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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया में ब्लॉक प्रमुख और बीडीओ ने मिलकर पौधारोपण किया है। इस दौरान उन्होंने लोगों से इन पौधों की जिम्मेदारी से देखभाल करने की अपील की।
MOHD ARIF
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया में ब्लॉक प्रमुख और बीडीओ ने मिलकर पौधारोपण किया है। इस दौरान उन्होंने लोगों से इन पौधों की जिम्मेदारी से देखभाल करने की अपील की।
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- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया में ब्लॉक प्रमुख और बीडीओ ने मिलकर पौधारोपण किया है। इस दौरान उन्होंने लोगों से इन पौधों की जिम्मेदारी से देखभाल करने की अपील की।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया में बारिश की वजह से सड़क की हालत इतनी बदतर हो जाती है कि यहाँ से पैदल निकलना भी बहुत मुश्किल हो जाता है। सड़क की इस खराब स्थिति को लेकर जब स्थानीय लोगों ने प्रधान जी से शिकायत की, तो उन्होंने इसे पूरी तरह अनसुना कर दिया। इसके बाद जब विधायक जी से गुहार लगाई गई, तो उन्होंने भी सीधे तौर पर कह दिया कि 'यह काम मेरा नहीं है'। जनप्रतिनिधियों के इस रवैये पर तीखा तंज कसते हुए ग्रामीणों का कहना है कि 'यह है हमारे गांव का विकास'।1
- पीलीभीत जिले में हरियाली बढ़ाने के संकल्प के साथ 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत आज 32 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इस मेगा वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत माधौटांडा के मां गोमती उद्गम स्थल से की गई है। पूरे जिले में यह महाअभियान डीएम ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देशन में चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से गोमती नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया है। वहीं, डीएफओ भारत कुमार ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।1
- पीलीभीत के पूरनपुर नेशनल हाईवे पर चलते हुए एक ट्रक में अचानक आग लग गई।1
- पीलीभीत के पूरनपुर अंतर्गत बुढ़िया जिटौरिया ग्राम पंचायत में खेल मैदान में उपकरण नहीं लगाए जाने का मामला सामने आया है, जिसके बाद सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनहित को ध्यान में रखते हुए ग्राम प्रधान और पंचायत अधिकारी के विरुद्ध आईजीआरएस (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराई गई है।1
- पीलीभीत में 12 जुलाई को एक विशाल मेगा वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत वन विभाग और अन्य 27 विभाग मिलकर एक ही दिन में 32,90,700 पौधों का रोपण करेंगे। वन एवं वन्यजीव प्रभाग, पीलीभीत की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जनपद को वर्ष 2026-27 के लिए कुल 40,02,700 पौधे लगाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसमें से 7,12,000 पौधों का रोपण 5 जून को पहले ही किया जा चुका है। आगामी 12 जुलाई को वन विभाग द्वारा 1,15,000 और अन्य 27 विभागों द्वारा 31,75,700 पौधे लगाए जाएंगे, जिसके लिए पौधों की आपूर्ति और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस महाभियान का मुख्य कार्यक्रम माधोटांडा (पूरनपुर) स्थित गोमती उद्गम स्थल पर सुबह 11:30 बजे आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में गन्ना एवं चीनी मिल मंत्री संजय सिंह गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष दलजीत कौर, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी, टाइगर रिजर्व के अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त, पूरनपुर के ग्राम-रूपपुर फकीरे में आयोजित कार्यक्रम में बरेली मंडल के मंडलायुक्त भी वृक्षारोपण के लिए शामिल होंगे। इस विशेष अभियान के अंतर्गत गोमती उद्गम स्थल माधोटांडा से लेकर शाहजहांपुर जनपद की सीमा तक 47 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में नदी के दोनों तटों पर बसी 16 ग्राम पंचायतों में 30 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इस मौके पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित करने के लिए करीब 18 हजार लोग मिलकर एक विशाल मानव श्रृंखला बनाएंगे। इस अभियान में गोमती मित्र, एनजीओ, युवा कल्याण विभाग के साथ-साथ विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं भी अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया क्षेत्र में देवहा नदी पर लोगों का सफर बेहद खतरनाक बना हुआ है। इस जानलेवा खतरे के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है, जिसके कारण अब प्रशासन की इस निष्क्रियता और खामोशी पर लगातार गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।1
- पीलीभीत जिले के दियोरिया कला क्षेत्र में बरखेड़ा विकास खंड की ग्राम पंचायत बढ़ेपुरा ता कुसुमा में पिछले पांच वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की पोल खुल गई है। बारिश होते ही गांव की गलियों की हकीकत सामने आ गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़कों पर फैले कीचड़ का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। इस वीडियो के जरिए ग्रामीणों ने धरातल पर कराए गए विकास कार्यों की वास्तविक सच्चाई उजागर की है। सरकारी दावों में पिछले पांच वर्षों के दौरान नाली और खड़ंजे के नाम पर लाखों रुपए का खर्च दर्शाया गया है, लेकिन धरातल पर इसकी हकीकत बिल्कुल विपरीत है। अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर पांच साल में नाली-खड़ंजे के नाम पर गांव में खर्च किया गया लाखों रुपया कहां लगाया गया है। गलियों में फैले इस भारी कीचड़ की वजह से छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।1