, अफजल और ग्रुप सदर नूर मोहम्मद मकरानी के सानिध्य में पक्षियों के लिए परिंदे बांधकर उसमें दाना पानी की व्यवस्था की गई सदर मकरानी ने बताया कि हमारा देश सूफी संतों का देश है और सभी सूफी संतों ने खिदमत के कामों को काफी महत्व दिया है और हमारे पुरखों ने भी इन कामों को बखूबी निभाया। पहले हर घर के आंगन में एक सकोरा रखकर उसमें दाना पानी की व्यवस्था की जाती थी लेकिन आज की युवा पीढ़ी इस आधुनिक भाग-दौड़ वाली जिंदगी से इन कामों से काफी हद दूर हो चुकी है और अब इस युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए इस तरह के अभियान जारी रखने की आवश्यकता है । इन्हीं चीजों को ध्यान में रखते हुए एम एम बी ग्रुप डूंगरपुर मस्तान बाबा को याद करते हुए हर वर्ष गर्मियों के मौसम में पक्षियों के लिए परिंडे बांधने का अभियान चलाता है, मौलाना अब्दुल मुस्तफा ने बताया कि ग्रुप मस्तान बाबा की याद में खिदमत के कामों को बखूबी तरीके से अंजाम दे रहा है ग्रुप हर वो काम कर रहा है जिससे इंसानियत क़ायम रहे राशन वितरण, रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान में कपड़े की थैलियों का निःशुल्क वितरण, शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के लिए स्टेशनरी स्वेटर वितरण सर्दियों में रोड के किनारे सो रहे लोगों को कंबल प्रदान कर उनको सम्बल प्रदान करता हैं हमारे सूफी संतों के ने हमेशा इंसानियत के रास्ते पर चलने का पैगाम दिया है एम एम बी ग्रुप डूंगरपुर की समाज सेवा पूरे संभाग में मिसाल कायम कर रहीं हैं2
- Dungarpur विधायक गणेश घोघरा जी ने जोरदार1
- डूंगरपुर। निजी काम को पूरा कर घर लौट रही बाइक सवार युवती बाइक से अचानक नीचे गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गई। युवती को निजी वाहन से जिला अस्पताल लाया गया। जहां युवती का उपचार चल रहा है। प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के सीदडी खेरवाड़ा निवासी पुष्पा पिता मंगला परमार बाइक से दोवड़ा अपने निजी काम से वापस अपने घर लौट रही थी। तभी अचानक बाइक पर चक्कर लगने से युवती बाइक से नीचे गिर गई ओर गंभीर रूप से घायल हो गई। गम्भीर घायल को निजी वहां से जिला अस्पताल लाया गया। उसका उपचार चल रहा है।1
- बिछीवाड़ा पुलिस और डीएसटी टीम ने जब्त की 81 कार्टन अवैध शराब डूंगरपुर। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला विशेष टीम (डीएसटी) और बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सटीक मुखबिरी के आधार पर एक इनोवा गाड़ी से विभिन्न ब्रांडों की कुल 81 कार्टन अवैध शराब जब्त की है, जिसे तस्करी कर गुजरात ले जाया जा रहा था। - नाकाबंदी के दौरान धराई शराब से भरी गाड़ी जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीएसटी टीम को जिले में अवैध शराब तस्करी पर लगाम लगाने हेतु सक्रिय किया गया था। इसी क्रम में टीम को गुप्त सूचना मिली कि बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के रास्ते एक लग्जरी गाड़ी में भारी मात्रा में अवैध शराब भरकर गुजरात सीमा पार कराने की तैयारी है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने बिछीवाड़ा सर्कल के पालीसोडा तीन रास्ते पर कड़ा पहरा बैठाया। निगरानी के दौरान एक इनोवा गाड़ी आती दिखाई दी, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर रुकवाया। - 81 कार्टन शराब के साथ बाड़मेर का आरोपी गिरफ्तार जब पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें विभिन्न ब्रांडों की अवैध शराब के 81 कार्टन बरामद हुए। पूछताछ के दौरान चालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, जिसके बाद पुलिस ने वाहन और शराब को जब्त कर लिया। मामले में आरोपी केसाराम उर्फ किशन सिंह जाट, निवासी पुलिस थाना चौहटन, जिला बाड़मेर को हिरासत में लिया गया है। आरोपी को वाहन सहित अग्रिम कार्रवाई के लिए बिछीवाड़ा थाने के सुपुर्द कर दिया गया है। - पुलिस की अपील : तीसरी आँख पर दें सूचना पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब तस्करों के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तीसरी आँख मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर 8690180022 पर साझा करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम, पता और मोबाइल नंबर पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में डीएसटी टीम के सदस्य मोहनपाल सिंह (हैड कांस्टेबल), मगन, आशीष, जितेन्द्र, गौरव, और जितेन्द्र (कांस्टेबल) के साथ बिछीवाड़ा थाने से गोविंद सिंह (हैड कांस्टेबल) मय जाप्ता शामिल रहे।1
- डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा रेलवे स्टेशन के निकट रविवार देर शाम करीब 7 बजे रेलवे पटरी पार करते समय एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में युवक के हाथ की हथेली पूरी तरह कट गई। जानकारी के अनुसार बिछीवाड़ा निवासी पीयूष पुत्र हिरालाल यादव रविवार शाम रेलवे स्टेशन के पास पटरियां पार कर रहा था। इसी दौरान अहमदाबाद की ओर से आ रही ट्रेन की चपेट में आने से उसका हाथ पटरी में फंस गया और हथेली कट गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने पर रेलवे जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तुरंत बिछीवाड़ा अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डूंगरपुर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए उदयपुर रेफर कर दिया। फिलहाल युवक का इलाज उदयपुर में जारी है।1
- सलूम्बर। जिले के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से संचालित पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत विस्तृत कार्ययोजना की समीक्षा के लिए सोमवार को जिला कलेक्टर कक्ष में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पंच गौरव कार्यक्रम के तहत जिले में प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति, उनकी कार्यान्वयन रणनीति तथा विभागवार जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। नोडल प्रभारी एवं उपनिदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग शेल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष के बजट के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर दिए गए हैं। बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने राजीविका के अंतर्गत प्रस्तावित पलाश प्रोसेसिंग यूनिट का कार्य शुरू नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को इसे शीघ्र प्रारंभ कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर मीणा ने जयसमंद झील क्षेत्र के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झील क्षेत्र में सड़क आवागमन को सुगम बनाया जाए तथा यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए कैफेटेरिया विकसित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्षभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए, जिनमें जनजागरूकता अभियान, प्रदर्शनी एवं अन्य गतिविधियां शामिल हों, ताकि आमजन को पंच गौरव कार्यक्रम के उद्देश्यों और योजनाओं की जानकारी मिल सके। बैठक में पलाश की नर्सरी विकसित करने तथा पलाश वाटिका स्थापित करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के समग्र विकास को गति देना तथा आमजन को विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। बैठक के अंत में जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंच गौरव कार्यक्रम के तहत जिले की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में पंच गौरव कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।1
- Post by देवीलाल गरासिया1
- डूंगरपुर। मजदूरी कर अपने घर लौट रहे बुजुर्ग से अज्ञात बदमाशो ने रास्ते में मारपीट कर दी। मारपीट से बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया। वही घायल बुजुर्ग का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के ओडा बड़ा निवासी हकरा पिता देवा खराड़ी कनबा से मजदूरी का काम कर अपने घर की ओर आ रहे था। तभी रास्ते में अज्ञात 4 से अधिक लोगों ने बुजुर्ग से मारपीट करते हुए उसे धारदार हथियार ओर लट्ठ से मारपीट कर घायल कर दिया। सूचना मिलने पर वही निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर आए। जहा बुजुर्ग का इलाज चल रहा है। वही बुजुर्ग के मुंह पर चार टांके भी पहुंचे है।1