कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के कस्बा मंगलपुर के पुरानी बाजार में सोमवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में एक विवाहिता ने अपने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की सूचना मिलते ही परिवार में गहरा दुख फैल गया, जबकि पूरे क्षेत्र में सनसनी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही, फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। मिली जानकारी के अनुसार, औरैया जनपद के कखौतू गांव निवासी प्रतिज्ञा की शादी लगभग ढाई वर्ष पहले मंगलपुर कस्बे के पुरानी बाजार निवासी पवन गुप्ता के साथ हुई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रतिज्ञा पिछले कुछ समय से पारिवारिक कलह के कारण मानसिक तनाव में थी। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे प्रतिज्ञा ने अपने घर के अंदर एक जिंगले से साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। काफी देर तक घर में कोई आहट न होने पर परिजनों ने देखा कि वह फंदे पर लटकी हुई थी। उन्होंने उसे तुरंत फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी थाना अध्यक्ष कमलेश यादव और हलका इंचार्ज मिलन सिरोही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरवाया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आत्महत्या के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।
कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के कस्बा मंगलपुर के पुरानी बाजार में सोमवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में एक विवाहिता ने अपने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की सूचना मिलते ही परिवार में गहरा दुख फैल गया, जबकि पूरे क्षेत्र में सनसनी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही, फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। मिली जानकारी के अनुसार, औरैया जनपद के कखौतू गांव निवासी प्रतिज्ञा की शादी लगभग ढाई वर्ष पहले मंगलपुर कस्बे के पुरानी बाजार निवासी पवन गुप्ता के साथ हुई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रतिज्ञा पिछले कुछ समय से पारिवारिक कलह के कारण मानसिक तनाव में थी। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे प्रतिज्ञा ने अपने घर के अंदर एक जिंगले से साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। काफी देर तक घर में कोई आहट न होने पर परिजनों ने देखा कि वह फंदे पर लटकी हुई थी। उन्होंने उसे तुरंत फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी थाना अध्यक्ष कमलेश यादव और हलका इंचार्ज मिलन सिरोही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरवाया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आत्महत्या के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।
- कानपुर देहात में महिलाओं से जुड़े अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, शिवली थाना पुलिस ने दुष्कर्म के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अडनपुर निवासी करन पुत्र अमोल सिंह उर्फ नन्हा के रूप में हुई है, जिसे मुखबिर की सूचना पर सोमवार को मवैया मोड़ क्षेत्र से दबोचा गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 25 जून को सामने आया था, जब पीड़िता ने शिवली थाने में तहरीर दी थी। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी करन उसके घर में जबरन घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का दावा है कि आरोपी ने इस घटना का वीडियो भी बना लिया था और जान से मारने की धमकी देकर उसका लगातार शोषण कर रहा था। आरोपों के मुताबिक, आरोपी ने इंस्टाग्राम पर पीड़िता की तस्वीरें भी वायरल कर दी थीं। जब पीड़िता ने इस सब का विरोध किया, तो आरोपी ने उसके पिता के साथ भी मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, शिकायत करने पर आरोपी के पिता पर भी गाली-गलौज करने का आरोप लगाया गया था। पीड़िता की इस तहरीर के आधार पर, थाना शिवली में संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अब पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपी करन को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के डिलौलिया गांव में एक घरेलू विवाद उस समय बढ़ गया जब रिजवान उर्फ रज्जाक नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर शराब के नशे में अपनी पत्नी साबरा के साथ मारपीट की। यह घटना दिनभर गांव में चर्चा का विषय बनी रही। आसपास के लोगों ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलने पर डेरापुर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से पूछताछ की। जांच के दौरान, पति-पत्नी के बीच हुए विवाद और मारपीट की पुष्टि होने के बाद, पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रिजवान उर्फ रज्जाक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई करते हुए उसका चालान किया। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, पुलिस ने पति-पत्नी दोनों को भविष्य में किसी भी विवाद को न बढ़ाने की सख्त हिदायत दी है।1
- कानपुर देहात के बिल्हौर रोड पर स्थित कास्वी ज्वैलर्स में रविवार शाम एक महिला ग्राहक बनकर पहुँची और दुकानदार को बातों में उलझाकर करीब ₹85,000 कीमत की हीरे जड़ित सोने की अंगूठी लेकर फरार हो गई। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। दुकान स्वामी मयूर चंदेल के अनुसार, महिला काफी देर तक आभूषण देखने के बहाने दुकान में बातचीत करती रही और इसी दौरान मौका पाकर उसने अंगूठी गायब कर दी। बाद में जब सामान का मिलान किया गया और अंगूठी नहीं मिली, तो सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, जिसमें महिला की यह करतूत सामने आई। बातचीत के दौरान महिला ने खुद को बिल्हा गाँव का निवासी बताया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी शिवनारायण सिंह ने जानकारी दी कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महिला की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले मडौली गांव में पिछले लगभग 15 दिनों से एक ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है, जिसके कारण गांव की लगभग आधी आबादी को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने से उमस भरी गर्मी में लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, जिसका असर पेयजल व्यवस्था से लेकर सभी घरेलू कार्यों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, मडौली गांव में विद्युत आपूर्ति के लिए दो ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, जिनमें से एक लगभग 15 दिन पहले खराब हो गया था। इसके चलते गांव की करीब एक हजार की आबादी बिजली संकट से जूझ रही है। बिजली न होने के कारण लोगों को रातें अंधेरे में बितानी पड़ रही हैं, और मोबाइल चार्ज करने जैसे छोटे-मोटे कामों के लिए भी दूसरे मोहल्लों का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव के आदेश सिंह, विनोद सिंह, महेंद्र सिंह, बलवीर सिंह और निर्मल सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, और भीषण गर्मी तथा उमस में बिजली के बिना रहना दूभर हो गया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार इस संबंध में शिकायत की है, लेकिन अभी तक न तो खराब ट्रांसफार्मर को बदला गया है और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। उन्होंने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि गांव वालों को गर्मी और उमस से राहत मिल सके। इस पूरे मामले पर, मंगलपुर उपकेंद्र के अवर अभियंता के.डी. वर्मा ने सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे जानकारी दी कि खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए पीआर जारी कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभागीय प्रक्रिया पूरी होते ही नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर गांव की विद्युत आपूर्ति शीघ्र ही सुचारु कर दी जाएगी।2
- सिकंदरा तहसील के अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग के निजीकरण के विरोध में सोमवार को भी जारी रही। बार एसोसिएशन सिकंदरा के तत्वावधान में अधिवक्ता बीते 18 जून से न्यायिक कार्य से विरत रहकर लगातार अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे तहसील परिसर स्थित बार एसोसिएशन सभागार में संगठन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह यादव एडवोकेट की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा पंजीयन विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करते हुए, सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पूर्व में पारित प्रस्ताव के अनुसार कलमबंद हड़ताल को अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा। अधिवक्ताओं ने बैठक में स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, बैठक में यह भी तय किया गया कि बार एसोसिएशन सिकंदरा की ओर से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन के समर्थन की मांग की जाएगी। साथ ही, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को पत्र भेजकर अधिवक्ताओं की मांगों के पक्ष में हस्तक्षेप करने और सहयोग प्रदान करने का अनुरोध भी किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए दोहराया कि पंजीयन विभाग के निजीकरण के विरोध में उनका संघर्ष पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा और मांगें पूरी होने तक कलमबंद हड़ताल समाप्त नहीं होगी।1
- कानपुर देहात के रनियां थाना पुलिस ने मानवता और ईमानदारी की अनूठी मिसाल पेश करते हुए एक बेहोश युवक की न केवल समय पर जान बचाई, बल्कि उसके पास से मिली ₹35,630 की नकदी भी सुरक्षित रूप से उसके परिजनों को लौटा दी। पुलिस के इस सराहनीय कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है। यह घटना रविवार की है, जब पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रनियां थाना पुलिस गजनेर-रायपुर मार्ग पर अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अपनी नियमित गश्त पर थी। गश्त के दौरान पुलिस टीम की नजर सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़े एक युवक पर पड़ी। युवक की गंभीर हालत को देखते हुए, पुलिस ने बिना किसी देरी के उसे तत्काल पास के अस्पताल में भर्ती कराया ताकि उसे उचित उपचार मिल सके। चिकित्सकों द्वारा समय पर दिए गए इलाज से युवक की हालत स्थिर हो गई और होश में आने के बाद उसकी पहचान भोगनीपुर क्षेत्र के मलासा निवासी जितेंद्र सिंह के रूप में हुई। पुलिस द्वारा की गई तलाशी में युवक के पास से ₹35,630 की नकदी बरामद हुई, जिसे पूरी ईमानदारी के साथ सुरक्षित रखते हुए बाद में उसके परिवार को सौंप दिया गया। युवक और उसके परिजनों ने पुलिस के इस मानवीय और संवेदनशील व्यवहार के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। रनियां थाना पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और ईमानदारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवता का उदाहरण पेश करने में भी सबसे आगे रहती है। क्षेत्रीय लोगों ने इस नेक कार्य के लिए पुलिस की खुले दिल से सराहना की है।1
- कानपुर देहात के राजपुर स्थित सलेमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और बेड तथा स्टाफ की भारी कमी के कारण गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी विकट है कि अस्पताल में एक बेड पर दो मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 80 से अधिक मरीज पहुँच रहे हैं, जिनमें उल्टी-दस्त के रोगियों की संख्या सबसे ज़्यादा है। सोमवार को भी 82 मरीज अस्पताल पहुँचे थे। केंद्र में केवल दस बेड उपलब्ध हैं, जबकि 13 मरीजों को ड्रिप लगाई गई, जिसके चलते डॉ. आर.पी. सागर को एक ही बेड पर दो मरीजों को लिटाकर उपचार देना पड़ा। सलेमपुर सीएचसी में महिला डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन और वार्ड बॉय जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कर्मचारियों की भारी कमी है, जिससे मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ मिलने में बाधा आ रही है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट को तीन दिनों के लिए राजपुर पीएचसी में आपातकालीन ड्यूटी पर जाना पड़ता है, जिससे दवा वितरण में समस्या उत्पन्न होती है और ट्रेनी कर्मचारियों से काम चलाना पड़ता है। महिला संबंधी बीमारियों के लिए आने वाली मरीजों को तो सिकंदरा या जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इस गंभीर स्थिति पर, राजपुर ब्लॉक के नोडल और डिप्टी सीएमओ डॉ. आदित्य सचान ने बताया कि अस्पताल को जल्द ही अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराए जाएँगे। साथ ही, डॉक्टर और अन्य स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए उच्च अधिकारियों से माँग की जाएगी।1