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"सीधी बात, No बकवास: सच वही जो साफ़ हो!""सीधी बात - No बकवास, मुद्दे की बात सीधे आपके साथ!" या थोड़ा दमदार अंदाज़ में: "सीधी बात 🖐️ No बकवास — सच बिना लाग-लपेट के!"
BHARAT TODAY NEWS
"सीधी बात, No बकवास: सच वही जो साफ़ हो!""सीधी बात - No बकवास, मुद्दे की बात सीधे आपके साथ!" या थोड़ा दमदार अंदाज़ में: "सीधी बात 🖐️ No बकवास — सच बिना लाग-लपेट के!"
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- गुजरात के सूरत स्थित SMC बिल्डिंग को बम से उड़ाने की धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ है। इसी धमकी भरे संदेश के कारण, SMC बिल्डिंग को खाली कराया जा रहा है।1
- आलम मलिक ने अपने सोशल मीडिया चैनलों, जिनमें यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक शामिल हैं, को फॉलो करने का अनुरोध किया है।1
- पंजाब की राजनीति में सोमवार (15 जून) को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला जब श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को एक कथित आपत्तिजनक वायरल वीडियो के मामले में "गुरु का दोषी और पंथ विरोधी" घोषित कर दिया। इसके साथ ही, अकाल तख्त ने सिख समुदाय से मुख्यमंत्री के सामाजिक बहिष्कार की अपील भी की है। अकाल तख्त के इस फैसले के बाद कांग्रेस और बीजेपी ने भगवंत मान से तत्काल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग कर दी है। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान की एक कथित आपत्तिजनक वीडियो अकाल तख्त साहिब को ईमेल के माध्यम से भेजी गई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री को तलब किया था, जिसके बाद भगवंत मान 14 जनवरी को अकाल तख्त सचिवालय में पेश हुए थे। उस दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि वायरल वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार की गई है और इसकी जांच किसी भी फॉरेंसिक लैब से करवाई जा सकती है। इसके बाद अकाल तख्त ने वीडियो को दो अलग-अलग फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा था। इस संबंध में सोमवार को अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में पांच सिंह साहिबानों की एक बैठक हुई। बैठक के उपरांत, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने अपना फैसला सुनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान को "गुरु के दोषी" और "पंथ विरोधी" करार दिया।1
- वाहन चेकिंग अभियान के दौरान एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसमें भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई। इस दौरान, 1000 क्वार्टर अवैध शराब के साथ एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है।1
- बदायूं के उझानी कोतवाली क्षेत्र में मथुरा-बरेली नेशनल हाइवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में ई-रिक्शा में सवार छह महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जो शादी का शगुन देने जा रही थीं। हादसे में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।1
- महाकालपाड़ा बीडीओ ऑफिस से जुड़े एक मामले की सच्चाई सामने आने लगी है। इस घटनाक्रम में चामेली ओझा से संबंधित सच भी उजागर हो रहा है।1
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक अंतर्राष्ट्रीय आतंकी-क्राइम मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में स्पेशल सेल ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। स्पेशल सेल के डीसीपी नर्रा चैतन्या के अनुसार, यह आतंकी नेटवर्क पाकिस्तान में सक्रिय गैंगस्टर से आतंकी बने शाहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर द्वारा संचालित किया जा रहा था। जाँच में सामने आया है कि यह गिरोह पंजाब के रास्ते दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियारों, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पाँच अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 41 जिंदा कारतूस, कई मोबाइल फोन, आपत्तिजनक डिजिटल सबूत और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया है। इन बरामद सामग्रियों से नेटवर्क की गतिविधियों और इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जाँच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन के ज़रिए पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलरों के संपर्क में थे। वे दिल्ली-एनसीआर के संभावित लक्ष्यों की रेकी कर उनकी तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेज रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्पेशल सेल की समय रहते की गई कार्रवाई से दिल्ली-एनसीआर में कई संभावित आतंकी घटनाओं को टालने में सफलता मिली है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जाँच को आगे बढ़ाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जाँच की जा रही है और इस आतंकी-क्राइम नेटवर्क के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- लखनऊ में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक फर्जी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब आरोपी ने ₹40 का बन-मक्खन खाया और पैसे देने से इनकार करते हुए, दुकानदार से उसे सैल्यूट करने को कहा। दुकानदार ने इसकी शिकायत पुलिस से की। महानगर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान मड़ियांव के भरतनगर निवासी मिथलेश शुक्ला के रूप में हुई है। थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ करने पर मिथलेश ने रोते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया। जाँच में पता चला कि वह कोई अधिकारी नहीं बल्कि नोएडा में सैमसंग कंपनी में अकाउंटेंट है। लगभग दो साल पहले उसने इलेक्ट्रॉनिक्स का शोरूम चलाया था, जिसमें घाटा होने के बाद वह बंद कर चुका था और उसने निजी नौकरी कर ली थी। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह इससे पहले लखनऊ में दो बार आईपीएस बनकर दुकानदारों पर रौब झाड़ चुका है और बिना पैसे दिए सामान हड़प चुका है। महानगर पुलिस ने मिथलेश शुक्ला के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है। महज ₹40 बचाने के चक्कर में 'फर्जी साहब' का यह रूतबा अब जेल की हवा खा रहा है।1