मुरादाबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार, भाजपा और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में ओवैसी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के युवाओं के संघर्ष और उनकी जीत का प्रतीक है। जंतर-मंतर पर कई हफ्तों तक आंदोलन करने वाले छात्रों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संगठित जनता की आवाज के आगे सत्ता को झुकना पड़ा है और देश में अब तानाशाही नहीं चलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में राष्ट्रीय और राज्य स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं होंगी। राजनीतिक गठबंधन पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि AIMIM नहीं चाहती कि भाजपा दोबारा सत्ता में आए और उनकी पार्टी विपक्षी दलों के साथ हाथ मिलाने व गठबंधन करने के लिए तैयार है। वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लेते हुए उन्होंने साफ किया कि अब वे दरी बिछाकर नीचे बैठने वाले नहीं हैं, बल्कि बराबरी चाहते हैं। ओवैसी ने कहा कि अगर कुर्सी होगी और अखिलेश बैठेंगे, तो ओवैसी भी उनके सामने कुर्सी पर पैर पर पैर डालकर बैठेगा और हक व इंसाफ की बात करेगा। उनके इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मुरादाबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार, भाजपा और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में ओवैसी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के युवाओं के संघर्ष और उनकी जीत का प्रतीक है। जंतर-मंतर पर कई हफ्तों तक आंदोलन करने वाले छात्रों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संगठित जनता की आवाज के आगे सत्ता को झुकना पड़ा है और देश में अब तानाशाही नहीं चलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में राष्ट्रीय और राज्य स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं होंगी। राजनीतिक गठबंधन पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि AIMIM नहीं चाहती कि भाजपा दोबारा सत्ता में आए और उनकी पार्टी विपक्षी दलों के साथ हाथ मिलाने व गठबंधन करने के लिए तैयार है। वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लेते हुए उन्होंने साफ किया कि अब वे दरी बिछाकर नीचे बैठने वाले नहीं हैं, बल्कि बराबरी चाहते हैं। ओवैसी ने कहा कि अगर कुर्सी होगी और अखिलेश बैठेंगे, तो ओवैसी भी उनके सामने कुर्सी पर पैर पर पैर डालकर बैठेगा और हक व इंसाफ की बात करेगा। उनके इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं।
- मुरादाबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार, भाजपा और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में ओवैसी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के युवाओं के संघर्ष और उनकी जीत का प्रतीक है। जंतर-मंतर पर कई हफ्तों तक आंदोलन करने वाले छात्रों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संगठित जनता की आवाज के आगे सत्ता को झुकना पड़ा है और देश में अब तानाशाही नहीं चलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में राष्ट्रीय और राज्य स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं होंगी। राजनीतिक गठबंधन पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि AIMIM नहीं चाहती कि भाजपा दोबारा सत्ता में आए और उनकी पार्टी विपक्षी दलों के साथ हाथ मिलाने व गठबंधन करने के लिए तैयार है। वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लेते हुए उन्होंने साफ किया कि अब वे दरी बिछाकर नीचे बैठने वाले नहीं हैं, बल्कि बराबरी चाहते हैं। ओवैसी ने कहा कि अगर कुर्सी होगी और अखिलेश बैठेंगे, तो ओवैसी भी उनके सामने कुर्सी पर पैर पर पैर डालकर बैठेगा और हक व इंसाफ की बात करेगा। उनके इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं।1
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कई तरह के रुझान सामने आ रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद ज्यादातर लोग Gen-Z को लेकर चर्चा कर रहे हैं और इसे लेकर तरह-तरह की बातें देखने को मिल रही हैं।1
- भारत के नए शिक्षा मंत्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो में दिखाया गया है कि राहुल गांधी को देखते ही नए शिक्षा मंत्री वहाँ से चल दिए।1
- दिल्ली की रेखा सिंह ने सोमवार की सुबह अपने दोस्तों और प्रशंसकों के लिए गुड मॉर्निंग संदेश साझा किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें आज पूरी रात नींद नहीं आई और उनका सर दर्द हो रहा है। इसके बावजूद उन्होंने एक नया वीडियो बनाया है, जिसे वे अपलोड कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने सभी का हाल-चाल पूछा और लोगों से उठकर चाय-नाश्ता करने व अपने दिन की अच्छी शुरुआत करने की बात कही।3
- तेज प्रताप की गिरफ्तारी के बाद तेजस्वी यादव ने कमान संभाल ली है। छात्रों के समर्थन में उतरते हुए उन्होंने छात्र आंदोलन को हवा देने का काम किया है और बिहार सरकार को खुली चेतावनी दी है।1
- दिल्ली के हौज खास में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़पें हुईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं, जिससे तीन प्रदर्शनकारी घायल हो गए। जवाब में, प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके, जिससे पुलिस अधीक्षक (एसपी) और लगभग 25 अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोलियां चलाईं, जिसमें एके-47 राइफल का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1