अमरोहा के गजरौला स्थित वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय परिसर में रविवार को 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' का भव्य शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय और वीजीआई मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय परिसर और राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर लगभग 10 हजार पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस भव्य आयोजन के दौरान वृहद वृक्षारोपण, पर्यावरण जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण समारोह और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश शासन के आवास आयुक्त एवं वरिष्ठ आईएएस बलकार सिंह ने वेंकटेश्वरा समूह की सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 और ग्रीन इंडिया के लक्ष्य को साकार करने में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' अब एक जनआंदोलन बन चुका है, जो हरित क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम है। संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरी ने सभी लोगों से अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और अन्य सामाजिक अवसरों पर पौधे लगाने तथा उपहार स्वरूप पौधे भेंट करने की अपील की। वहीं विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ते प्रदूषण से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी उपाय बताते हुए प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान बरगद, पीपल, नीम, जामुन, बेल, आंवला, पारिजात, रुद्राक्ष और तुलसी सहित अनेक औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर गुरुकुल की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले प्रकृति प्रेमियों को शॉल, स्मृति चिन्ह व रुद्राक्ष का पौधा देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सीडीओ अश्वनी मिश्र, एडीएम गरिमा सिंह, एसडीएम चंद्रकांता, डीएफओ राजीव सिंह और कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे सहित कई अधिकारी, शिक्षक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
अमरोहा के गजरौला स्थित वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय परिसर में रविवार को 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' का भव्य शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय और वीजीआई मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय परिसर और राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर लगभग 10 हजार पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस भव्य आयोजन के दौरान वृहद वृक्षारोपण, पर्यावरण जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण समारोह और संगोष्ठी का आयोजन किया
गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश शासन के आवास आयुक्त एवं वरिष्ठ आईएएस बलकार सिंह ने वेंकटेश्वरा समूह की सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 और ग्रीन इंडिया के लक्ष्य को साकार करने में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' अब एक जनआंदोलन बन चुका
है, जो हरित क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम है। संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरी ने सभी लोगों से अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और अन्य सामाजिक अवसरों पर पौधे लगाने तथा उपहार स्वरूप पौधे भेंट करने की अपील की। वहीं विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ते प्रदूषण से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी उपाय बताते हुए प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान
बरगद, पीपल, नीम, जामुन, बेल, आंवला, पारिजात, रुद्राक्ष और तुलसी सहित अनेक औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर गुरुकुल की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले प्रकृति प्रेमियों को शॉल, स्मृति चिन्ह व रुद्राक्ष का पौधा देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सीडीओ अश्वनी मिश्र, एडीएम गरिमा सिंह, एसडीएम चंद्रकांता, डीएफओ राजीव सिंह और कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे सहित कई अधिकारी, शिक्षक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में 208 जोड़ों के सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर बायोमैट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अंतिम सूची तैयार कर ली गई है।1
- लखनऊ के यातायात अपर महानिदेशक के आदेशानुसार अमरोहा में सड़क सुरक्षा और नियमों के अनुपालन के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जोया टोल प्लाजा पर यातायात प्रभारी के नेतृत्व में छह यातायात पुलिस टीमों द्वारा छह लेनों पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 600 वाहनों की गहन जांच की गई। इस चेकिंग के दौरान तीन वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाए गए, जिनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने प्रेशर हॉर्न वाले 25 वाहनों और दोषपूर्ण (फॉल्टी) नंबर प्लेट वाले 15 वाहनों के खिलाफ भी चालानी कार्रवाई की। इस विशेष अभियान के दौरान कुल 43 वाहनों के चालान किए गए और ₹3,65,000 का शमन शुल्क (जुर्माना) आरोपित किया गया। अमरोहा पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें, शराब पीकर गाड़ी न चलाएं और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही वाहन का संचालन करें। पुलिस ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।2
- अमरोहा के ब्रजघाट में आगामी कांवड़ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए एडीजी रमित शर्मा और डीआईजी मुनिराज पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने एसपी लखन सिंह यादव के साथ मिलकर पूरे कांवड़ मार्ग का सघन निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अधीनस्थों को सख्त निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा हर हाल में सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कांवड़ मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखने, सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था, मजबूत बैरिकेडिंग और सभी आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट पर रखने के कड़े आदेश दिए गए हैं।1
- अंबेडकरनगर की टांडा कोतवाली पुलिस और कोतवाल दीपक रघुवंशी पर गंभीर आरोप लगाते हुए तीखे सवाल खड़े किए गए हैं कि क्या वे पीड़ित अभिषेक यादव को पुलिस अधीक्षक (एसपी) से भी न्याय नहीं मांगने देंगे? पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा गया है कि यदि इतनी सक्रियता छैमार गैंग के खिलाफ दिखाई गई होती, तो वह दुर्दांत अपराधी इस क्षेत्र में अपना नेटवर्क सक्रिय नहीं कर पाता। उस अपराधी को नोएडा एसटीएफ ने मार गिराया और स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी। अभिषेक यादव के कथित आपराधिक इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि इस गरीब का कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस ने हाल ही में 10 जुलाई को उसके खिलाफ दूसरा मामला दर्ज किया है, जबकि इससे पहले सिर्फ एक अज्ञात मामले में उसे नामजद किया गया था। कोतवाल दीपक रघुवंशी पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि उन्होंने सम्मनपुर थानाध्यक्ष रहते हुए संजय गुप्ता जैसे एक और गरीब पर मुकदमा दर्ज कर गुंडा एक्ट की रिपोर्ट भेजी थी, जिसे बाद में एडीएम न्यायालय ने निरस्त कर दिया था। इस पूरे मामले को एक जमीनी विवाद बताया गया है। अभिषेक यादव ने 8 जुलाई को अपने खेत से खुद डायल 112 पर फोन कर सहायता मांगी थी क्योंकि चंद्रिका प्रसाद ने उसके खेत में लगे आम के पेड़ को काट दिया था। ऐसे में सवाल उठाया गया है कि यदि अभिषेक को लूटपाट ही करनी थी, तो वह खुद पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर फोन क्यों करता? असल विवाद यह है कि अभिषेक के चाचा की 40 लाख रुपये की जमीन को चंद्रिका प्रसाद ने महज 12 लाख रुपये में लिखवा लिया था, जिसमें से 3 लाख रुपये अभी भी बाकी हैं और इस मामले का मुकदमा कोर्ट में चल रहा है।1
- अमरोहा जनपद के कोतवाली हसनपुर क्षेत्र के गांव दियाबली में तीन अपराधियों को जिला बदर किया गया है। इन अपराधियों को जिला बदर किए जाने की सूचना गांव वालों को डुगडुगी बजाकर दी गई है।1
- गाजियाबाद के कौशांबी थाना पुलिस ने स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे कथित देह व्यापार के गोरखधंधे का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने तीन स्पा सेंटरों पर एक साथ छापेमारी की कार्रवाई करते हुए 23 युवतियों को रेस्क्यू किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने स्पा संचालक समेत चार ग्राहकों को गिरफ्तार किया है और मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, कौशांबी क्षेत्र में संचालित मून लोटस स्पा, रॉयल स्पा और पीओर स्पा में लंबे समय से स्पा की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिल रही थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने तीनों स्पा सेंटरों पर एक साथ छापा मारा, जहां कार्रवाई के दौरान कई युवक और युवतियां आपत्तिजनक अवस्था में मिले। पुलिस ने मौके से बरामद आपत्तिजनक सामग्री को जब्त कर लिया है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। इस मामले में पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1